मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की सारंगपुर तहसील अंतर्गत ग्राम अलूनी में भारी बारिश के बीच एक गरीब आदिवासी मजदूर मोड़सिंह की वर्षों पुरानी घास-फूस की टापरी को जेसीबी चलाकर जमींदोज कर दिया गया। इस अमानवीय कार्रवाई के कारण पीड़ित का परिवार और मवेशी खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। टापरी ढहाए जाने से उसके भीतर रखा सारा पशु-चारा भी बारिश के पानी में भीगकर पूरी तरह सड़ गया है, जिससे पीड़ित को भारी आर्थिक और मानसिक क्षति पहुंची है। पीड़ित मोड़सिंह ने प्रशासन और स्थानीय दबंगों पर लक्षित कार्रवाई और सामाजिक भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, गांव के अन्य हिस्सों में भी अतिक्रमण मौजूद हैं, लेकिन प्रशासन ने केवल इस गरीब आदिवासी मजदूर को ही निशाना बनाया। इसके अलावा गांव के कुछ रसूखदार लोग पीड़ित और उसके परिवार को सार्वजनिक ट्यूबवेल से पानी तक नहीं भरने दे रहे हैं, जिससे उन्हें पीने के पानी के लिए भी कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। दूसरी ओर मामले में पटवारी रामबाबू ने प्रशासनिक पक्ष रखते हुए कहा कि ग्राम पंचायत भवन निर्माण के लिए सरपंच और सचिव द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर नियमानुसार सरकारी भूमि को खाली कराया गया है। घटना के बाद पीड़ित ने सारंगपुर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और राज्यमंत्री डॉ. गौतम टेटवाल को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच, फसल व चारे के नुकसान के उचित मुआवजे और पानी रोकने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की सारंगपुर तहसील अंतर्गत ग्राम अलूनी में भारी बारिश के बीच एक गरीब आदिवासी मजदूर मोड़सिंह की वर्षों पुरानी घास-फूस की टापरी को जेसीबी चलाकर जमींदोज कर दिया गया। इस अमानवीय कार्रवाई के कारण पीड़ित का परिवार और मवेशी खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। टापरी ढहाए जाने से उसके भीतर रखा सारा पशु-चारा भी बारिश के पानी में भीगकर पूरी तरह सड़ गया है, जिससे पीड़ित को भारी आर्थिक और मानसिक क्षति पहुंची है। पीड़ित मोड़सिंह ने प्रशासन और स्थानीय दबंगों पर लक्षित कार्रवाई और सामाजिक भेदभाव का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, गांव के अन्य हिस्सों में भी अतिक्रमण मौजूद हैं, लेकिन प्रशासन ने केवल इस गरीब आदिवासी मजदूर को ही निशाना बनाया। इसके अलावा गांव के कुछ रसूखदार लोग पीड़ित और उसके परिवार को सार्वजनिक ट्यूबवेल से पानी तक नहीं भरने दे रहे हैं, जिससे उन्हें पीने के पानी के लिए भी कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। दूसरी ओर मामले में पटवारी रामबाबू ने प्रशासनिक पक्ष रखते हुए कहा कि ग्राम पंचायत भवन निर्माण के लिए सरपंच और सचिव द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर नियमानुसार सरकारी भूमि को खाली कराया गया है। घटना के बाद पीड़ित ने सारंगपुर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और राज्यमंत्री डॉ. गौतम टेटवाल को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच, फसल व चारे के नुकसान के उचित मुआवजे और पानी रोकने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
- दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में गुरुवार दोपहर दतिया के किला चौक पर छात्र-छात्राओं ने इकट्ठा होकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे छात्रों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा दिल्ली में आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों की लगातार नारेबाजी से कुछ समय के लिए किला चौक पर माहौल गर्म रहा। इसके बाद पुलिस की निगरानी में यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया।1
- Post by Anitm3021
- आगर मालवा के सुसनेर में इंदौर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग 552 जी पर स्थित त्रिमूर्ति मंदिर में भक्ति और अध्यात्म का भव्य संगम होने जा रहा है। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्ति का मेला आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर माताजी के 17वें चातुर्मास की पत्रिका का विमोचन कर दिया गया है।1
- मध्य प्रदेश में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में काली पट्टी बांधकर धरना दिया और अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन पीपलरावाँ थाना प्रभारी सुबोध कुमार गौत्तम को सौंपा।1
- आगर मालवा जिले के सुसनेर स्थित डग रोड नगर परिषद परिसर में गुरुवार दोपहर साढ़े 3 बजे प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत एक विशेष पंजीयन शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए आयोजित शिविर में नगर परिषद अध्यक्ष प्रदीप सोनी, सीएमओ हरिओम शर्मा एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा योजना के पात्र हितग्राहियों को पेंशन कार्ड प्रदान किए गए। शिविर में सहायक श्रम पदाधिकारी बी.एल. राठौर ने बताया कि यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बुढ़ापे को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के उद्देश्य से बनाई गई है। इसके अंतर्गत 60 वर्ष की आयु के बाद लाभार्थियों को ₹3,000 प्रति माह की पेंशन दी जाएगी। योजना में उम्र के अनुसार मात्र ₹55 से ₹200 तक का मासिक अंशदान देना होता है, और उतनी ही बराबर राशि केंद्र सरकार द्वारा भी लाभार्थी के खाते में जमा की जाती है। इस अवसर पर नगर परिषद अध्यक्ष प्रदीप सोनी ने नगरवासियों से योजना में अधिक से अधिक पंजीयन कराने की अपील की है।1
- NEET पेपर लीक और दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई के विरोध में कालापीपल में कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुमार चौधरी के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन से पंचमुखी चौराहे तक एक मार्च निकाला गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों से सीधे सवाल पूछकर उनकी राय जानी गई और उनसे पूछा गया कि क्या शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। इस मार्च के जरिए नीट परीक्षा मामले को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर देशभर के युवाओं और छात्रों ने प्रदर्शन किया। इसी प्रदर्शन के दौरान एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक लड़की यह कहती दिख रही है कि शिक्षा मंत्री मोहन यादव को इस्तीफा देना होगा और वे इस्तीफा लेकर रहेंगे। जबकि हकीकत यह है कि देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हैं। ऐसे वीडियो सामने आने के बाद अब जांच एजेंसियां पूरी तरह से सक्रिय हो गई हैं। यह आशंका जताई जा रही है कि इस आंदोलन के बहाने देश की शांति, अमन और चैन को खराब करने की कोशिश की जा रही थी। इसके अलावा, इस आंदोलन के पीछे देश विरोधी ताकतों का हाथ होने और फंडिंग किए जाने की बात भी कही जा रही है। इस पूरे मामले में अब दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सवाल उठ रहे हैं कि यह कैसा छात्र आंदोलन है, जिसमें शामिल युवाओं को देश के शिक्षा मंत्री का नाम तक नहीं पता।1
- देवास में महज एक घंटे की तेज बारिश ने शहर की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लगा दिया है और जल निकासी व्यवस्था के दावों की पोल खोलकर रख दी है। बारिश के चलते शहर के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है, जिससे आम जनजीवन खासा प्रभावित हुआ है। सबसे खराब स्थिति शहर के व्यस्ततम और प्रमुख मार्ग मक्सी रोड की है, जहां सड़क पर डेढ़ फीट तक पानी भर गया है। निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण यह मुख्य मार्ग पूरी तरह जलमग्न होकर नदी जैसा नजारा पेश कर रहा है और यहां यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। सड़कों पर भारी जलभराव के कारण आवागमन बाधित होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें दुपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा परेशान हैं। जलभराव से बचने के लिए कई वाहन चालक मजबूरन 'रॉन्ग साइड' (गलत दिशा) में गाड़ियां चला रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी काफी बढ़ गई है। ड्रेनेज सिस्टम की इस नाकामी पर स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़कों से पानी निकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है ताकि यातायात सुचारू हो सके और लोगों को राहत मिल सके।1
- मध्य प्रदेश में 'नामद के प्रदेश-मध्य प्रदेश' लिखी हुई एक टी-शर्ट वायरल हो रही है। यह पूरा मामला 'कॉकरोचों' के एक प्रदर्शन के दौरान सामने आया है, जिसमें भागीरथपुरा-सिरप कांड का जिक्र किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि यह महज एक पब्लिसिटी स्टंट है या फिर राज्य का अपमान।1