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बैराड़ थाना प्रभारी का 4 घंटे के अन्दर गांजे की तस्करी पर तत्काल कारवाही शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना प्रभारी का नशे के खिलाफ एक्शन शुरू
रिपोर्टर नितिन राजपूत शिवपुरी
बैराड़ थाना प्रभारी का 4 घंटे के अन्दर गांजे की तस्करी पर तत्काल कारवाही शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना प्रभारी का नशे के खिलाफ एक्शन शुरू
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- 🌿 आध्यात्मिक चर्चा के प्रसारण का समय व माध्यम: संत रामपाल जी महाराज जी की विशेष आध्यात्मिक डिबेट शनिवार और रविवार, 3 और 4 अक्टूबर 2026 को शाम 7:30 बजे से 9:30 बजे तक 'साधना टीवी' (Sadhana TV) चैनल पर प्रसारित होगी। #शास्त्रार्थ_का_शंखनाद #SantRampalJiMaharaj #SpiritualDebate #vedas #BhagavadGita #indianhistory1
- बैराड़ (शिवपुरी) में बड़ी कार्रवाई: 1 किलो 138 ग्राम गांजे और नगदी के साथ एक तस्कर गिरफ्तार शिवपुरी बैराड़ पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. बरामदगी: आरोपी के कब्जे से 01 किलो 138 ग्राम गांजा और 3,730 रुपये नगद (कुल कीमत लगभग 23,730 रुपये) का माल बरामद किया गया है. पुलिस अधीक्षक महोदय श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देशन और अधिकारियों के मार्गदर्शन में, 24.09.2026 को मुखबिर की सूचना पर बैराड़ पुलिस ने वार्ड क्र. 06 निवासी मातादीन शर्मा की दुकान पर दबिश दी. गिरफ्तारी और पूछताछ: आरोपी अपनी दुकान पर बैठकर आम जनता को अवैध रूप से गांजा बेच रहा था. पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह यह गांजा भल्लू बाबा (गोस्वामी) निवासी पोहरी से खरीदकर लाता है. कानूनी कार्रवाई: आरोपी के विरुद्ध अप.क्र. 369/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है और उसे माननीय न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है. सराहनीय भूमिका: निरीक्षक सुरेश शर्मा, उनि सत्येंद्र सिंह भदौरिया, सउनि केदार सिंह, आर. ज्ञान सिंह, आर. रविन्द्र धाकड़, आर. धर्मपाल धाकड़, आर. अतरसिंह, आर. राजेन्द्र प्रसाद और चा.आर. मनीष परिहार की महत्वपूर्ण भूमिका रही.2
- किशनगंज शाहबाद में पंचायत चुनाव की बिसात बिछी: सरपंच और वार्ड पंच पदों के आरक्षण की लॉटरी आज हुई संपन्न, चुनावी सरगर्मी तेज आगामी पंचायती राज आम चुनाव 2026 की तैयारियों के तहत आज, 24 सितंबर 2026 को शाहबाद उपखंड मुख्यालय पर ग्राम पंचायतों के सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण निर्धारण की लॉटरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी कर ली गई है। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया के संपन्न होने के साथ ही क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों और उनके वार्डों में वर्गवार एवं महिला आरक्षण की स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है, जिससे स्थानीय राजनेताओं और चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।1
- विजयपुर में कांग्रेस का भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन, सियासी पारा चढ़ा विजयपुर। गुरुवार सुबह विजयपुर बस स्टैंड पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों और मौजूदा राजनीतिक मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों व आपत्तियों को लेकर आवाज बुलंद की।विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ समय से कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी और संगठनात्मक गतिविधियां तेज नजर आ रही हैं। ऐसे में बस स्टैंड पर हुआ यह प्रदर्शन स्थानीय राजनीति में बढ़ती सक्रियता का संकेत माना जा रहा है।कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में आम लोगों से जुड़े कई मुद्दे लगातार बने हुए हैं। वहीं, प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने स्थानीय स्तर पर संगठन की सक्रियता और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।गौरतलब है कि विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में 2024 के उपचुनाव में कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा विधायक चुने गए थे, जिससे क्षेत्र की राजनीति में कांग्रेस की सक्रियता को विशेष राजनीतिक संदर्भ मिलता है। फिलहाल विजयपुर में कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद स्थानीय सियासत एक बार फिर चर्चा में है और आने वाले दिनों में भाजपा की ओर से इसके जवाब में राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।1
- वीरपुर में रात के अंधेरे में अवैध पत्थर उत्खनन जारी, राजस्व विभाग वेब खबर श्योपुर जिले के वीरपुर में रात के अंधेरे में अवैध पत्थर उत्खनन का खेल बेखौफ जारी है। मंगलवार रात का एक वीडियो सामने आया है जिसमें ट्रैक्टर-ट्रॉली में बड़े-बड़े सफेद पत्थर के ब्लॉक ओवरलोड भरकर ले जाते हुए देखा जा रहा है। वीडियो वीरपुर के बाजार क्षेत्र का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार वीरपुर क्षेत्र में रोजाना रात के समय 10 से 15 ट्रैक्टर ट्रॉलियों से बिना रॉयल्टी और बिना वैध कागजात के पत्थर का परिवहन किया जाता है। इस अवैध कारोबार से शासन को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार राजस्व और खनिज विभाग कार्रवाई नहीं कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि तहसीलदार और मैदानी अमला सब कुछ जानते हुए भी अनदेखी कर रहा है, जिससे खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। राजस्व विभाग की इस चुप्पी पर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि विभाग कुंभकरण की नींद में सोया हुआ है।1
- श्योपुर में किन्नरों पर हमला करने के आरोपलूट की घटना हुई1
- बमरा ग्राम में। 11 kv लाईन बनी लोगों के लिए जान का खतरा जिम्मेदार खामोश शिवपुरी जिले के पोहरी विधानसभा के बमरा ग्राम मै 11 केवी की लाइन रोड से मात्र 8 फुट की ऊंचाई पर जिस से बढ़ रहा करेंट का खतरा मामला है मेहतर बस्ती का जहां आज जनता ने मांग की है कि हमारे घर के ऊपर से बड़ी लाइन निकल रही है जिस से करेंट का खतरा लगातार बढ़ रहा है कृपया लाइन को कहीं ओर शिफ्ट किया जाए कि मांग करते हुए शासन को चेताने की कोशिश की गई है।1
- सफाईकर्मियों का माल्यार्पण कर किया सम्मान, साइबर सुरक्षा का भी दिया संदेश कस्बाथाना में राजस्थान ग्रामीण बैंक की ओर से स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत सफाईकर्मियों का सम्मान किया गया। बैंक कर्मचारियों ने सफाईकर्मियों का माल्यार्पण कर उनका उत्साह बढ़ाया। कोटा-शिवपुरी बस स्टैंड पर लोगों ने तालियां बजाकर सफाईकर्मियों का अभिनंदन किया। शाखा प्रबंधक सतपाल यादव ने स्वच्छ भारत में सफाईकर्मियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। बैंक की ओर से मास्क व झाड़ू भी वितरित किए गए। साथ ही ग्रामीणों को साइबर फ्रॉड से बचाव, यूपीआई के सुरक्षित इस्तेमाल और बैंक योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान अभिनव, सुनील सहित बैंक कर्मचारी व ग्रामीण मौजूद रहे।1
- *RTE छात्र के साथ कथित प्रताड़ना का मामला, निजी स्कूल की कार्यशैली पर उठे सवाल* *तीन वर्षों से परेशान किए जाने का परिजनों का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग कलेक्टर से हस्तक्षेप की अपील* करैरा/सिरसौद। करैरा-सिरसौद क्षेत्र स्थित रेनवो पब्लिक प्राइवेट स्कूल में RTE के अंतर्गत अध्ययनरत कक्षा 7वीं के छात्र कार्तिक लोधी/ब्रजेश लोधी के साथ कथित रूप से प्रताड़ना किए जाने का मामला सामने आया है। छात्र के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्चे को पिछले लगभग तीन वर्षों से मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। मामले से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच विद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। परिजनों का कहना है कि RTE के तहत विद्यालय में प्रवेश लेने वाले बच्चे को शिक्षा के साथ सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। यदि किसी विद्यार्थी के साथ भेदभाव, अपमान, मानसिक दबाव अथवा अनुचित व्यवहार किया जाता है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। हालांकि लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। वीडियो सामने आने के बाद जांच की मांग मामले से संबंधित वीडियो में शिकायत से जुड़े पक्ष सामने आने की बात कही जा रही है। ऐसे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए जरूरी है कि वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि करते हुए संबंधित छात्र, उसके परिजनों, विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों का पक्ष दर्ज किया जाए। साथ ही विद्यालय के रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जाए। परिजनों का आरोप है कि लंबे समय से चली आ रही कथित परेशानी के कारण छात्र की पढ़ाई और मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। इस संबंध में वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही सामने आएगी। इसलिए बिना किसी पक्ष को दोषी ठहराए पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कराना जरूरी माना जा रहा है। शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी पर भी सवाल RTE के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का उद्देश्य है। ऐसे में RTE छात्र से संबंधित किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो विद्यालय प्रबंधन का पक्ष भी स्पष्ट रूप से सामने रखा जाना चाहिए। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बच्चों के भविष्य निर्माण का स्थान हैं। वहां शिक्षक और प्रबंधन की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों के सम्मान और सुरक्षित वातावरण का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है। *कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग* मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर कलेक्टर शिवपुरी और संबंधित शिक्षा अधिकारियों से मांग की जा रही है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच के दौरान छात्र पर किसी प्रकार का दबाव न पड़े और उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसका भी ध्यान रखा जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि यदि विद्यालय में RTE छात्रों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव या अनुचित व्यवहार हुआ है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है और यदि शिकायत में तथ्य नहीं पाए जाते हैं तो वास्तविक स्थिति क्या है। बच्चों के भविष्य से जुड़े इस मामले में आरोप-प्रत्यारोप से अधिक जरूरी निष्पक्ष जांच और तथ्य सामने लाना है। अब निगाहें शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर हैं कि वह मामले की जांच किस स्तर पर करता है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर क्या कदम उठाए जाते हैं।नोट: प्रकाशन से पहले छात्र का नाम/पहचान सार्वजनिक करने के कानूनी और बाल-सुरक्षा संबंधी पहलुओं की भी सावधानी से जांच कर लें, खासकर यदि छात्र नाबालिग है। *पत्रकार सतीश परिहार 9399215234* *RTE छात्र के साथ कथित प्रताड़ना का मामला, निजी स्कूल की कार्यशैली पर उठे सवाल* *तीन वर्षों से परेशान किए जाने का परिजनों का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग कलेक्टर से हस्तक्षेप की अपील* करैरा/सिरसौद। करैरा-सिरसौद क्षेत्र स्थित रेनवो पब्लिक प्राइवेट स्कूल में RTE के अंतर्गत अध्ययनरत कक्षा 7वीं के छात्र कार्तिक लोधी/ब्रजेश लोधी के साथ कथित रूप से प्रताड़ना किए जाने का मामला सामने आया है। छात्र के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्चे को पिछले लगभग तीन वर्षों से मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। मामले से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच विद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। परिजनों का कहना है कि RTE के तहत विद्यालय में प्रवेश लेने वाले बच्चे को शिक्षा के साथ सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। यदि किसी विद्यार्थी के साथ भेदभाव, अपमान, मानसिक दबाव अथवा अनुचित व्यवहार किया जाता है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। हालांकि लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। वीडियो सामने आने के बाद जांच की मांग मामले से संबंधित वीडियो में शिकायत से जुड़े पक्ष सामने आने की बात कही जा रही है। ऐसे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए जरूरी है कि वीडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि करते हुए संबंधित छात्र, उसके परिजनों, विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों का पक्ष दर्ज किया जाए। साथ ही विद्यालय के रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जाए। परिजनों का आरोप है कि लंबे समय से चली आ रही कथित परेशानी के कारण छात्र की पढ़ाई और मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। इस संबंध में वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही सामने आएगी। इसलिए बिना किसी पक्ष को दोषी ठहराए पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कराना जरूरी माना जा रहा है। शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी पर भी सवाल RTE के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का उद्देश्य है। ऐसे में RTE छात्र से संबंधित किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो विद्यालय प्रबंधन का पक्ष भी स्पष्ट रूप से सामने रखा जाना चाहिए। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बच्चों के भविष्य निर्माण का स्थान हैं। वहां शिक्षक और प्रबंधन की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों के सम्मान और सुरक्षित वातावरण का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है। *कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग* मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर कलेक्टर शिवपुरी और संबंधित शिक्षा अधिकारियों से मांग की जा रही है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच के दौरान छात्र पर किसी प्रकार का दबाव न पड़े और उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसका भी ध्यान रखा जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि यदि विद्यालय में RTE छात्रों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव या अनुचित व्यवहार हुआ है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है और यदि शिकायत में तथ्य नहीं पाए जाते हैं तो वास्तविक स्थिति क्या है। बच्चों के भविष्य से जुड़े इस मामले में आरोप-प्रत्यारोप से अधिक जरूरी निष्पक्ष जांच और तथ्य सामने लाना है। अब निगाहें शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर हैं कि वह मामले की जांच किस स्तर पर करता है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर क्या कदम उठाए जाते हैं।नोट: प्रकाशन से पहले छात्र का नाम/पहचान सार्वजनिक करने के कानूनी और बाल-सुरक्षा संबंधी पहलुओं की भी सावधानी से जांच कर लें, खासकर यदि छात्र नाबालिग है। *पत्रकार सतीश परिहार 9399215234*1