हरदोई में पुलिस के सामने डॉक्टर की पिटाई तमाशबीन बनी पुलिस,मेडिकल कॉलेज में मरीजों की दलाली बेनकाब पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल उत्तर प्रदेश के हरदोई मेडिकल कॉलेज में मरीजों की दलाली का कथित खेल अब खुलकर सामने आ गया है।शुक्रवार देर रात कोतवाली देहात क्षेत्र के लखनऊ रोड स्थित श्री श्याम हॉस्पिटल के बाहर जो कुछ हुआ,उसने पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।अस्पताल के संचालक डॉ. विजय पाल को जमकर पीटा गया।हैरानी की बात यह रही कि यह पूरा घटनाक्रम मेडिकल कॉलेज पुलिस सहायता बूथ पर तैनात हेड कांस्टेबल विनोद यादव के सामने होता रहा और गुंडागर्दी का यह खेल काफी देर तक चलता रहा।घटना के कई वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं,जिनमें साफ तौर पर मारपीट और गाली-गलौज दिखाई दे रही है।डॉ. विजयपाल का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बहला फुसलाकर निजी अस्पतालों में भर्ती कराने की दलाली करने वाला शिवा सिंह उर्फ शिवांजय पहले उनके अस्पताल के लिए काम करता था।करीब एक महीने पहले उन्होंने उसे सवा लाख रुपये उधार दिए थे।शुक्रवार रात जब उन्होंने उससे पैसे वापस मांगे तो वह भड़क उठा।कुछ ही देर में वह स्कॉर्पियो गाड़ी से अपने साथी शिवा गुप्ता,राजीव समेत 4-5 लोगों के साथ अस्पताल पहुंच गया और गाली-गलौज करने लगा।विरोध करने पर आरोपियों ने डंडों से हमला कर दिया और कथित तौर पर तमंचा लहराकर धमकाने की भी कोशिश की।इस दौरान अस्पताल के कर्मचारियों और मरीजों के तीमारदारों ने जब घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह पूरा बवाल मौके पर मौजूद हेड कांस्टेबल विनोद यादव के सामने हुआ,लेकिन इसके बावजूद न तो तत्काल कोई कड़ी कार्रवाई हुई और न ही झगड़े की सूचना स्थानीय थाने को दी गई।स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवा सिंह पहले भी कई बार मारपीट और दबंगई की घटनाओं में शामिल रहा है,जिसके कई बार वीडियो भी वायरल हुए लेकिन हर बार पुलिस ने उसे अभयदान दिया है।यही वजह है कि उसका हौसला इतना बढ़ चुका है कि अब वह खुलेआम गुंडई पर उतर आया है और उसके सामने बोलने की हिम्मत कम ही लोग जुटा पाते हैं।इलाके में चर्चा है कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों की दलाली का यह पूरा नेटवर्क पुलिस की कथित मिलीभगत से फल-फूल रहा है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक दलालों का यह सिंडिकेट और पुलिस की खामोशी यूं ही चलता रहेगा।
हरदोई में पुलिस के सामने डॉक्टर की पिटाई तमाशबीन बनी पुलिस,मेडिकल कॉलेज में मरीजों की दलाली बेनकाब पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल उत्तर प्रदेश के हरदोई मेडिकल कॉलेज में मरीजों की दलाली का कथित खेल अब खुलकर सामने आ गया है।शुक्रवार देर रात कोतवाली देहात क्षेत्र के लखनऊ रोड स्थित श्री श्याम हॉस्पिटल के बाहर जो कुछ हुआ,उसने पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।अस्पताल के संचालक डॉ. विजय पाल को जमकर पीटा गया।हैरानी की बात यह रही कि यह पूरा घटनाक्रम मेडिकल कॉलेज पुलिस सहायता बूथ पर तैनात हेड कांस्टेबल विनोद यादव के सामने होता रहा और गुंडागर्दी का यह खेल काफी देर तक चलता रहा।घटना के कई वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं,जिनमें साफ तौर पर मारपीट और गाली-गलौज दिखाई दे रही है।डॉ. विजयपाल का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बहला फुसलाकर निजी अस्पतालों में भर्ती कराने की दलाली करने वाला शिवा सिंह उर्फ शिवांजय पहले उनके अस्पताल के लिए काम करता था।करीब एक महीने पहले उन्होंने उसे सवा लाख रुपये उधार दिए थे।शुक्रवार रात जब उन्होंने उससे पैसे वापस मांगे तो वह भड़क उठा।कुछ ही देर में वह स्कॉर्पियो गाड़ी से अपने साथी शिवा गुप्ता,राजीव समेत 4-5 लोगों के साथ अस्पताल पहुंच गया और गाली-गलौज करने लगा।विरोध करने पर आरोपियों ने डंडों से हमला कर दिया और कथित तौर पर तमंचा लहराकर धमकाने की भी कोशिश की।इस दौरान अस्पताल के कर्मचारियों और मरीजों के तीमारदारों ने जब घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह पूरा बवाल मौके पर मौजूद हेड कांस्टेबल विनोद यादव के सामने हुआ,लेकिन इसके बावजूद न तो तत्काल कोई कड़ी कार्रवाई हुई और न ही झगड़े की सूचना स्थानीय थाने को दी गई।स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवा सिंह पहले भी कई बार मारपीट और दबंगई की घटनाओं में शामिल रहा है,जिसके कई बार वीडियो भी वायरल हुए लेकिन हर बार पुलिस ने उसे अभयदान दिया है।यही वजह है कि उसका हौसला इतना बढ़ चुका है कि अब वह खुलेआम गुंडई पर उतर आया है और उसके सामने बोलने की हिम्मत कम ही लोग जुटा पाते हैं।इलाके में चर्चा है कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों की दलाली का यह पूरा नेटवर्क पुलिस की कथित मिलीभगत से फल-फूल रहा है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक दलालों का यह सिंडिकेट और पुलिस की खामोशी यूं ही चलता रहेगा।
- Post by Ankit Singh4
- नगर पालिका में 3महीने से ज्यादा समय हो गया है और कई बार शिकायत पत्र दिये हुऐ हैं अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है न कोई सड़क बनी और न कोई साफ-सफाई हुई है ना ही कोई नाला बना अधिकारी शिकायत को अनदेखा कर देते है कुछ दिनो के बाद बरसात का पानी मोहल्ले के घरों में भर जायेगा और कई हफ्तों तक भरा रहता है लेकिन नगर पालिका के अधिकारीयों को शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते3
- #हरदोई। जनपद के अरवल थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर गांव में अज्ञात कारणों से खलिहान में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में किसान की लगभग पांच बीघा गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। ग्रामीणों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद जैसे-तैसे आग पर काबू पाया।1
- हरदोई: बीच सड़क 'सुल्तान' बने दो युवक, पुलिस लाइन के सामने जमकर चले लात-घूंसे!वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल...... #ViralVideo #RoadFight #DesiDangal #StreetFight #ViralNews #Kalesh #SocialMediaViral #TrendingNow #बीच_सड़क_दंगल #दे_दना_दन #सुल्तान_ऑफ_हरदोई #बिना_बात_का_बवाल #SavageHardoi #CityKotwali #PoliceLineHardoi #UPPolice #LawAndOrder1
- रिपोर्टर: रजनीश शर्मा, चन्दन हरदोई हरदोई जनपद के टड़ियावां थाना क्षेत्र में ज्वेलर्स के साथ हुई लूट की सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी जोन लखनऊ, किरण एस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आईजी ने पीड़ित ज्वेलर्स से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली और उन्हें जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि घटना का शीघ्र खुलासा किया जाए और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। आईजी किरण एस ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस टीम को सक्रियता और तत्परता के साथ जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। फिलहाल पुलिस टीम विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।2
- उत्तरप्रदेश के हरदोई से सबसे बड़ी खबर… धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर जेल जा चुका एक शख्स…अब करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोपों में घिरा है! इसलिए सवाल सीधा है — 👉 क्या कानून सिर्फ आम लोगों के लिए है? 👉 या रसूखदारों के लिए अलग संविधान चलता है? 👇 समझिए हरदोई के सवायजपुर इलाके से बड़ा खुलासा…आरोप है कि 1975 में ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर जनता इंटर कॉलेज की नींव रखी गई…अब भूलेख के रिकॉर्ड खुद गवाही दे रहे हैं — 👉 7.79 हेक्टेयर जमीन 👉 15 खसरे 👉 और करोड़ों की कीमत यानि सवाल सिर्फ कब्जे का नहीं… 👉 पूरा सिस्टम कटघरे में है! 🔥 पहला सवाल: क्या सरकारी जमीन पर कब्जा करके कॉलेज खड़ा करना अपराध नहीं है? 🔥 दूसरा सवाल: 1999 में नामांतरण कैसे हुआ? 👉 किसके दबाव में हुआ? 👉 किसने फाइल पास की? 🔥 तीसरा सवाल: अगर जमीन “नवीन परती” थी… तो “मशरूक” बनने की कहानी क्या है? 🔥 चौथा सवाल: क्या यह पूरा खेल राजनीतिक संरक्षण का है? 🔥 पाँचवां और सबसे बड़ा सवाल: 👉 कब खाली होगी ये जमीन? 👉 कब चलेगा बुलडोज़र? सूत्र बताते हैं… 👉 पहले शिक्षक था… 👉 फिर विवादों में आया… 👉 और अब जमीन के खेल का बड़ा खिलाड़ी बन बैठा! और फिर सनातन समाज पर अपने साथियों के साथ चढ़ बैठा, और आखिर एक सभा में यही अकेला नहीं बल्कि इसके साथ कई सिरफिरे धर्म, सभ्यता, सनातन के विरुद्ध बोले लेकिन अभी तक जो कार्यवाही हुईं 👇 वह मामूली क्यों? कथित नेता के परिवार का दबदबा इतना कि…👇 👉 चुनाव में विरोध करने वालों पर कराए मुकदमे! 👇 क्या यही है लोकतंत्र? प्रशासन से सीधा सवाल 👇 तहसीलदार कहते हैं — “आपत्ति आएगी तो जांच करेंगे…” लेकिन सवाल ये है — 👉 क्या इतनी बड़ी जमीन पर कब्जे के लिए भी “आपत्ति” का इंतजार होगा? 👉 क्या प्रशासन खुद संज्ञान नहीं ले सकता? 👉क्या जनपद के डीएम और इलाके के एसडीएम को सत्ता विरोधी और समाज विरोधी शख्स की तानाशाही के मामलों में भी स्वतः संज्ञान लेने में दिक्क़त है? 👉 क्या डीएम चाहें तो मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामले का ज्ञान नहीं दे सकते हैं? 👉क्या डीएम को भी कार्यवाही के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता है? 👉देश में बुलडोज़र कार्रवाई की मिसालें दी जाती हैं…लेकिन यहां…👇 👉 दशकों से कब्जा… और सिर्फ जांच की बात! तो क्या ये मान लिया जाए कि — 👉 रसूखदारों के आगे कानून बेबस है? 👉क्या इस जिले में भूमाफियाओं के सामने कानून फेल है? 👉 क्या जिले भर के भूमाफियायों की राजस्व अभिलेखागार तक दखलअंदाजी की चर्चाएं सही है? 👉 क्या भूमाफियाओं के सामने प्रशासन वेवश है? 👉 आखिर कब तक चलता रहेगा जमीनों के कब्जे में प्रशासनिक मिलीभगत का ये खेल? 👉 आखिर कब होगी यदुनंदन एवं अन्य भू माफियाओं तथा मिले हुए अफसरों पर सख्त कार्रवाई? 👉 और कब यदुनंदन के कब्जे से सरकारी जमीन होगी कब्जा मुक्त? कुल मिलाकर जब तक नहीं होगी कब्ज़ामुक्त तब तक 👇 हम पूछेंगे… बार-बार पूछेंगे… क्योंकि ये सवाल सिर्फ जमीन का नहीं… 👉 न्याय और सिस्टम की साख का है! 👉 तो क्या सिस्टम अपनी साख बचाएगा?1
- jaago news ✍️ जनपद हरदोई। शुक्रवार को ग्राम बिहट, नेवादा में होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के हजारों लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। *कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी जी का आगमन हुआ।* उनके स्वागत में ग्रामीणों ने उत्साह और सम्मान के साथ भागीदारी निभाई, जिससे पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्सवमय हो गया। अपने संबोधन में मंत्री रजनी तिवारी जी ने शाहाबाद क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में अनेक योजनाओं के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया गया है। विशेष रूप से शाहाबाद में बनाए गए ओवरब्रिज का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहले यहां यात्री घंटों जाम में फंसे रहते थे, लेकिन अब इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल गई है और आवागमन सुगम हो गया है। कार्यक्रम के दौरान ग्राम बिहट नेवादा के कुछ ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं मंत्री जी के समक्ष रखीं। उच्च शिक्षा मंत्री ने सभी की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इससे उपस्थित लोगों में संतोष और विश्वास का वातावरण देखने को मिला। इस आयोजन में *ब्लाक प्रमुख टोडरपुर श्यामू जी* एवं ग्राम बिहट के प्रधान सूरज कुमार, टोडरपुर ब्लॉक के मंडल अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह, पूर्व प्रधान राम सहाय, पूर्व प्रधान भिस्मभर, अनिल सिंह कोटेदार (मसफना), कुलदीप सिंह (मसफना), पत्रकार आलोक सिंह (मसफना), राजीव द्विवेदी (मंडल उपाध्यक्ष), प्यारेलाल (केंद्र संयोजक), अवधेश , झल्लू (प्रधान कोठवा), राजीव (कोटेदार) सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश देते हुए ग्रामीणों में नई ऊर्जा का संचार किया।1
- ankit singh Kanpur jila dabali gaon3