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नई पीढ़ी के बच्चे क्या बुजुर्गों से भी ज्यादा तनाव में? बदलती लाइफस्टाइल बनी बड़ी वजह नई पीढ़ी के बच्चे क्या बुजुर्गों से भी ज्यादा तनाव में? बदलती लाइफस्टाइल बनी बड़ी वजह आज की तेज़ रफ्तार दुनिया में एक बड़ा सवाल उठ रहा है—क्या आज की पीढ़ी के बच्चे और युवा पुराने ज़माने के बुजुर्गों से भी ज्यादा तनाव में जी रहे हैं? विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और डिजिटल दुनिया का दबाव युवाओं की मानसिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है। 📱 पहले के समय में बच्चों पर पढ़ाई और करियर का दबाव सीमित होता था। परिवार और समाज का माहौल अपेक्षाकृत सरल था। वहीं आज के बच्चों को कम उम्र से ही पढ़ाई में आगे बढ़ने, अच्छे कॉलेज में दाखिला पाने और करियर बनाने की चिंता सताने लगती है। 📚 इसके अलावा सोशल मीडिया का प्रभाव भी युवाओं के तनाव का एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। दूसरों की सफलता और लाइफस्टाइल देखकर कई बच्चे खुद की तुलना करने लगते हैं, जिससे मानसिक दबाव बढ़ता है। 😟 मनोवैज्ञानिकों के अनुसार आज की पीढ़ी को पहले से ज्यादा जानकारी और अवसर मिल रहे हैं, लेकिन उसी के साथ जिम्मेदारियां और अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं। यही कारण है कि कम उम्र में ही कई बच्चे चिंता और तनाव का सामना कर रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि अगर बच्चों को परिवार का सहयोग, सही मार्गदर्शन और संतुलित जीवनशैली मिले तो इस तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। 👨‍👩‍👧‍👦 कुल मिलाकर, बदलते समय के साथ बच्चों की चुनौतियां भी बदल गई हैं। ऐसे में समाज और परिवार की जिम्मेदारी है कि नई पीढ़ी को मानसिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करें।

5 hrs ago
user_Devendra Puri
Devendra Puri
Teacher कलीनगर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
5 hrs ago
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नई पीढ़ी के बच्चे क्या बुजुर्गों से भी ज्यादा तनाव में? बदलती लाइफस्टाइल बनी बड़ी वजह नई पीढ़ी के बच्चे क्या बुजुर्गों से भी ज्यादा तनाव में? बदलती लाइफस्टाइल बनी बड़ी वजह आज की तेज़ रफ्तार दुनिया में एक बड़ा सवाल उठ रहा है—क्या आज की पीढ़ी के बच्चे और युवा पुराने ज़माने के बुजुर्गों से भी ज्यादा तनाव में जी रहे हैं? विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और डिजिटल दुनिया का दबाव युवाओं की मानसिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है। 📱 पहले के समय में बच्चों पर पढ़ाई और करियर का दबाव सीमित होता था। परिवार और समाज का माहौल अपेक्षाकृत सरल था। वहीं आज के बच्चों को कम उम्र से ही पढ़ाई में आगे बढ़ने, अच्छे कॉलेज में दाखिला पाने और करियर बनाने की चिंता सताने लगती है। 📚 इसके अलावा सोशल मीडिया का प्रभाव भी युवाओं के तनाव का एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। दूसरों की सफलता और लाइफस्टाइल देखकर कई बच्चे खुद की तुलना करने लगते हैं, जिससे मानसिक दबाव बढ़ता है। 😟 मनोवैज्ञानिकों के अनुसार आज की पीढ़ी को पहले से ज्यादा जानकारी और अवसर मिल रहे हैं, लेकिन उसी के साथ जिम्मेदारियां और अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं। यही कारण है कि कम उम्र में ही कई बच्चे चिंता और तनाव का सामना कर रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि अगर बच्चों को परिवार का सहयोग, सही मार्गदर्शन और संतुलित जीवनशैली मिले तो इस तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। 👨‍👩‍👧‍👦 कुल मिलाकर, बदलते समय के साथ बच्चों की चुनौतियां भी बदल गई हैं। ऐसे में समाज और परिवार की जिम्मेदारी है कि नई पीढ़ी को मानसिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करें।

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  • पूरनपुर: स्मार्ट मीटर के खिलाफ भाकियू (भानु) का हल्लाबोल, पुराने मीटर वापस लगाने की मांग पीलीभीत (उत्तर प्रदेश): पूरनपुर में स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली और बढ़ते बिजली बिलों को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के नेतृत्व में भारी संख्या में किसानों ने विद्युत उपखंड कार्यालय का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। 'वीआईपी' बिल से परेशान हैं उपभोक्ता प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि जब से नए स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, बिजली के बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। किसानों का कहना है कि उनकी खपत सामान्य है, लेकिन बिल "वीआईपी बिजली" जैसा आ रहा है, जो आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहा है। मुख्य आरोप और मांगें: अत्यधिक बिलिंग: किसानों का आरोप है कि खपत कम होने के बावजूद बिल दोगुने-तिगुने आ रहे हैं। पुराने मीटर की वापसी: प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि मौजूदा स्मार्ट मीटरों को तुरंत हटाकर पुराने मीटर फिर से लगाए जाएं। आंदोलन की चेतावनी: मांगें पूरी न होने पर किसानों ने उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। प्रशासन और पुलिस की मुस्तैदी मामले की गंभीरता और किसानों की भारी भीड़ को देखते हुए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन के दौरान एसडीएम मोहित गुप्ता और एक्सईएन (Xen) हरेन्द्र सिंह ने प्रदर्शन स्थल पर पहुँचकर किसानों की समस्याओं को सुना। "किसानों की ओर से बिलों में गड़बड़ी और स्मार्ट मीटर को लेकर शिकायतें मिली हैं। इन समस्याओं की जांच की जाएगी और उचित समाधान निकाला जाएगा।" — प्रशासनिक अधिकारी फिलहाल, किसानों ने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंप दिया है, लेकिन उनका कहना है कि यदि जल्द ही बिजली बिलों में सुधार नहीं हुआ और पुराने मीटर बहाल नहीं किए गए, तो यह धरना-प्रदर्शन बड़े आंदोलन का रूप ले लेगा।
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    पूरनपुर: स्मार्ट मीटर के खिलाफ भाकियू (भानु) का हल्लाबोल, पुराने मीटर वापस लगाने की मांग
पीलीभीत (उत्तर प्रदेश): पूरनपुर में स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली और बढ़ते बिजली बिलों को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के नेतृत्व में भारी संख्या में किसानों ने विद्युत उपखंड कार्यालय का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की।
'वीआईपी' बिल से परेशान हैं उपभोक्ता
प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि जब से नए स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, बिजली के बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। किसानों का कहना है कि उनकी खपत सामान्य है, लेकिन बिल "वीआईपी बिजली" जैसा आ रहा है, जो आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहा है।
मुख्य आरोप और मांगें:
अत्यधिक बिलिंग: किसानों का आरोप है कि खपत कम होने के बावजूद बिल दोगुने-तिगुने आ रहे हैं।
पुराने मीटर की वापसी: प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि मौजूदा स्मार्ट मीटरों को तुरंत हटाकर पुराने मीटर फिर से लगाए जाएं।
आंदोलन की चेतावनी: मांगें पूरी न होने पर किसानों ने उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
प्रशासन और पुलिस की मुस्तैदी
मामले की गंभीरता और किसानों की भारी भीड़ को देखते हुए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन के दौरान एसडीएम मोहित गुप्ता और एक्सईएन (Xen) हरेन्द्र सिंह ने प्रदर्शन स्थल पर पहुँचकर किसानों की समस्याओं को सुना।
"किसानों की ओर से बिलों में गड़बड़ी और स्मार्ट मीटर को लेकर शिकायतें मिली हैं। इन समस्याओं की जांच की जाएगी और उचित समाधान निकाला जाएगा।" — प्रशासनिक अधिकारी
फिलहाल, किसानों ने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंप दिया है, लेकिन उनका कहना है कि यदि जल्द ही बिजली बिलों में सुधार नहीं हुआ और पुराने मीटर बहाल नहीं किए गए, तो यह धरना-प्रदर्शन बड़े आंदोलन का रूप ले लेगा।
    user_HARUN KHAN
    HARUN KHAN
    Local News Reporter कलीनगर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Post by फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
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    Post by फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    user_फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
    Media house पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पूरनपुर/पीलीभीत। जनपद के थाना हजारा क्षेत्र में नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई थाना प्रभारी शरद यादव के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई, जिसमें अपराधियों पर शिकंजा कसने का सिलसिला लगातार जारी है।पुलिस के अनुसार, थाना हजारा में मु0अ0सं0 07/2026 के तहत धारा 137(2), 87, 351(3), 64 बीएनएस व 5(J)(II) पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि एक युवक ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा लिया था, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।थाना प्रभारी शरद यादव के निर्देशन में गठित टीम ने सुरागरसी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद पुलिस टीम ने ग्राम रामनगर तिराहा से आरोपी विशाल पुत्र उदय नारायण निवासी कटनी फुलवरिया, थाना पलिया जनपद खीरी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी कोई प्रतिरोध नहीं कर सका और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।पूछताछ में आरोपी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली, जिसके बाद उसे विधिक कार्रवाई पूरी कर न्यायालय में पेश करने के लिए भेज दिया गया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राहुल शर्मा, हेड कांस्टेबल टेकचंद और कांस्टेबल दिनेश शर्मा की अहम भूमिका रही।थाना प्रभारी शरद यादव ने बताया कि जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। खासतौर पर महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में पुलिस गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है और लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है।
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    पूरनपुर/पीलीभीत। जनपद के थाना हजारा क्षेत्र में नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई थाना प्रभारी शरद यादव के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई, जिसमें अपराधियों पर शिकंजा कसने का सिलसिला लगातार जारी है।पुलिस के अनुसार, थाना हजारा में मु0अ0सं0 07/2026 के तहत धारा 137(2), 87, 351(3), 64 बीएनएस व 5(J)(II) पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि एक युवक ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा लिया था, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।थाना प्रभारी शरद यादव के निर्देशन में गठित टीम ने सुरागरसी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद पुलिस टीम ने ग्राम रामनगर तिराहा से आरोपी विशाल पुत्र उदय नारायण निवासी कटनी फुलवरिया, थाना पलिया जनपद खीरी को दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी कोई प्रतिरोध नहीं कर सका और पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।पूछताछ में आरोपी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली, जिसके बाद उसे विधिक कार्रवाई पूरी कर न्यायालय में पेश करने के लिए भेज दिया गया। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राहुल शर्मा, हेड कांस्टेबल टेकचंद और कांस्टेबल दिनेश शर्मा की अहम भूमिका रही।थाना प्रभारी शरद यादव ने बताया कि जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। खासतौर पर महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में पुलिस गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से क्षेत्र में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है और लोगों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की है।
    user_Meenu barkaati
    Meenu barkaati
    Local News Reporter पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • पीलीभीत जिले में बिजली निगम के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बनते जा रहे हैं। आए दिन आ रही तकनीकी खामियों और मनमाने बिलिंग से परेशान होकर अब लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। ताजा मामला शहर की राजीव कॉलोनी का है, जहाँ एक युवक ने स्मार्ट मीटर के बढ़े हुए बिल और बिना सूचना बिजली काटे जाने से नाराज होकर जिलाधिकारी (DM) कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। क्या है पूरा मामला? राजीव कॉलोनी निवासी सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सर्वेश के अनुसार: बिना जानकारी मीटर बदलाव: लगभग तीन महीने पहले उनकी अनुपस्थिति में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने उनके घर का पुराना मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा दिया था। बिलिंग में विसंगति: स्मार्ट मीटर लगने के बाद से ही बिल अप्रत्याशित रूप से बढ़कर आने लगा। भुगतान के बाद भी अंधेरा: सर्वेश ने बताया कि 7,000 रुपये का बकाया होने पर उन्होंने 1 अप्रैल को 7,500 रुपये जमा किए थे। इसके बावजूद आंबेडकर जयंती के दिन उन्हें फिर से बकाया बिल का अलर्ट मिला और बुधवार को उनकी बिजली काट दी गई। अफसरों की कार्यशैली पर उठाए सवाल पीड़ित युवक का कहना है कि जब वह समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों के पास पहुँचा, तो उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। हार मानकर उसे डीएम कार्यालय की शरण लेनी पड़ी। सर्वेश ने कहा: "मैं एक प्राइवेट नौकरी करने वाला व्यक्ति हूँ। इतना भारी-भरकम बिल भरना मेरे बस के बाहर है। ऊपर से बिल ठीक करवाने के लिए मुझे अपनी नौकरी से छुट्टी लेनी पड़ रही है। विभाग की लापरवाही ने मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर दिया है।" सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हंगामे के दौरान सर्वेश कुमार का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वह व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाते और अपनी पीड़ा व्यक्त करते नजर आ रहे हैं। काफी देर तक कार्यालय परिसर के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अंततः युवक ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर बिल संशोधन कराने और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई है। स्मार्ट मीटर पर बढ़ता जनाक्रोश पीलीभीत में यह कोई पहला मामला नहीं है। स्मार्ट मीटर की तेज रफ्तार और सर्वर की समस्याओं को लेकर जिले के कई इलाकों से लगातार शिकायतें आ रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग राजस्व वसूली के नाम पर आम जनता का उत्पीड़न कर रहा है, जबकि तकनीकी खामियों को दूर करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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    पीलीभीत जिले में बिजली निगम के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बनते जा रहे हैं। आए दिन आ रही तकनीकी खामियों और मनमाने बिलिंग से परेशान होकर अब लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। ताजा मामला शहर की राजीव कॉलोनी का है, जहाँ एक युवक ने स्मार्ट मीटर के बढ़े हुए बिल और बिना सूचना बिजली काटे जाने से नाराज होकर जिलाधिकारी (DM) कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया।
क्या है पूरा मामला?
राजीव कॉलोनी निवासी सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सर्वेश के अनुसार:
बिना जानकारी मीटर बदलाव: लगभग तीन महीने पहले उनकी अनुपस्थिति में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने उनके घर का पुराना मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा दिया था।
बिलिंग में विसंगति: स्मार्ट मीटर लगने के बाद से ही बिल अप्रत्याशित रूप से बढ़कर आने लगा।
भुगतान के बाद भी अंधेरा: सर्वेश ने बताया कि 7,000 रुपये का बकाया होने पर उन्होंने 1 अप्रैल को 7,500 रुपये जमा किए थे। इसके बावजूद आंबेडकर जयंती के दिन उन्हें फिर से बकाया बिल का अलर्ट मिला और बुधवार को उनकी बिजली काट दी गई।
अफसरों की कार्यशैली पर उठाए सवाल
पीड़ित युवक का कहना है कि जब वह समस्या के समाधान के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों के पास पहुँचा, तो उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। हार मानकर उसे डीएम कार्यालय की शरण लेनी पड़ी। सर्वेश ने कहा:
"मैं एक प्राइवेट नौकरी करने वाला व्यक्ति हूँ। इतना भारी-भरकम बिल भरना मेरे बस के बाहर है। ऊपर से बिल ठीक करवाने के लिए मुझे अपनी नौकरी से छुट्टी लेनी पड़ रही है। विभाग की लापरवाही ने मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर दिया है।"
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
हंगामे के दौरान सर्वेश कुमार का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वह व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाते और अपनी पीड़ा व्यक्त करते नजर आ रहे हैं। काफी देर तक कार्यालय परिसर के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अंततः युवक ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर बिल संशोधन कराने और दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
स्मार्ट मीटर पर बढ़ता जनाक्रोश
पीलीभीत में यह कोई पहला मामला नहीं है। स्मार्ट मीटर की तेज रफ्तार और सर्वर की समस्याओं को लेकर जिले के कई इलाकों से लगातार शिकायतें आ रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग राजस्व वसूली के नाम पर आम जनता का उत्पीड़न कर रहा है, जबकि तकनीकी खामियों को दूर करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
    user_Journalist Amit Dixit
    Journalist Amit Dixit
    Court reporter Pilibhit, Uttar Pradesh•
    51 min ago
  • Post by समाचार Crime News
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    Post by समाचार Crime News
    user_समाचार Crime News
    समाचार Crime News
    Media Consultant पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • मरौरी ब्लॉक की ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सभ्यता वर्मा ने नवनिर्वाचित जिला पदाधिकारी को दिया सम्मान l #marouri #brekingnews #UttarPradesh #LatestNews #पीलीभीत
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    मरौरी ब्लॉक की ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सभ्यता वर्मा ने नवनिर्वाचित जिला पदाधिकारी को दिया सम्मान l
#marouri #brekingnews #UttarPradesh #LatestNews #पीलीभीत
    user_Naresh Mallick
    Naresh Mallick
    Local News Reporter पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • 📢 'स्मार्ट वसूली' एक तरफ 'विकसित भारत' का सपना है, और दूसरी तरफ एक आम आदमी की बेबसी। आज हालात ये हो गए हैं कि स्मार्ट मीटर के भारी-भरकम बिलों और तकनीकी दिक्कतों से तंग आकर एक नागरिक जिला अधिकारी (DM) कार्यालय में आत्मदाह करने की बात कह रहा है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की चेतावनी नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का चीखता हुआ प्रमाण है। सोचने वाली बात यह है: • 👉खून पसीने की कमाई या बिजली का बिल? जब मीटर की रफ़्तार कमाई से ज्यादा हो जाए, तो जनता कहाँ जाए? • 👉तकनीकी समस्या या आर्थिक शोषण? 'स्मार्ट' होने के नाम पर बिना किसी ठोस सुनवाई के जनता पर बोझ क्यों लादा जा रहा है? • 👉किसे कहेंगे विकास? क्या विकसित भारत की नींव एक गरीब और मध्यम वर्ग के नागरिक की मानसिक प्रताड़ना पर रखी जाएगी? हमारी मांग: 💥1. स्मार्ट मीटरों की रीडिंग और कार्यप्रणाली की पारदर्शी जांच हो। 💥2. शिकायत निवारण के लिए जिला स्तर पर तत्काल सुनवाई केंद्र बने। 💥3. जनता को डराने के बजाय उनकी समस्याओं का मानवीय समाधान निकाला जाए। ✍️✍️✍️सरकार को यह समझना होगा कि 'स्मार्ट सिटी' ईंट-पत्थरों और मीटरों से नहीं, खुशहाल नागरिकों से बनती है। अगर जनता ही सुरक्षित और संतुष्ट नहीं है, तो कैसा विकास और कैसी स्मार्टनेस....
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    📢  'स्मार्ट वसूली'
एक तरफ 'विकसित भारत' का सपना है, और दूसरी तरफ एक आम आदमी की बेबसी। आज हालात ये हो गए हैं कि स्मार्ट मीटर के भारी-भरकम बिलों और तकनीकी दिक्कतों से तंग आकर एक नागरिक जिला अधिकारी (DM) कार्यालय में आत्मदाह करने की बात कह रहा है।
यह सिर्फ एक व्यक्ति की चेतावनी नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता का चीखता हुआ प्रमाण है।
सोचने वाली बात यह है:
• 👉खून पसीने की कमाई या बिजली का बिल? जब मीटर की रफ़्तार कमाई से ज्यादा हो जाए, तो जनता कहाँ जाए?
• 👉तकनीकी समस्या या आर्थिक शोषण? 'स्मार्ट' होने के नाम पर बिना किसी ठोस सुनवाई के जनता पर बोझ क्यों लादा जा रहा है?
• 👉किसे कहेंगे विकास? क्या विकसित भारत की नींव एक गरीब और मध्यम वर्ग के नागरिक की मानसिक प्रताड़ना पर रखी जाएगी?
हमारी मांग:
💥1. स्मार्ट मीटरों की रीडिंग और कार्यप्रणाली की पारदर्शी जांच हो।
💥2. शिकायत निवारण के लिए जिला स्तर पर तत्काल सुनवाई केंद्र बने।
💥3. जनता को डराने के बजाय उनकी समस्याओं का मानवीय समाधान निकाला जाए।
✍️✍️✍️सरकार को यह समझना होगा कि 'स्मार्ट सिटी' ईंट-पत्थरों और मीटरों से नहीं, खुशहाल नागरिकों से बनती है। अगर जनता ही सुरक्षित और संतुष्ट नहीं है, तो कैसा विकास और कैसी स्मार्टनेस....
    user_Pilibhit Darpan/ND India News
    Pilibhit Darpan/ND India News
    Doctor पीलीभीत, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • पूरनपुर/पीलीभीत।स्मार्ट मीटरों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच गुरुवार को विद्युत उपखंड कार्यालय पर भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने जबरदस्त प्रदर्शन कर प्रशासन की नींद उड़ा दी। सुबह करीब 11 बजे सैकड़ों की संख्या में पहुंचे किसानों ने नारेबाजी करते हुए स्मार्ट मीटरों को तुरंत हटाकर पुराने मीटर लगाए जाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है, जिससे किसानों की कमर टूट गई है। किसानों ने कहा कि जितनी बिजली की खपत नहीं हो रही, उससे कई गुना ज्यादा बिल भेजे जा रहे हैं। उनका कहना था कि “ऐसा लग रहा है जैसे हमें वीआईपी बिजली दी जा रही हो, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।मौके पर माहौल उस समय और गरमा गया जब किसानों ने विभाग पर मनमानी और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। भाकियू भानु के पदाधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्मार्ट मीटरों की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या टकराव की स्थिति न बने। हालांकि, किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता रहा और वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस दौरान एसडीओ मोहित गुप्ता और अधिशासी अभियंता हरेंद्र सिंह को खुद जमीन पर बैठकर किसानों की समस्याएं सुननी पड़ीं। अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान किसी भी हाल में पीछे हटने को तैयार नहीं दिखे।भाकियू भानु के नेता भजन लाल क्रोधी ने प्रशासन को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि विभाग को 20 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि इस अवधि में समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो किसान बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि हालात नहीं सुधरे तो किसान अपने खेतों से गुजर रही बिजली लाइनों को हटाने और गिराने जैसे कड़े कदम उठाने पर भी विचार करेंगे।कुल मिलाकर, स्मार्ट मीटरों को लेकर पूरनपुर में किसानों और बिजली विभाग के बीच टकराव की स्थिति बनती जा रही है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो यह विवाद बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है, जिससे प्रशासन के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो सकती है।
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    पूरनपुर/पीलीभीत।स्मार्ट मीटरों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच गुरुवार को विद्युत उपखंड कार्यालय पर भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने जबरदस्त प्रदर्शन कर प्रशासन की नींद उड़ा दी। सुबह करीब 11 बजे सैकड़ों की संख्या में पहुंचे किसानों ने नारेबाजी करते हुए स्मार्ट मीटरों को तुरंत हटाकर पुराने मीटर लगाए जाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है, जिससे किसानों की कमर टूट गई है। किसानों ने कहा कि जितनी बिजली की खपत नहीं हो रही, उससे कई गुना ज्यादा बिल भेजे जा रहे हैं। उनका कहना था कि “ऐसा लग रहा है जैसे हमें वीआईपी बिजली दी जा रही हो, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।मौके पर माहौल उस समय और गरमा गया जब किसानों ने विभाग पर मनमानी और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। भाकियू भानु के पदाधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्मार्ट मीटरों की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या टकराव की स्थिति न बने। हालांकि, किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता रहा और वे अपनी मांगों पर अड़े रहे।
इस दौरान एसडीओ मोहित गुप्ता और अधिशासी अभियंता हरेंद्र सिंह को खुद जमीन पर बैठकर किसानों की समस्याएं सुननी पड़ीं। अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान किसी भी हाल में पीछे हटने को तैयार नहीं दिखे।भाकियू भानु के नेता भजन लाल क्रोधी ने प्रशासन को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि विभाग को 20 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि इस अवधि में समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो किसान बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होंगे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि हालात नहीं सुधरे तो किसान अपने खेतों से गुजर रही बिजली लाइनों को हटाने और गिराने जैसे कड़े कदम उठाने पर भी विचार करेंगे।कुल मिलाकर, स्मार्ट मीटरों को लेकर पूरनपुर में किसानों और बिजली विभाग के बीच टकराव की स्थिति बनती जा रही है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो यह विवाद बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है, जिससे प्रशासन के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो सकती है।
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    Meenu barkaati
    Local News Reporter पूरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
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