बड़वानी नगर पालिका परिषद ने शहर में यातायात को सुरक्षित और सुचारु बनाने के साथ-साथ आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत, पालिका की टीम ने शहर के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर घूम रहे आवारा मवेशियों को पकड़कर नगर पालिका के समीप स्थित गोशाला में सुरक्षित पहुंचाया। प्रशासन ने इस कार्रवाई के दौरान पशुओं को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा है। अभियान के दौरान नगर पालिका प्रशासन ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर मुनादी कराकर पशुपालकों को सख्त चेतावनी दी है कि वे अपने पशुओं को सड़कों पर खुला न छोड़ें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवारा पशुओं के कारण न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। नगर पालिका ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में कोई भी पशुपालक अपने मवेशियों को सड़कों पर खुला छोड़ता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका परिषद ने बड़वानी के नागरिकों और पशुपालकों से एक सुरक्षित और व्यवस्थित शहर के निर्माण में सहयोग की अपील की है।
बड़वानी नगर पालिका परिषद ने शहर में यातायात को सुरक्षित और सुचारु बनाने के साथ-साथ आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत, पालिका की टीम ने शहर के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर घूम रहे आवारा मवेशियों को पकड़कर नगर पालिका के समीप स्थित गोशाला में सुरक्षित पहुंचाया। प्रशासन ने इस कार्रवाई के दौरान पशुओं को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा है। अभियान के दौरान नगर पालिका प्रशासन ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर मुनादी कराकर पशुपालकों को सख्त चेतावनी
दी है कि वे अपने पशुओं को सड़कों पर खुला न छोड़ें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवारा पशुओं के कारण न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। नगर पालिका ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में कोई भी पशुपालक अपने मवेशियों को सड़कों पर खुला छोड़ता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका परिषद ने बड़वानी के नागरिकों और पशुपालकों से एक सुरक्षित और व्यवस्थित शहर के निर्माण में सहयोग की अपील की है।
- बड़वानी से 255 शिव भक्तों का एक जत्था पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हो गया है।1
- बड़वानी जिले के जुलवानिया के युवा आयुर्वेद डॉक्टर जयपाल यादव और उनकी पत्नी ने मिलकर एक नए उपकरण की खोज की है। उनकी इस मेहनत और बड़ी खोज के लिए भारत सरकार द्वारा पेटेंट हेतु प्रमाण पत्र जारी किया गया है। डॉक्टर यादव को मिली इस नई उपलब्धि से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है और सभी ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।1
- मध्यप्रदेश के अलीराजपुर में आगामी 9 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस की तैयारियां काफी जोर-शोर से की जाएंगी।1
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- धार में संस्कृति और प्रकृति को एक साथ संरक्षित करने का संदेश देने के लिए एक अनूठी तुलसी यात्रा निकाली गई। इस अनूठी यात्रा के माध्यम से सनातन धर्म और संस्कृति के साथ प्रकृति को महत्व देने तथा आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए घर-घर तक तुलसी के पौधे पहुंचाए जा रहे हैं। यात्रा के संयोजक एवं संकल्पकर्ता एडवोकेट समाजसेवक नवनीत जैन के माध्यम से कुल 51,000 तुलसी के पौधे बांटे जा रहे हैं। इसी क्रम में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी छोटे-छोटे आयोजन और तुलसी यात्राएं निकाली जा रही हैं। यह यात्रा धारेश्वर से विशेष पूजन और अभिषेक के साथ प्रारंभ हुई। यात्रा को मांडू चतुर्भुज श्री राम मंदिर के महामंडलेश्वर डॉक्टर नरसिंह दास जी महाराज, महंत श्यामदास जी महाराज, महंत कृष्णदास जी महाराज और महंत जीवनदास जी महाराज सहित 12 से अधिक संत-महात्माओं का सानिध्य प्राप्त हुआ। यात्रा में सबसे आगे तुलसी पूजन होता रहा और भजनों की धुन पर मगन होकर बड़ी संख्या में समाजसेवियों और महिलाओं ने इसमें भाग लिया। यात्रा के दौरान एक बड़े ट्राले पर हजारों तुलसी के पौधे रखकर पूरे नगर में बांटे गए और साथ ही अखंड राम धुन संकीर्तन भी किया गया। मार्ग में महिलाओं ने अपने घरों के बाहर से आरती की थाली लेकर तुलसी पूजन किया। इस यात्रा का नगर भर में मंच लगाकर स्वागत किया गया, जिसमें सनातन धर्म के विभिन्न समाजों जैसे राठौर समाज, जूना गुजराती समाज, रेदास समाज, वाल्मीकि समाज, फूल माली समाज, हिंदू कोईलान समाज, अजय पाल क्षत्रिय समाज, क्षत्रिय मराठा समाज, महाराष्ट्रीयन ब्राह्मण समाज, मालवीय रजक समाज, सेन समाज, ब्राह्मण समाज, अग्रवाल समाज और माझी समाज ने सक्रिय योगदान दिया। इसके साथ ही 'आओ सहेजे धरा', धारनाथ छबीना समिति, डॉ मनोहर ठाकुर ट्रस्ट, मंडी व्यापारी संघ, थोक व्यापारी संघ, सर्व हिंदू सद्भावना मंच और भोज उत्सव समिति जैसे विभिन्न प्रकृति प्रेमी संगठनों ने भी यात्रा का भव्य स्वागत किया। यात्रा के संयोजक नवनीत जैन ने बताया कि इस पूरी यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रकृति से प्रेम और उसका संरक्षण करना है। इस आयोजन में सुरेश राजपुरोहित, डॉ दुर्गेश नागर, डॉक्टर शरद विजयवर्गीय, दीपक पवार, हरीश रघुवंशी, सुरेश जलोदिया, अनिल बोरदिया, प्रतिभा शिवले, भागवंती टाक, ममता जोशी, योगेश अग्रवाल, जितेंद्र अग्रवाल, उदय वंडनेरकर, अभिषेक चतुर्वेदी, हेमंत दौराया, अविनाश दुबे, छगन परमार, अजय सिंह ठाकुर, रंजना राठौर, पूनम फकीरा, राजेश पटेल, डाली यादव, सीमा पंड्या, सुमित्रा पाल, मीना दुबे और सविता पाटीदार सहित कई आम लोग व विभिन्न संगठनों के प्रमुख उपस्थित रहे।4
- मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले के बोरी थाना क्षेत्र में एक विधवा महिला के साथ डकैती और सामूहिक दुष्कर्म की दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यह सनसनीखेज घटना शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे की है, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। करीब 6 हथियारबंद बदमाश विधवा महिला के घर का दरवाजा तोड़कर भीतर घुस गए और इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया। बदमाशों ने महिला को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की और उस पर 8 किलोग्राम चांदी छिपाने का आरोप लगाया। भय के कारण पीड़ित महिला ने अपने पास रखी करीब 1 किलोग्राम चांदी बदमाशों को सौंप दी, लेकिन आरोपी 8 किलोग्राम चांदी की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद आरोपियों ने पूरे घर का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया और चांदी की खोज में घर के भीतर कई स्थानों पर खुदाई भी की। मनचाही चांदी न मिलने पर आरोपियों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, जिससे पीड़िता के गुप्तांग सहित शरीर पर गंभीर शारीरिक चोटें आईं। वारदात के बाद महिला को बोरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदोरिया तुरंत मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में डकैती, सामूहिक दुष्कर्म तथा अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं और पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच करते हुए 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करने का प्रयास कर रही है।1