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मिनी नंदिनी किसान समृद्धि योजना का लकी ड्रा विकास भवन के सभागार में हुआ जिसमें कुल मिलाकर 412 आवेदन करता थे लकी ड्रा में तीन महिला एवं तीन पुरुष का चयन हुआ

2 hrs ago
user_Journalist S N Yadav
Journalist S N Yadav
Local News Reporter मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

मिनी नंदिनी किसान समृद्धि योजना का लकी ड्रा विकास भवन के सभागार में हुआ जिसमें कुल मिलाकर 412 आवेदन करता थे लकी ड्रा में तीन महिला एवं तीन पुरुष का चयन हुआ

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  • 1 वर्ष के विस्तृत शोध के बाद प्राचीन नव का निर्माण तकनीकी का अल्फा प्रोटोटाइप प्रदर्शित संजीव सान्याल ने आईएनएसवी कौंडिन्य के बनने और उसके सफर के अनुभव किए साझा नपाध्यक्ष श्यामसुंदर केशरी ने कहा—ऐतिहासिक परंपरा को पुनर्जीवित कर स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ना उद्देश्य प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य श्री संजीव सान्याल अपने मीरजापुर दौरे के दूसरे दिन नगर के लोहिया तालाब स्थित डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल में आयोजित “विचार गोष्ठी” कार्यक्रम में पहुंचे। यहां नगर पालिका परिषद मीरजापुर के अध्यक्ष श्यामसुंदर केशरी, विद्यालय के डायरेक्टर अमरदीप सिंह एवं अपराजिता सिंह सहित अन्य लोगों ने अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर प्रस्तुति दी और श्री सान्याल से संवाद किया। छात्राओं ने स्वागत गीत के माध्यम से भी उनका अभिनंदन किया। इसके पश्चात श्री संजीव सान्याल ने प्रोजेक्टर के माध्यम से आईएनएसवी कौंडिन्य के निर्माण, उसके पीछे हुए शोध तथा पोरबंदर से ओमान के मस्कट तक की ऐतिहासिक समुद्री यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि लंबे समय से यह जानने का प्रयास किया जा रहा था कि लगभग दो हजार वर्ष पूर्व भारतीय नाविक बिना कील और धातु के उपयोग के, लकड़ी के तख्तों को रस्सियों से सिलकर बनाए गए जहाजों के माध्यम से लंबी समुद्री यात्राएं कैसे करते थे। प्राचीन जहाजों के भौतिक अवशेष उपलब्ध न होने के कारण उनके पुनर्निर्माण में विशेष कठिनाई थी। इसके लिए प्राचीन सिक्कों पर अंकित जहाजों के चित्रों, अजंता की गुफाओं की कलाकृतियों तथा भारत में आज भी मौजूद पारंपरिक नौका निर्माण पद्धतियों का अध्ययन किया गया। उन्होंने बताया कि इस प्राचीन तकनीक में लकड़ी के तख्तों को नारियल के रेशे से बनी रस्सियों के माध्यम से जोड़ा जाता है तथा प्राकृतिक रेजिन, कपास और तेल जैसे पारंपरिक पदार्थों से सील किया जाता है। लंबे प्रयासों के बाद केरल में पारंपरिक नौका निर्माण से जुड़े एक परिवार और कुशल कारीगरों के सहयोग से इस जहाज का निर्माण संभव हो सका। सान्याल ने बताया कि इस परियोजना का प्रस्तुतीकरण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष भी किया गया था। प्रधानमंत्री ने परियोजना को प्रोत्साहित करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में कहा था—“बनाओ, लेकिन डूबना नहीं।” इसके बाद परियोजना पर कार्य आगे बढ़ा और लगभग दो वर्षों के परिश्रम, पारंपरिक ज्ञान, आधुनिक शोध एवं विभिन्न स्तरों पर परीक्षण के बाद जहाज तैयार हुआ। जहाज का नाम प्राचीन भारतीय नाविक कौंडिन्य के नाम पर रखा गया, जिन्होंने हिंद महासागर को पार कर दक्षिण-पूर्व एशिया तक यात्रा की थी। इसके बाद जहाज ने पोरबंदर से ओमान के मस्कट तक अपनी ऐतिहासिक समुद्री यात्रा पूरी की। यात्रा के अनुभव साझा करते हुए सान्याल ने बताया कि यह जहाज मुख्य रूप से हवाओं के सहारे चलता था। पीने के लिए पानी मटकों में रखा गया था और यात्रा के प्रारंभ में ले जाई गई ताजी सब्जियां कुछ ही दिनों में समाप्त हो गईं। इसके बाद सीमित संसाधनों में खिचड़ी और अन्य साधारण भोजन के साथ यात्रा जारी रखी गई। आधुनिक जहाजों जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। चालक दल डेक पर ही कंबल ओढ़कर सोता था और पूरी यात्रा ने यह समझने का अवसर दिया कि प्राचीन भारतीय नाविक किन परिस्थितियों में समुद्री यात्राएं करते रहे होंगे। मीरजापुर की प्राचीन नौका निर्माण तकनीक का “अल्फा प्रोटोटाइप” प्रदर्शित कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण मीरजापुर क्षेत्र की प्राचीन नौका निर्माण तकनीक पर पिछले लगभग एक वर्ष से किए जा रहे विस्तृत शोध के आधार पर तैयार “अल्फा प्रोटोटाइप” का प्रदर्शन रहा। यह अल्फा प्रोटोटाइप इस दीर्घकालिक शोध एवं पुनरुद्धार पहल का प्रारंभिक प्रायोगिक स्वरूप है। इसका उद्देश्य मीरजापुर क्षेत्र में पीढ़ियों से मौजूद पारंपरिक नौका निर्माण ज्ञान को समझना, उसका दस्तावेजीकरण करना और भविष्य में इस तकनीक पर अधिक व्यापक शोध एवं विकास के लिए आधार तैयार करना है। संजीव सान्याल के मार्गदर्शन और फोर्सिस के चेयरमैन श्री कार्तिक केशरी के प्रयासों से पिछले लगभग एक वर्ष से मीरजापुर क्षेत्र की प्राचीन नौका निर्माण तकनीक की खोज, अध्ययन और पुनर्जीवन की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस शोध पहल एवं अल्फा प्रोटोटाइप के निर्माण को नगर पालिका परिषद मीरजापुर के माननीय अध्यक्ष श्री श्यामसुंदर केशरी द्वारा प्रायोजित किया गया। स्थानीय पारंपरिक कारीगर श्री रामबली निषाद के पीढ़ियों से चले आ रहे कौशल एवं पारंपरिक ज्ञान के आधार पर बिना कील और बिना किसी धातु के उपयोग वाली तकनीक से इस अल्फा प्रोटोटाइप को तैयार किया गया। इस पहल का उद्देश्य केवल एक प्राचीन नौका की प्रतिकृति तैयार करना नहीं, बल्कि मीरजापुर की पारंपरिक नौका निर्माण विरासत को पुनर्जीवित कर उसे शोध, कौशल विकास, पर्यटन, उद्यमिता, रोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास से जोड़ना है। नगर पालिका अध्यक्ष श्री श्यामसुंदर केशरी ने कहा कि आईएनएसवी कौंडिन्य जैसी परियोजनाओं ने भारत की प्राचीन तकनीकी और समुद्री परंपराओं को एक बार फिर जीवंत किया है। श्री संजीव सान्याल के शोध और प्रयासों के कारण भारत ने प्राचीन भारतीय तकनीक पर आधारित ऐसा जहाज तैयार किया, जिसके निर्माण में धातु की कीलों का इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मीरजापुर और चुनार का भी प्राचीन काल से व्यापार एवं नदी परिवहन में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। गंगा जलमार्ग पर स्थित चुनार ऐतिहासिक रूप से व्यापारिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और इस क्षेत्र की नदी, नाविक एवं व्यापारिक परंपराओं का गहरा इतिहास है। उन्होंने कहा कि मीरजापुर की पारंपरिक नौका निर्माण कला को पुनर्जीवित करने का उद्देश्य इसे केवल इतिहास तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि निषाद एवं नाविक समाज के पारंपरिक कौशल को नई आर्थिक संभावनाओं से जोड़ना, स्थानीय रोजगार और व्यापार को बढ़ावा देना तथा मीरजापुर की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। “शहर के उत्थान में व्यक्ति और उद्योग की भी जिम्मेदारी” — फोर्सिस के चेयरमैन कार्तिक केशरी इस अवसर पर फोर्सिस के चेयरमैन श्री कार्तिक केशरी ने मीरजापुर के विकास में व्यक्तियों, उद्यमियों और उद्योग जगत की जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी शहर का उत्थान केवल सरकार अथवा स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं हो सकता। शहर से जुड़े प्रत्येक सक्षम व्यक्ति, उद्यमी और उद्योग की भी जिम्मेदारी है कि वह अपने क्षेत्र की विरासत, कौशल, रोजगार और आर्थिक विकास में योगदान दे। उन्होंने मीरजापुर की पारंपरिक नौका निर्माण कला को इसका एक उदाहरण बताते हुए कहा कि स्थानीय और पारंपरिक कौशल को आधुनिक शोध, डिजाइन, उद्यमिता और बाजार से जोड़कर न केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जा सकता है, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए स्थायी रोजगार और आर्थिक अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस अल्फा प्रोटोटाइप की सफलता एक प्रारंभिक कदम है। आगे इस प्राचीन तकनीक पर अधिक विस्तृत शोध कर मीरजापुर की पारंपरिक नौका निर्माण विरासत को पुनर्जीवित करने और इसे स्थानीय आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा सकता है। कार्यक्रम के माध्यम से आईएनएसवी कौंडिन्य की ऐतिहासिक समुद्री यात्रा और मीरजापुर की स्थानीय नौका निर्माण परंपरा को एक साझा दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया—भारत की प्राचीन तकनीकी विरासत को केवल संरक्षित करने के बजाय शोध, प्रयोग, नवाचार और स्थानीय कौशल के माध्यम से उसे पुनर्जीवित कर भविष्य की आर्थिक संभावनाओं से जोड़ना।
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    1 वर्ष के विस्तृत शोध के बाद प्राचीन नव का निर्माण तकनीकी का अल्फा प्रोटोटाइप प्रदर्शित
संजीव सान्याल ने आईएनएसवी कौंडिन्य के बनने और उसके सफर के अनुभव किए साझा
नपाध्यक्ष श्यामसुंदर केशरी ने कहा—ऐतिहासिक परंपरा को पुनर्जीवित कर स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ना उद्देश्य प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य श्री संजीव सान्याल अपने मीरजापुर दौरे के दूसरे दिन नगर के लोहिया तालाब स्थित डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल में आयोजित “विचार गोष्ठी” कार्यक्रम में पहुंचे। यहां नगर पालिका परिषद मीरजापुर के अध्यक्ष श्यामसुंदर केशरी, विद्यालय के डायरेक्टर  अमरदीप सिंह एवं  अपराजिता सिंह सहित अन्य लोगों ने अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने विभिन्न विषयों पर प्रस्तुति दी और श्री सान्याल से संवाद किया। छात्राओं ने स्वागत गीत के माध्यम से भी उनका अभिनंदन किया।
इसके पश्चात श्री संजीव सान्याल ने प्रोजेक्टर के माध्यम से आईएनएसवी कौंडिन्य के निर्माण, उसके पीछे हुए शोध तथा पोरबंदर से ओमान के मस्कट तक की ऐतिहासिक समुद्री यात्रा के अनुभव साझा किए।
उन्होंने बताया कि लंबे समय से यह जानने का प्रयास किया जा रहा था कि लगभग दो हजार वर्ष पूर्व भारतीय नाविक बिना कील और धातु के उपयोग के, लकड़ी के तख्तों को रस्सियों से सिलकर बनाए गए जहाजों के माध्यम से लंबी समुद्री यात्राएं कैसे करते थे। प्राचीन जहाजों के भौतिक अवशेष उपलब्ध न होने के कारण उनके पुनर्निर्माण में विशेष कठिनाई थी। इसके लिए प्राचीन सिक्कों पर अंकित जहाजों के चित्रों, अजंता की गुफाओं की कलाकृतियों तथा भारत में आज भी मौजूद पारंपरिक नौका निर्माण पद्धतियों का अध्ययन किया गया।
उन्होंने बताया कि इस प्राचीन तकनीक में लकड़ी के तख्तों को नारियल के रेशे से बनी रस्सियों के माध्यम से जोड़ा जाता है तथा प्राकृतिक रेजिन, कपास और तेल जैसे पारंपरिक पदार्थों से सील किया जाता है। लंबे प्रयासों के बाद केरल में पारंपरिक नौका निर्माण से जुड़े एक परिवार और कुशल कारीगरों के सहयोग से इस जहाज का निर्माण संभव हो सका।
सान्याल ने बताया कि इस परियोजना का प्रस्तुतीकरण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष भी किया गया था। प्रधानमंत्री ने परियोजना को प्रोत्साहित करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में कहा था—“बनाओ, लेकिन डूबना नहीं।” इसके बाद परियोजना पर कार्य आगे बढ़ा और लगभग दो वर्षों के परिश्रम, पारंपरिक ज्ञान, आधुनिक शोध एवं विभिन्न स्तरों पर परीक्षण के बाद जहाज तैयार हुआ।
जहाज का नाम प्राचीन भारतीय नाविक कौंडिन्य के नाम पर रखा गया, जिन्होंने हिंद महासागर को पार कर दक्षिण-पूर्व एशिया तक यात्रा की थी। इसके बाद जहाज ने पोरबंदर से ओमान के मस्कट तक अपनी ऐतिहासिक समुद्री यात्रा पूरी की।
यात्रा के अनुभव साझा करते हुए  सान्याल ने बताया कि यह जहाज मुख्य रूप से हवाओं के सहारे चलता था। पीने के लिए पानी मटकों में रखा गया था और यात्रा के प्रारंभ में ले जाई गई ताजी सब्जियां कुछ ही दिनों में समाप्त हो गईं। इसके बाद सीमित संसाधनों में खिचड़ी और अन्य साधारण भोजन के साथ यात्रा जारी रखी गई। आधुनिक जहाजों जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। चालक दल डेक पर ही कंबल ओढ़कर सोता था और पूरी यात्रा ने यह समझने का अवसर दिया कि प्राचीन भारतीय नाविक किन परिस्थितियों में समुद्री यात्राएं करते रहे होंगे।
मीरजापुर की प्राचीन नौका निर्माण तकनीक का “अल्फा प्रोटोटाइप” प्रदर्शित
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण मीरजापुर क्षेत्र की प्राचीन नौका निर्माण तकनीक पर पिछले लगभग एक वर्ष से किए जा रहे विस्तृत शोध के आधार पर तैयार “अल्फा प्रोटोटाइप” का प्रदर्शन रहा।
यह अल्फा प्रोटोटाइप इस दीर्घकालिक शोध एवं पुनरुद्धार पहल का प्रारंभिक प्रायोगिक स्वरूप है। इसका उद्देश्य मीरजापुर क्षेत्र में पीढ़ियों से मौजूद पारंपरिक नौका निर्माण ज्ञान को समझना, उसका दस्तावेजीकरण करना और भविष्य में इस तकनीक पर अधिक व्यापक शोध एवं विकास के लिए आधार तैयार करना है।
संजीव सान्याल के मार्गदर्शन और फोर्सिस के चेयरमैन श्री कार्तिक केशरी के प्रयासों से पिछले लगभग एक वर्ष से मीरजापुर क्षेत्र की प्राचीन नौका निर्माण तकनीक की खोज, अध्ययन और पुनर्जीवन की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
इस शोध पहल एवं अल्फा प्रोटोटाइप के निर्माण को नगर पालिका परिषद मीरजापुर के माननीय अध्यक्ष श्री श्यामसुंदर केशरी द्वारा प्रायोजित किया गया। स्थानीय पारंपरिक कारीगर श्री रामबली निषाद के पीढ़ियों से चले आ रहे कौशल एवं पारंपरिक ज्ञान के आधार पर बिना कील और बिना किसी धातु के उपयोग वाली तकनीक से इस अल्फा प्रोटोटाइप को तैयार किया गया।
इस पहल का उद्देश्य केवल एक प्राचीन नौका की प्रतिकृति तैयार करना नहीं, बल्कि मीरजापुर की पारंपरिक नौका निर्माण विरासत को पुनर्जीवित कर उसे शोध, कौशल विकास, पर्यटन, उद्यमिता, रोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास से जोड़ना है।
नगर पालिका अध्यक्ष श्री श्यामसुंदर केशरी ने कहा कि आईएनएसवी कौंडिन्य जैसी परियोजनाओं ने भारत की प्राचीन तकनीकी और समुद्री परंपराओं को एक बार फिर जीवंत किया है। श्री संजीव सान्याल के शोध और प्रयासों के कारण भारत ने प्राचीन भारतीय तकनीक पर आधारित ऐसा जहाज तैयार किया, जिसके निर्माण में धातु की कीलों का इस्तेमाल नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि मीरजापुर और चुनार का भी प्राचीन काल से व्यापार एवं नदी परिवहन में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। गंगा जलमार्ग पर स्थित चुनार ऐतिहासिक रूप से व्यापारिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और इस क्षेत्र की नदी, नाविक एवं व्यापारिक परंपराओं का गहरा इतिहास है।
उन्होंने कहा कि मीरजापुर की पारंपरिक नौका निर्माण कला को पुनर्जीवित करने का उद्देश्य इसे केवल इतिहास तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि निषाद एवं नाविक समाज के पारंपरिक कौशल को नई आर्थिक संभावनाओं से जोड़ना, स्थानीय रोजगार और व्यापार को बढ़ावा देना तथा मीरजापुर की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है।
“शहर के उत्थान में व्यक्ति और उद्योग की भी जिम्मेदारी” — फोर्सिस के चेयरमैन कार्तिक केशरी
इस अवसर पर फोर्सिस के चेयरमैन श्री कार्तिक केशरी ने मीरजापुर के विकास में व्यक्तियों, उद्यमियों और उद्योग जगत की जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि किसी शहर का उत्थान केवल सरकार अथवा स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं हो सकता। शहर से जुड़े प्रत्येक सक्षम व्यक्ति, उद्यमी और उद्योग की भी जिम्मेदारी है कि वह अपने क्षेत्र की विरासत, कौशल, रोजगार और आर्थिक विकास में योगदान दे।
उन्होंने मीरजापुर की पारंपरिक नौका निर्माण कला को इसका एक उदाहरण बताते हुए कहा कि स्थानीय और पारंपरिक कौशल को आधुनिक शोध, डिजाइन, उद्यमिता और बाजार से जोड़कर न केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जा सकता है, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए स्थायी रोजगार और आर्थिक अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस अल्फा प्रोटोटाइप की सफलता एक प्रारंभिक कदम है। आगे इस प्राचीन तकनीक पर अधिक विस्तृत शोध कर मीरजापुर की पारंपरिक नौका निर्माण विरासत को पुनर्जीवित करने और इसे स्थानीय आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा सकता है।
कार्यक्रम के माध्यम से आईएनएसवी कौंडिन्य की ऐतिहासिक समुद्री यात्रा और मीरजापुर की स्थानीय नौका निर्माण परंपरा को एक साझा दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया—भारत की प्राचीन तकनीकी विरासत को केवल संरक्षित करने के बजाय शोध, प्रयोग, नवाचार और स्थानीय कौशल के माध्यम से उसे पुनर्जीवित कर भविष्य की आर्थिक संभावनाओं से जोड़ना।
    user_Journalist S N Yadav
    Journalist S N Yadav
    Local News Reporter मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    56 min ago
  • मिर्जापुर : कर्णावती नदी में बह गए BDC असफाक खान, तलाश जारी मीरजापुर। जिले के विजयपुर क्षेत्र के क्षेत्र पंचायत सदस्य (BDC) असफाक खान पुत्र मकसूद खान (45 वर्ष) मंगलवार को मिश्रपुर से अपने घर विजयपुर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पैर फिसलने से वह तेज बहाव वाली कर्णावती नदी के पानी में बह गए, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंची और नदी में असफाक खान की तलाश शुरू कर दी। लगातार हो रही बारिश के कारण कर्णावती नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और पानी का बहाव भी तेज है, जिससे रेस्क्यू टीम को खोजबीन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। चौकी इन्चार्ज गैपुरा सुरेश चन्द द्विवेदी SDRF की टीम के साथ मिलकर राहत एवं बचाव टीम नदी के आसपास संभावित स्थानों पर लगातार तलाश कर रही है। अभी तक असफाक खान का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
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    मिर्जापुर :  कर्णावती नदी में बह गए BDC असफाक खान, तलाश जारी
मीरजापुर। जिले के विजयपुर क्षेत्र के क्षेत्र पंचायत सदस्य (BDC) असफाक खान पुत्र मकसूद खान (45 वर्ष) मंगलवार को मिश्रपुर से अपने घर विजयपुर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पैर फिसलने से वह तेज बहाव वाली कर्णावती नदी के पानी में बह गए, जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंची और नदी में असफाक खान की तलाश शुरू कर दी। लगातार हो रही बारिश के कारण कर्णावती नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और पानी का बहाव भी तेज है, जिससे रेस्क्यू टीम को खोजबीन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। चौकी इन्चार्ज गैपुरा सुरेश चन्द द्विवेदी SDRF की टीम के साथ मिलकर
राहत एवं बचाव टीम नदी के आसपास संभावित स्थानों पर लगातार तलाश कर रही है। अभी तक असफाक खान का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
    user_Santosh dev giri
    Santosh dev giri
    Farmer मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #श्रावण_मास  #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम  #धर्म #कर्म #सत्य #कटुवचन #सत्यवचन
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    #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #श्रावण_मास  #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम  #धर्म #कर्म #सत्य #कटुवचन #सत्यवचन
    user_CHAIRMAN CRIME CONTROL
    CHAIRMAN CRIME CONTROL
    मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कई घंटे की मशक्कत के बाद टंकी में गिरी गाय को सुरक्षित निकाला गया मिर्जापुर। सदर तहसील के बगल में सड़क किनारे बनी एक टंकी में अचानक गाय गिर जाने से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। गाय को टंकी से बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों ने तत्काल प्रयास शुरू किया।सूचना मिलते ही सभासद प्रतिनिधि कमलेश मौर्य मौके पर पहुंचे और गाय को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए जेसीबी की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू कराया। करीब तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार गाय को टंकी से बाहर निकाल लिया गया।गाय को बाहर निकालने में सभासद प्रतिनिधि कमलेश मौर्य के साथ मोहल्ले के कई युवाओं ने भी काफी मेहनत की। स्थानीय लोगों की तत्परता और सामूहिक प्रयास से गाय की जान बचाई जा सकी।गाय के सुरक्षित बाहर आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं, स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे बनी ऐसी खुली टंकियों और गड्ढों को सुरक्षित कराने की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
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    कई घंटे की मशक्कत के बाद टंकी में गिरी गाय को सुरक्षित निकाला गया

मिर्जापुर। सदर तहसील के बगल में सड़क किनारे बनी एक टंकी में अचानक गाय गिर जाने से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। गाय को टंकी से बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों ने तत्काल प्रयास शुरू किया।सूचना मिलते ही सभासद प्रतिनिधि कमलेश मौर्य मौके पर पहुंचे और गाय को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए जेसीबी की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू कराया। करीब तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार गाय को टंकी से बाहर निकाल लिया गया।गाय को बाहर निकालने में सभासद प्रतिनिधि कमलेश मौर्य के साथ मोहल्ले के कई युवाओं ने भी काफी मेहनत की। स्थानीय लोगों की तत्परता और सामूहिक प्रयास से गाय की जान बचाई जा सकी।गाय के सुरक्षित बाहर आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं, स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे बनी ऐसी खुली टंकियों और गड्ढों को सुरक्षित कराने की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
    user_Mirzapur Samachar
    Mirzapur Samachar
    पत्रकार गौरव विश्वकर्मा मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बाढ़ में फंसे 15 लोगों को SDRF ने सुरक्षित निकाला, विधायक रत्नाकर मिश्र ने मौके पर पहुंचकर लिया राहत-बचाव कार्य का जायजा बाढ़ में फंसे 15 लोगों को SDRF ने सुरक्षित निकाला, विधायक रत्नाकर मिश्र ने मौके पर पहुंचकर लिया राहत-बचाव कार्य का जायजा मीरजापुर के भटेवरा ग्राम में बाढ़ के पानी के बीच करीब 15 लोगों के फंसने से हड़कंप मच गया। बाढ़ की सूचना मिलते ही नगर विधायक पं० रत्नाकर मिश्र तत्काल मौके पर पहुंचे और संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। बताया गया कि श्री राजेंद्र पाण्डेय, श्री रविंद्र पाण्डेय, श्री लवकुश पाण्डेय, श्री सोनू पाण्डेय, श्री संजय पाण्डेय, श्री जेपी पाण्डेय सहित उनके परिवार के करीब 15 लोग बाढ़ के पानी में फंस गए थे।सूचना मिलते ही SDRF की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी नगर, खंड विकास अधिकारी, पुलिस प्रशासन तथा ग्रामवासियों का भी सराहनीय सहयोग रहा। सभी विभागों और स्थानीय लोगों के समन्वित प
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    बाढ़ में फंसे 15 लोगों को SDRF ने सुरक्षित निकाला, विधायक रत्नाकर मिश्र ने मौके पर पहुंचकर लिया राहत-बचाव कार्य का जायजा
बाढ़ में फंसे 15 लोगों को SDRF ने सुरक्षित निकाला, विधायक रत्नाकर मिश्र ने मौके पर पहुंचकर लिया राहत-बचाव कार्य का जायजा
मीरजापुर के भटेवरा ग्राम में बाढ़ के पानी के बीच करीब 15 लोगों के फंसने से हड़कंप मच गया। बाढ़ की सूचना मिलते ही नगर विधायक पं० रत्नाकर मिश्र तत्काल मौके पर पहुंचे और संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया।
बताया गया कि श्री राजेंद्र पाण्डेय, श्री रविंद्र पाण्डेय, श्री लवकुश पाण्डेय, श्री सोनू पाण्डेय, श्री संजय पाण्डेय, श्री जेपी पाण्डेय सहित उनके परिवार के करीब 15 लोग बाढ़ के पानी में फंस गए थे।सूचना मिलते ही SDRF की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी नगर, खंड विकास अधिकारी, पुलिस प्रशासन तथा ग्रामवासियों का भी सराहनीय सहयोग रहा।
सभी विभागों और स्थानीय लोगों के समन्वित प
    user_Up mirror news Mirzapur
    Up mirror news Mirzapur
    मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मीरजापुर, लालगंज थाना पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान ₹25 हजार के इनामी वांछित गो-तस्कर गुफरान को गिरफ्तार किया है पुलिस के अनुसार नैड़ी कठारी-गड़बड़ा धाम मार्ग स्थित पुलिया के पास रोकने पर आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुफरान पुत्र ईशा, निवासी घुर्माबाद, रोहतास बिहार के रूप में हुई। उसके कब्जे से .315 बोर का देशी तमंचा, दो जिंदा व एक खोखा कारतूस, बिना नंबर की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल तथा ₹37,500 नकद बरामद हुए। घायल आरोपी को उपचार के लिए सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत सामान्य बताई गई है पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ लालगंज जिगना और विंध्याचल थानों में गोवध निवारण अधिनियम व पशु क्रूरता अधिनियम के तहत तीन मुकदमे दर्ज हैं मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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    मीरजापुर, लालगंज थाना पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान ₹25 हजार के इनामी वांछित गो-तस्कर गुफरान को गिरफ्तार किया है पुलिस के अनुसार नैड़ी कठारी-गड़बड़ा धाम मार्ग स्थित पुलिया के पास रोकने पर आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुफरान पुत्र ईशा, निवासी घुर्माबाद, रोहतास बिहार के रूप में हुई। उसके कब्जे से .315 बोर का देशी तमंचा, दो जिंदा व एक खोखा कारतूस, बिना नंबर की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल तथा ₹37,500 नकद बरामद हुए। घायल आरोपी को उपचार के लिए सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत सामान्य बताई गई है पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ लालगंज जिगना और विंध्याचल थानों में गोवध निवारण अधिनियम व पशु क्रूरता अधिनियम के तहत तीन मुकदमे दर्ज हैं मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
    user_Journalist S N Yadav
    Journalist S N Yadav
    Local News Reporter मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • मिर्ज़ापुर: लालगंज में अतिवृष्टि से 07 गाँव प्रभावित, DM ने राहत शिविर पहुँचाए 45 लोग।
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    मिर्ज़ापुर: लालगंज में अतिवृष्टि से 07 गाँव प्रभावित, DM ने राहत शिविर पहुँचाए 45 लोग।
    user_मेट्रो संदेश न्यूज़
    मेट्रो संदेश न्यूज़
    Newspaper publisher मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मिर्जापुर: 25 हजार के इनामी गो-तस्कर से पुलिस की मुठभेड़ मिर्जापुर। लालगंज थाना क्षेत्र में पुलिस और 25 हजार रुपये के इनामी गो-तस्कर के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी बिहार का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने उसके कब्जे से देशी तमंचा, कारतूस, 37 हजार 500 रुपये नकद और बिना नंबर की बाइक बरामद की है। मुठभेड़ नैड़ी कठारी से गड़बड़ा धाम जाने वाले रास्ते पर हुई। आरोपी के खिलाफ लालगंज, जिगना और विंध्याचल थानों में मुकदमे दर्ज हैं। पूरे मामले की जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) राजकुमार मीणा ने दी।
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    मिर्जापुर: 25 हजार के इनामी गो-तस्कर से पुलिस की मुठभेड़

मिर्जापुर। लालगंज थाना क्षेत्र में पुलिस और 25 हजार रुपये के इनामी गो-तस्कर के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी बिहार का रहने वाला बताया गया है।
पुलिस ने उसके कब्जे से देशी तमंचा, कारतूस, 37 हजार 500 रुपये नकद और बिना नंबर की बाइक बरामद की है।
मुठभेड़ नैड़ी कठारी से गड़बड़ा धाम जाने वाले रास्ते पर हुई। आरोपी के खिलाफ लालगंज, जिगना और विंध्याचल थानों में मुकदमे दर्ज हैं।
पूरे मामले की जानकारी अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) राजकुमार मीणा ने दी।
    user_Khulasach TV
    Khulasach TV
    Court reporter मिर्जापुर, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
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