सिरोही: जर्जर भवन में चल रहा बड़ेची का 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर', छत से गिरता प्लास्टर दे रहा हादसों को न्योता सिरोही: जर्जर भवन में चल रहा बड़ेची का 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर', छत से गिरता प्लास्टर दे रहा हादसों को न्योता रेवदर (सिरोही)। सरकार एक ओर जहाँ 'आरोग्यं परमं धनम्' के ध्येय वाक्य के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सिरोही जिले की रेवदर तहसील के पादर पंचायत अंतर्गत बड़ेची गाँव में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) का भवन वर्तमान में बदहाली के आंसू रो रहा है। खतरे के साए में इलाज डॉ। जगदीश कुमार ने बताया कि अस्पताल की बिल्डिंग इतनी जर्जर हो चुकी है कि यहाँ आने वाले मरीजों और कार्यरत स्टाफ के सिर पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि: अस्पताल के मुख्य बरामदे की छत का प्लास्टर पूरी तरह उखड़ चुका है और लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं। भवन की दीवारों में सीलन और दरारें नजर आ रही हैं। बरसात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे चिकित्सा उपकरणों और दवाओं के खराब होने का डर बना रहता है। सुविधा के नाम पर सिर्फ ढांचा भवन के बाहर भले ही "आयुष्मान आरोग्य मंदिर" का नया बोर्ड लगा दिया गया हो, लेकिन अंदरूनी ढांचा ढहने की कगार पर है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र की इस हालत के कारण लोग वहाँ जाने से कतराते हैं। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों की मांग बड़ेची के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि इस उप स्वास्थ्य केंद्र के भवन का जल्द से जल्द जीर्णोद्धार कराया जाए या नए भवन का निर्माण किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित वातावरण में इलाज मिल सके। रिपोर्टर: जयपाल सिंह, बड़ेची
सिरोही: जर्जर भवन में चल रहा बड़ेची का 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर', छत से गिरता प्लास्टर दे रहा हादसों को न्योता सिरोही: जर्जर भवन में चल रहा बड़ेची का 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर', छत से गिरता प्लास्टर दे रहा हादसों को न्योता रेवदर (सिरोही)। सरकार एक ओर जहाँ 'आरोग्यं परमं धनम्' के ध्येय वाक्य के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का दावा कर रही है,
वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सिरोही जिले की रेवदर तहसील के पादर पंचायत अंतर्गत बड़ेची गाँव में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) का भवन वर्तमान में बदहाली के आंसू रो रहा है। खतरे के साए में इलाज डॉ। जगदीश कुमार ने बताया कि अस्पताल की बिल्डिंग इतनी जर्जर हो चुकी है कि यहाँ आने वाले
मरीजों और कार्यरत स्टाफ के सिर पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि: अस्पताल के मुख्य बरामदे की छत का प्लास्टर पूरी तरह उखड़ चुका है और लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं। भवन की दीवारों में सीलन और दरारें नजर आ रही हैं। बरसात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे चिकित्सा उपकरणों
और दवाओं के खराब होने का डर बना रहता है। सुविधा के नाम पर सिर्फ ढांचा भवन के बाहर भले ही "आयुष्मान आरोग्य मंदिर" का नया बोर्ड लगा दिया गया हो, लेकिन अंदरूनी ढांचा ढहने की कगार पर है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र की इस हालत के कारण लोग वहाँ जाने से कतराते हैं। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई
गई, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों की मांग बड़ेची के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि इस उप स्वास्थ्य केंद्र के भवन का जल्द से जल्द जीर्णोद्धार कराया जाए या नए भवन का निर्माण किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित वातावरण में इलाज मिल सके। रिपोर्टर: जयपाल सिंह, बड़ेची
- एक व्यक्ति द्वारा पंडित जी से ग्रहों को लेकर पूछा जाता है और पंडित जी द्वारा ग्रह को लेकर ऐसा खुलासा किया जाता है कि आप भी एक बार सुनकर दंग रह जाएंगे1
- बाली उपखण्ड के चामुंडेरी में शीतला माता मंदिर में महिलाओं ने अलसुबह चढ़ाया ठंडा जल, बीमारी से बचाव की कामना की, आखों की रोशनी कायम रखने को ग्रामीण माता के स्नान का पानी आखों के लगाने है चामुंडेरी गांव में हर वर्ष आयोजित होने वाले दो दिवसीय शीतला माता मेले से पूर्व मंगलवार अल सुबह श्रद्धा और आस्था का विशेष माहौल देखने को मिला। प्रातः 4 बजे से 5 बजे के बीच गांव की महिलाओं सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंची श्रद्धालु महिलाओं ने शीतला माता मंदिर में ठंडा जल चढ़ाकर परिवार व क्षेत्र की खुशहाली तथा बीमारियों से बचाव की कामना की। उसके बाद सुबह सुभ मुहर्त में महिलाओं ने माताजी के लगाया बासोड़ा का भोग चामुंडेरी ग्राम में दो दिवसीय शीतला माता के मेले का आगाज गांव की माता बहनों द्वारा बासोड़ा का भोग लगाने के साथ हुआ इस दौरान माता बहनों ने शीतला माता के मंगल गीत गाकर जयकारे भी लगाए गौरतलब है कि चामुंडेरी ग्राम में आयोजित शीतला माता का दो दिवसीय मेला श्री गौतम ऋषि मेले व भातुण्ड शीतला माता मेले के साथ बड़े मेले में चामुंडेरी शीतला माता के मेले का नाम भी सुमार है मान्यता है कि चामुंडेरी शीतला माता जी की पूजा अर्चना के बाद चेचक जैसी बीमारियों से भी परिवार को मुक्ति मिलती है मान्यता है कि शीतला माता को ठंडा जल अर्पित करने के बाद बासोड़ा का भोग लगाने से गांव एवं आसपास के क्षेत्र में चेचक जैसी संक्रामक बीमारियों का प्रकोप नहीं फैलता और क्षेत्र रोग भय से मुक्त रहता है। माताजी के स्नान का पानी आखों पर लगाने से आंखों को भी रोग से मुक्ति मिलती है, ग्रामीणों के अनुसार यदि संयोगवश किसी व्यक्ति को यह बीमारी हो भी जाए तो माता के नाम से शरीर के वजन के बराबर गुड़ का भोग लगाकर ‘बोलमा’ करने से रोग शीघ्र दूर हो जाता है। शीतला माता के चमत्कार और आस्था को लेकर दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में महिलाएं मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करती हैं। मेले को लेकर गांव में उत्साह का माहौल बना हुआ है तथा मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया है। आगामी दो दिवसीय मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मेले में शीतला माता के प्रति बढ़ती आस्था के अनुसार महिलाओं के जल चढ़ाने के चलते मन्दिर परिसर में पानी ढुलने और लाइन से भगदड़ ना मचे ओर ना फिसलन से कोई हादशा हो को लेकर मन्दिर प्रसासक ने बेहतरीन व्यवस्था की है कि मन्दिर में जल लेकर पहुचने पर जल पात्र बहन बेटियों से पुजारी बदाराम माली उनसे सम्मान पूर्वक ग्रहण कर माता के जल चढाकर माता का स्नान किया पानी देते है वही बासोड़ा का भोग लगाने के लिए बड़ी तादात में महिलाएं पहुचती है साथ ही दर्शन को बड़ी सख्या में श्रदालू भी पहुचते है तो मन्दिर की व्यवस्थाओं के मध्यनजर भोग लगाने के लिए मन्दिर प्रांगण में स्थान निर्धारित किया गया जहां आसानी से माता बहने भोग लगा कर पूजा अर्चना कर रही, बासोड़ा का भोग लगने के साथ शुरू हुआ मेला मन्दिर प्रांगण में माता बहनो ने माताजी के बासोड़ा का भोग लगाने के बाद मेले में दुकानें खुली मिठाई दुकानदारों ने मिठाई भूजिये गुलगुले बनाने को कड़ाई चढ़ाई झूले वालो ने भी श्रदालुओ के बैठने को झूले शुरू किए साथ ही मेला देखने लोगो का आवागमन शुरू हुआ लोग माता के जयकारे लगाते हुए मेला स्थल पहुच रहे1
- झाड़ोल पुलिस की कार्रवाई: अवैध देशी टोपीदार बंदूक के साथ एक आरोपी गिरफ्तार1
- Post by देवीलाल गरासिया2
- उदयपुर। शहर में बिना सचित्र चेतावनी वाले सिगरेट और तम्बाकू बेचने वालों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रतापनगर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारकर भारी मात्रा में सिगरेट, तम्बाकू और हुक्के बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। थानाधिकारी प्रतापनगर की टीम और डीएसटी ने ड्रग इंस्पेक्टर उदयपुर के सहयोग से आदर्श नगर ई-ब्लॉक, पायडा स्थित एक ठिकाने पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान मुकेश पुत्र सुजानमल के कब्जे से विभिन्न ब्रांड के 3260 पैकेट (कुल 65,200 सिगरेट), 60 पैकेट तम्बाकू और 11 हुक्के जब्त किए गए। बताया जा रहा है कि इन उत्पादों पर अनिवार्य सचित्र स्वास्थ्य चेतावनी नहीं थी, जो कानूनन अपराध है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण संख्या 154/2026 दर्ज कर COTPA एक्ट 2003 की धारा 07/20 में मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह माल कहां से लाया गया और किन-किन जगहों पर सप्लाई किया जाता था। इस कार्रवाई के बाद शहर में बिना चेतावनी वाले तम्बाकू उत्पाद बेचने वालों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने ऐसे कारोबारियों को सख्त चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। Hashtags: #Udaipur #PoliceAction #COTPAAct #TobaccoRaid #UdaipurPolice #BreakingNews #RajasthanNews #LakeCityNews1
- सिवाना में श्रद्धा के साथ महिलाओं ने की शीतला माता की कथा, क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना सिवाना कस्बे में शीतला माता के प्रति आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। कस्बे में बड़ी संख्या में महिलाओं ने एकत्रित होकर श्रद्धा भाव से शीतला माता की कथा का आयोजन किया। कथा के दौरान महिलाओं ने माता के भजन गाए और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर परिवार व क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की।कथा आयोजन में महिलाओं ने शीतला माता के जीवन प्रसंगों और उनके महत्व को सुनते हुए भक्ति भाव से भाग लिया। इस दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा और महिलाओं ने भजन-कीर्तन कथा के पश्चात महिलाओं ने माता को प्रसाद अर्पित कर उपस्थित श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित की। महिलाओं का कहना है कि शीतला माता की पूजा से क्षेत्र में रोग-व्याधियों से मुक्ति और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। इसलिए हर वर्ष बड़ी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार महिलाएं शीतला माता की कथा व पूजा करती हैं।इस अवसर पर कस्बे की अनेक महिलाएं और श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से माता की आराधना कर क्षेत्र में खुशहाली और शांति की कामना की।1
- बाली उपखण्ड के चामुंडेरी में शीतला माताजी को ठंडे पानी से महिलाओं ने करवाया स्नान1
- दशामाता के पावन पर्व पर झाड़ोल में दो दिवसीय भव्य मेले का आयोजन, 11–12 मार्च को मेला ग्राउंड में सजेगा मेला1
- Post by देवीलाल गरासिया1