मुजफ्फरपुर के बोचहा प्रखंड में मान बिशनपुर से बुधनगरा घाट को जोड़ने वाली सड़क सिर्फ एक साल में ही बेहद दयनीय हालत में पहुंच गई है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की इस खस्ताहालत के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने मीडिया से बातचीत में अपना गुस्सा व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि सड़क और पुलिया की मौजूदा स्थिति स्पष्ट रूप से 'लूट-खसोट की योजना' को उजागर करती है। उनका कहना है कि ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सड़क का निर्माण किया गया, जिसके कारण इतने कम समय में ही यह जर्जर हो गई। एक स्थानीय युवा ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि, “साल भर पहले बड़ी धूमधाम से सड़क का उद्घाटन हुआ था। अब देखिए, यह गड्ढों और टूटे हिस्सों से भरी पड़ी है। बारिश में तो आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है। यह सड़क नहीं, लोगों के पैसे की लूट है।” ग्रामीणों का कहना है कि तमाम विरोध प्रदर्शनों के बावजूद अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने और दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। यह घटना विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठाती है, और अब स्थानीय लोग इस मुद्दे को उच्चाधिकारियों तक ले जाने की तैयारी में हैं।
मुजफ्फरपुर के बोचहा प्रखंड में मान बिशनपुर से बुधनगरा घाट को जोड़ने वाली सड़क सिर्फ एक साल में ही बेहद दयनीय हालत में पहुंच गई है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की इस खस्ताहालत के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने मीडिया से बातचीत में अपना गुस्सा व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि सड़क और पुलिया की मौजूदा स्थिति स्पष्ट रूप से 'लूट-खसोट की योजना' को उजागर करती है। उनका कहना है कि ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सड़क का निर्माण किया गया, जिसके कारण इतने कम समय में ही यह जर्जर हो गई। एक स्थानीय युवा ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि, “साल भर पहले बड़ी धूमधाम से सड़क का उद्घाटन हुआ था। अब देखिए, यह गड्ढों और टूटे हिस्सों से भरी पड़ी है। बारिश में तो आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है। यह सड़क नहीं, लोगों के पैसे की लूट है।” ग्रामीणों का कहना है कि तमाम विरोध प्रदर्शनों के बावजूद अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने और दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। यह घटना विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठाती है, और अब स्थानीय लोग इस मुद्दे को उच्चाधिकारियों तक ले जाने की तैयारी में हैं।
- हरदी (बगवारा) विद्यालय में एक अंग्रेजी परीक्षा के बीच छात्रों को कथित तौर पर परीक्षा से बाहर निकाल दिया गया, जिसके बाद छात्रों ने जमकर हंगामा किया। इस घटना के बाद, एक शिक्षक पर छात्रों के साथ गाली-गलौज करने का भी आरोप लगा है। इस पूरे विवाद को लेकर अब छात्रों और अन्य लोगों द्वारा मामले की गहन जांच कराने और प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित करने की मांग उठाई जा रही है।1
- यह संदेश किसानों की अथक मेहनत और उनकी उपज के महत्व को दर्शाता है, जिसमें कहा गया है कि एक किसान के लिए उसकी फसल ही उसका सच्चा सोना, चांदी, हीरे और पैसे के समान है, जो उसके जीवन में सब कुछ का महत्व रखती है। यह उसकी कठोर मेहनत का अनमोल फल है, जो अंततः अनाज के रूप में प्राप्त होता है।1
- पूर्वी चंपारण के सिसवा मंगल गांव में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ बुजुर्ग किसान रामबिहारी पाण्डेय की लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है। इस भयावह वारदात को घटे हुए छह दिन बीत चुके हैं, जिसके बाद पूर्वी चंपारण से 1000 ब्राह्मणों ने एनकाउंटर में सहयोग देने की बात कहकर न्याय की तीव्र माँग को सामने रखा है। इस गंभीर मामले पर मुख्यधारा की मीडिया से लेकर छोटे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक सभी की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि पीड़ितों की जाति देखकर न्याय पर चुप्पी साध ली जाती है। यह पूरी घटना कानून व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करती है, जिस पर एक बेबाक रिपोर्ट पेश की गई है।1
- वैशाली के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, जिलेभर में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अपराध को नियंत्रित करना और आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाना है। यह कार्रवाई वैशाली पुलिस की सख्ती को दर्शाती है, जो पूरे जिला क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत है।1
- अभिनेत्री सोना पांडे ने भोजपुरी इंडस्ट्री को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने इंडस्ट्री की सच्चाई पर बेबाक बयान दिया है, जिसके बाद काफी बवाल मच गया है।1
- मोतीपुर के महना चौक स्थित एक मस्जिद के पास प्रतिबंधित मांस मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। इस घटना के मद्देनजर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है।1
- मुजफ्फरपुर जिले में एक पेट्रोल पंप पर पानी मिला पेट्रोल बेचने का गंभीर आरोप सामने आया है।1
- छाता चौक स्थित मद्य निषेध थाने में एक बड़ी कार्रवाई के तहत भारी मात्रा में शराब और स्पिरिट का विनष्टीकरण किया गया है। कुल 11700 लीटर विदेशी शराब, चुलाई शराब और स्पिरिट को नष्ट किया गया। यह कार्रवाई मद्य निषेध थाना, छाता चौक पर संपन्न हुई।1
- मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट में एक महिला के प्राइवेट पार्ट में हसुआ घोंप दिया गया है।1