जलालाबाद के पांच प्रमुख स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली धमकी ई-मेल से दी गई बड़ी वारदात की चेतावनी पुलिस और नागरिक प्रशासन ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए सभी स्कूलों में कराई छुट्टी और चलाया सर्च अभियान साइबर टीम और एंटी-साबोटेज दस्ते ने संभाली कमान, पुलिस अधिकारी ने नागरिकों से पैनिक न करने की अपील की जलालाबाद-जलालाबाद क्षेत्र में आज 15 सितंबर को उस समय हड़कंप मच गया जब शहर के पांच प्रमुख निजी स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। इस गंभीर मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और नागरिक प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। जलालाबाद के पुलिस अधिकारी ने मामले की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि 15 सितंबर को क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों से शिकायत प्राप्त हुई थी कि उन्हें एक धमकी भरा ई-मेल मिला है। इस ई-मेल में दोपहर 1:11 बजे स्कूल परिसर में बम धमाका करने की धमकी दी गई थी। धमकी भरा ई-मेल मिलते ही पुलिस प्रशासन ने बिना कोई जोखिम उठाए नागरिक प्रशासन और एसडीएम साहब के साथ तुरंत तालमेल स्थापित किया। एहतियाती कदम उठाते हुए सबसे पहले सभी संबंधित स्कूलों में तुरंत छुट्टी करवा दी गई ताकि बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया जा सके। इसके तुरंत बाद एंटी-साबोटेज टीमों और बम निरोधक दस्तों को मौके पर बुलाया गया और पूरे स्कूल परिसरों की गहन चेकिंग और सर्च अभियान शुरू कर दिया गया। पुलिस अधिकारी के अनुसार जिन प्रमुख स्कूलों को यह धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ है उनमें नवीन मॉडल स्कूल, डीएवी सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल, एसबीएम और पेंसिया स्कूल सहित कुल पांच स्कूल शामिल हैं। इन सभी शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए गहन जांच की जा रही है। मामले की तकनीकी जांच को लेकर पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिस ई-मेल आईडी से यह धमकी भेजी गई है, उसकी उत्पत्ति और आईपी एड्रेस को ट्रैक करने के लिए साइबर सेल की विशेष टीम पूरी तरह सक्रिय है। साइबर टीम ई-मेल के मूल स्रोत का पता लगाने में जुटी है और बहुत जल्द आरोपी को ट्रेस कर लिया जाएगा। पुलिस का मानना है कि यह किसी शरारती तत्व की करतूत भी हो सकती है, लेकिन पूरी पुष्टि और जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। शहरवासियों और विद्यार्थियों के अभिभावकों में उपजे डर के माहौल को लेकर पुलिस अधिकारी ने सभी नागरिकों से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पुलिस और नागरिक प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। एंटी-साबोटेज चेकिंग लगातार जारी है, इसलिए किसी भी व्यक्ति को घबराने या पैनिक करने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। यदि किसी को भी कोई संदिग्ध वस्तु या जानकारी मिलती है तो वह तुरंत पुलिस से संपर्क कर सकता है। हाल ही में थाने पर हुए ग्रेनेड हमले के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उस घटना पर पुलिस ने एसएसपी साहब के दिशा-निर्देशों के तहत 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और उनके बैकवर्ड लिंक तलाश किए जा रहे हैं। हालांकि, आज स्कूलों को मिली ई-मेल धमकी का उस पुरानी घटना से अभी तक कोई संबंध स्थापित नहीं हुआ है। दोनों मामले पूरी तरह अलग हैं और यदि जांच के दौरान कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसकी जानकारी साझा की जाएगी।
जलालाबाद के पांच प्रमुख स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली धमकी ई-मेल से दी गई बड़ी वारदात की चेतावनी पुलिस और नागरिक प्रशासन ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए सभी स्कूलों में कराई छुट्टी और चलाया सर्च अभियान साइबर टीम और एंटी-साबोटेज दस्ते ने संभाली कमान, पुलिस अधिकारी ने नागरिकों से पैनिक न करने की अपील की जलालाबाद-जलालाबाद क्षेत्र में आज 15 सितंबर को उस समय हड़कंप मच गया जब शहर के पांच प्रमुख निजी स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। इस गंभीर मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और नागरिक प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। जलालाबाद के पुलिस अधिकारी ने मामले की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि 15 सितंबर को क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों से शिकायत प्राप्त हुई थी कि उन्हें एक धमकी भरा ई-मेल मिला है। इस ई-मेल में दोपहर 1:11 बजे स्कूल परिसर में बम धमाका करने की धमकी दी गई थी। धमकी भरा ई-मेल मिलते ही पुलिस प्रशासन ने बिना कोई जोखिम उठाए नागरिक प्रशासन और एसडीएम साहब के साथ तुरंत तालमेल स्थापित किया। एहतियाती कदम उठाते हुए सबसे पहले सभी संबंधित स्कूलों में
तुरंत छुट्टी करवा दी गई ताकि बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया जा सके। इसके तुरंत बाद एंटी-साबोटेज टीमों और बम निरोधक दस्तों को मौके पर बुलाया गया और पूरे स्कूल परिसरों की गहन चेकिंग और सर्च अभियान शुरू कर दिया गया। पुलिस अधिकारी के अनुसार जिन प्रमुख स्कूलों को यह धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ है उनमें नवीन मॉडल स्कूल, डीएवी सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल, एसबीएम और पेंसिया स्कूल सहित कुल पांच स्कूल शामिल हैं। इन सभी शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए गहन जांच की जा रही है। मामले की तकनीकी जांच को लेकर पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिस ई-मेल आईडी से यह धमकी भेजी गई है, उसकी उत्पत्ति और आईपी एड्रेस को ट्रैक करने के लिए साइबर सेल की विशेष टीम पूरी तरह सक्रिय है। साइबर टीम ई-मेल के मूल स्रोत का पता लगाने में जुटी है और बहुत जल्द आरोपी को ट्रेस कर लिया जाएगा। पुलिस का मानना है कि यह किसी शरारती तत्व की करतूत भी हो सकती है, लेकिन पूरी पुष्टि और जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। शहरवासियों और विद्यार्थियों
के अभिभावकों में उपजे डर के माहौल को लेकर पुलिस अधिकारी ने सभी नागरिकों से शांति और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पुलिस और नागरिक प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। एंटी-साबोटेज चेकिंग लगातार जारी है, इसलिए किसी भी व्यक्ति को घबराने या पैनिक करने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। यदि किसी को भी कोई संदिग्ध वस्तु या जानकारी मिलती है तो वह तुरंत पुलिस से संपर्क कर सकता है। हाल ही में थाने पर हुए ग्रेनेड हमले के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उस घटना पर पुलिस ने एसएसपी साहब के दिशा-निर्देशों के तहत 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और उनके बैकवर्ड लिंक तलाश किए जा रहे हैं। हालांकि, आज स्कूलों को मिली ई-मेल धमकी का उस पुरानी घटना से अभी तक कोई संबंध स्थापित नहीं हुआ है। दोनों मामले पूरी तरह अलग हैं और यदि जांच के दौरान कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसकी जानकारी साझा की जाएगी।
- ਫਾਜਿਲਕਾ ਦੇ ਨੇੜਲੇ ਪਿੰਡ ਮੌਜਮ ਵਿੱਚ ਬਲਦ ਰੇੜੇ ਨਾਲ ਟਕਰਾਉਣ ਨਾਲ ਯੁਵਕ ਦੀ ਹੋਈ ਮੌਤ। ਸੂਚਨਾ ਮਿਲਦਿਆਂ ਹੀ ਦੇਰ ਰਾਤ ਮ੍ਰਿਤਕ ਦੇ ਘਰ ਅਫਸੋਸ ਕਰਨ ਪਹੁੰਚੀ ਪੂਜਾ ਲੂਥਰਾ ਸਚਦੇਵਾ ਅਤੇ ਬੰਟੀ ਸਚਦੇਵਾ।1
- कोटकपूरा से हरिद्वार-ऋषिकेश तीर्थ यात्रा में श्रद्धालुओं ने लिया मनसा देवी और चंडी देवी रोपवे का अनुभव मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत 12 सितंबर को रवाना हुई थी बस, Team Deepak Garg भी यात्रा में रही शामिल कोटकपूरा, 16 सितंबर। पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत कोटकपूरा से हरिद्वार-ऋषिकेश के लिए रवाना हुई तीर्थ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को धार्मिक दर्शन के साथ हरिद्वार स्थित मां मनसा देवी और मां चंडी देवी मंदिरों तक रोपवे से पहुंचने का अनुभव भी मिला। 12 सितंबर 2026 को कोटकपूरा से बस हरिद्वार-ऋषिकेश के लिए रवाना हुई थी, जिसमें तीर्थ यात्रियों के साथ Team Deepak Garg भी शामिल रही। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने हरिद्वार में मां मनसा देवी और मां चंडी देवी के दर्शन किए। दोनों मंदिरों तक पहुंचने के लिए रोपवे यानी उड़न खटोला की सुविधा का उपयोग किया गया। यात्रियों के अनुसार, उन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीर वाले आई-कार्ड उपलब्ध करवाए गए थे और रोपवे यात्रा के दौरान इनका इस्तेमाल किया गया। यात्रियों ने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें उपलब्ध करवाई जा रही व्यवस्थाओं और सुविधाओं को देखकर कुछ अन्य राज्यों से आए लोगों में भी इसकी चर्चा देखने को मिली। यात्रियों द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान की सुविधाओं को लेकर प्रशंसा किए जाने की बातें भी सामने आईं। हालांकि, यात्रा के दौरान सामने आए कथित वीआईपी सुविधा और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाओं संबंधी बातें यात्रियों तथा Team Deepak Garg के प्रत्यक्ष अनुभव और उपलब्ध स्थानीय जानकारी पर आधारित हैं। इन्हें सभी यात्रियों अथवा उत्तराखंड के लोगों की आधिकारिक राय नहीं माना जा सकता। मनसा देवी और चंडी देवी के लिए रोपवे सुविधा हरिद्वार में मां मनसा देवी और मां चंडी देवी मंदिरों तक पहुंचने के लिए Udan Khatola रोपवे सेवा उपलब्ध है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मनसा देवी रोपवे सेवा वर्ष 1981 से संचालित है। यात्रा के समय उपलब्ध ऑनलाइन जानकारी में मनसा देवी रोपवे का राउंड ट्रिप किराया 220 रुपये प्रति व्यक्ति तथा चंडी देवी रोपवे का राउंड ट्रिप किराया 240 रुपये प्रति व्यक्ति बताया गया। दोनों मंदिरों के लिए कॉम्बो टिकट की कीमत 460 रुपये और दोनों रोपवे स्टेशनों के बीच शटल बस का किराया 95 रुपये बताया गया। हालांकि ऑनलाइन स्रोतों में किराये को लेकर अंतर दिखाई दे सकता है। इसलिए यात्रियों के लिए भुगतान से पहले उसी दिन के आधिकारिक टिकट काउंटर अथवा आधिकारिक बुकिंग माध्यम से अंतिम किराये की पुष्टि करना उचित है। 2026 में योजना के नए धार्मिक मार्ग शामिल मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत वर्ष 2026 में हरिद्वार-ऋषिकेश के अलावा मथुरा-वृंदावन और खाटू श्याम-सालासर बालाजी जैसे धार्मिक स्थलों को भी नए यात्रा मार्गों में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। अगस्त 2026 में पंजाब के विभिन्न जिलों से श्रद्धालुओं को लेकर 15 बसों को इन धार्मिक स्थलों की ओर रवाना किए जाने की रिपोर्टें भी सामने आई थीं। उपलब्ध रिपोर्टों में बुजुर्ग श्रद्धालुओं को प्राथमिकता देने तथा एसी बस यात्रा, भोजन और ठहरने जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की जानकारी दी गई थी। हरिद्वार-ऋषिकेश यात्रा के संचालन के लिए निजी क्षेत्र के सेवा प्रदाता के चयन संबंधी 2026 की निविदा भी पंजाब सरकार के रिकॉर्ड में दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इसमें लगभग 29 करोड़ रुपये का अनुमानित टेंडर मूल्य बताया गया था। यात्रियों की सुविधा पर जोर तीर्थ यात्रा के दौरान धार्मिक दर्शन के साथ यात्रियों की सुविधा भी महत्वपूर्ण रहती है। विशेषकर बुजुर्ग यात्रियों के लिए रोपवे जैसी सुविधा पहाड़ी मंदिरों तक पहुंच को आसान बना सकती है। यात्रियों के लिए यात्रा से पहले बुकिंग, पात्रता, सीट उपलब्धता, यात्रा की तारीख, भोजन, ठहरने तथा रोपवे सुविधा से संबंधित नियमों की जानकारी स्पष्ट होना जरूरी है। किसी भी अतिरिक्त भुगतान की स्थिति में टिकट अथवा रसीद लेना भी यात्रियों के हित में रहेगा। कोटकपूरा में यात्रा संबंधी स्थानीय संपर्क उपलब्ध स्थानीय जानकारी के अनुसार कोटकपूरा क्षेत्र में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के संबंध में सहायता के लिए सुखविंदर सिंह लाडी का संपर्क नंबर 98884 53956 दिया गया है। स्थानीय कार्यालय के रूप में हीरा सिंह नगर स्थित आम आदमी पार्टी कार्यालय, बीडीपीओ कार्यालय के नजदीक, कोटकपूरा का विवरण उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा उपलब्ध जानकारी में जिला फरीदकोट के लिए निखिल कपूर, विधानसभा क्षेत्र फरीदकोट के लिए हरजिंदर सिंह चौहान तथा विधानसभा क्षेत्र जैतो के लिए बलराज सिंह के संपर्क भी दिए गए हैं। इन संपर्कों की जानकारी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई गई है। यात्रियों को बुकिंग या यात्रा से पहले संबंधित अधिकृत सरकारी माध्यम से इसकी पुष्टि करने की सलाह दी जाती है। यात्रा अनुभव बना यादगार कोटकपूरा से हरिद्वार-ऋषिकेश की इस यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक दर्शन के साथ बस यात्रा, रोपवे और अन्य व्यवस्थाओं का अनुभव भी जुड़ा। Team Deepak Garg के अनुसार, मां मनसा देवी और मां चंडी देवी के दर्शन के लिए रोपवे यात्रा इस तीर्थ यात्रा का विशेष आकर्षण रही। तीर्थ यात्रियों के लिए ऐसी यात्राओं में धार्मिक आस्था के साथ सुरक्षित यात्रा, समय पर परिवहन, भोजन, पेयजल, स्वच्छता और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण होती है। 12 सितंबर को कोटकपूरा से शुरू हुई यात्रा और 16 सितंबर को सामने आए अनुभवों में इन पहलुओं की चर्चा रही। नोट: रोपवे किराया, योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं, पात्रता और स्थानीय संपर्कों से संबंधित अंतिम जानकारी यात्रियों को संबंधित आधिकारिक विभाग अथवा सेवा प्रदाता से सत्यापित करनी चाहिए। यात्रा के दौरान मिले व्यक्तिगत अनुभवों को स्वतंत्र सरकारी निरीक्षण या आधिकारिक मूल्यांकन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।1
- ਉਸਤਾਦ ਬਰਕਤ ਸਿੱਧੂ ਜੀ ਦੇ ਜਨਮ ਦਿਨ ਮੇਲੇ ਵਿਚ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕਰੇਗੀ ਮਾਹੀ ਕੌਰ1
- Post by Nisha1
- ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਦਲ ਨੇ ਕੱਢੇ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਵੱਟ, ਲਗਾ ਦਿੱਤਾ ਬਿਜਲੀ ਦਫ਼ਤਰ ਭਿੱਖੀਵਿੰਡ ’ਚ ਧਰਨਾ, ਕਿਹਾ ਦਿਓ ਬਿਜਲੀ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਝੋਨੇ ਰਹੇ ਸੁੱਕ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਦਲ ਨੇ ਕੱਢੇ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਵੱਟ, ਲਗਾ ਦਿੱਤਾ ਬਿਜਲੀ ਦਫ਼ਤਰ ਭਿੱਖੀਵਿੰਡ ’ਚ ਧਰਨਾ, ਕਿਹਾ ਦਿਓ ਬਿਜਲੀ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੇ ਝੋਨੇ ਰਹੇ ਸੁੱਕ1
- Post by Shankar Kumar2
- ਹਲਕਾ ਖਡੂਰ ਸਾਹਿਬ ਤੋਂ ਵਿਨਿੰਦਰ ਪਰੰਪਰਾ ਨੂੰ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਨੇ ਪਾਰਟੀ ਚੋਂ ਦਿਖਾਇਆ ਦੂਰ ਦਾ ਰਸਤਾ ਵਰਿੰਦਰ ਬ੍ਰਹਮਪੁਰਾ ਕਾਫੀ ਦੇਰ ਤੋਂ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਪੰਥਕ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਿਵਲਤ ਕੀਤੀ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਪਿਤਾ ਜੀ ਬ੍ਰਹਮਪਰਾ ਮੰਤਰੀ ਵੀ ਰਹਿ ਚੁੱਕੇ ਕਾਫੀ ਨਾ ਕਮਾਇਆ ਪਰ ਹੁਣ ਪਾਰਟੀ ਚੋਂ ਕੋਈ ਨਾ ਸਹਾਰਾ ਮਿਲਦਾ ਹੋਇਆ ਨਜ਼ਰ ਆ ਰਿਹਾ ਹੈ1
- ਐਮ.ਏ. ਹਿਸਟਰੀ ਦੇ ਸਿਲੇਬਸ ’ਚੋਂ ਸਿੱਖ ਇਤਿਹਾਸ ਹਟਾਉਣ ’ਤੇ ਸੁਖਜੀਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲਵਾਂ ਨੇ ਚੁੱਕੇ ਸਵਾਲ ਕੋਟਕਪੂਰਾ, 16 ਸਤੰਬਰ: ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਪੇਡਾ ਵਾਈਸ ਚੇਅਰਮੈਨ ਅਤੇ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਸੀਨੀਅਰ ਆਗੂ ਸੁਖਜੀਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲਵਾਂ ਨੇ ਐਮ.ਏ. ਹਿਸਟਰੀ ਦੇ ਸਿਲੇਬਸ ਵਿੱਚ ਸਿੱਖ ਇਤਿਹਾਸ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਵਿਸ਼ਿਆਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਚਿੰਤਾ ਪ੍ਰਗਟ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਢਿੱਲਵਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਭਾਜਪਾ ਵੱਲੋਂ ਸਿੱਖ ਇਤਿਹਾਸ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਸਿਲੇਬਸ ਨੂੰ ਐਮ.ਏ. ਹਿਸਟਰੀ ਵਿੱਚੋਂ ਬਾਹਰ ਕੱਢਣਾ ਬਹੁਤ ਹੀ ਮੰਦਭਾਗਾ ਅਤੇ ਚਿੰਤਾਜਨਕ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਸ਼੍ਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਵੱਲੋਂ ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਸਮਰਥਨ ’ਤੇ ਵੀ ਸਵਾਲ ਉਠਾਉਂਦਿਆਂ ਇਸ ਨੂੰ ਦੁਖਦਾਈ ਦੱਸਿਆ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਿੱਖ ਇਤਿਹਾਸ ਸਿਰਫ਼ ਸਿੱਖ ਭਾਈਚਾਰੇ ਦੀ ਵਿਰਾਸਤ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਬਲਕਿ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਭਾਰਤ ਦੇ ਇਤਿਹਾਸ ਦਾ ਵੀ ਅਹਿਮ ਹਿੱਸਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਇਤਿਹਾਸ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਸਿਆਸੀ ਨਜ਼ਰੀਏ ਨਾਲ ਦੇਖਣ ਦੀ ਬਜਾਏ ਤੱਥਾਂ, ਦਸਤਾਵੇਜ਼ਾਂ ਅਤੇ ਇਤਿਹਾਸਕ ਸਰੋਤਾਂ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਪੜ੍ਹਾਇਆ ਜਾਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਜ਼ਿਕਰਯੋਗ ਹੈ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੇ ਐਮ.ਏ. ਹਿਸਟਰੀ ਦੇ ਨਵੇਂ ਸਿਲੇਬਸ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਅਤੇ ਹੋਰ ਪੱਖਾਂ ਵੱਲੋਂ ਇਤਰਾਜ਼ ਸਾਹਮਣੇ ਆਏ ਸਨ। ਇਸ ਵਿਵਾਦ ਦਾ ਸਬੰਧ ਨਵੀਂ ਸਿੱਖਿਆ ਨੀਤੀ ਤਹਿਤ ਕੋਰਸਾਂ ਦੀ ਬਣਤਰ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀਆਂ ਤਬਦੀਲੀਆਂ ਨਾਲ ਵੀ ਜੋੜਿਆ ਗਿਆ। ਰਿਪੋਰਟਾਂ ਮੁਤਾਬਕ ਇਤਰਾਜ਼ਾਂ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੰਜਾਬ ਅਤੇ ਸਿੱਖ ਇਤਿਹਾਸ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਪੇਪਰਾਂ ਨੂੰ ਮੁੜ ਸ਼ਾਮਲ ਕਰਨ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਬਾਰੇ ਵੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈ। ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨੇ ਸਿਲੇਬਸ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ, ਇਤਿਹਾਸਕ ਵਿਸ਼ਿਆਂ ਦੀ ਅਕਾਦਮਿਕ ਮਹੱਤਤਾ ਅਤੇ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀਆਂ ਵਿੱਚ ਇਤਿਹਾਸ ਪੜ੍ਹਾਉਣ ਦੇ ਢੰਗ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਚਰਚਾ ਛੇੜ ਦਿੱਤੀ ਹੈ। ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਸਿੱਖ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਇਤਿਹਾਸ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਵਿਸ਼ਿਆਂ ਦੀ ਮੌਜੂਦਗੀ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਚਿੰਤਾ ਜਤਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ, ਜਦਕਿ ਦੂਜੇ ਪਾਸੇ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਪੱਧਰ ’ਤੇ ਸਿਲੇਬਸ ਵਿੱਚ ਤਬਦੀਲੀਆਂ ਨੂੰ ਨਵੀਂ ਸਿੱਖਿਆ ਨੀਤੀ ਅਤੇ ਅਕਾਦਮਿਕ ਪੁਨਰਗਠਨ ਦੇ ਸੰਦਰਭ ਵਿੱਚ ਦੇਖਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਸ ਸੰਦਰਭ ਵਿੱਚ ਸਿਲੇਬਸ ਦੇ ਪੁਰਾਣੇ ਅਤੇ ਨਵੇਂ ਰੂਪ ਦੀ ਤੁਲਨਾਤਮਕ ਜਾਣਕਾਰੀ ਜਨਤਕ ਕਰਨਾ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਹੋਵੇਗਾ, ਤਾਂ ਜੋ ਇਹ ਸਪੱਸ਼ਟ ਹੋ ਸਕੇ ਕਿ ਕਿਹੜੇ ਵਿਸ਼ੇ ਹਟਾਏ, ਬਦਲੇ ਜਾਂ ਮੁੜ ਸ਼ਾਮਲ ਕੀਤੇ ਗਏ ਹਨ। ਨਾਲ ਹੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵੱਲੋਂ ਸਿਲੇਬਸ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀਆਂ ਤਬਦੀਲੀਆਂ ਦੇ ਅਕਾਦਮਿਕ ਕਾਰਨਾਂ ਬਾਰੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣ ਨਾਲ ਵਿਵਾਦ ਨੂੰ ਤੱਥਾਂ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਸਮਝਣ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਮਿਲ ਸਕਦੀ ਹੈ। ਸਰੋਤ: ਪੰਜਾਬ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਜਨਤਕ ਸਿਲੇਬਸ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਤੇ ਮੀਡੀਆ ਰਿਪੋਰਟਾਂ; ਸੁਖਜੀਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲਵਾਂ ਵੱਲੋਂ ਜਾਰੀ ਬਿਆਨ।1