एटा के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित प्राचीन कैलाश मंदिर से जुड़ा ऐतिहासिक जलाशय प्रशासनिक उदासीनता और कथित अनियमितताओं का शिकार हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समाचार पत्रों में कई बार यह मुद्दा प्रमुखता से छपने के बावजूद, न तो जलाशय की सफाई कराई गई और न ही निर्माण कार्यों में लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर कोई प्रभावी कार्रवाई की गई। धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण इस जलाशय पर हर साल रक्षाबंधन के अवसर पर विशाल मेला लगता है, जहाँ हजारों श्रद्धालु भुजरियों का विसर्जन करते हैं। इसके अतिरिक्त, एटा शहर के एक बड़े हिस्से का बरसाती पानी भी इसी जलाशय और तालाब में आकर एकत्र होता है। इन सबके बावजूद, नगर पालिका द्वारा जलाशय की सफाई, गाद निकासी और रखरखाव पर कोई गंभीर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बरसात का मौसम शुरू होने के बाद भी जलाशय की स्थिति बदहाल बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। नागरिकों का यह भी आरोप है कि जलाशय के पास नगर पालिका के ठेकेदार द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि निर्माण में पुरानी और पीली ईंटों के साथ ही बालू जैसी घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। लोगों का मानना है कि यदि इस निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो कई अनियमितताएं उजागर हो सकती हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और नगर पालिका की कार्यशैली में कोई बदलाव न दिखने पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जनहित और धार्मिक आस्था से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी यदि प्रशासन गंभीर नहीं है, तो एटा शहर के विकास और ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि प्राचीन कैलाश मंदिर से लगे ऐतिहासिक जलाशय की तत्काल सफाई कराई जाए, गाद हटाकर उचित जल निकासी की व्यवस्था की जाए और सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य में मानक गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि सरकारी धन का सदुपयोग हो और इस ऐतिहासिक स्थल की गरिमा बनी रहे।
एटा के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित प्राचीन कैलाश मंदिर से जुड़ा ऐतिहासिक जलाशय प्रशासनिक उदासीनता और कथित अनियमितताओं का शिकार हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समाचार पत्रों में कई बार यह मुद्दा प्रमुखता से छपने के बावजूद, न तो जलाशय की सफाई कराई गई और न ही निर्माण कार्यों में लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच कर कोई प्रभावी कार्रवाई की गई। धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण इस जलाशय पर हर साल रक्षाबंधन के अवसर पर विशाल मेला लगता है, जहाँ हजारों श्रद्धालु भुजरियों का विसर्जन करते हैं। इसके अतिरिक्त, एटा शहर के एक बड़े हिस्से का बरसाती पानी भी इसी जलाशय और तालाब में आकर एकत्र होता है। इन सबके बावजूद, नगर पालिका द्वारा जलाशय की सफाई, गाद निकासी और रखरखाव पर कोई गंभीर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बरसात का मौसम शुरू होने के बाद भी जलाशय की स्थिति बदहाल बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। नागरिकों का यह भी आरोप है कि जलाशय के पास नगर पालिका के ठेकेदार द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि निर्माण में पुरानी और पीली ईंटों के साथ ही बालू जैसी घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। लोगों का मानना है कि यदि इस निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो कई अनियमितताएं उजागर हो सकती हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और नगर पालिका की कार्यशैली में कोई बदलाव न दिखने पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जनहित और धार्मिक आस्था से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी यदि प्रशासन गंभीर नहीं है, तो एटा शहर के विकास और ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि प्राचीन कैलाश मंदिर से लगे ऐतिहासिक जलाशय की तत्काल सफाई कराई जाए, गाद हटाकर उचित जल निकासी की व्यवस्था की जाए और सड़क निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य में मानक गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि सरकारी धन का सदुपयोग हो और इस ऐतिहासिक स्थल की गरिमा बनी रहे।
- गोंडा में 60 वर्षीय सपेरा राम लखन की कोबरा के डसने से दुखद मौत हो गई। बताया गया है कि वह पिछले 40 वर्षों से सांपों को रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ते आ रहे थे। अपने इस कार्यकाल में उन्होंने 500 से अधिक जहरीले सांपों को पकड़ा था और अनगिनत लोगों की जान बचाई थी, जिससे उनका कार्य बेहद सराहनीय रहा। यह घटना तब हुई जब धानेपुर बाजार में एक दुकान के पास कोबरा दिखने पर लोगों ने राम लखन को बुलाया। रेस्क्यू अभियान के दौरान कोबरा ने उनके दाहिने हाथ पर डस लिया, जिससे जहर उनके शरीर में तेजी से फैलने लगा। जहर फैलने के बावजूद, राम लखन ने हिम्मत नहीं हारी और सबसे पहले उन्होंने कोबरा को पकड़कर बोरे में बंद किया, यह सुनिश्चित करते हुए कि उसकी वजह से किसी और की जान खतरे में न पड़े। इसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। इस बहादुर सपेरे की यह कहानी सिर्फ साहस ही नहीं, बल्कि दूसरों की सुरक्षा के लिए अंतिम सांस तक समर्पण की एक मिसाल बन गई है। पोस्ट में दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की गई है।1
- अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में अयोध्या बार एसोसिएशन ने अब हस्तक्षेप किया है। बार एसोसिएशन ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राय को तीन दिनों के भीतर अयोध्या छोड़ने का अल्टीमेटम जारी किया है। बार एसोसिएशन के सदस्यों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि यह मांग पूरी नहीं होती है, तो पूरी अयोध्या को जाम कर दिया जाएगा और किसी को भी शहर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।1
- मैनपुरी में किशनी थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए 62 किलो अवैध गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इटावा-बेवर मार्ग पर खिदरपुर बॉर्डर के पास एक ट्रक की गुप्त केबिन से यह गांजा बरामद किया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गांजा ओडिशा से एटा लेकर जा रहा था। इसके बाद, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। बरामद किए गए गांजे की अनुमानित कीमत करीब 16 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। इस मामले में एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है। मैनपुरी के एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- मैनपुरी के किशनी थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 62 किलो अवैध गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इटावा-बेवर मार्ग पर खिदरपुर बॉर्डर के पास से एक ट्रक की गुप्त केबिन में छिपाकर रखा गया यह गांजा बरामद किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गांजा ओडिशा से एटा ले जा रहा था। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 16 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर ट्रक को कब्जे में ले लिया है, और इस मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने इस संबंध में जानकारी दी।1
- QS वर्ल्ड फ्यूचर स्किल्स इंडेक्स 2026 में भारत की रैंकिंग को लेकर देश में सियासत तेज हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्कफोर्स की तैयारी के मामले में भारत 74वें स्थान पर है, जबकि ह्यूमन कैपिटल के मामले में यह 73वें स्थान पर रहा है। इन्हीं रैंकिंग्स को आधार बनाकर शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा निशाना साधा है। प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि भारत में कौशल की कमी (स्किल गैप) एक बहुत बड़ी समस्या है। उन्होंने आगे कहा कि देश के पास AI-आधारित भविष्य का लाभ उठाने का शानदार अवसर मौजूद है, लेकिन नौकरी के लिए तैयार टैलेंट विकसित करने में हम लगातार पीछे छूट रहे हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री को 'अक्षम' बताते हुए यह भी कहा कि स्किल डेवलपमेंट को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। इन आरोपों के बीच, यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या भारत को शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट की दिशा में बड़े और बुनियादी सुधारों की सख्त जरूरत है?1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा है कि राज्य की जनता ने उनकी 'साइकिल' को पंचर कर दिया है। योगी आदित्यनाथ के अनुसार, यदि अखिलेश यादव की साइकिल चलेगी तो वह दंगे करवाएगी और कर्फ्यू लगवाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। भोगांव थाना क्षेत्र के एक स्कूल में ऑन-ड्यूटी तैनात एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री के साथ स्थानीय दबंगों द्वारा सरेआम मारपीट और बदसलूकी की गई। इस पूरी घटना का एक वीडियो अब सबूत के तौर पर सामने आया है, जो इस बर्बरता को उजागर करता है। पीड़िता ने सरकारी काम में बाधा डालने वाले इन दबंगों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। यह घटना महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है कि आखिर क्यों वे अपनी ड्यूटी के दौरान खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हैं।1