अखिल भारतीय साहित्य परिषद् द्वारा लोक मंथन यात्रा के तहत काव्य गोष्ठी व साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित - ‘रिश्तों की अहमियत’ पुस्तक का हुआ विमोचन श्रीगंगानगर, 15 सितंबर 2026: लोक मंथन यात्रा-2026 के तहत अखिल भारतीय साहित्य परिषद् राजस्थान, इकाई श्रीगंगानगर के तत्वावधान में चौधरी बल्लूराम गोदारा राजकीय कन्या महाविद्यालय में काव्य गोष्ठी तथा साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारतीय संस्कृति, लोक जीवन, राष्ट्रबोध एवं सामाजिक सरोकारों को समर्पित इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आमजन को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना तथा राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करना रहा। समारोह का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में संभाग संयोजक महावीर प्रसाद पूनियां, शिक्षाविद डॉ. के.डी. लीला तथा पूर्व कृषि वैज्ञानिक एवं साहित्यकार डॉ. ओ.पी. वैश मंचासीन रहे। परिषद् के महामंत्री मनीराम सेतिया ने परिषद् गीत प्रस्तुत कर वातावरण को साहित्यिक चेतना से आप्लावित कर दिया। कार्यक्रम के दौरान मनीराम सेतिया द्वारा रचित नवीन पुस्तक ‘रिश्तों की अहमियत’ का मंचासीन अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का कुशल एवं सफल संचालन परिषद् अध्यक्ष डॉ. रामनारायण शर्मा द्वारा किया गया। त्रिभाषी काव्य गोष्ठी के दौरान क्षेत्र के मूर्धन्य रचनाकारों ने विविध भाषाओं में अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियां देकर समां बांधा। डॉ. जगदीश एवं ओमा राम ने राजस्थानी भाषा में लोक-रस से सराबोर सारगर्भित कविताएं पेश कीं। सिमरजीत कौर ने गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित पंजाबी कविता तथा नशा मुक्ति का संदेश देता गीत प्रस्तुत किया। मदन अरोड़ा ने हिंदी-उर्दू की चुटीली क्षणिकाओं के माध्यम से सामाजिक विषयों पर विचार व्यक्त किए, जबकि डॉ. गोपी राम शर्मा ने ‘संग्राम जिंदगी का है निभाना पड़ेगा’ ओजस्वी कविता द्वारा सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसी क्रम में बलविंदर सिंह ने पंजाबी कविता ‘जिंदगी दी भूली बिसरी याद’, परमजीत रीत ने भावपूर्ण पंजाबी कविता ‘रखड़ी दा दिन आखे’, ललित चराया ने हिंदी भाषा में स्वरचित कविता तथा साहित्यकार डॉ. ओ.पी. वैश ने माउथ ऑर्गन पर संगीतमय प्रस्तुति देकर भरपूर तालियां बटोरी। इस अवसर पर वरिष्ठ लेखिका एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की उपाध्यक्ष श्रीमती सन्तोष कुमारी सहित पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सफल आयोजन के लिए डॉ. के.डी. लीला ने सबका आभार व्यक्त किया। अखिल भारतीय साहित्य परिषद् द्वारा लोक मंथन यात्रा के तहत काव्य गोष्ठी व साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित - ‘रिश्तों की अहमियत’ पुस्तक का हुआ विमोचन श्रीगंगानगर, 15 सितंबर 2026: लोक मंथन यात्रा-2026 के तहत अखिल भारतीय साहित्य परिषद् राजस्थान, इकाई श्रीगंगानगर के तत्वावधान में चौधरी बल्लूराम गोदारा राजकीय कन्या महाविद्यालय में काव्य गोष्ठी तथा साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारतीय संस्कृति, लोक जीवन, राष्ट्रबोध एवं सामाजिक सरोकारों को समर्पित इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आमजन को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना तथा राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करना रहा। समारोह का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में संभाग संयोजक महावीर प्रसाद पूनियां, शिक्षाविद डॉ. के.डी. लीला तथा पूर्व कृषि वैज्ञानिक एवं साहित्यकार डॉ. ओ.पी. वैश मंचासीन रहे। परिषद् के महामंत्री मनीराम सेतिया ने परिषद् गीत प्रस्तुत कर वातावरण को साहित्यिक चेतना से आप्लावित कर दिया। कार्यक्रम के दौरान मनीराम सेतिया द्वारा रचित नवीन पुस्तक ‘रिश्तों की अहमियत’ का मंचासीन अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का कुशल एवं सफल संचालन परिषद् अध्यक्ष डॉ. रामनारायण शर्मा द्वारा किया गया। त्रिभाषी काव्य गोष्ठी के दौरान क्षेत्र के मूर्धन्य रचनाकारों ने विविध भाषाओं में अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियां देकर समां बांधा। डॉ. जगदीश एवं ओमा राम ने राजस्थानी भाषा में लोक-रस से सराबोर सारगर्भित कविताएं पेश कीं। सिमरजीत कौर ने गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित पंजाबी कविता तथा नशा मुक्ति का संदेश देता गीत प्रस्तुत किया। मदन अरोड़ा ने हिंदी-उर्दू की चुटीली क्षणिकाओं के माध्यम से सामाजिक विषयों पर विचार व्यक्त किए, जबकि डॉ. गोपी राम शर्मा ने ‘संग्राम जिंदगी का है निभाना पड़ेगा’ ओजस्वी कविता द्वारा सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसी क्रम में बलविंदर सिंह ने पंजाबी कविता ‘जिंदगी दी भूली बिसरी याद’, परमजीत रीत ने भावपूर्ण पंजाबी कविता ‘रखड़ी दा दिन आखे’, ललित चराया ने हिंदी भाषा में स्वरचित कविता तथा साहित्यकार डॉ. ओ.पी. वैश ने माउथ ऑर्गन पर संगीतमय प्रस्तुति देकर भरपूर तालियां बटोरी। इस अवसर पर वरिष्ठ लेखिका एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की उपाध्यक्ष श्रीमती सन्तोष कुमारी सहित पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सफल आयोजन के लिए डॉ. के.डी. लीला ने सबका आभार व्यक्त किया।
अखिल भारतीय साहित्य परिषद् द्वारा लोक मंथन यात्रा के तहत काव्य गोष्ठी व साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित - ‘रिश्तों की अहमियत’ पुस्तक का हुआ विमोचन श्रीगंगानगर, 15 सितंबर 2026: लोक मंथन यात्रा-2026 के तहत अखिल भारतीय साहित्य परिषद् राजस्थान, इकाई श्रीगंगानगर के तत्वावधान में चौधरी बल्लूराम गोदारा राजकीय कन्या महाविद्यालय में काव्य गोष्ठी तथा साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारतीय संस्कृति, लोक जीवन, राष्ट्रबोध एवं सामाजिक सरोकारों को समर्पित इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आमजन को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना तथा राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करना रहा। समारोह का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में संभाग संयोजक महावीर प्रसाद पूनियां, शिक्षाविद डॉ. के.डी. लीला तथा पूर्व कृषि वैज्ञानिक एवं साहित्यकार डॉ. ओ.पी. वैश मंचासीन रहे। परिषद् के महामंत्री मनीराम सेतिया ने परिषद् गीत प्रस्तुत कर वातावरण को साहित्यिक चेतना से आप्लावित कर दिया। कार्यक्रम के दौरान मनीराम सेतिया द्वारा रचित नवीन पुस्तक ‘रिश्तों की अहमियत’ का मंचासीन अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का कुशल एवं सफल संचालन परिषद् अध्यक्ष डॉ. रामनारायण शर्मा द्वारा किया गया। त्रिभाषी काव्य गोष्ठी के दौरान क्षेत्र के मूर्धन्य रचनाकारों ने विविध भाषाओं में अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियां देकर समां बांधा। डॉ. जगदीश एवं ओमा राम ने राजस्थानी भाषा में लोक-रस से सराबोर सारगर्भित कविताएं पेश कीं। सिमरजीत कौर ने गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित पंजाबी कविता तथा नशा मुक्ति का संदेश देता गीत प्रस्तुत किया। मदन अरोड़ा ने हिंदी-उर्दू की चुटीली क्षणिकाओं के माध्यम से सामाजिक विषयों पर विचार व्यक्त किए, जबकि डॉ. गोपी राम शर्मा ने ‘संग्राम जिंदगी का है निभाना पड़ेगा’ ओजस्वी कविता द्वारा सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसी क्रम में बलविंदर सिंह ने पंजाबी कविता ‘जिंदगी दी भूली बिसरी याद’, परमजीत रीत ने भावपूर्ण पंजाबी कविता ‘रखड़ी दा दिन आखे’, ललित चराया ने हिंदी भाषा में स्वरचित कविता तथा साहित्यकार डॉ. ओ.पी. वैश ने माउथ ऑर्गन पर संगीतमय प्रस्तुति देकर भरपूर तालियां बटोरी। इस अवसर पर वरिष्ठ लेखिका एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की उपाध्यक्ष श्रीमती सन्तोष कुमारी सहित पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सफल आयोजन के लिए डॉ. के.डी. लीला ने सबका आभार व्यक्त किया। अखिल भारतीय साहित्य परिषद् द्वारा लोक मंथन यात्रा के तहत काव्य गोष्ठी व साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित - ‘रिश्तों की अहमियत’ पुस्तक का हुआ विमोचन श्रीगंगानगर, 15 सितंबर 2026: लोक मंथन यात्रा-2026 के तहत अखिल भारतीय साहित्य परिषद् राजस्थान, इकाई श्रीगंगानगर के तत्वावधान में चौधरी बल्लूराम गोदारा राजकीय कन्या महाविद्यालय में काव्य गोष्ठी तथा साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारतीय संस्कृति, लोक जीवन, राष्ट्रबोध एवं सामाजिक सरोकारों को समर्पित इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आमजन को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना तथा राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करना रहा। समारोह का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम में संभाग संयोजक महावीर प्रसाद पूनियां, शिक्षाविद डॉ. के.डी. लीला तथा पूर्व कृषि वैज्ञानिक एवं साहित्यकार डॉ. ओ.पी. वैश मंचासीन रहे। परिषद् के महामंत्री मनीराम सेतिया ने परिषद् गीत प्रस्तुत कर वातावरण को साहित्यिक चेतना से आप्लावित कर दिया। कार्यक्रम के दौरान मनीराम सेतिया द्वारा रचित नवीन पुस्तक ‘रिश्तों की अहमियत’ का मंचासीन अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का कुशल एवं सफल संचालन परिषद् अध्यक्ष डॉ. रामनारायण शर्मा द्वारा किया गया। त्रिभाषी काव्य गोष्ठी के दौरान क्षेत्र के मूर्धन्य रचनाकारों ने विविध भाषाओं में अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियां देकर समां बांधा। डॉ. जगदीश एवं ओमा राम ने राजस्थानी भाषा में लोक-रस से सराबोर सारगर्भित कविताएं पेश कीं। सिमरजीत कौर ने गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित पंजाबी कविता तथा नशा मुक्ति का संदेश देता गीत प्रस्तुत किया। मदन अरोड़ा ने हिंदी-उर्दू की चुटीली क्षणिकाओं के माध्यम से सामाजिक विषयों पर विचार व्यक्त किए, जबकि डॉ. गोपी राम शर्मा ने ‘संग्राम जिंदगी का है निभाना पड़ेगा’ ओजस्वी कविता द्वारा सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसी क्रम में बलविंदर सिंह ने पंजाबी कविता ‘जिंदगी दी भूली बिसरी याद’, परमजीत रीत ने भावपूर्ण पंजाबी कविता ‘रखड़ी दा दिन आखे’, ललित चराया ने हिंदी भाषा में स्वरचित कविता तथा साहित्यकार डॉ. ओ.पी. वैश ने माउथ ऑर्गन पर संगीतमय प्रस्तुति देकर भरपूर तालियां बटोरी। इस अवसर पर वरिष्ठ लेखिका एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद् की उपाध्यक्ष श्रीमती सन्तोष कुमारी सहित पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में सफल आयोजन के लिए डॉ. के.डी. लीला ने सबका आभार व्यक्त किया।
- धरना खत्म, लेकिन सियासत गरम! थाने से उठने के बाद प्रदीप खीचड़ का बड़ा बयान, इलाके में फिर बढ़ी चर्चा सादुलशहर। थाने के बाहर चल रहे धरने को समाप्त करने के बाद प्रदीप खीचड़ ने मीडिया से बातचीत में अपना पक्ष रखा। खीचड़ के बयान के बाद क्षेत्र की राजनीति और स्थानीय माहौल में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि जनता के हितों और सम्मान की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। धरना भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन उनके बयान ने सादुलशहर की सियासत को एक बार फिर गर्मा दिया है।1
- प्रदीप खिचड़ ने जताया सादुलशहरवासियों का आभार नगरपालिका चुनाव में मिले समर्थन, प्यार और विश्वास के लिए प्रदीप खिचड़ ने सभी क्षेत्रवासियों एवं समर्थकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। #PardeepKhichar #GurveerSinghBrar #JagdishJangir #Sadulshahar #NagarPalikaSadulshahar #ViralPost #PardeepKhicher #सादुलशहर #आभार #sssnewssgnr Prdeep Khicher Pardeep khicher-प्रदीप खीचड़ Pardeep Khicher प्रदीप खिचड़ ने जताया सादुलशहरवासियों का आभार नगरपालिका चुनाव में मिले समर्थन, प्यार और विश्वास के लिए प्रदीप खिचड़ ने सभी क्षेत्रवासियों एवं समर्थकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। #PardeepKhichar #GurveerSinghBrar #JagdishJangir #Sadulshahar #NagarPalikaSadulshahar #ViralPost #PardeepKhicher #सादुलशहर #आभार #sssnewssgnr Prdeep Khicher Pardeep khicher-प्रदीप खीचड़ Pardeep Khicher1
- झालावाड़ के नोलाई में भूकंप के झटके, दहशत में घरों से बाहर निकले लोग झालावाड़। जिले के पिड़ावा क्षेत्र में मंगलवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। नोलाई ग्राम पंचायत क्षेत्र के नोलाई सहित आसपास के गांवों में झटके महसूस होने से ग्रामीणों में अचानक अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। जानकारी के अनुसार नोलाई ग्राम पंचायत के आसपास तीन हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप के कारण स्थानीय लोगों में कुछ देर के लिए डर का माहौल रहा। एहतियात के तौर पर एक सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों और स्टाफ को भी भवन से बाहर निकाल दिया गया। स्थानीय रिपोर्टों में नोलाई के साथ बरखेड़ी, खजुरी और आवर गांवों में भी झटके महसूस होने तथा कुछ मकानों में दरारें आने की सूचना सामने आई है। हालांकि नुकसान और मकानों में आई दरारों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने और किसी भी तरह की क्षति होने पर प्रशासन को सूचना देने की अपील की जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों में किसी जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।1
- जेडीए में नए आयकर अधिनियम-2025 पर टीडीएस कार्यशाला आयोजित अधिकारियों एवं लेखाकारों को टीडीएस-टीसीएस के नवीन प्रावधानों की दी जानकारी जोधपुर, 15 सितंबर। कार्यालय संयुक्त आयकर आयुक्त रेंज (टीडीएस), जोधपुर की ओर से जेडीए में डीडीओ एवं लेखाकारों के लिए नए आयकर अधिनियम-2025 पर टीडीएस एवं टीसीएस कार्यशाला आयोजित की गई। आयकर आयुक्त (टीडीएस) राजस्थान शैलेन्द्र शर्मा के निर्देशन एवं अपर आयकर आयुक्त श्रीमती निधि नायर के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में सहायक आयकर आयुक्त डॉ. बोधिराज एस. विश्वास, आयकर अधिकारी नरेंद्र सांखला एवं दीपाराम धन्धे ने टीडीएस-टीसीएस के नवीन प्रावधानों की जानकारी दी। आयकर निरीक्षक अरुण जालानी एवं सतपाल यादव ने टीडीएस रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया, सामान्य त्रुटियों एवं उनके सुधार के बारे में बताया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया। अंत में जेडीए डायरेक्टर फाइनेंस मंजीत चारण ने धन्यवाद ज्ञापित किया।1
- सिरसा के खोखर गांव बंटवारे ने कर दिया रिश्तों का khaत्मा, बेटा हर बार पिता को रोकता था बस, हो गया कसुता कां*ड सिरसा के खोखर गांव बंटवारे ने कर दिया रिश्तों का khaत्मा, बेटा हर बार पिता को रोकता था बस, हो गया कसुता कां*ड1
- जनसेवा ही देशसेवा, विकसित भारत के लिए जलाएं आशीर्वाद का दीया: सुभाष बराला टोहाना। राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि ‘जनसेवा से देशसेवा’ माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन का मूल मंत्र रहा है। उनके यशस्वी नेतृत्व में भारत ने विकास के हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। बराला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है। स्टार्टअप इंडिया, लखपति दीदी, स्वच्छ भारत जैसी जनकल्याणकारी पहलें आज करोड़ों नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और नक्सलवाद के विरुद्ध सरकार की निर्णायक कार्रवाई ने देश के आत्मविश्वास और सुरक्षा को नई मजबूती दी है। आज दुनिया में भारत की साख और सम्मान बढ़ा है। सांसद बराला ने आह्वान किया कि 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए हम सभी को सहभागी बनना होगा। उन्होंने अपील की कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितंबर को सायं 6 से 7 बजे तक सभी नागरिक अपने-अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाकर उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर राष्ट्रसेवा के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करें। एक दीया आशीर्वाद का जलाएं, विकसित भारत के संकल्प को मजबूत बनाएं।1
- सभापति चुनाव में पहले ही दिन 4 फॉर्म से सियासत गरमाई, संजय मूंदड़ा बोले- पार्टी नेतृत्व करेगा फैसला, श्रीगंगानगर में फिर खिलेगा कमल1