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Gurpreet Singh
More news from उत्तराखंड and nearby areas
- उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। इस गंभीर विषय पर शासन और प्रशासन कुंभकरण की नींद में सोया हुआ प्रतीत हो रहा है, जिस पर गहरा सवाल उठ रहा है कि आखिर वे इस मामले पर क्यों मौन धारण किए हुए हैं।1
- हरिद्वार के ग्राम बढेड़ी राजपुताना में स्थित एक जोहड़ पर स्थानीय लोगों ने अवैध कब्ज़ा किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस कथित अवैध कब्जे के कारण बरसात के मौसम में जोहड़ में पानी के प्राकृतिक संचयन और निकासी की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होती है। इस समस्या के चलते हर साल सड़कों और आसपास के कई घरों में पानी भर जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि जोहड़ के सौंदर्यीकरण और संरक्षण के लिए बनी योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं, और धरातल पर जल निकासी की समस्या का कोई स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांग है कि जोहड़ से कथित अतिक्रमण हटाया जाए, उसकी मूल स्थिति बहाल की जाए, और बरसात आने से पहले प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में होने वाले जलभराव और नुकसान से ग्रामीणों को राहत मिल सके। इस पूरे मामले में अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि ग्राम बढेड़ी राजपुताना के जोहड़ का सौंदर्यीकरण और जल निकासी व्यवस्था कागजों से निकलकर ज़मीन पर कब दिखाई देगी।1
- आज दिनांक 09 जुलाई 2026 को एमडीटी के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि विष्णु घाट रेलवे स्टेशन के पास स्थित काली कमली क्षेत्र में एक मकान अचानक ढह गया। इस हादसे में चार लोग मलबे में फंस गए थे। घटना की सूचना मिलते ही फायर सर्विस मायापुर की टीम, जिसमें LFM- नरेंद्र सिंह तोमर, DVR - प्रकाश मनोरी, FM- चंद्र प्रकाश नौटियाल, FM-मातबर सिंह तोमर, FM- सुरेश और FW- दीपाली वर्मा शामिल थीं, तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने बिना समय गंवाए त्वरित एवं कुशल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, मलबे में फंसे सभी चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फंसे हुए व्यक्तियों में एक व्यक्ति बीमार और चलने में असमर्थ था, जिसे फायर सर्विस टीम ने स्ट्रेचर की सहायता से कुशलतापूर्वक सुरक्षित बाहर निकाला। फायर सर्विस मायापुर के इस सराहनीय एवं समयबद्ध प्रयास से एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया गया। बचाव अभियान के दौरान टीम ने पूरी सतर्कता और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया, जिसके कारण सभी लोगों की जान सुरक्षित बचाई जा सकी। विष्णु घाट रेलवे स्टेशन के पास मकान गिरने से मलबे में फंसे चार लोगों के लिए फायर स्टेशन मायापुर की टीम देवदूत बनकर सामने आई।1
- महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में मूसलाधार बारिश के बाद आई भीषण बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। चावणे स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के एलपीजी सिलेंडर गोदाम तक बाढ़ का पानी पहुँच गया, जिसके कारण तेज बहाव में वहाँ रखे करीब 1200 खाली गैस सिलेंडर बह गए। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में दर्जनों खाली गैस सिलेंडर बाढ़ के तेज बहाव में नदी में तैरते और बहते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। बताया गया है कि ये खाली सिलेंडर पानी के तीव्र प्रवाह की चपेट में आ गए थे। गौरतलब है कि कुछ ही महीने पहले इन्हीं एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति के लिए लोगों को लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था, लेकिन अब वही सिलेंडर बाढ़ के पानी में बहते नजर आ रहे हैं।1
- लक्सर तहसील के महाराजपुर खुर्द गांव से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहाँ इस रिपोर्ट में दिखाई गई तस्वीरों के आधार पर गांव में बड़े पैमाने पर रेत के भंडारण को लेकर सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार, इस क्षेत्र में कथित तौर पर अवैध रेत का कारोबार चल रहा है। श्रद्धा टीवी नेटवर्क ने इस मामले में संबंधित प्रशासन और पुलिस से निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। चैनल ने यह महत्वपूर्ण सूचना भी दी है कि इस रिपोर्ट में स्थानीय सूत्रों के हवाले से जिन व्यक्तियों के नाम लिए गए हैं, उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि श्रद्धा टीवी नेटवर्क द्वारा नहीं की गई है। चैनल ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित पक्ष का स्पष्टीकरण प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित/प्रसारित किया जाएगा।1
- हरिद्वार पुलिस और एक महिला के हत्यारे के बीच हुई मुठभेड़ में, हत्यारे के पैर में गोली लग गई। इस दौरान उसका एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा।1
- Post by Nitin kumar sharma ji1
- हरिद्वार का चंद्राचार्य चौक बारिश में शहर के सर्वाधिक जलभराव से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में से एक है। पिछले दस सालों से इस क्षेत्र में बरसाती पानी की निकासी के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन यह समस्या जस की तस बनी हुई है। वर्ष 2016 में हरीश रावत सरकार ने बारिश से पहले यहाँ पंप स्थापित किए थे, जिनके माध्यम से मोटर चलाकर पानी बाहर निकाला जाता था। इसके बाद 2017 में अमृत योजना के तहत लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से गंगा तक बारिश के पानी की निकासी के लिए एक नाला बनाया गया था। हालांकि, ढाल सही न होने के कारण यह पैसा व्यर्थ चला गया और समस्या का समाधान नहीं हो पाया। जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर हो जाती थी कि 2018 में तत्कालीन मेयर मनोज गर्ग ने समुचित जल निकासी में अवरोध बनी कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के प्रेमनगर आश्रम की एक दीवार को स्वयं हथौड़ा लेकर गिरा दिया था। दरअसल, चंद्राचार्य चौक क्षेत्र गहराई में स्थित है और इसके चारों ओर सघन कॉलोनियों का विकास हो चुका है। भेल से आने वाला बरसाती पानी भी यहीं जमा हो जाता है। इस पानी की निकासी के लिए किसी बड़ी और ईमानदार योजना पर काम करने की आवश्यकता है। दुर्भाग्यवश, हर बारिश में इस क्षेत्र में जलभराव को लेकर सिर्फ शोर-शराबा होता है, लेकिन कोई ठोस काम नहीं किया जाता, जिसके परिणामस्वरूप हालात अब भी पहले जैसे ही बने हुए हैं।1