रेवाड़ी जिले के धवाना गाँव की बणी (जंगल) में रविवार दोपहर बाद लगभग 25 वर्षीय एक युवती का क्षत-विक्षप्त शव बरामद होने से हड़कंप मच गया है। शव नीले रंग के बोरे जैसे कपड़े (चटाई) में लिपटा हुआ मिला और उसका चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था, जिससे उसकी पहचान नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जाँच में युवती की हत्या की आशंका जताई जा रही है, जिसके बाद शव को खुर्द-बुर्द करने के उद्देश्य से यहाँ फेंके जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय धवाना की बणी स्थित माता मंदिर जा रहे ग्रामीणों ने ही बोरे में लिपटे इस शव को देखा था। सूचना मिलते ही खोल थाना पुलिस मौके पर पहुँची, जिसने तत्काल क्षेत्र को घेरकर जाँच शुरू कर दी और शव को कब्जे में ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जो घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस फिलहाल आसपास के सभी थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों को खंगाल रही है और हर पहलू से मामले की जाँच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया है कि इस सनसनीखेज मामले का जल्द ही खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
रेवाड़ी जिले के धवाना गाँव की बणी (जंगल) में रविवार दोपहर बाद लगभग 25 वर्षीय एक युवती का क्षत-विक्षप्त शव बरामद होने से हड़कंप मच गया है। शव नीले रंग के बोरे जैसे कपड़े (चटाई) में लिपटा हुआ मिला और उसका चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था, जिससे उसकी पहचान नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जाँच में युवती की हत्या की आशंका जताई जा रही है, जिसके बाद शव को खुर्द-बुर्द करने के उद्देश्य से यहाँ फेंके जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय धवाना की बणी स्थित माता मंदिर जा रहे ग्रामीणों ने ही बोरे में लिपटे इस शव को देखा था। सूचना मिलते ही खोल थाना पुलिस मौके पर पहुँची, जिसने तत्काल क्षेत्र को घेरकर जाँच शुरू कर दी और शव को कब्जे में ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जो घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस फिलहाल आसपास के सभी थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों को खंगाल रही है और हर पहलू से मामले की जाँच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया है कि इस सनसनीखेज मामले का जल्द ही खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
- नुह में सड़क पर कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिसके कारण लोगों को सांस लेने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत के अनुसार, बरसात के मौसम में इस कचरे से बेहद बुरी बदबू आती है, जिससे स्थिति और खराब हो जाती है। नागरिकों ने इस कचरे को रास्ते से हटाने और इस समस्या को रोकने का आग्रह किया है।1
- फरूखनगर के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित हेमेन्दु एकेडमी कारोला ने सेना और अन्य सरकारी विभागों की भर्ती परीक्षाओं में सफलता का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। गत वर्ष आयोजित हुई इन परीक्षाओं में जिन 15 छात्रों का नाम प्रतीक्षा सूची में था, उनका अब अंतिम रूप से चयन हो गया है। इस शानदार खबर से एकेडमी और आसपास के गांवों में जश्न का माहौल है। इस अवसर पर एकेडमी परिसर में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ सभी चयनित युवाओं का फूल-मालाओं, मिठाई खिलाकर और प्रतीमा देकर जोरदार स्वागत किया गया। संस्थान के संचालक मास्टर विकास चौहान कारोला ने इस सफलता का श्रेय बच्चों की लगन, सही मार्गदर्शन, उनकी जिद और अपनी पूरी टीम को दिया, साथ ही अपने बड़े भाई मास्टर मनोज चौहान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि टीम के हेड कोच आकाश गहलोत, प्रबंधक रोहित चौहान और सहयोगी स्टाफ अंजली चौहान व अनुज चौहान की देखरेख में इन अभ्यर्थियों ने क्लासरूम की पढ़ाई से लेकर फिजिकल ग्राउंड की ट्रेनिंग तक दिन-रात कड़ी मेहनत की थी। समारोह में उपस्थित क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और बुजुर्गों ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए एकेडमी के प्रयासों की भरपूर सराहना की। सरपंच रोहतास और ग्रामीणों ने एकेडमी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ग्रामीण अंचल में इस स्तर की बेहतरीन सुविधाएँ और 100% परिणाम देने वाली एकेडमी होने से अब क्षेत्र के बच्चों को कोचिंग के लिए बड़े शहरों में जाकर लाखों रुपए खर्च करने और भटकने की आवश्यकता नहीं है। एकेडमी मैनेजमेंट ने इस दौरान क्षेत्र में आ रहे सकारात्मक बदलावों पर भी प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि आजकल माता-पिता बेटियों को भी आगे बढ़ाने के लिए उतने ही तत्पर हैं। वर्तमान में 40 से अधिक बेटियाँ देश सेवा का सपना लेकर एकेडमी में सुबह-शाम पसीना बहा रही हैं, और मैनेजमेंट को विश्वास है कि भविष्य में यहाँ से देश की रक्षा के लिए बेटियों का भी एक बड़ा बैच एक साथ चुना जाएगा। मास्टर मनोज चौहान ने कहा कि नौकरी पाना कठिन नहीं है, बशर्ते सही मार्गदर्शन, अटूट अनुशासन और ईमानदारी से की गई कड़ी मेहनत का जज्बा हो। समारोह में कारोला सरपंच रोहतास शर्मा, डॉक्टर दर्शन, डॉक्टर सतेन्द्र चौहान, सुरेन्द्र सिंह, अजीत सिंह, हैप्पी चौहान, महेश पहलवान, नरेंद्र सिंह सहित कई गणमान्य लोग और बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ग्रामीणों, शिक्षकों और अभिभावकों ने चयनित युवाओं को देश सेवा के इस नए सफर के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।4
- मानेसर रोड कासन1
- अलवर के मुंडावर उपखण्ड स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रड़वा में वरिष्ठ अध्यापक महेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व और अध्यक्षता में आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का रविवार को समापन हो गया। इस कार्यक्रम में शिक्षाविद् एवं गांधीवादी विचारक डॉ. डी. आर. शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। समापन समारोह के दौरान, महेंद्र सिंह यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं की समाज और राष्ट्र के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचार साझा किए कि युवा शक्ति को समाज सेवा की सृजनशील धारा से जुड़ना चाहिए और केवल वैचारिक सहानुभूति तक सीमित न रहकर सामाजिक तथा रचनात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए, जिससे समाज के आर्थिक और नैतिक विकास में योगदान मिल सके। मुख्य अतिथि डॉ. डी. आर. शर्मा ने बताया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। उन्होंने जोर दिया कि समाज सेवा विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सहयोग, संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करती है, और इसी उद्देश्य से विद्यालयी शिक्षा में समाजोपयोगी उत्पादन कार्य तथा समाज सेवा को भी शामिल किया गया है। शिविर के दौरान, विद्यार्थियों को सामाजिक दायित्वों, राष्ट्रीय एकता, साम्प्रदायिक सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण, परिवार कल्याण तथा सामुदायिक सहभागिता के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही, उनमें श्रम के प्रति सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति आदर और पारस्परिक सहयोग की भावना विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ अध्यापक मनोज यादव, तमन्ना भाटोटिया, ज्योति महला, खुशी तंवर, ललिता गुरुवान, अलका बुडोलिया, प्रियांशी यादव, अनिकेत यादव, अक्षत, कार्तिक तंवर एवं ललित राठौर सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- एक जोड़े ने अपनी विवाह की 25वीं सालगिरह मनाई। इस खास अवसर पर उन्होंने अपने बुजुर्गों से आशीर्वाद प्राप्त किया।1
- अपनी भाभी के प्यार में अंधे एक देवर का बच्चों की जान के लिए एक एनकाउंटर हुआ है।1