मथुरा में विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर बृजवासी चैरिटेबल ब्लड सेंटर द्वारा एक भव्य रक्तदान शिविर और रक्तवीरों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ एन यू जे आई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट ने किया। डॉ. उपमन्यु ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि यह जीवन बचाने वाला कार्य है और हर स्वस्थ व्यक्ति को साल में दो बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए। उन्होंने रक्तदान कराने वाली संस्थाओं तथा सभी रक्तदाताओं को बधाई और नमन किया। भूपेश अग्रवाल ने बताया कि रक्तदान से किसी प्रकार की कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि इसके माध्यम से ब्लड बैंक से रक्त लेकर समय रहते मरीजों की जान बचाई जा सकती है, इसलिए लोगों को अधिक से अधिक रक्तदान करना चाहिए। ब्लड बैंक प्रभारी शुभम अग्रवाल ने 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस के रूप में मनाने की जानकारी दी और कहा कि रक्तदान महादान है, जिसका कोई मोल नहीं है। ब्लड बैंक परिवार ने सभी संस्थाओं को धन्यवाद स्वरूप 'रक्तवीर सम्मान' से सम्मानित किया। डॉ. पी.एल. गोयल ने बताया कि उनकी ब्लड बैंक को अभी डेढ़ वर्ष हुआ है और बृजवासियों ने उन्हें भरपूर सहयोग दिया है, जिसके लिए उन्होंने सभी सहयोगियों का हार्दिक धन्यवाद और आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे ही सहयोग की आशा जताई। कार्यक्रम में रक्तदाता फाउंडेशन, sf NGO, द टैक्स बार एसोसिएशन, श्री अग्रबंधु सेवा मंडल, रक्त वीर संस्था वृंदावन, टीचर सेल्फ केयर टीम मथुरा, अंतराष्ट्रीय वैश्य सम्मेलन मथुरा, अपना घर आश्रम और अन्नपूर्णा फाउंडेशन सहित कई संस्थाओं को 'रक्तवीर सम्मान' से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सचिन अग्रवाल, गोविंद खंडेलवाल, यतेंद्र फौजदार, मुकेश अग्रवाल, हर्षल शर्मा, सागर बंसल, पियूष बंसल, योगीराज चाहर, लवी, डॉ. सौरभ राय, पवन ठाकुर और दीपक सिंघल, राहुल अग्रवाल आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
मथुरा में विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर बृजवासी चैरिटेबल ब्लड सेंटर द्वारा एक भव्य रक्तदान शिविर और रक्तवीरों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ एन यू जे आई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट ने किया। डॉ. उपमन्यु ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि यह जीवन बचाने वाला कार्य है और हर स्वस्थ व्यक्ति को साल में दो बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए। उन्होंने रक्तदान कराने वाली संस्थाओं तथा सभी रक्तदाताओं को बधाई और नमन किया। भूपेश अग्रवाल ने बताया कि रक्तदान से किसी प्रकार की
कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि इसके माध्यम से ब्लड बैंक से रक्त लेकर समय रहते मरीजों की जान बचाई जा सकती है, इसलिए लोगों को अधिक से अधिक रक्तदान करना चाहिए। ब्लड बैंक प्रभारी शुभम अग्रवाल ने 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस के रूप में मनाने की जानकारी दी और कहा कि रक्तदान महादान है, जिसका कोई मोल नहीं है। ब्लड बैंक परिवार ने सभी संस्थाओं को धन्यवाद स्वरूप 'रक्तवीर सम्मान' से सम्मानित किया। डॉ. पी.एल. गोयल ने बताया कि उनकी ब्लड बैंक को अभी डेढ़ वर्ष हुआ है और बृजवासियों ने उन्हें भरपूर सहयोग दिया है, जिसके लिए
उन्होंने सभी सहयोगियों का हार्दिक धन्यवाद और आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे ही सहयोग की आशा जताई। कार्यक्रम में रक्तदाता फाउंडेशन, sf NGO, द टैक्स बार एसोसिएशन, श्री अग्रबंधु सेवा मंडल, रक्त वीर संस्था वृंदावन, टीचर सेल्फ केयर टीम मथुरा, अंतराष्ट्रीय वैश्य सम्मेलन मथुरा, अपना घर आश्रम और अन्नपूर्णा फाउंडेशन सहित कई संस्थाओं को 'रक्तवीर सम्मान' से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सचिन अग्रवाल, गोविंद खंडेलवाल, यतेंद्र फौजदार, मुकेश अग्रवाल, हर्षल शर्मा, सागर बंसल, पियूष बंसल, योगीराज चाहर, लवी, डॉ. सौरभ राय, पवन ठाकुर और दीपक सिंघल, राहुल अग्रवाल आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
- Sangeetaमथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश639791923012 hrs ago
- मथुरा में विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य में जिला चिकित्सालय, मथुरा के ए.आर.टी. सेन्टर के मैडिकल ऑफिसर डॉ. सिद्धार्थ धनगर ने रक्तदाताओं से अपील की है।2
- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में सीआरपीएफ की 16वीं वाहिनी द्वारा एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है।1
- एक AN-32 प्लेन हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस दुखद घटना में, विमान की लैंडिंग ही उसकी आखिरी उड़ान साबित हुई।1
- मथुरा में यथार्थ हॉस्पिटल, फरीदाबाद सेक्टर-20 द्वारा एक स्थानीय होटल में डॉक्टर मीट का आयोजन किया गया, जिसमें मथुरा और ब्रज क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ चिकित्सकों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों को नवीनतम चिकित्सा तकनीकों से अवगत कराना और ब्रज क्षेत्र के मरीजों को बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सहयोग बढ़ाना था। कार्यक्रम में यथार्थ हॉस्पिटल के डॉ. बलकिशन गुप्ता (ग्रुप डायरेक्टर – सर्जिकल डिसिप्लिन्स एवं ग्रुप मेडिकल एडवाइजर) और गोल्ड मेडलिस्ट ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. प्रफेसर आनंद गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने मौजूद चिकित्सकों को एडवांस रोबोटिक सर्जरी की आधुनिक तकनीकों, उसकी कार्यप्रणाली और मरीजों को मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. गुप्ता ने बताया कि इस तकनीक से जटिल ऑपरेशन अधिक सटीकता से किए जा सकते हैं, जिससे मरीजों को कम दर्द, कम रक्तस्राव, संक्रमण का कम खतरा और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिलता है। उन्होंने रोबोटिक सर्जरी को चिकित्सा क्षेत्र में भविष्य की एक महत्वपूर्ण तकनीक बताया। इस अवसर पर डॉ. बलकिशन गुप्ता ने सभी चिकित्सकों से ब्रज क्षेत्र के अधिक से अधिक निवासियों तक इस आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा का लाभ पहुँचाने का आग्रह किया, ताकि उन्हें बेहतर उपचार मिल सके। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अन्य चिकित्सकों ने भी रोबोटिक सर्जरी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं को आम लोगों तक पहुँचाने पर विचार-विमर्श किया।4
- मथुरा के राज ग्राम कॉलोनी कर्मयोगी के निवासी स्थानीय नगर निगम द्वारा काम न किए जाने से बेहद परेशान हैं। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि मथुरा नगर निगम उनकी समस्याओं को हल करने के लिए तैयार नहीं है, जिससे उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- कमई ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर मनमानी और आवास योजना में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे उनमें गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर होने और पात्र होने के बावजूद कई परिवारों को आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि इस सूची में कुछ अन्य लोगों के नाम शामिल कर लिए गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कई गरीब परिवार वर्षों से पक्के मकान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उनका आरोप है कि लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता की कमी है और ग्राम सभा में उठाई गई शिकायतों पर भी कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। प्रधान की इस कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है और आवास योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।3
- मथुरा और वृंदावन में अधिक मास के अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा लगा हुआ है। इस दौरान लोग दर्शनों के लिए उमड़ रहे हैं और पुण्य कमाने के उद्देश्य से परिक्रमा तथा दंडवत परिक्रमा भी कर रहे हैं। विशेष रूप से शनिवार और रविवार को स्थिति यह रहती है कि यहाँ लोगों का निकलना भी दूभर हो जाता है। लाखों की भीड़ छोटी-छोटी गलियों में फंसकर एक-दूसरे को धक्का देने पर मजबूर हो जाती है, और एक बार इस भीड़ में जो आ जाता है, उसका मुश्किल से ही निकल पाना संभव हो पाता है।2