टाउन हॉल में शिक्षक सम्मान समारोह, फिर भी शिक्षकों की पीड़ा बरकरार, टाउन हॉल में शिक्षक सम्मान समारोह, फिर भी शिक्षकों की पीड़ा बरकरार, एंकर, बिहारशरीफ से इस वक्त की एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है, जहां शहर के टाउन हॉल में रविवार को भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में करीब 500 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। वहीं, सरकारी और निजी स्कूलों एवं कॉलेजों के लगभग एक हजार शिक्षक इस समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान शिक्षाविद् डॉ. दिव्या ज्योति ने शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के साथ भेदभाव, उपेक्षा और शोषण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो समाज के भविष्य का निर्माण करते हैं, वही आज सम्मान और पहचान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि निजी स्कूलों के शिक्षक न्यूनतम वेतन पर काम कर रहे हैं, जबकि सरकारी शिक्षकों को पदोन्नति में देरी और अतिरिक्त जिम्मेदारियों का बोझ उठाना पड़ रहा है। वहीं, शिक्षाविद् डॉ. अशोक गगन ने कहा कि शिक्षक ही समाज के असली शिल्पकार हैं और बिहार का विकास उनके प्रयासों पर आधारित है। इस मौके पर कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और शिक्षकों के योगदान को सराहा गया।
टाउन हॉल में शिक्षक सम्मान समारोह, फिर भी शिक्षकों की पीड़ा बरकरार, टाउन हॉल में शिक्षक सम्मान समारोह, फिर भी शिक्षकों की पीड़ा बरकरार, एंकर, बिहारशरीफ से इस वक्त की एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है, जहां शहर के टाउन हॉल में रविवार को भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में करीब 500 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। वहीं, सरकारी और निजी स्कूलों एवं कॉलेजों के लगभग एक हजार शिक्षक इस समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान शिक्षाविद् डॉ. दिव्या ज्योति ने शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के साथ भेदभाव, उपेक्षा और शोषण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो समाज के भविष्य का निर्माण करते हैं, वही आज सम्मान और पहचान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि निजी स्कूलों के शिक्षक न्यूनतम वेतन पर काम कर रहे हैं, जबकि सरकारी शिक्षकों को पदोन्नति में देरी और अतिरिक्त जिम्मेदारियों का बोझ उठाना पड़ रहा है। वहीं, शिक्षाविद् डॉ. अशोक गगन ने कहा कि शिक्षक ही समाज के असली शिल्पकार हैं और बिहार का विकास उनके प्रयासों पर आधारित है। इस मौके पर कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और शिक्षकों के योगदान को सराहा गया।
- एकेडमी ऑफग्लोवल अचीवर्स के सौजन्य से ग्लोवल आइकन अवार्ड 2026 का भव्य आयोजन किया गया।1
- हर हर महादेव 🌺🌿🙏🔱🚩1
- यह सही है कि मजदूरों के अधिकारों का सम्मान होना चाहिए। अगर कहीं भी मजदूरों के साथ अन्याय हो रहा है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।1
- न्यूनतम मज़दूरी दर, लागू करो. मज़दूरों को रिहा करो. #biharpolitics #biharnews #bihargovernment1
- नूरसराय में गोलीबारी महिला पीएमसीएच रेफर, एक और युवती घायल, एंकर, नालंदा से इस वक्त की बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जहां एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया और गोलीबारी तक की नौबत आ गई। मामला नूरसराय थाना क्षेत्र के जगदीशपुर मिल्कीपर गांव का है, जहां खेत में रखे नेवारी यानी पुआल को हटाने को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों ने पीड़ित के घर पर चढ़कर ताबड़तोड़ फायरिंग की और मारपीट की। इस दौरान पति को बचाने पहुंची महिला को गोली लग गई, जबकि उसकी भतीजी भी मारपीट में जख्मी हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। घायल महिला की पहचान तिलक गोप की पत्नी दुलारी देवी के रूप में हुई है, जिन्हें पेट में गोली लगी है। गंभीर हालत में पहले सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। वहीं, मारपीट में बब्लू गोप की पुत्री डोली कुमारी भी घायल हुई है। पीड़ित तिलक गोप का आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने उनके खेत में कई महीनों से पुआल रख छोड़ा था, जिससे उनकी फसल को नुकसान हो रहा था। कई बार कहने के बावजूद पुआल नहीं हटाया गया। रविवार को इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और आरोप है कि दबंगों ने घर पर चढ़कर हमला कर दिया और फायरिंग की। घटना की सूचना मिलते ही नूरसराय थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। नूरसराय थाना अध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है — क्या इस घटना में शामिल आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी?1
- Post by Mahendar Yadav1
- उत्तरनावां के बच्चों ने लहराया परचम! बेहतर अंक के साथ छोटू सर का नाम किया रौशन ॥ सरयुग मुखिया ने सभी बच्चों को किया सम्मानित1
- Post by VN News Bihar1
- यह सही है कि मजदूरों के अधिकारों का सम्मान होना चाहिए। अगर कहीं भी मजदूरों के साथ अन्याय हो रहा है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।2