औरैया में समाज सेवा की अनूठी मिसाल यमुना तट पर जर्जर पिंडदान स्थल का 'एक विचित्र पहल सेवा समिति' ने शुरू कराया जीर्णोद्धार औरैया। जनपद के प्रमुख समाजसेवी संगठन 'एक विचित्र पहल सेवा समिति' द्वारा जनहित में एक और सराहनीय कार्य की शुरुआत की गई है। समिति की देखरेख में 4 अगस्त 2026 से यमुना तट मार्ग पर स्थित काफी समय से क्षतिग्रस्त पड़े पिंडदान स्थल का भव्य जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ करा दिया गया है। दिवंगत व्यक्तियों की अंतिम क्रिया के लिए पिंडदान चौकी पर उच्च गुणवत्ता का ग्रेनाइट पत्थर लगाया जा रहा है। पूरे परिसर के क्षतिग्रस्त फर्श को दोबारा पक्का किया जा रहा है, जिससे परिजनों को बैठने और क्रियाकर्म में सहूलियत होगी। परिसर के आसपास के गड्ढों को भरकर समतल किया जा रहा है, जिससे भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की संभावना खत्म हो सके। अंत्येष्टि में आने वाले लोगों को भीषण गर्मी और धूप से बचाने के लिए 10 दिन पूर्व ही यहाँ ट्री-गार्ड सहित छायादार पौधों का पौधारोपण किया गया है, जिनकी प्रतिदिन देखभाल की जा रही है। संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल रानू और संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यह पिंडदान स्थल बेहद जर्जर हो चुका था। यहाँ हर दिन शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से लगभग 10 दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान क्रिया की जाती है, जिसमें हजारों लोगों का आवागमन होता है। जनहित और इस अति आवश्यक सेवा की संवेदनशीलता को देखते हुए समिति ने तुरंत इसका बीड़ा उठाया। इस दौरान समिति के संस्थापक ने भावुक संदेश देते हुए कहा— "देखी जमाने की यारी, सबको जाना वारी-वारी"। इस पुनीत और जन कल्याणकारी जीर्णोद्धार कार्यक्रम को सफल बनाने में में देवी दास अग्रवाल (समाजसेवी), मनीष पुरवार 'हीरु' (पर्यावरण प्रहरी), डॉ. शिवकुमार सोनी, विनोद कुमार पोरवाल, अनिल कुमार सोनी, सचिन कुमार पोरवाल, संजय अग्रवाल, तेज बहादुर वर्मा (बैंक से सेवानिवृत), राकेश गुप्ता, संतोष कुशवाहा, राजीव पोरवाल 'रानू' (अध्यक्ष), आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट (संस्थापक) का सराहनीय योगदान रहा।
औरैया में समाज सेवा की अनूठी मिसाल यमुना तट पर जर्जर पिंडदान स्थल का 'एक विचित्र पहल सेवा समिति' ने शुरू कराया जीर्णोद्धार औरैया। जनपद के प्रमुख समाजसेवी संगठन 'एक विचित्र पहल सेवा समिति' द्वारा जनहित में एक और सराहनीय कार्य की शुरुआत की गई है। समिति की देखरेख में 4 अगस्त 2026 से यमुना तट मार्ग पर स्थित काफी समय से क्षतिग्रस्त पड़े पिंडदान स्थल का भव्य जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ करा दिया गया है। दिवंगत व्यक्तियों की अंतिम क्रिया के
लिए पिंडदान चौकी पर उच्च गुणवत्ता का ग्रेनाइट पत्थर लगाया जा रहा है। पूरे परिसर के क्षतिग्रस्त फर्श को दोबारा पक्का किया जा रहा है, जिससे परिजनों को बैठने और क्रियाकर्म में सहूलियत होगी। परिसर के आसपास के गड्ढों को भरकर समतल किया जा रहा है, जिससे भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की संभावना खत्म हो सके। अंत्येष्टि में आने वाले लोगों को भीषण गर्मी और धूप से बचाने के लिए 10 दिन पूर्व ही यहाँ ट्री-गार्ड सहित छायादार पौधों का
पौधारोपण किया गया है, जिनकी प्रतिदिन देखभाल की जा रही है। संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल रानू और संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यह पिंडदान स्थल बेहद जर्जर हो चुका था। यहाँ हर दिन शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से लगभग 10 दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान क्रिया की जाती है, जिसमें हजारों लोगों का आवागमन होता है। जनहित और इस अति आवश्यक सेवा की संवेदनशीलता को देखते हुए समिति ने तुरंत इसका बीड़ा
उठाया। इस दौरान समिति के संस्थापक ने भावुक संदेश देते हुए कहा— "देखी जमाने की यारी, सबको जाना वारी-वारी"। इस पुनीत और जन कल्याणकारी जीर्णोद्धार कार्यक्रम को सफल बनाने में में देवी दास अग्रवाल (समाजसेवी), मनीष पुरवार 'हीरु' (पर्यावरण प्रहरी), डॉ. शिवकुमार सोनी, विनोद कुमार पोरवाल, अनिल कुमार सोनी, सचिन कुमार पोरवाल, संजय अग्रवाल, तेज बहादुर वर्मा (बैंक से सेवानिवृत), राकेश गुप्ता, संतोष कुशवाहा, राजीव पोरवाल 'रानू' (अध्यक्ष), आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट (संस्थापक) का सराहनीय योगदान रहा।
- यमुना तट मार्ग पर स्थित क्षतिग्रस्त पिंडदान स्थल का हो रहा हैं जीणोंद्धार, पिंडदान चौकी पर लगा ग्रेनाइट पत्थर औरैया। समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति, औरैया द्वारा आज दिनांक 4 अगस्त 2026 दिन मंगलवार को यमुना तट मार्ग पर स्थित क्षतिग्रस्त पिंडदान स्थल पर जीणोंद्धार प्रारंभ हो गया हैं जिसके अंतर्गत दिवंगत व्यक्ति हेतु पिंडदान चौकी पर ग्रेनाइट पत्थर लगाया गया हैं, तथा परिसर का फर्श भी दोबारा बनाया गया है जिससे दिवंगत व्यक्ति की पिंडदान क्रिया करने में परिवारीजनों को सहूलियत मिलेगी। समिति संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल रानू ने बताया कि पिंडदान स्थल काफी क्षतिग्रस्त हो गया था, समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि पिंडदान स्थल के आसपास कई गड्ढे हो गए थे, जिससे अप्रिय घटना होने की संभावना थी, व दिवंगत व्यक्ति के पार्थिव शरीर को रखने वाली चौकी भी क्षतिग्रस्त हो गयी थी, जनहित व अति आवश्यक सेवा को दृष्टिगत रखते हुए समिति द्वारा पिंडदान स्थल पर जीणोंद्धार कराया गया, जिससे अंत्येष्टि में गए हुए लोगों को पिंडदान स्थल पर दिवंगत व्यक्ति की पिंडदान क्रिया करने में सुविधा मिलेगी। पर्यावरण प्रहरी मनीष पुरवार (हीरु) ने बताया कि 10 दिन पूर्व पिंडदान स्थल पर छाया हेतु ट्री गार्ड सहित छायादार पौधों का पौधारोपण किया गया था, जिससे अंत्येष्टि में गए हुए लोगों को ग्रीष्म ऋतु की कड़ी धूप में पेड़ों की छाया से काफी राहत मिलेगी, पौधों की उनकी सुरक्षा व देखरेख समिति के सदस्यों द्वारा प्रतिदिन की जा रही हैं, संस्थापक ने बताया कि प्रतिदिन शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 10 दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति हेतु पिंडदान स्थल पर पिंडदान क्रिया की जाती हैं, जबकि दिवंगत व्यक्तियों के साथ पिंडदान स्थल पर प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता हैं। उन्होंने बताया कि *"देखी जमाने की यारी, सबको जाना वारी-वारी"* जीणोंद्धार कार्यक्रम में समाजसेवी देवी दास अग्रवाल,पर्यावरण प्रहरी मनीष पुरवार (हीरु) डॉ. शिवकुमार सोनी, विनोद कुमार पोरवाल, अनिल कुमार सोनी, सचिन कुमार पोरवाल, संजय अग्रवाल, बैंक से सेवानिवृत तेज बहादुर वर्मा, राकेश गुप्ता, संतोष कुशवाहा, अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू), संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट, आदि लोगों का सराहनीय योगदान रहा।2
- यमुना तट मार्ग पर स्थित क्षतिग्रस्त पिंडदान स्थल का हो रहा हैं जीणोंद्धार यमुना तट मार्ग पर स्थित क्षतिग्रस्त पिंडदान स्थल का हो रहा हैं जीणोंद्धार पिंडदान चौकी पर लगा ग्रेनाइट पत्थर *पिंडदान स्थल का फर्श हुआ गड्ढा मुक्त समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति, औरैया द्वारा आज दिनांक 4 अगस्त 2026 दिन मंगलवार को यमुना तट मार्ग पर स्थित क्षतिग्रस्त पिंडदान स्थल पर जीणोंद्धार प्रारंभ हो गया हैं जिसके अंतर्गत दिवंगत व्यक्ति हेतु पिंडदान चौकी पर ग्रेनाइट पत्थर लगाया गया हैं, तथा परिसर का फर्श भी दोबारा बनाया गया है जिससे दिवंगत व्यक्ति की पिंडदान क्रिया करने में परिवारीजनों को सहूलियत मिलेगी। समिति संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल रानू ने बताया कि पिंडदान स्थल काफी क्षतिग्रस्त हो गया था, समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि पिंडदान स्थल के आसपास कई गड्ढे हो गए थे, जिससे अप्रिय घटना होने की संभावना थी, व दिवंगत व्यक्ति के पार्थिव शरीर को रखने वाली चौकी भी क्षतिग्रस्त हो गयी थी, जनहित व अति आवश्यक सेवा को दृष्टिगत रखते हुए समिति द्वारा पिंडदान स्थल पर जीणोंद्धार कराया गया, जिससे अंत्येष्टि में गए हुए लोगों को पिंडदान स्थल पर दिवंगत व्यक्ति की पिंडदान क्रिया करने में सुविधा मिलेगी। पर्यावरण प्रहरी मनीष पुरवार (हीरु) ने बताया कि 10 दिन पूर्व पिंडदान स्थल पर छाया हेतु ट्री गार्ड सहित छायादार पौधों का पौधारोपण किया गया था, जिससे अंत्येष्टि में गए हुए लोगों को ग्रीष्म ऋतु की कड़ी धूप में पेड़ों की छाया से काफी राहत मिलेगी, पौधों की उनकी सुरक्षा व देखरेख समिति के सदस्यों द्वारा प्रतिदिन की जा रही हैं, संस्थापक ने बताया कि प्रतिदिन शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 10 दिवंगत लोगों की आत्मा की शांति हेतु पिंडदान स्थल पर पिंडदान क्रिया की जाती हैं, जबकि दिवंगत व्यक्तियों के साथ पिंडदान स्थल पर प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता हैं। उन्होंने बताया कि *"देखी जमाने की यारी, सबको जाना वारी-वारी"* जीणोंद्धार कार्यक्रम में समाजसेवी देवी दास अग्रवाल,पर्यावरण प्रहरी मनीष पुरवार (हीरु) डॉ. शिवकुमार सोनी, विनोद कुमार पोरवाल, अनिल कुमार सोनी, सचिन कुमार पोरवाल, संजय अग्रवाल, बैंक से सेवानिवृत तेज बहादुर वर्मा, राकेश गुप्ता, संतोष कुशवाहा, अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू), संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट, आदि लोगों का सराहनीय योगदान रहा।3
- अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में गूंजीं राष्ट्रभक्ति, हास्य और श्रृंगार की स्वर लहरियां औरैया। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 140वीं जयंती के उपलक्ष्य में श्री गहोई वैश्य सेवा समिति के तत्वावधान में सोमवार को आध्या होटल में भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत इस आयोजन में देश के विभिन्न जनपदों से आए प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी ओजस्वी, हास्य, श्रृंगार, वीर रस एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाओं का प्रभावशाली पाठ कर देर रात तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध बनाए रखा। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। सम्मेलन में अवनीश त्रिपाठी, अजय अंजाम (औरैया), प्रमोद भारती (करैरा), अंजुम मनोहर (भिंड), योगिता चौहान (इटावा), शर्मिला गहोई (औरैया), शिवम कुमार आजाद (सिकंदराराउ) तथा गोपाल पाण्डेय (औरैया) ने अपनी प्रभावशाली रचनाओं का पाठ किया। राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कविताओं ने जहां श्रोताओं में जोश का संचार किया, वहीं हास्य और श्रृंगार रस की प्रस्तुतियों ने सभागार को ठहाकों और तालियों से गुंजायमान कर दिया।1
- देवकली मंदिर से लौट रही युवती बाइक से गिरी, जिला अस्पताल में भर्ती औरैया। सावन माह में देवकली मंदिर में दर्शन-पूजन कर लौट रही एक युवती मंगलवार को अचानक बाइक से गिरकर घायल हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची एंबुलेंस ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है। जानकारी के अनुसार अर्चना, पुत्री राधारमन, निवासी गांव उझयानी, जनपद इटावा, मंगलवार को भगवान शिव के दर्शन करने के लिए औरैया स्थित प्रसिद्ध देवकली मंदिर आई थीं। दर्शन के बाद वह बाइक से अपने गांव वापस लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में अचानक बाइक से उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं।1