अम्बाह में चम्बल घाटों पर प्रशासन की सख्ती, अवैध रेत खनन रोकने रास्तों पर खोदे गए गहरे गड्ढे, माफिया राज को खत्म करने का भरसक प्रयास कर रहा प्रशासन चम्बल नदी के घाटों पर अवैध रेत खनन के खिलाफ थाना अम्बाह पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई की है। रविवार को ग्राम कुथियाना और बीलपुर क्षेत्र के संवेदनशील घाटों पर संयुक्त टीम पहुंची, जहां जेसीबी मशीन की मदद से मुख्य मार्गों पर गहरे-गहरे गड्ढे खोदे गए। इस कार्रवाई का उद्देश्य घाटों तक भारी वाहनों की पहुंच रोकना और अवैध रेत उत्खनन पर प्रभावी अंकुश लगाना है। प्रशासन को लंबे समय से क्षेत्र में अवैध रेत खनन की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय स्तर पर लगातार यह जानकारी सामने आ रही थी कि रात के समय ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों के जरिए चंबल नदी से अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है। इससे न केवल शासन को राजस्व की हानि हो रही थी, बल्कि नदी के प्राकृक्तिक स्वरूप और पर्यावरणीय संतुलन पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका थी। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने घाटों का निरीक्षण किया और उन रास्तों को चिन्हित किया जिनका उपयोग खनन में लगे वाहन करते थे। इसके बाद जेसीबी मशीन से इन मार्गों पर गहरे गड्ढे कर दिए गए, ताकि भारी वाहन घाटों तक न पहुंच सकें। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है। कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी वीरेश कुशवाह ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि क्षेत्र में कहीं भी अवैध रेत उत्खनन या परिवहन दिखाई दे तो तत्काल पुलिस अथवा प्रशासन को सूचना दें। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की सतर्कता और सहयोग से ही अवैध खनन जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि चंबल नदी का यह क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। नदी के प्राकृतिक बहाव, जैव विविधता और पर्यावरण संख्क्षण के लिए अवैध खनन पर रोक लगाना जरूरी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे और अवैध खनन में संलिए पाए, जाने बालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अम्बाह में चम्बल घाटों पर प्रशासन की सख्ती, अवैध रेत खनन रोकने रास्तों पर खोदे गए गहरे गड्ढे, माफिया राज को खत्म करने का भरसक प्रयास कर रहा प्रशासन चम्बल नदी के घाटों पर अवैध रेत खनन के खिलाफ थाना अम्बाह पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई की है। रविवार को ग्राम कुथियाना और बीलपुर क्षेत्र के संवेदनशील घाटों पर संयुक्त टीम पहुंची, जहां जेसीबी मशीन की मदद से मुख्य मार्गों पर गहरे-गहरे गड्ढे खोदे गए। इस कार्रवाई का उद्देश्य घाटों तक भारी वाहनों की पहुंच रोकना और अवैध रेत उत्खनन पर प्रभावी अंकुश लगाना है। प्रशासन को लंबे समय से क्षेत्र में अवैध रेत खनन की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय स्तर पर लगातार यह जानकारी सामने आ रही थी कि रात के समय ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों के जरिए चंबल नदी से अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है। इससे न केवल शासन को राजस्व की हानि हो रही थी, बल्कि नदी के प्राकृक्तिक स्वरूप और पर्यावरणीय संतुलन पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका थी। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने घाटों का निरीक्षण किया और उन रास्तों को चिन्हित किया जिनका उपयोग खनन में लगे वाहन करते थे। इसके बाद जेसीबी मशीन से इन मार्गों पर गहरे गड्ढे कर दिए गए, ताकि भारी वाहन घाटों तक न पहुंच सकें। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है। कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी वीरेश कुशवाह ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि क्षेत्र में कहीं भी अवैध रेत उत्खनन या परिवहन दिखाई दे तो तत्काल पुलिस अथवा प्रशासन को सूचना दें। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की सतर्कता और सहयोग से ही अवैध खनन जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि चंबल नदी का यह क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। नदी के प्राकृतिक बहाव, जैव विविधता और पर्यावरण संख्क्षण के लिए अवैध खनन पर रोक लगाना जरूरी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे और अवैध खनन में संलिए पाए, जाने बालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- मोरैना के अंबाह की सविता तोमर का चारधाम यात्रा से लौटते समय निधन हो गया। मातृ दिवस के दिन बामोर के पास अचानक हृदय गति रुकने से हुई इस हृदय विदारक घटना से परिजन सदमे में हैं।1
- मध्य प्रदेश के मोरेना जिले के जल का नगरा गाँव में तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे कर मकान बना लिए गए हैं। इस अतिक्रमण के कारण सड़क पर पानी भर गया है, जिससे राहगीरों और कई घरों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- मध्य प्रदेश के चंबल अंचल स्थित विश्वप्रसिद्ध शांति धाम, पोरसा में औषधियों और पंच दृव्यों से महाकाल का अभिषेक किया गया। गिनीज वर्ल्ड बुक में दर्ज इस धाम में औषधि वृक्षों का अनूठा संग्रह है। इस अभिषेक के ज़रिए जीवन में औषधियों के अभिन्न अंग होने का संदेश दिया गया।1
- मुरैना के कलुआ गांव में 24 घंटे का अखंड भजन-कीर्तन श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान पूरा गांव भक्तिमय माहौल में डूब गया और भगवान के भजनों से गूंजता रहा। समापन पर विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया, जिससे आपसी भाईचारा और प्रेम बढ़ा।1
- मोरैना के मिरघान गाँव में स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र पिछले 9 सालों से बंद पड़ा है, जिससे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार व प्राथमिक शिक्षा नहीं मिल पा रही है। प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई हैं, जबकि ग्रामीणों की शिकायतें अनसुनी की जा रही हैं। इस गंभीर अनदेखी से बच्चों का स्वास्थ्य और शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है।1
- पोरसा के 'विश्व के नंबर-1 मुक्तिधाम' में सोमवार को भगवान महाकाल का विशेष औषधीय अभिषेक संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और 'हर-हर महादेव' के जयघोष के बीच हुए इस दिव्य अभिषेक में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। अब यह मुक्तिधाम केवल अंतिम संस्कार स्थल नहीं, बल्कि आस्था और सनातन संस्कृति का प्रमुख केंद्र बन रहा है।4
- झोपड़ीनुमा मकानों में लगी भीषण आग, तीन परिवार बेघर भारी नुकसान की संभावना राजाखेड़ा। पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत खुडिला के गांव नाथो काष पुरा में रविवार देर रात झोपड़ीनुमा मकानों में भीषण आग लगने से तीन परिवारों का सामान जलकर राख हो गया। हादसे में नगदी, अनाज, कपड़े, चारपाई सहित घरेलू उपयोग का सामान नष्ट हो गया। आग की घटना के बाद प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 11 बजे अचानक एक झोपड़ीनुमा मकान में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पास स्थित तीन मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया तथा सूचना मिलने पर राजाखेड़ा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस द्वारा घटना की जानकारी नगर पालिका अधिशासी अधिकारी विष्णु कुमार परमार को दी गई, जिसके बाद फायर ब्रिगेड को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। फायर ब्रिगेड टीम में फायरमैन पप्पू गुर्जर, चालक बचन सिंह तथा फायरकर्मी राजकुमार और कुलदीप शामिल रहे। फायरमैन पप्पू गुर्जर ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची, हालांकि तब तक ग्रामीणों की मदद से आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था। इसके बावजूद आग से भारी नुकसान हुआ। आग पीड़ित अचल सिंह ने बताया कि आग की घटना में उनके परिवार सहित करीब 15 सदस्य बेघर हो गए हैं और अब उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।1
- सोमवार को पोरसा के मुक्तिधाम परिसर में भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक संपन्न हुआ। जनकल्याण और लोकमंगल की कामना के साथ हुए इस अभिषेक में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वैदिक मंत्रोच्चार और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से पूरा पोरसा भक्तिमय हो उठा।1