एसडीओ मैहर के आदेश पर सवाल, पंजीकृत बेनामा निरस्त कर कथित फर्जी वारिसान से नामांतरण का आरोप *एसडीओ मैहर के आदेश पर सवाल, पंजीकृत बेनामा निरस्त कर कथित फर्जी वारिसान से नामांतरण का आरोप* एसडीओ (राजस्व) मैहर दिव्या पटेल की न्यायालयीन कार्यवाही को लेकर गंभीर कानूनी सवाल उठ रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रकरण में उपलब्ध अभिलेखों एवं पंजीकृत दस्तावेजों के परीक्षण के बाद आदेश पारित कर संबंधित पंजीकृत बेनामा को प्रभावहीन मानते हुए उसके आधार पर हुआ नामांतरण निरस्त किया गया था। विवाद तब गहराया जब इसी प्रकरण में कथित फर्जी बरसाना/वारिसान के आधार पर नामांतरण स्वीकार किए जाने की स्थिति सामने आने की बात कही जा रही है। अब पूर्व आदेश में पुनः परिवर्तन अथवा उसे पलटने की चर्चा है तथा इसके लिए कलेक्टर स्तर पर परीक्षण/अनुमति की बात भी सामने आ रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मूल आदेश दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों के विधिवत परीक्षण के बाद पारित हुआ था, तो उसे बदलने का नया कानूनी आधार क्या है? क्या कोई नया तथ्य सामने आया है या पूर्व आदेश में कोई विधिक त्रुटि थी? मामला इसलिए भी गंभीर है कि यदि किसी व्यक्ति को वास्तविक उत्तराधिकारियों के स्थान पर गलत अथवा फर्जी वारिसान के आधार पर राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है, तो इसकी जांच केवल नामांतरण तक सीमित न रहकर दस्तावेजों की सत्यता और संभावित आपराधिक दायित्व तक होनी चाहिए। *हरदा में हाल ही में फौती नामांतरण के मामले में एसडीएम द्वारा गलत शपथ-पत्र/तथ्य प्रस्तुत किए जाने पर आपराधिक कार्रवाई की दिशा में निर्देश* दिए जाने की खबर के बीच मैहर का यह मामला राजस्व न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर और गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अब सवाल कलेक्टर मैहर से है *क्या पूरी फाइल का स्वतंत्र परीक्षण कर यह स्पष्ट किया जाएगा कि पंजीकृत बेनामा निरस्त करने वाले मूल आदेश और उसके बाद कथित वारिसान आधारित नामांतरण, दोनों में से विधिसम्मत स्थिति क्या है?* मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना इसलिए आवश्यक है, क्योंकि राजस्व रिकॉर्ड में एक गलत प्रविष्टि भविष्य में स्वामित्व विवाद और गंभीर मुकदमेबाजी का आधार बन सकती है
एसडीओ मैहर के आदेश पर सवाल, पंजीकृत बेनामा निरस्त कर कथित फर्जी वारिसान से नामांतरण का आरोप *एसडीओ मैहर के आदेश पर सवाल, पंजीकृत बेनामा निरस्त कर कथित फर्जी वारिसान से नामांतरण का आरोप* एसडीओ (राजस्व) मैहर दिव्या पटेल की न्यायालयीन कार्यवाही को लेकर गंभीर कानूनी सवाल उठ रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रकरण में उपलब्ध अभिलेखों एवं पंजीकृत दस्तावेजों के परीक्षण के बाद आदेश पारित कर संबंधित पंजीकृत बेनामा को प्रभावहीन मानते हुए उसके आधार पर हुआ नामांतरण निरस्त किया गया था। विवाद तब गहराया जब इसी प्रकरण में कथित फर्जी बरसाना/वारिसान के आधार पर नामांतरण स्वीकार किए जाने की स्थिति सामने आने की बात कही जा रही है। अब पूर्व आदेश में पुनः परिवर्तन अथवा उसे पलटने की चर्चा है तथा इसके लिए कलेक्टर स्तर पर परीक्षण/अनुमति की बात भी सामने आ रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि मूल आदेश दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों के विधिवत परीक्षण के बाद पारित हुआ था, तो उसे बदलने का नया कानूनी आधार क्या है? क्या कोई नया तथ्य सामने आया है या पूर्व आदेश में कोई विधिक त्रुटि थी? मामला इसलिए भी गंभीर है कि यदि किसी व्यक्ति को वास्तविक उत्तराधिकारियों के स्थान पर गलत अथवा फर्जी वारिसान के आधार पर राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है, तो इसकी जांच केवल नामांतरण तक सीमित न रहकर दस्तावेजों की सत्यता और संभावित आपराधिक दायित्व तक होनी चाहिए। *हरदा में हाल ही में फौती नामांतरण के मामले में एसडीएम द्वारा गलत शपथ-पत्र/तथ्य प्रस्तुत किए जाने पर आपराधिक कार्रवाई की दिशा में निर्देश* दिए जाने की खबर के बीच मैहर का यह मामला राजस्व न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर और गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अब सवाल कलेक्टर मैहर से है *क्या पूरी फाइल का स्वतंत्र परीक्षण कर यह स्पष्ट किया जाएगा कि पंजीकृत बेनामा निरस्त करने वाले मूल आदेश और उसके बाद कथित वारिसान आधारित नामांतरण, दोनों में से विधिसम्मत स्थिति क्या है?* मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना इसलिए आवश्यक है, क्योंकि राजस्व रिकॉर्ड में एक गलत प्रविष्टि भविष्य में स्वामित्व विवाद और गंभीर मुकदमेबाजी का आधार बन सकती है
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- ragauli gaw ki ki mahila semriya mai bura haal यहां की व्यवस्था एकदम घटिया है वह याद है यदि यहां किसी को बुखार भी है तब भी जान चली जाएगी यहां ना तो सफाई है ना देख रहे थे ना ही कोई औपचारिक यहां व्यवस्था है ना ही कोई देखरेख करने वाला है सिर्फ यहां मरीज पड़े हुए हैं यहां ना डॉक्टर का पता है ना कोई टाइम टेबल है यहां कोई ऐसा सिस्टम नहीं है पर आप वीडियो में देख सकते हैं लाइव किया गया है1
- सतना- एक तरफ नशे के खिलाफ अभियान, दूसरी तरफ गांव-गली शराब! सिविल लाइन पुलिस बेखबर,रामपुर चौरासी में शराब की पैकारी करते दो युवकों को ग्रामीणों ने पकड़ा सोहावल शराब दुकान से हाटी जा रही थी शराब पुलिस को खबर तक नही।1
- *एनएचआरसी के स्पेशल मॉनिटर श्री गोयल ने मैहर प्रवास के दौरान विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया* *एनएचआरसी के स्पेशल मॉनिटर श्री गोयल ने मैहर प्रवास के दौरान विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया* मैहर - राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के स्पेशल मॉनिटर श्री बालकृष्ण गोयल ने एक दिवसीय मैहर प्रवास के दौरान जिले के वृद्धाश्रम, उपजेल मैहर, आंगनवाड़ी केंद्र एवं विद्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान श्री गोयल ने वृद्धाश्रम पहुंचकर वहां निवासरत वृद्धजनों से मुलाकात की तथा उनके स्वास्थ्य एवं व्यवस्थाओं की जानकारी लेकर कुशलक्षेम जाना। उन्होंने वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए साफ-सफाई की स्थिति , खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और नियमित रूप से स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही वृद्धजनों की नियमित डॉक्टरी जांच कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए । श्री गोयल ने वृद्धाश्रम में रखे जाने वाले दस्तावेजों एवं अभिलेखों का व्यवस्थित रख-रखाव सुनिश्चित करने के साथ ही वृद्धजनों के आवागमन तथा दानदाताओं द्वारा प्रदान की जाने वाली सामग्री का नियमित एवं पारदर्शी लेखा-जोखा संधारित करने के निर्देश दिए। इसके बाद श्री गोयल ने उपजेल मैहर का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा मूलभूत व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मैहर जिले के अमरपाटन अनुभाग में भी श्री गोयल द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, शिक्षा व्यवस्था तथा आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री राजेंद्र बांगरे,सीएसपी श्री महेंद्र सिंह, नगर पालिका सीएमओ, सामाजिक न्याय विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।2
- जिला अस्पताल के बाहर सुरक्षा गार्ड और दुकानदारों में तीखी बहस, ठेला हटाने को लेकर हंगामा! जिला अस्पताल के बाहर सुरक्षा गार्ड और दुकानदारों में तीखी बहस, ठेला हटाने को लेकर हंगामा! न्यूज़ कैप्शन / स्क्रिप्ट: जिला अस्पताल के बाहर देर रात उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब सुरक्षा गार्ड और स्थानीय ठेले-दुकानदारों के बीच तीखी बहस हो गई। वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि गार्ड दुकानदारों से ठेले और दुकानें हटाने को लेकर सवाल-जवाब कर रहे हैं, जबकि दुकानदार बाकी अन्य दुकानों का हवाला देते हुए पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों एक-दूसरे पर नशे में होने और विवाद फ़ैलाने के आरोप लगाते नज़र आए। मामले में पुलिस प्रशासन और संबंधित अधिकारियों (TI) से शिकायत की बात कही जा रही है। ट्रेंडिंग #Tags: #BreakingNews #DistrictHospital #ViralVideo #SatnaNews #MadhyaPradesh #HospitalSecurity #LocalNews #TrendingNews #PublicDispute #CrimeNews #MPNews1
- मैहर /अमरपाटन- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर बालकृष्ण गोयल सिविल अस्पताल मैहर का निरीक्षण करने पहुँचे मैहर - राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर बालकृष्ण गोयल सिविल अस्पताल मैहर का निरीक्षण करने पहुँचे।गंदगी देखकर भडके ,इसके साथ ही मरीज के पास मौजूद काफी लोगो को देखकर जताई नाराजगी, बोले मलिफ्ट के पास लगी शिकायत पेटी में मिली गुटखे का खाली पैकेटरीज के पास इतने लोग क्यों लिफ्ट के पास लगी शिकायत पेटी में मिली गुटखे का खाली पैकेट2
- माँ जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज दिनांक 26/08/2026 दिन बुधवार के प्रात: कालीन श्रृंगार के दर्शन अदभुत श्रृंगार जय हो माई की2
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