ट्विशा केस की जाँच में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ा कदम उठाया है। CBI ने इस मामले के सिलसिले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ को लेकर घटनास्थल पर पहुँचकर पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन किया। इस दौरान, जाँच एजेंसी ने 80 किलो की एक डमी को फंदे पर लटकाकर घटना के पूरे दृश्य को दोबारा तैयार किया, जिसका उद्देश्य परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों का बारीकी से मिलान करना था। CBI फिलहाल इस मामले की जाँच आत्महत्या और हत्या, दोनों ही दृष्टिकोणों से कर रही है। जाँच में यह भी सामने आया है कि FIR दर्ज होने के बाद समर्थ तीन दिन भोपाल में और पाँच दिन जबलपुर में रुका था। CBI अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किसने मदद की थी। इसके अतिरिक्त, उस डॉक्टर को भी तलब किया गया है जिसने कथित तौर पर ट्विशा को गर्भपात की सलाह दी थी। CBI मोबाइल, चैट, बैंक ट्रांजैक्शन और लोकेशन हिस्ट्री जैसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाल रही है ताकि मामले की गहनता से जाँच की जा सके। जाँच एजेंसी घटना के समय से लेकर ट्विशा को फंदे से उतारने और अस्पताल पहुँचाने तक की पूरी टाइमलाइन भी तैयार कर रही है। CBI ने दावा किया है कि प्रत्येक बयान का फॉरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ बारीकी से मिलान किया जाएगा ताकि सच्चाई सामने आ सके।
ट्विशा केस की जाँच में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ा कदम उठाया है। CBI ने इस मामले के सिलसिले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ को लेकर घटनास्थल पर पहुँचकर पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन किया। इस दौरान, जाँच एजेंसी ने 80 किलो की एक डमी को फंदे पर लटकाकर घटना के पूरे दृश्य को दोबारा तैयार किया, जिसका उद्देश्य परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों का बारीकी से मिलान करना था। CBI फिलहाल इस मामले की जाँच आत्महत्या और हत्या, दोनों ही दृष्टिकोणों से कर रही है। जाँच में यह भी सामने आया है कि FIR दर्ज होने के बाद समर्थ तीन दिन भोपाल में और पाँच दिन जबलपुर में रुका था। CBI अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किसने मदद की थी। इसके अतिरिक्त, उस डॉक्टर को भी तलब किया गया है जिसने कथित तौर पर ट्विशा को गर्भपात की सलाह दी थी। CBI मोबाइल, चैट, बैंक ट्रांजैक्शन और लोकेशन हिस्ट्री जैसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाल रही है ताकि मामले की गहनता से जाँच की जा सके। जाँच एजेंसी घटना के समय से लेकर ट्विशा को फंदे से उतारने और अस्पताल पहुँचाने तक की पूरी टाइमलाइन भी तैयार कर रही है। CBI ने दावा किया है कि प्रत्येक बयान का फॉरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ बारीकी से मिलान किया जाएगा ताकि सच्चाई सामने आ सके।
- मुजफ्फरनगर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ एक शॉर्ट एनकाउंटर के दौरान एक कुख्यात लूटेरा गोली लगने से घायल हो गया। मुठभेड़ में घायल होने के बाद भी, अस्पताल ले जाए जाने से पहले, आरोपी पुलिस अधिकारियों से सिगरेट के एक विशेष ब्रांड का नाम लेते हुए सिगरेट पीने की गुजारिश करता हुआ नज़र आया।1
- मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने जा रहे NSUI कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने वाटरकैनन का इस्तेमाल करते हुए बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई के दौरान NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए सिद्धांत हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।1
- हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल में एक पत्रकार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पत्रकारों को सम्मानित भी किया गया।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने सदानीरा वीर भारत न्यास द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मीडिया के साथ विशेष बातचीत की।2
- भोपाल में 1 जून को धूमधाम से आजादी दिवस मनाया गया, जिसमें भोपाल स्मारक शहीद गेट पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर महापौर मालती राय, स्थानीय पार्षद गण और भाजपा के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उद्धव दास मेहता के परिवार से परिजन, जैन समाज के बंधु, पूर्व नगर निगम अध्यक्ष कैलाश मिश्रा, एवं महंत महाराज श्री श्री अनिलानंद जी सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। इस दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्रों की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई और समाजसेवियों का स्वागत सम्मान किया गया। यह दिन भोपाल के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि देश को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने के बाद भी, भोपाल को अपनी स्वतंत्रता 1 जून 1948 को मिली थी। गुरु नानक मंडल अध्यक्ष राकेश कुकरेजा जी ने इस पूरे कार्यक्रम का संचालन किया।1
- मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने भोपाल स्थित राजभवन में राज्यपाल मंगू भाई पटेल से मुलाकात की। इस मुलाकात के उपरांत, मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव मंत्रालय के लिए रवाना हुए। मंत्रालय में उन्हें दो महत्वपूर्ण बैठकें करनी हैं और विभिन्न लोगों से भी मुलाकात का कार्यक्रम है।1
- 1 जून को भोपाल में 'आजादी का दिवस' बड़े धूमधाम से मनाया गया। यह भव्य कार्यक्रम भोपाल स्मारक शहीद गेट पर आयोजित किया गया, जहाँ देश की आजादी के एक साल बाद, 15 अगस्त 1947 के बजाय 1 जून 1948 को भोपाल को मिली स्वतंत्रता को याद किया गया। इस अवसर पर महापौर मालती राय, स्थानीय पार्षद गण और भाजपा के पदाधिकारी उपस्थित रहे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उद्धव दास मेहता के परिवार से परिजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए, जो शंकर दयाल शर्मा जी के भाई थे। साथ ही, जैन समाज के बंधु, पूर्व नगर निगम अध्यक्ष कैलाश मिश्रा और महंत महाराज श्री श्री अनिलानंद जी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्रों की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई और समाजसेवियों का स्वागत-सम्मान किया गया। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन गुरु नानक मंडल अध्यक्ष राकेश कुकरेजा जी ने किया।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हनुमानगंज थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।1