वेतन वृद्धि व ग्रेच्युटी की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कर्मचारियों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन सीटू और जेके मजदूरों ने दिया पूर्ण समर्थन -मांगें नहीं मानने पर 10 जुलाई को उग्र आंदोलन की चेतावनी कोटा। काफी समय से विभिन्न लंबित मांगों मुख्य रूप से 26 हजार रुपए न्यूनतम वेतन और रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कोटा जिलाधीश कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। स्वतंत्र संगठन के बैनर तले हुए इस विरोध प्रदर्शन को सीटू (CITU) संगठन के कार्यकर्ताओं और जेके मजदूरों ने भी अपना पूर्ण समर्थन दिया और कंधे से कंधा मिलाकर प्रदर्शन में शामिल हुए। सीटू के मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि आंगनबाड़ी महिला नेता चंद्र कुमारी चारण, पिंटू केवट, ममता मीणा और रजनी ब्राह्मण के नेतृत्व में महिला कर्मचारियों ने शहर में एक जुलूस निकाला। यह जुलूस जिलाधीश कार्यालय पहुंचा, जहां महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में सीटू संगठन और जेके मजदूरों का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ नेता कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड पुष्पा खींची और कामरेड नरेंद्र सिंह सहित कई कार्यकर्ताओं ने आंगनबाड़ी कर्मचारियों का समर्थन किया। आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने जेके मजदूरों को दिया समर्थन प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों ने 18 फरवरी से कलेक्ट्रेट गेट पर बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर चल रहे जेके मजदूरों के अनिश्चित कालीन धरने पर पहुंचकर अपना समर्थन जताया। यहां एक संयुक्त सभा आयोजित की गई, जिसे आंगनबाड़ी नेता चंद्र कुमारी चारण, ममता मीणा, रजनी कुमारी के साथ-साथ सीटू नेता कामरेड उमाशंकर, हबीब खान, नरेंद्र सिंह और महिला मजदूर नेता कामरेड पुष्पा खींची ने संबोधित किया। पड़ोसी राज्यों से भी कम है राजस्थान में वेतन सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में राजस्थान में आंगनवाड़ी कर्मचारियों का वेतन बहुत कम है और उन्हें रिटायरमेंट पर कोई आर्थिक सुरक्षा नहीं मिलती। ये हैं आंगनबाड़ी कर्मचारियों की प्रमुख मांगेें सरकार को ज्ञापन सौंपकर आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाकर 26 हजार से अधिक करने, रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी का लाभ देने, वेतन का हर माह समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, आंगनबाड़ी केंद्रों (भवनों) के लिए बाजार भाव के अनुसार किराया देने, केंद्रों पर बिजली कनेक्शन, पीने के पानी, बाथरूम और समुचित देखभाल की सुविधा उपलब्ध करवाई जाने आदि मांगें प्रमुखता के साथ रखीं। 10 जुलाई को आर-पार की लड़ाई का ऐलान ज्ञापन सौंपने के बाद सभा में तय किया गया कि यदि सरकार जल्द ही इन मांगों पर संज्ञान नहीं लेती है, तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। सीटू नेताओं ने सभी आंगनबाड़ी कर्मचारियों से अपील की कि वे महिलाओं के हक और अधिकारों को बचाने के लिए 10 जुलाई को कलेक्ट्रेट गेट पर होने वाले आंदोलन में भारी संख्या में शामिल हों। धरना-प्रदर्शन में ये रहे शामिल इस धरने-प्रदर्शन में कामरेड अली मोहम्मद, कामरेड अशोक सिंह, कामरेड महावीर प्रसाद, कामरेड मदन मोहन शर्मा सहित सैकड़ों आंगनबाड़ी महिला कर्मचारी, जेके मजदूर महिलाएं और सीटू कार्यकर्ता शामिल रहे। कामरेड अली मोहम्मद ने बताया कि जेके मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना अपनी मांगों को लेकर लगातार जारी है।
वेतन वृद्धि व ग्रेच्युटी की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कर्मचारियों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन सीटू और जेके मजदूरों ने दिया पूर्ण समर्थन -मांगें नहीं मानने पर 10 जुलाई को उग्र आंदोलन की चेतावनी कोटा। काफी समय से विभिन्न लंबित मांगों मुख्य रूप से 26 हजार रुपए न्यूनतम वेतन और रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कोटा जिलाधीश कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। स्वतंत्र संगठन के बैनर तले हुए इस विरोध प्रदर्शन को सीटू (CITU) संगठन के कार्यकर्ताओं और जेके मजदूरों ने भी अपना पूर्ण समर्थन दिया और कंधे से कंधा मिलाकर प्रदर्शन में शामिल हुए। सीटू के मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि आंगनबाड़ी महिला नेता चंद्र कुमारी चारण, पिंटू केवट, ममता मीणा और रजनी ब्राह्मण के नेतृत्व में महिला कर्मचारियों
ने शहर में एक जुलूस निकाला। यह जुलूस जिलाधीश कार्यालय पहुंचा, जहां महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में सीटू संगठन और जेके मजदूरों का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ नेता कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड पुष्पा खींची और कामरेड नरेंद्र सिंह सहित कई कार्यकर्ताओं ने आंगनबाड़ी कर्मचारियों का समर्थन किया। आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने जेके मजदूरों को दिया समर्थन प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों ने 18 फरवरी से कलेक्ट्रेट गेट पर बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर चल रहे जेके मजदूरों के अनिश्चित कालीन धरने पर पहुंचकर अपना समर्थन जताया। यहां एक संयुक्त सभा आयोजित की गई, जिसे आंगनबाड़ी नेता चंद्र कुमारी चारण, ममता मीणा, रजनी कुमारी के साथ-साथ सीटू नेता कामरेड उमाशंकर,
हबीब खान, नरेंद्र सिंह और महिला मजदूर नेता कामरेड पुष्पा खींची ने संबोधित किया। पड़ोसी राज्यों से भी कम है राजस्थान में वेतन सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में राजस्थान में आंगनवाड़ी कर्मचारियों का वेतन बहुत कम है और उन्हें रिटायरमेंट पर कोई आर्थिक सुरक्षा नहीं मिलती। ये हैं आंगनबाड़ी कर्मचारियों की प्रमुख मांगेें सरकार को ज्ञापन सौंपकर आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाकर 26 हजार से अधिक करने, रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी का लाभ देने, वेतन का हर माह समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, आंगनबाड़ी केंद्रों (भवनों) के लिए बाजार भाव के अनुसार किराया देने, केंद्रों पर बिजली कनेक्शन, पीने के पानी, बाथरूम और समुचित देखभाल की सुविधा उपलब्ध करवाई जाने आदि मांगें प्रमुखता के साथ
रखीं। 10 जुलाई को आर-पार की लड़ाई का ऐलान ज्ञापन सौंपने के बाद सभा में तय किया गया कि यदि सरकार जल्द ही इन मांगों पर संज्ञान नहीं लेती है, तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। सीटू नेताओं ने सभी आंगनबाड़ी कर्मचारियों से अपील की कि वे महिलाओं के हक और अधिकारों को बचाने के लिए 10 जुलाई को कलेक्ट्रेट गेट पर होने वाले आंदोलन में भारी संख्या में शामिल हों। धरना-प्रदर्शन में ये रहे शामिल इस धरने-प्रदर्शन में कामरेड अली मोहम्मद, कामरेड अशोक सिंह, कामरेड महावीर प्रसाद, कामरेड मदन मोहन शर्मा सहित सैकड़ों आंगनबाड़ी महिला कर्मचारी, जेके मजदूर महिलाएं और सीटू कार्यकर्ता शामिल रहे। कामरेड अली मोहम्मद ने बताया कि जेके मजदूरों का अनिश्चित कालीन धरना अपनी मांगों को लेकर लगातार जारी है।
- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने लबान से दरा टनल तक करीब 90 किलोमीटर का सफर मिनी बस में तय किया, जहाँ सड़क की गुणवत्ता, गड्ढों, पेचवर्क और खराब अलाइनमेंट का गहनता से जायजा लिया गया। इस यात्रा के दौरान, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी ने एक्सप्रेसवे पर कुल 550 किलोमीटर का सफर कर सड़क की स्थिति और सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन किया। मिनी बस में 90 मिनट तक के सफर के दौरान, गडकरी ने विशेष रूप से एक्सप्रेसवे पर गड्ढों, पेचवर्क और खराब अलाइनमेंट की स्थिति की जाँच की। जालिमपुरा में, वे मिनी बस से उतरे और लगभग 5 मिनट तक पैदल एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया। यहाँ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सड़क पर गड्ढों में भरे पानी की गंभीर समस्या की ओर इशारा किया, जिस पर गडकरी ने इसे प्राथमिकता से ठीक करने का आश्वासन दिया। उन्होंने मौके पर ही एनएचएआई अधिकारियों के साथ चर्चा कर आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने घोषणा की कि एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं और निर्माण गुणवत्ता से जुड़ी सभी तकनीकी कमियों को अगले दो साल के भीतर दुरुस्त कर दिया जाएगा, जिसके बाद इस तरह की शिकायतें सामने नहीं आएंगी। इस निरीक्षण अभियान के दौरान ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी उपस्थित रहे।1
- कोटा जिले के रोजड़ी गांव में एक घर में चूहे पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में करीब 5 फीट लंबा कोबरा सांप फँस गया। जानकारी के अनुसार, सांप पिंजरे में फंसे चूहे का शिकार करने के दौरान खुद भी उसी में कैद हो गया था। सूचना मिलने पर स्नेक एक्सपर्ट गोविंद शर्मा तत्काल मौके पर पहुँचे और उन्होंने सुरक्षित तरीके से कोबरा सांप का रेस्क्यू किया। इसके बाद, भवानी सिंह जाधौन की उपस्थिति में सांप को उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इस समय रहते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन के कारण परिवार के छह सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई और किसी भी तरह की अप्रिय घटना होने से बच गई।1
- Post by Ramesh Gandi1
- कोटा नगर निगम द्वारा शहरवासियों को विभिन्न नागरिक सेवाओं का लाभ देने के लिए आयोजित किए जा रहे विशेष कैंप का वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के निवर्तमान पार्षद मोहम्मद आसिम ने जायजा लिया। उन्होंने इस दौरान संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और कैंप में चल रही व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। यह कैंप नगर निगम द्वारा शहरवासियों को एक ही स्थान पर मकानों के पट्टे, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित कई योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से लगाया गया है। इसमें मकान पट्टा वितरण, प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेजों का सत्यापन और अन्य संबंधित कार्य पूरे करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। मोहम्मद आसिम ने आमजन से अपील की है कि वे नगर निगम के इस विशेष कैंप का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि किसी शहरवासी को अपने जायज कार्य में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं, और ऐसी समस्याओं को दूर करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। आसिम ने अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए कई सुझाव भी दिए।1
- कोटा में बारिश का मौसम आते ही डकनिया-गोविंद नगर रेलवे अंडरपास यातायात जाम का कारण बन जाता है, जिससे आवागमन कभी-कभी पूरी तरह ठप हो जाता है। इस अंडरपास में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण हल्की बारिश में भी पानी भर जाता है, जिससे लोगों का यहां से निकलना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या नगर-निगम या संबंधित जिम्मेदार एजेंसी इस गंभीर समस्या पर ध्यान देकर उन्हें राहत प्रदान करेगी।1
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर वॉशिंगटन डीसी, अमेरिका से एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका की ओर से ईरान पर सैन्य कार्रवाई की संभावना किसी समझौते की तुलना में 20 गुना अधिक है। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई समझौता हो भी जाता है, तो भी उन्हें इस बात पर पूरा भरोसा नहीं है कि ईरान उस पर कायम रहेगा।1
- कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज परिसर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 30.61 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए पीजी हॉस्टल्स का लोकार्पण किया। इसके साथ ही, उन्होंने 31.70 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक कॉटेज वार्ड के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में हो रहे आधारभूत ढांचे के विकास से मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध होंगी, वहीं स्नातकोत्तर (पीजी) विद्यार्थियों को आधुनिक एवं सुविधायुक्त आवासीय व्यवस्था का लाभ मिलेगा। विशेष रूप से, 31.70 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला कॉटेज वार्ड मरीजों को अधिक आरामदायक और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगा, जबकि 30.61 करोड़ रुपये की लागत से तैयार पीजी हॉस्टल्स से मेडिकल शिक्षा का वातावरण और अधिक सुदृढ़ होगा तथा विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध होगा। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों, मेडिकल कॉलेज प्रशासन, चिकित्सकों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। उपस्थित अतिथियों ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार अधोसंरचना का विस्तार कर रही है। इन दोनों परियोजनाओं के पूर्ण होने से कोटा मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिसका प्रत्यक्ष लाभ क्षेत्र के मरीजों और विद्यार्थियों को मिलेगा।1
- कोटा में निवर्तमान पार्षद मोहम्मद आसिम ने नगर निगम कैंप का दौरा कर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पट्टे, पीएम आवास योजना सहित विभिन्न जनहित कार्यों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निवर्तमान पार्षद आसिम ने अधिकारियों से कैंप में प्रदान की जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे कैंप में पहुँचकर इन महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ अवश्य उठाएं।1