लोकतंत्र पर प्रहार! पल्लवी पटेल के साथ बदसलूकी शर्मनाक यूजीसी के समर्थन में आवाज़ उठाने पर ओबीसी समाज की महिला विधायक के साथ पुलिसिया दुर्व्यवहार क्या जनप्रतिनिधियों की आवाज़ अब अपराध है? "अगर विधायक सुरक्षित नहीं, तो आम जनता का क्या होगा?" यूजीसी के समर्थन में आवाज़ उठाने पर विधायक पल्लवी पटेल से बदसलूकी, विपक्ष ने जताया विरोध लखनऊ/प्रयागराज (विशेष संवाददाता): यूजीसी के समर्थन में आवाज़ उठाने के दौरान ओबीसी समाज की महिला विधायक पल्लवी पटेल के साथ कथित पुलिस बदसलूकी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में नाराज़गी देखी जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक पल्लवी पटेल शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रही थीं, तभी पुलिस द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इस घटना के बाद समर्थकों और विपक्षी दलों ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया है। विरोधियों का कहना है कि अगर एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जाता है, तो आम जनता की सुरक्षा और अधिकारों पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। खासकर तब, जब मामला शिक्षा और यूजीसी जैसे महत्वपूर्ण विषय से जुड़ा हो। लोकतंत्र पर उठे सवाल राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना कई गंभीर प्रश्न खड़े करती है: क्या असहमति की आवाज़ को दबाया जा रहा है? क्या पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है? क्या बहुजन और ओबीसी प्रतिनिधित्व को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है? समर्थकों का बयान समर्थकों ने इसे ओबीसी और बहुजन सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि वे इस कथित अपमान को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने पुलिस जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रशासन की प्रतिक्रिया हालांकि, इस मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस पूरे प्रकरण पर स्पष्टता दी जाएगी।
लोकतंत्र पर प्रहार! पल्लवी पटेल के साथ बदसलूकी शर्मनाक यूजीसी के समर्थन में आवाज़ उठाने पर ओबीसी समाज की महिला विधायक के साथ पुलिसिया दुर्व्यवहार क्या जनप्रतिनिधियों की आवाज़ अब अपराध है? "अगर विधायक सुरक्षित नहीं, तो आम जनता का क्या होगा?" यूजीसी के समर्थन में आवाज़ उठाने पर विधायक पल्लवी पटेल से बदसलूकी, विपक्ष ने जताया विरोध लखनऊ/प्रयागराज (विशेष संवाददाता): यूजीसी के समर्थन में आवाज़ उठाने के दौरान ओबीसी समाज की महिला विधायक पल्लवी पटेल के साथ कथित पुलिस बदसलूकी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में नाराज़गी देखी जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक पल्लवी पटेल शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रही थीं, तभी पुलिस द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इस घटना के बाद समर्थकों और विपक्षी दलों ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया है। विरोधियों का कहना है कि अगर एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जाता है, तो आम जनता की सुरक्षा और अधिकारों पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। खासकर तब, जब मामला शिक्षा और यूजीसी जैसे महत्वपूर्ण विषय से जुड़ा हो। लोकतंत्र पर उठे सवाल राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना कई गंभीर प्रश्न खड़े करती है: क्या असहमति की आवाज़ को दबाया जा रहा है? क्या पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है? क्या बहुजन और ओबीसी प्रतिनिधित्व को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है? समर्थकों का बयान समर्थकों ने इसे ओबीसी और बहुजन सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि वे इस कथित अपमान को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने पुलिस जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रशासन की प्रतिक्रिया हालांकि, इस मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस पूरे प्रकरण पर स्पष्टता दी जाएगी।
- ✨ ईसानगर कोतवाली में बदलाव की नई तस्वीर! ✨ लखीमपुर खीरी की ईसानगर कोतवाली में इन दिनों सौंदर्यीकरण का कार्य जोरों पर है। थाना परिसर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए रंगाई-पुताई, दीवारों की पेंटिंग, साफ-सफाई और हरियाली बढ़ाने जैसे कार्य किए जा रहे हैं। 🚩 यह पहल न केवल थाना परिसर की खूबसूरती बढ़ाएगी, बल्कि आमजन के लिए एक सकारात्मक और स्वागतयोग्य माहौल भी तैयार करेगी। स्थानीय लोगों ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि बदलती तस्वीर प्रशासन की सजगता और जिम्मेदारी को दर्शाती है। #Isanagar #LakhimpurKheri #UPPolice #सौंदर्यीकरण #विकास #IsanagarKotwali1
- दुर्घटना ब्रेकिंग.... पानी टंकी निर्माण के लिए सरिया ले जा रही ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइकसवार को मारी टक्कर...एक बाइक सवार की मौके पर मौत, दूसरे की हालत गंभीर....मोतीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा सर्राकलां के मजरा कसौजी के समीप मिहींपुरवा बलाईगांव मार्ग पर हुई घटना । मोतीपुर थाना क्षेत्र के ही ग्राम पंडरिया निवासी थे मोटरसाइकिल सवार ।1
- Post by Rajeev Mishra1
- सिंगाही खीरी - शीतलापुर में मनरेगा कार्य के दौरान मजदूर पर हमला, पुलिस कर रही मामले की जांच1
- सैलगांव में जन चौपाल, विकास कार्यों की दी जानकारी लखीमपुर खीरी। विकासखंड नकहा के ग्राम पंचायत सैलगांव में जन चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं और गांव में कराए गए विकास कार्यों की जानकारी दी गई। प्रधान प्रतिनिधि संजय गुप्ता ने बताया कि पंचायत द्वारा सड़क, नाली, सफाई व्यवस्था सहित कई विकास कार्य कराए गए हैं तथा आगे भी गांव के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जनहित के कार्य लगातार जारी रहेंगे। जन चौपाल में सचिव सतवीर सिंह राना सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।4
- लखनऊ रात की पार्टी, तेज रफ्तार कार और लापरवाही… इन सबकी कीमत एक 6 साल के मासूम को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। राजधानी लखनऊ में एक और दर्दनाक हिट एंड रन की घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। देर रात तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे मौजूद मासूम बच्चे को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्चे की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। परिजन उसे आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त कार सवार लोग किसी पार्टी से लौट रहे थे। घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया, जिससे इलाके में आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों ने सड़क पर विरोध भी जताया। पुलिस की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। वाहन की पहचान के प्रयास जारी हैं और आरोपी की तलाश में टीमें गठित कर दी गई हैं। बड़ा सवाल आखिर कब तक तेज रफ्तार का यह कहर यूं ही मासूम जिंदगियां निगलता रहेगा? क्या नाइट पार्टियों और शराब के नशे में ड्राइविंग पर सख्त नियंत्रण नहीं होना चाहिए? हिट एंड रन मामलों में सजा का डर क्यों नहीं दिखता? एक मासूम की मौत ने फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सड़क पर लापरवाही अब सीधे मौत का कारण बनती जा रही है। मांग उठ रही है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।1
- पिछले जुम्मे को पाकिस्तान की एक शिया मस्जिद में आतंकवादियों द्वारा गोली चलाई गई थी जिसमें कई लोग की मौत हो गई थी जिसमें मौलाना सलमान अब्बास साहब और हुसैनी टाइगर के सिकंदर हुसैन ने पाकिस्तान का पुतला फूंका और वहा पर शिया मुसलमानों की हफ़ाइज़त की मांग की है1
- 🔥 यूजीसी बिल पर सरकार की मंशा पर सवाल क्या यूजीसी बिल को जानबूझकर कोर्ट के दांवपेंच में फंसाया गया है? अगर सरकार की नीयत साफ होती, तो आज लाखों युवाओं को न्याय के लिए अदालतों के चक्कर न काटने पड़ते। 🎓 शिक्षा और आरक्षण का सवाल सिर्फ कागज़ी बहस नहीं — यह देश के भविष्य, सामाजिक न्याय और बराबरी का सवाल है। आज भले ही सत्ता चुप है… लेकिन याद रखिए — एक दिन यही सरकार घुटनों पर आकर यूजीसी बिल लागू करने को मजबूर होगी। ✊ न्याय देर से सही, लेकिन मिलेगा ज़रूर।1
- बैंक के पास हुआ हंगामा, वीडियो वायरल; एसडीएम ने कार्रवाई का दिया आश्वासन मिहींपुरवा (बहराइच)। तहसील क्षेत्र में फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने के नाम पर ठगी और महिला से अभद्रता का मामला सामने आया है। आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर आरोपित ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला को गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। घटना का वीडियो आसपास मौजूद लोगों ने बना लिया, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कौआभारी, कोतवाली मूर्तिहा निवासी सुधा देवी ने करीब दो माह पूर्व अपनी बेटी का आधार कार्ड बनवाने के लिए एक व्यक्ति को रुपये दिए थे। आरोप है कि नरेंद्र परशुराम निवासी बैवाही, जो पहले एचपी गैस एजेंसी पर कार्यरत था, गैस एजेंसी से ब्लैकलिस्ट होने के बाद बीते करीब छह माह से कथित रूप से बाईपास आईडी के जरिए फर्जी आधार कार्ड बनाने का काम कर रहा था। महिला का आरोप है कि वह पिछले दो माह से आधार कार्ड बनवाने के लिए मिहींपुरवा का चक्कर लगाती रही, लेकिन न तो आधार कार्ड बना और न ही रुपये वापस मिले। बुधवार को जब महिला ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के पास अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपित चार लोगों के साथ पहुंच गया। महिला का कहना है कि वहां मौजूद मोतीपुर थाना के गार्ड और सिपाही के सामने ही उसे भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति बिगड़ती देख आसपास के लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। इस दौरान कुछ लोगों ने घटना का वीडियो भी बना लिया। हंगामे के बाद आरोपित मौके से फरार हो गया। क्षेत्र में चर्चा है कि अशिक्षा का लाभ उठाकर कुछ लोग आधार कार्ड जैसे सरकारी दस्तावेज बनाने के नाम पर लोगों से अवैध वसूली कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे मामलों की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी रामदयाल ने बताया कि यदि पीड़िता लिखित प्रार्थना पत्र थाने और उनके कार्यालय में देती है तो मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1