एटा जनपद के ब्लॉक शीतलपुर स्थित ग्राम कुनाबली में विकास के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत निराशाजनक है, जहाँ मुख्य सड़कों के किनारे नालियों का निर्माण न होने से ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के कारण सड़कों पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति बनी रहती है, जिससे राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है और ग्रामीणों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के भीतर और मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली सड़कों के किनारे जल निकासी के लिए कोई पक्की नाली नहीं बनाई गई है। इसके परिणामस्वरूप, घरों से निकलने वाला गंदा पानी और थोड़ी सी भी बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो जाता है, जिससे पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। पैदल चलने वालों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है और लोग आए दिन फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। सड़कों पर पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बदबू के कारण घरों में बैठना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने मलेरिया, डेंगू और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ने की बात कही है, जिससे बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कहने को तो गांव में पक्की सड़कें बन गई हैं, लेकिन बिना नाली के ये सड़कें उनके लिए आफत बन चुकी हैं, क्योंकि पानी की निकासी न होने से सारा कचरा और गंदा पानी सड़कों पर ही सड़ता रहता है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।
एटा जनपद के ब्लॉक शीतलपुर स्थित ग्राम कुनाबली में विकास के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत निराशाजनक है, जहाँ मुख्य सड़कों के किनारे नालियों का निर्माण न होने से ग्रामीणों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के कारण सड़कों पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति बनी रहती है, जिससे राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है और ग्रामीणों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के भीतर और मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली सड़कों के किनारे जल निकासी के लिए कोई पक्की नाली नहीं बनाई गई है। इसके परिणामस्वरूप, घरों से निकलने वाला गंदा पानी और थोड़ी सी भी बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो जाता है, जिससे पूरी सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। पैदल चलने वालों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है और लोग आए दिन फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। सड़कों पर पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बदबू के कारण घरों में बैठना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने मलेरिया, डेंगू और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ने की बात कही है, जिससे बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कहने को तो गांव में पक्की सड़कें बन गई हैं, लेकिन बिना नाली के ये सड़कें उनके लिए आफत बन चुकी हैं, क्योंकि पानी की निकासी न होने से सारा कचरा और गंदा पानी सड़कों पर ही सड़ता रहता है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।
- हाथरस के सादाबाद में एक निवासी ने शिकायत की है कि उनके घर के सामने नाली की सफाई नहीं की जा रही है। इस स्थिति के कारण भविष्य में कई तरह की दिक्कतों की आशंका जताई गई है। संबंधित अधिकारियों से इस नाली की जल्द से जल्द सफाई करवाने की गुजारिश की गई है।1
- हाथरस में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी अतुल वत्स ने विकास खंड मुरसान की ग्राम पंचायत धातुरा खुर्द स्थित अस्थाई गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में नीम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। जिलाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण भी सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल से ही पौधरोपण सार्थक होगा। जिलाधिकारी ने यह भी उल्लेख किया कि आज दो महत्वपूर्ण अवसर हैं - पहला विश्व पर्यावरण दिवस और दूसरा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्मदिवस। उन्होंने मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके प्रति सच्ची श्रद्धा व्यक्त करने का सबसे उत्तम माध्यम उनके वृक्षारोपण के आह्वान को सफल बनाना है। उन्होंने बताया कि सुबह से ही जनपद की सभी विधानसभा क्षेत्रों में वृक्षारोपण कार्यक्रम जारी हैं, और जिले भर में कुल तीन लाख अड़सठ हजार पौधे लगाने का लक्ष्य है। गौशाला के निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने गोवंशों के रखरखाव, चारे, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को गोवंशों के स्वास्थ्य के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। विशेष रूप से छोटे बछड़ों और बीमार गौवंशों के लिए जालीयुक्त टीनशेड बनवाने तथा शिफ्टवार केयर टेकर तैनात करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, उन्होंने टीनशेड, चरही, नाली आदि अवशेष निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने पर बल दिया। एसडीएम सदर ने इस दौरान बताया कि गौशाला में 128 निराश्रित गौवंश हैं, जिनमें 54 नर और 74 मादा शामिल हैं। इनकी देखरेख के लिए 5 केयर टेकर तैनात हैं और गौशाला में 3 टीन शेड, 2 चरही, 2 हॉज, 1 समरसेबल चालू हालत में हैं। गौशाला में 35 कुंतल भूसा उपलब्ध है और सुरक्षा के लिए दो कैमरे भी लगाए गए हैं।4
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर फिरोजाबाद के जिलाधिकारी (DM) संतोष कुमार शर्मा ने 'एक पेड़ माँ के नाम' महाअभियान के तहत अधिक से अधिक पौधे लगाने का आग्रह किया है। उन्होंने जनपद वासियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। DM शर्मा ने बताया कि यह अभियान शासन के निर्देशों के अनुसार चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृ सम्मान का संदेश भी देना है। इसे एक जन-आंदोलन के रूप में विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि सभी विकास खंडों, नगर निगमों और नगर पालिकाओं में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस वर्ष की थीम "प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए" के तहत लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। यह जानकारी 05 जून, 2026 को AIN नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा साझा की गई।1
- राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 के तहत देशभर की कुल 42 पंचायतों को ग्रामीण विकास और सुशासन में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस वर्ष कर्नाटक 6 पुरस्कारों के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि आंध्र प्रदेश और ओडिशा को 5-5 पुरस्कार मिले। नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कारों में त्रिपुरा के सिपाहीजला को सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायत, केरल के हरिपाड को सर्वश्रेष्ठ ब्लॉक पंचायत और असम के न्यू नपाम को सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत चुना गया। इसके अतिरिक्त, दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार के अंतर्गत कर्नाटक की मुद्राडी ग्राम पंचायत सहित कई अन्य पंचायतों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास और बेहतर प्रशासन को बढ़ावा देना है।1
- हाथरस में, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा 8, 9 और 10 जून को आयोजित होने वाली पुलिस आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती-2025 परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अतुल वत्स की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में परीक्षा की तैयारियों पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने इस प्रदेश स्तरीय महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षा को शासन की मंशा के अनुसार पूर्ण निष्पक्षता, पारदर्शिता और शुचितापूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छ शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाएं सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं, ताकि कोई तकनीकी या व्यवस्थागत समस्या न आए। सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देते हुए, डीएम ने परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष निगरानी रखने, केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न जुटने देने और संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखने का आदेश दिया, साथ ही शासन व भर्ती बोर्ड के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने पर जोर दिया। डीएम ने चेतावनी दी कि परीक्षा प्रक्रिया में लगे अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने परीक्षा दिवस पर सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए ताकि अभ्यर्थियों को केंद्रों तक पहुँचने में कोई परेशानी न हो, और एक आपातकालीन कार्ययोजना भी तैयार रखने को कहा। डीएम ने जोर देकर कहा कि भर्ती परीक्षा युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है, अतः पूरी संवेदनशीलता और सतर्कता से कार्य करें। इस बैठक में जिला विकास अधिकारी, एडीएम न्यायिक, एएसपी, जोनल/सेक्टर मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक, केंद्र प्रभारी, नोडल अधिकारी और एजेंसी के अधिकारी उपस्थित रहे।3
- जनपद हाथरस के सासनी कोतवाली क्षेत्र के जगीपुर गांव में धर्मवीर पुत्र सीताराम नामक एक व्यक्ति को मामूली कहासुनी के बाद गांव के कुछ दबंगों ने लाठी-डंडों और सरियों से बेरहमी से पीटा। इस मारपीट में धर्मवीर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुँची और घायल व्यक्ति को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सासनी ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने धर्मवीर की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। फिलहाल, धर्मवीर को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर डॉक्टरों द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है। घायल धर्मवीर ने अपने बयान में बताया कि गांव के दबंगों ने एक मामूली बात को लेकर उनके साथ लाठी-डंडों और सरियों से मारपीट की। पुलिस इस मामले में आगे की जांच में जुट गई है।1