[21/04, 11:31] BC: में प्रतिवर्ष 21 अप्रैल को राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस (Civil Services Day) मनाया जाता है। यह दिन लोक सेवकों को देश की सेवा के लिए खुद को समर्पित करने और नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को याद करने के अवसर के रूप में मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत 2006 में हुई थी। [21/04, 11:34] BC: आदि गुरु शंकराचार्य जयंती वर्ष 2026 में 21 अप्रैल, बुधवार को मनाई जाएगी। यह पर्व हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। Facebook Facebook +2 महत्वपूर्ण जानकारी: तिथि: 21 अप्रैल 2026 (वैशाख शुक्ल पंचमी) जयंती: 1238वीं जन्म वर्षगांठ जन्म स्थान: केरल के कालड़ी (788 ईस्वी में) महत्व: आदि शंकराचार्य को भगवान शिव का अवतार माना जाता है, जिन्होंने अद्वैत वेदांत की स्थापना की और सनातन धर्म को पुनर्जीवित किया। Facebook Facebook +4 इस दिन देशभर के मठों में विशेष पूजा, हवन और शोभा यात्राएं आयोजित की जाती हैं। Facebook Facebook [21/04, 11:31] BC: में प्रतिवर्ष 21 अप्रैल को राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस (Civil Services Day) मनाया जाता है। यह दिन लोक सेवकों को देश की सेवा के लिए खुद को समर्पित करने और नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को याद करने के अवसर के रूप में मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत 2006 में हुई थी। [21/04, 11:34] BC: आदि गुरु शंकराचार्य जयंती वर्ष 2026 में 21 अप्रैल, बुधवार को मनाई जाएगी। यह पर्व हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। Facebook Facebook +2 महत्वपूर्ण जानकारी: तिथि: 21 अप्रैल 2026 (वैशाख शुक्ल पंचमी) जयंती: 1238वीं जन्म वर्षगांठ जन्म स्थान: केरल के कालड़ी (788 ईस्वी में) महत्व: आदि शंकराचार्य को भगवान शिव का अवतार माना जाता है, जिन्होंने अद्वैत वेदांत की स्थापना की और सनातन धर्म को पुनर्जीवित किया। Facebook Facebook +4 इस दिन देशभर के मठों में विशेष पूजा, हवन और शोभा यात्राएं आयोजित की जाती हैं। Facebook Facebook
[21/04, 11:31] BC: में प्रतिवर्ष 21 अप्रैल को राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस (Civil Services Day) मनाया जाता है। यह दिन लोक सेवकों को देश की सेवा के लिए खुद को समर्पित करने और नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को याद करने के अवसर के रूप में मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत 2006 में हुई थी। [21/04, 11:34] BC: आदि गुरु शंकराचार्य जयंती वर्ष 2026 में 21 अप्रैल, बुधवार को मनाई जाएगी। यह पर्व हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। Facebook Facebook +2 महत्वपूर्ण जानकारी: तिथि: 21 अप्रैल 2026 (वैशाख शुक्ल पंचमी) जयंती: 1238वीं जन्म वर्षगांठ जन्म स्थान: केरल के कालड़ी (788 ईस्वी में) महत्व: आदि शंकराचार्य को भगवान शिव का अवतार माना जाता है, जिन्होंने अद्वैत वेदांत की स्थापना की और सनातन धर्म को पुनर्जीवित किया। Facebook Facebook +4 इस दिन देशभर के मठों में विशेष पूजा, हवन और शोभा यात्राएं आयोजित की जाती हैं। Facebook Facebook [21/04, 11:31] BC: में प्रतिवर्ष 21 अप्रैल को राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस (Civil Services Day) मनाया जाता है। यह दिन लोक सेवकों को देश की सेवा के लिए खुद को समर्पित करने और नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को याद करने के अवसर के रूप में मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत 2006 में हुई थी। [21/04, 11:34] BC: आदि गुरु शंकराचार्य जयंती वर्ष 2026 में 21 अप्रैल, बुधवार को मनाई जाएगी। यह पर्व हर साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। Facebook Facebook +2 महत्वपूर्ण जानकारी: तिथि: 21 अप्रैल 2026 (वैशाख शुक्ल पंचमी) जयंती: 1238वीं जन्म वर्षगांठ जन्म स्थान: केरल के कालड़ी (788 ईस्वी में) महत्व: आदि शंकराचार्य को भगवान शिव का अवतार माना जाता है, जिन्होंने अद्वैत वेदांत की स्थापना की और सनातन धर्म को पुनर्जीवित किया। Facebook Facebook +4 इस दिन देशभर के मठों में विशेष पूजा, हवन और शोभा यात्राएं आयोजित की जाती हैं। Facebook Facebook
- short video1
- Post by Pro hindustan tv1
- गुजरात के सूरत से बीजेपी द्वारा स्पेशल ट्रेन चलाने का मामला सामने आया है। इस ट्रेन के जरिए पश्चिम बंगाल के लोगों को वोट डालने भेजा गया। बताया जा रहा है कि यह वही सूरत स्टेशन है, जहां एक दिन पहले ट्रेन पकड़ने पहुंचे मजदूरों को लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा था। ये मजदूर यूपी और बिहार के थे।1
- मुर्शिदाबाद श्रुति 2 bahawalpur water park se1
- Post by Peru Patel1
- Post by Biswanath singh1
- प्रतिवर्ष 21 अप्रैल को राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस (Civil Services Day) मनाया जाता है। यह दिन लोक सेवकों को देश की सेवा के लिए खुद को समर्पित करने और नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को याद करने के अवसर के रूप में मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत 2006 में हुई थी।1
- Post by Pro hindustan tv1