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6 hrs ago
user_Vinod Kumar
Vinod Kumar
Taxi Driver धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
6 hrs ago

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More news from Dholpur and nearby areas
  • धौलपुर जिले के बाड़ी में ईद के पावन अवसर पर ईदगाहों में नमाज़ अदा की गई। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। त्यौहार के मद्देनज़र सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे, जिसके तहत कोतवाली एसएचओ देवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में पुलिस जवान, जिनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं, विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे।
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    धौलपुर जिले के बाड़ी में ईद के पावन अवसर पर ईदगाहों में नमाज़ अदा की गई। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। त्यौहार के मद्देनज़र सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे, जिसके तहत कोतवाली एसएचओ देवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में पुलिस जवान, जिनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं, विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे।
    user_रोहित वर्मा
    रोहित वर्मा
    Farmer Bari, Dholpur•
    15 hrs ago
  • यह पोस्ट मोदी सरकार द्वारा लिए गए उन 12 ऐतिहासिक फैसलों पर प्रकाश डालती है, जिनके बारे में दावा किया गया है कि उन्होंने 'संकल्प से सिद्धि तक' के ध्येय के साथ भारत की तस्वीर और तकदीर को पूरी तरह बदल दिया है।
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    यह पोस्ट मोदी सरकार द्वारा लिए गए उन 12 ऐतिहासिक फैसलों पर प्रकाश डालती है, जिनके बारे में दावा किया गया है कि उन्होंने 'संकल्प से सिद्धि तक' के ध्येय के साथ भारत की तस्वीर और तकदीर को पूरी तरह बदल दिया है।
    user_धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    धर्मेंद्र जाटव अम्बाह विधानसभा
    जनता की आवाज़ Morena, Madhya Pradesh•
    22 hrs ago
  • ओडिशा के गोपालपुर में विगत बुधवार को हृदयगति रुक जाने के कारण चंबल के वीर सपूत अमर शहीद हवलदार महावीर सिंह तोमर वीरगति को प्राप्त हुए थे। चंबलांचल को वीर सपूतों की भूमि कहा जाता है, जहाँ प्रथम विश्व युद्ध से लेकर 1962, 1965, 1971 और 1999 के युद्धों तक यहाँ के योद्धाओं ने अपना पराक्रम दिखाया है और अपनी विशिष्ट सेवाओं के लिए जाने जाते हैं। दिमनी थाना क्षेत्र के तुत का पुरा निवासी 42 वर्षीय हवलदार महावीर सिंह तोमर भारतीय सेना की एयर डिफेंस में सेवारत थे। उनके पार्थिव शरीर को हवाई सेवा से दिल्ली लाया गया, और फिर एंबुलेंस के माध्यम से मुरैना के सर्किट हाउस पहुँचाया गया। वहाँ से पूरे सैनिक सम्मान के साथ काफ़िला और अंतिम पराक्रम यात्रा उनके पैतृक गांव तक निकाली गई। इस दुखद घटना में वे अपने पीछे माता-पिता, पत्नी, दो बेटियों और एक 12 वर्षीय पुत्र को छोड़ गए हैं, जो उन्हें याद कर विलाप कर रहे हैं। उनके 12 वर्षीय पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा और सशस्त्र सलामी के दौरान मुरैना के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, दिमनी थाना प्रभारी जितेंद्र दोहरे, अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह तोमर सहित मनोज सिंह तोमर, अवधेश सिंह तोमर, भीमसेन सिंह तोमर, रोहित शर्मा, शिवम, अन्य सेवक, भूतपूर्व सैनिक संगठन और सैकड़ों ग्रामीणजन मौजूद थे। शहादत और सशस्त्र सलामी के दौरान "भारत माता की जय हो" और "हवलदार महावीर सिंह तोमर साहब अमर रहे" के जयघोष गूँजते रहे, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। अंचल का यह लाल वीर सपूत पंचतत्व में विलीन हो गया, जिनका अंतिम संस्कार सशस्त्र सम्मान के साथ संपन्न हुआ।
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    ओडिशा के गोपालपुर में विगत बुधवार को हृदयगति रुक जाने के कारण चंबल के वीर सपूत अमर शहीद हवलदार महावीर सिंह तोमर वीरगति को प्राप्त हुए थे। चंबलांचल को वीर सपूतों की भूमि कहा जाता है, जहाँ प्रथम विश्व युद्ध से लेकर 1962, 1965, 1971 और 1999 के युद्धों तक यहाँ के योद्धाओं ने अपना पराक्रम दिखाया है और अपनी विशिष्ट सेवाओं के लिए जाने जाते हैं।

दिमनी थाना क्षेत्र के तुत का पुरा निवासी 42 वर्षीय हवलदार महावीर सिंह तोमर भारतीय सेना की एयर डिफेंस में सेवारत थे। उनके पार्थिव शरीर को हवाई सेवा से दिल्ली लाया गया, और फिर एंबुलेंस के माध्यम से मुरैना के सर्किट हाउस पहुँचाया गया। वहाँ से पूरे सैनिक सम्मान के साथ काफ़िला और अंतिम पराक्रम यात्रा उनके पैतृक गांव तक निकाली गई।

इस दुखद घटना में वे अपने पीछे माता-पिता, पत्नी, दो बेटियों और एक 12 वर्षीय पुत्र को छोड़ गए हैं, जो उन्हें याद कर विलाप कर रहे हैं। उनके 12 वर्षीय पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा और सशस्त्र सलामी के दौरान मुरैना के जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, दिमनी थाना प्रभारी जितेंद्र दोहरे, अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह तोमर सहित मनोज सिंह तोमर, अवधेश सिंह तोमर, भीमसेन सिंह तोमर, रोहित शर्मा, शिवम, अन्य सेवक, भूतपूर्व सैनिक संगठन और सैकड़ों ग्रामीणजन मौजूद थे। शहादत और सशस्त्र सलामी के दौरान "भारत माता की जय हो" और "हवलदार महावीर सिंह तोमर साहब अमर रहे" के जयघोष गूँजते रहे, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। अंचल का यह लाल वीर सपूत पंचतत्व में विलीन हो गया, जिनका अंतिम संस्कार सशस्त्र सम्मान के साथ संपन्न हुआ।
    user_Avdhesh  Tomar patrakar THARA
    Avdhesh Tomar patrakar THARA
    Teacher अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • अम्बाह मिल्हेडा रोड पर स्थित आवासों में बिजली, पानी और नल कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण वहां के रहवासी पिछले करीब 2-3 सालों से गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। इन आवासों में निवास कर रहे लोग इन बुनियादी आवश्यकताओं की कमी से त्रस्त हैं और इस समस्या से निजात पाने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा। निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
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    अम्बाह मिल्हेडा रोड पर स्थित आवासों में बिजली, पानी और नल कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण वहां के रहवासी पिछले करीब 2-3 सालों से गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। इन आवासों में निवास कर रहे लोग इन बुनियादी आवश्यकताओं की कमी से त्रस्त हैं और इस समस्या से निजात पाने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा। निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
    user_User7480
    User7480
    Ambah, Morena•
    10 hrs ago
  • आज का यह विशेष एपिसोड साइबर ठगों से बचाव के उपायों पर केंद्रित है, जो मोबाइल के माध्यम से लोगों को लूट रहे हैं। पोस्ट में 'कॉप अनु गुर्जर' द्वारा दी गई जानकारी को गलत बताया गया है, खासकर 'हैक' और 'हैंग' के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए। बताया गया है कि 'हैंग' का अर्थ मोबाइल का बीमार होना है, जबकि 'हैक' का अर्थ मोबाइल पर किसी दूसरे का कब्जा होना है। पोस्ट में कहा गया है कि हैक होने पर केवल हरी बिंदी जलती है, न कि हरी और लाल दोनों, और यह हरी बिंदी बैटरी आइकन के पास क्षणिक रूप से दिखाई देकर गायब हो जाती है। यदि आपके मोबाइल में ऐसी हरी बिंदी दिखती है, तो इसका मतलब है कि आपका फोन हैक हो चुका है और स्कैमर या हैकर आपके कैमरे और माइक्रोफोन का उपयोग कर रहा है। वे आपके कैमरे को स्कैन कर आवश्यक डेटा चुरा रहे हैं, आपकी फोन कॉल सुन रहे हैं, और आपके बैंक खाते के ओटीपी पर भी उनकी नजर है। इससे बचने के लिए, अपने मोबाइल में 'सेटिंग ऐप' पर क्लिक करें, फिर 'सिक्योरिटी/प्राइवेसी' और उसके बाद 'परमिशन मैनेजर' पर जाएं। वहां 'कैमरा' पर क्लिक करके सभी ऐप्स के लिए कैमरा एक्सेस को 'डोंट अलाऊ' करें। इसी तरह, 'माइक्रोफोन' पर क्लिक करें और डायलर ऐप को छोड़कर सभी ऐप्स के लिए माइक्रोफोन एक्सेस को भी 'डोंट अलाऊ' कर दें, अन्यथा कॉल पर बात नहीं हो पाएगी। यह सेटिंग 'प्राइवेसी प्रोटेक्शन' के माध्यम से भी की जा सकती है। मोबाइल हैकिंग व्हाट्सएप के जरिए भी होती है। इससे बचाव के लिए व्हाट्सएप ऐप खोलें, सेटिंग्स (तीन डॉट) पर क्लिक करें, फिर 'अकाउंट' और '2-स्टेप वेरिफिकेशन' पर जाएं। वहां 6 अंकों का कोई नया पिन नंबर सेट करके 'ओके' और 'नेक्स्ट' करें और इसे अपनी डायरी में लिख लें। यह पिन हर बार व्हाट्सएप खोलने पर माँगा जाएगा, जिससे हैकर आपके व्हाट्सएप से कुछ भी नहीं चुरा पाएगा। इसके अतिरिक्त, '.apk' (डॉट एपीके) फाइलें अत्यंत खतरनाक स्कैमर वायरस फाइलें होती हैं जो स्कैम के माध्यम से भेजी जाती हैं। यदि गलती से इन पर क्लिक कर दिया जाए, तो यह एक ओटीपी फाइल होती है जिसमें धनराशि (जैसे 80 हजार रुपये) सेट की होती है और क्लिक करते ही यह रकम स्कैमर के खाते में ट्रांसफर हो जाती है। यदि आपने गलती से ऐसी फाइल पर क्लिक कर दिया है, तो तुरंत अपने मोबाइल का नेट बंद करें, उसे फ्लाइट मोड पर डालें, स्विच ऑफ करें और सीधे साइबर ब्रांच के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। .apk फाइलों से बचाव के लिए दो व्हाट्सएप सेटिंग्स बताई गई हैं: पहली, व्हाट्सएप सेटिंग्स में 'एडवांस' सेक्शन में जाकर 'रिस्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग' को 'ऑन' करें, जिससे कोई भी खतरनाक फाइल आ नहीं पाएगी और मौजूद फाइलें ब्लॉक हो जाएंगी। दूसरी, व्हाट्सएप सेटिंग्स में 'मीडिया सर्च' पर जाकर 'मीडिया ऑटो डाउनलोड' विकल्पों में 'यूजिंग मोबाइल डेटा', 'कनेक्टेड ऑन वाईफाई' और 'व्हेन रोमिंग' को एक-एक करके खोलें और उनमें 'फोटो', 'ऑडियो', 'वीडियो', 'डॉक्यूमेंट' इन चारों को अनटिक करके 'ओके' कर दें। इससे स्कैमर द्वारा भेजी गई कोई भी वायरस फाइल ऑटोमेटिक डाउनलोड नहीं होगी। अंत में, लेखक ने पाठकों से अपनी मेहनत से भेजी गई पोस्ट्स पर लाइक और कमेंट करने का अनुरोध किया है। लेखक ने शिकायत की है कि पाठक पोस्ट्स देखते हैं लेकिन लाइक या कमेंट नहीं करते, और इस पर निराशा व्यक्त करते हुए मंदिर में घंटी बजाने के उदाहरण से तुलना की है। उन्होंने यह भी कटाक्ष किया है कि लोग लड़कियों द्वारा लहंगा पहनकर डाली गई पोस्ट्स पर अधिक लाइक और कमेंट देते हैं, जबकि उनकी पोस्ट्स को केवल इसलिए अनदेखा कर दिया जाता है क्योंकि वह एक लड़की नहीं हैं।
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    आज का यह विशेष एपिसोड साइबर ठगों से बचाव के उपायों पर केंद्रित है, जो मोबाइल के माध्यम से लोगों को लूट रहे हैं। पोस्ट में 'कॉप अनु गुर्जर' द्वारा दी गई जानकारी को गलत बताया गया है, खासकर 'हैक' और 'हैंग' के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए। बताया गया है कि 'हैंग' का अर्थ मोबाइल का बीमार होना है, जबकि 'हैक' का अर्थ मोबाइल पर किसी दूसरे का कब्जा होना है। पोस्ट में कहा गया है कि हैक होने पर केवल हरी बिंदी जलती है, न कि हरी और लाल दोनों, और यह हरी बिंदी बैटरी आइकन के पास क्षणिक रूप से दिखाई देकर गायब हो जाती है।

यदि आपके मोबाइल में ऐसी हरी बिंदी दिखती है, तो इसका मतलब है कि आपका फोन हैक हो चुका है और स्कैमर या हैकर आपके कैमरे और माइक्रोफोन का उपयोग कर रहा है। वे आपके कैमरे को स्कैन कर आवश्यक डेटा चुरा रहे हैं, आपकी फोन कॉल सुन रहे हैं, और आपके बैंक खाते के ओटीपी पर भी उनकी नजर है।

इससे बचने के लिए, अपने मोबाइल में 'सेटिंग ऐप' पर क्लिक करें, फिर 'सिक्योरिटी/प्राइवेसी' और उसके बाद 'परमिशन मैनेजर' पर जाएं। वहां 'कैमरा' पर क्लिक करके सभी ऐप्स के लिए कैमरा एक्सेस को 'डोंट अलाऊ' करें। इसी तरह, 'माइक्रोफोन' पर क्लिक करें और डायलर ऐप को छोड़कर सभी ऐप्स के लिए माइक्रोफोन एक्सेस को भी 'डोंट अलाऊ' कर दें, अन्यथा कॉल पर बात नहीं हो पाएगी। यह सेटिंग 'प्राइवेसी प्रोटेक्शन' के माध्यम से भी की जा सकती है।

मोबाइल हैकिंग व्हाट्सएप के जरिए भी होती है। इससे बचाव के लिए व्हाट्सएप ऐप खोलें, सेटिंग्स (तीन डॉट) पर क्लिक करें, फिर 'अकाउंट' और '2-स्टेप वेरिफिकेशन' पर जाएं। वहां 6 अंकों का कोई नया पिन नंबर सेट करके 'ओके' और 'नेक्स्ट' करें और इसे अपनी डायरी में लिख लें। यह पिन हर बार व्हाट्सएप खोलने पर माँगा जाएगा, जिससे हैकर आपके व्हाट्सएप से कुछ भी नहीं चुरा पाएगा।

इसके अतिरिक्त, '.apk' (डॉट एपीके) फाइलें अत्यंत खतरनाक स्कैमर वायरस फाइलें होती हैं जो स्कैम के माध्यम से भेजी जाती हैं। यदि गलती से इन पर क्लिक कर दिया जाए, तो यह एक ओटीपी फाइल होती है जिसमें धनराशि (जैसे 80 हजार रुपये) सेट की होती है और क्लिक करते ही यह रकम स्कैमर के खाते में ट्रांसफर हो जाती है। यदि आपने गलती से ऐसी फाइल पर क्लिक कर दिया है, तो तुरंत अपने मोबाइल का नेट बंद करें, उसे फ्लाइट मोड पर डालें, स्विच ऑफ करें और सीधे साइबर ब्रांच के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।

.apk फाइलों से बचाव के लिए दो व्हाट्सएप सेटिंग्स बताई गई हैं: पहली, व्हाट्सएप सेटिंग्स में 'एडवांस' सेक्शन में जाकर 'रिस्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग' को 'ऑन' करें, जिससे कोई भी खतरनाक फाइल आ नहीं पाएगी और मौजूद फाइलें ब्लॉक हो जाएंगी। दूसरी, व्हाट्सएप सेटिंग्स में 'मीडिया सर्च' पर जाकर 'मीडिया ऑटो डाउनलोड' विकल्पों में 'यूजिंग मोबाइल डेटा', 'कनेक्टेड ऑन वाईफाई' और 'व्हेन रोमिंग' को एक-एक करके खोलें और उनमें 'फोटो', 'ऑडियो', 'वीडियो', 'डॉक्यूमेंट' इन चारों को अनटिक करके 'ओके' कर दें। इससे स्कैमर द्वारा भेजी गई कोई भी वायरस फाइल ऑटोमेटिक डाउनलोड नहीं होगी।

अंत में, लेखक ने पाठकों से अपनी मेहनत से भेजी गई पोस्ट्स पर लाइक और कमेंट करने का अनुरोध किया है। लेखक ने शिकायत की है कि पाठक पोस्ट्स देखते हैं लेकिन लाइक या कमेंट नहीं करते, और इस पर निराशा व्यक्त करते हुए मंदिर में घंटी बजाने के उदाहरण से तुलना की है। उन्होंने यह भी कटाक्ष किया है कि लोग लड़कियों द्वारा लहंगा पहनकर डाली गई पोस्ट्स पर अधिक लाइक और कमेंट देते हैं, जबकि उनकी पोस्ट्स को केवल इसलिए अनदेखा कर दिया जाता है क्योंकि वह एक लड़की नहीं हैं।
    user_Vimal Kashyap
    Vimal Kashyap
    Artist धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • मुरैना जिले के पोरसा थाना में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर (एसआई) रामावतार सिंह का कथित रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। इस वायरल वीडियो में एसआई पर जमानत और केस में राहत दिलाने के नाम पर पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगा है, जिससे पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसआई को निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो कुछ माह पुराने हैं और जमानत के नाम पर 'रेट फिक्स' करने की बात सामने आई थी। वायरल हुए पहले वीडियो में एक युवक एसआई को पैसे देते हुए दिख रहा है, जहां वह यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह पहले ही 9 हजार रुपये दे चुका है और अब 500 रुपये लेकर आया है। हालांकि, एसआई कथित तौर पर पूरे 1 हजार रुपये की मांग करते नजर आ रहे हैं। दूसरे वीडियो में जमानत के लिए 5 हजार रुपये मांगे जाने की बात सामने आई है। इस मामले में वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसआई रामावतार सिंह को सस्पेंड कर दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
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    मुरैना जिले के पोरसा थाना में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर (एसआई) रामावतार सिंह का कथित रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। इस वायरल वीडियो में एसआई पर जमानत और केस में राहत दिलाने के नाम पर पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगा है, जिससे पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एसआई को निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो कुछ माह पुराने हैं और जमानत के नाम पर 'रेट फिक्स' करने की बात सामने आई थी।

वायरल हुए पहले वीडियो में एक युवक एसआई को पैसे देते हुए दिख रहा है, जहां वह यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह पहले ही 9 हजार रुपये दे चुका है और अब 500 रुपये लेकर आया है। हालांकि, एसआई कथित तौर पर पूरे 1 हजार रुपये की मांग करते नजर आ रहे हैं। दूसरे वीडियो में जमानत के लिए 5 हजार रुपये मांगे जाने की बात सामने आई है।

इस मामले में वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसआई रामावतार सिंह को सस्पेंड कर दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
    user_Patrkar Lalmanmoti Singh tomar
    Patrkar Lalmanmoti Singh tomar
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • चंबल अंचल के वीर सपूत अमर शहीद हवलदार महावीर सिंह तोमर का अंतिम संस्कार सशस्त्र सम्मान के साथ किया गया, जिसमें उनके 12 वर्षीय पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी। भारतीय सेना की एयर डिफेंस में सेवारत 42 वर्षीय हवलदार महावीर सिंह तोमर विगत बुधवार को ओडिशा के गोपालपुर में हृदय गति रुक जाने के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए थे। उनके पार्थिव शरीर को पहले हवाई सेवा से दिल्ली लाया गया, फिर एंबुलेंस के माध्यम से मुरैना के सर्किट हाउस तक पहुंचाया गया। मुरैना से उनके पैतृक गांव तुत का पुरा, जो दिमनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, तक पूरे सैनिक सम्मान के साथ काफ़िला और अंतिम पराक्रम यात्रा निकाली गई। शहीद हवलदार महावीर सिंह तोमर अपने पीछे दो बेटियां, एक बेटा, माता-पिता और पत्नी को विलखता हुआ छोड़ गए। अंतिम यात्रा और सलामी के दौरान जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मुरैना, दिमनी थाना प्रभारी जितेंद्र दोहरे, अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह तोमर सहित मनोज सिंह तोमर, अवधेश सिंह तोमर, भीमसेन सिंह तोमर, रोहित शर्मा, शिवम व अन्य सेवक, भूतपूर्व सैनिक संगठन के सदस्य और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। शहादत और सशस्त्र सलामी के बीच 'भारत माता की जय' और 'हवलदार महावीर सिंह तोमर साहब अमर रहे' के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। चंबलांचल, जिसे वीर सपूतों की भूमि कहा जाता है, के योद्धाओं ने प्रथम विश्व युद्ध से लेकर 1962, 1965, 1971 और 1999 के हर युद्ध में अपना पराक्रम दिखाया है और अपनी विशिष्ट सेवा के लिए जाने जाते हैं।
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    चंबल अंचल के वीर सपूत अमर शहीद हवलदार महावीर सिंह तोमर का अंतिम संस्कार सशस्त्र सम्मान के साथ किया गया, जिसमें उनके 12 वर्षीय पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी। भारतीय सेना की एयर डिफेंस में सेवारत 42 वर्षीय हवलदार महावीर सिंह तोमर विगत बुधवार को ओडिशा के गोपालपुर में हृदय गति रुक जाने के कारण वीरगति को प्राप्त हो गए थे।

उनके पार्थिव शरीर को पहले हवाई सेवा से दिल्ली लाया गया, फिर एंबुलेंस के माध्यम से मुरैना के सर्किट हाउस तक पहुंचाया गया। मुरैना से उनके पैतृक गांव तुत का पुरा, जो दिमनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, तक पूरे सैनिक सम्मान के साथ काफ़िला और अंतिम पराक्रम यात्रा निकाली गई। शहीद हवलदार महावीर सिंह तोमर अपने पीछे दो बेटियां, एक बेटा, माता-पिता और पत्नी को विलखता हुआ छोड़ गए।

अंतिम यात्रा और सलामी के दौरान जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मुरैना, दिमनी थाना प्रभारी जितेंद्र दोहरे, अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह तोमर सहित मनोज सिंह तोमर, अवधेश सिंह तोमर, भीमसेन सिंह तोमर, रोहित शर्मा, शिवम व अन्य सेवक, भूतपूर्व सैनिक संगठन के सदस्य और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। शहादत और सशस्त्र सलामी के बीच 'भारत माता की जय' और 'हवलदार महावीर सिंह तोमर साहब अमर रहे' के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। चंबलांचल, जिसे वीर सपूतों की भूमि कहा जाता है, के योद्धाओं ने प्रथम विश्व युद्ध से लेकर 1962, 1965, 1971 और 1999 के हर युद्ध में अपना पराक्रम दिखाया है और अपनी विशिष्ट सेवा के लिए जाने जाते हैं।
    user_भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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