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परिवार नियोजन से सिर्फ परिवार नहीं, अगली पीढ़ी का भविष्य भी तय होता है किशनगंज जिला अन्तर्गत परिवार नियोजन को केवल बच्चों की संख्या सीमित करने के नजरिये से देखना इसके व्यापक महत्व को सीमित कर देता है। सही मायने में यह महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षित मातृत्व, बच्चों के पोषण एवं शिक्षा, परिवार की आर्थिक स्थिरता और आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण स्वास्थ्य निर्णय है। किशनगंज जैसे सीमावर्ती जिले में, जहां बड़ी आबादी ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहती है, परिवार नियोजन की जानकारी और सेवाओं को लोगों के घर-द्वार तक पहुंचाना इसलिए भी जरूरी हो जाता है, ताकि भौगोलिक दूरी, जानकारी की कमी या झिझक किसी परिवार के स्वास्थ्य निर्णय में बाधा न बने।इसी उद्देश्य से जिले में मिशन परिवार विकास अभियान 2026 के तहत जागरूकता और सेवा गतिविधियों को व्यापक रूप दिया जा रहा है। सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय प्रांगण में परिवार नियोजन मेला आयोजित किया गया। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने मेले का विधिवत उद्घाटन किया। मेले में परिवार नियोजन के विभिन्न अस्थायी एवं स्थायी साधनों, उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और परामर्श की जानकारी लोगों को दी गई। कार्यक्रम के दौरान मीडिया ब्रीफिंग भी आयोजित की गई, जिसमें सिविल सर्जन ने मीडिया प्रतिनिधियों को अभियान के उद्देश्य, जिले में इसकी जरूरत और समुदाय तक सेवाओं को पहुंचाने की रणनीति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।विदित हो की जिले में 07 से 26 सितंबर 2026 तक मिशन परिवार विकास अभियान चल रहा है। इसके तहत 07 से 13 सितंबर तक दम्पति संपर्क सप्ताह तथा 14 से 26 सितंबर तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। अभियान का फोकस जागरूकता के साथ इच्छुक दम्पतियों को वास्तविक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर है।इसी कड़ी में सारथी रथ को विभिन्न प्रखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया है। 07 से 25 सितंबर तक चलने वाला यह रथ गांव-गांव पहुंचकर बच्चों के बीच उचित अंतराल, परिवार नियोजन के उपलब्ध अस्थायी एवं स्थायी साधनों तथा स्वास्थ्य संस्थानों में मिलने वाली सेवाओं की जानकारी देगा। परिवार का निर्णय, व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि परिवार नियोजन को केवल स्वास्थ्य विभाग की गतिविधि के रूप में देखने के बजाय इसे महिला स्वास्थ्य, सुरक्षित मातृत्व, बच्चों के बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिरता से जोड़कर देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार अपनी आवश्यकता और परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय ले सके, इसके लिए उसे वैज्ञानिक और विश्वसनीय जानकारी तथा गुणवत्तापूर्ण सेवाओं तक आसान पहुंच मिलनी चाहिए।उन्होंने कहा कि किशनगंज जैसे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों वाले जिले में सामुदायिक स्तर पर निरंतर संवाद जरूरी है। आशा, आंगनबाड़ी सेविका, जीविका दीदी, विकास मित्र, पंचायत प्रतिनिधि और अन्य सामुदायिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी से परिवार नियोजन का संदेश अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है। प्रशासन का प्रयास है कि जानकारी या दूरी के अभाव में कोई इच्छुक परिवार उपलब्ध सेवाओं से वंचित न रहे। उचित अंतराल से मां और बच्चे दोनों को लाभ अभियान में बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल के महत्व पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। उचित अंतराल से मां को अपने स्वास्थ्य को संभालने का समय मिलता है और अगले गर्भधारण के लिए शरीर को पर्याप्त अवसर मिलता है। वहीं परिवार प्रत्येक बच्चे के पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य और शिक्षा पर बेहतर ध्यान दे सकता है।परिवार नियोजन के विकल्पों को लेकर समाज में मौजूद भ्रम और झिझक को दूर करने के लिए आशा एवं अन्य सामुदायिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर संवाद किया जाएगा। इच्छुक दम्पतियों को उनकी जरूरत और पसंद के अनुसार उपलब्ध विकल्पों की जानकारी देने के साथ आवश्यक परामर्श और संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने में भी मदद की जाएगी। मेले से मीडिया तक, एक साथ बढ़ाया जा रहा जागरूकता का दायरा परिवार नियोजन मेले के साथ आयोजित मीडिया ब्रीफिंग में सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि प्रत्येक दम्पति को परिवार नियोजन के संबंध में अपनी आवश्यकता और पसंद के अनुसार निर्णय लेने के लिए सही जानकारी और गुणवत्तापूर्ण सेवा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मिशन परिवार विकास अभियान के माध्यम से जिले में जागरूकता और सेवा की कड़ी को मजबूत किया जा रहा है।उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य केवल प्रचार सामग्री तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि लोगों को जरूरत के समय वास्तविक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है। इसके लिए सारथी रथ, सामुदायिक बैठक, घर-घर संपर्क, स्वास्थ्य संस्थानों में परामर्श तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। पंचायत एवं स्वास्थ्य संस्थानों के स्तर पर पोस्टर, बैनर, दीवार लेखन और अन्य सूचना, शिक्षा एवं संचार सामग्री के माध्यम से भी संदेश प्रसारित किया जा रहा है। 07 से 25 सितंबर तक सारथी रथ विभिन्न प्रखंडों में प्रचार-प्रसार करेगा।कार्यक्रम में सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन, एनसीडीओ डॉ. उर्मिला कुमारी, डीपीएम डॉ. मुनाजिम और डीपीसी विश्वजीत कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। अभियान में सिफार जैसी सहयोगी संस्थाओं की भी भागीदारी है।जिले में मिशन परिवार विकास अभियान की दिशा इस बात पर केंद्रित है कि परिवार नियोजन को महज एक सरकारी कार्यक्रम के बजाय परिवार के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े अधिकार-आधारित निर्णय के रूप में स्थापित किया जाए। जब परिवार को सही जानकारी, विकल्प और समय पर गुणवत्तापूर्ण सेवा मिलती है, तभी वह अपनी परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर निर्णय ले पाता है—और यही निर्णय स्वस्थ परिवार से स्वस्थ समाज की ओर बढ़ने की आधारशिला बनता है।

1 day ago
user_MT.News
MT.News
Media company तेरहागछ, किशनगंज, बिहार•
1 day ago
ad0d50cc-6bc7-4876-947a-7b6c64d54082

परिवार नियोजन से सिर्फ परिवार नहीं, अगली पीढ़ी का भविष्य भी तय होता है किशनगंज जिला अन्तर्गत परिवार नियोजन को केवल बच्चों की संख्या सीमित करने के नजरिये से देखना इसके व्यापक महत्व को सीमित कर देता है। सही मायने में यह महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षित मातृत्व, बच्चों के पोषण एवं शिक्षा, परिवार की आर्थिक स्थिरता और आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण स्वास्थ्य निर्णय है। किशनगंज जैसे सीमावर्ती जिले में, जहां बड़ी आबादी ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहती है, परिवार नियोजन की जानकारी और सेवाओं को लोगों के घर-द्वार तक पहुंचाना इसलिए भी जरूरी हो जाता है, ताकि भौगोलिक दूरी, जानकारी की कमी या झिझक किसी परिवार के स्वास्थ्य निर्णय में बाधा न बने।इसी उद्देश्य से जिले में मिशन परिवार विकास अभियान 2026 के तहत जागरूकता और सेवा गतिविधियों को व्यापक रूप दिया जा रहा है। सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय प्रांगण में परिवार नियोजन मेला आयोजित किया गया। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने मेले का विधिवत उद्घाटन किया। मेले में परिवार नियोजन के विभिन्न अस्थायी एवं स्थायी साधनों, उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और परामर्श की जानकारी लोगों को दी गई। कार्यक्रम के दौरान मीडिया ब्रीफिंग भी आयोजित की गई, जिसमें सिविल सर्जन ने मीडिया प्रतिनिधियों को अभियान के उद्देश्य, जिले में इसकी जरूरत और समुदाय तक सेवाओं को पहुंचाने की रणनीति के बारे में विस्तार से जानकारी दी।विदित हो की जिले में 07 से 26 सितंबर 2026 तक मिशन परिवार विकास अभियान चल रहा है। इसके तहत 07 से 13 सितंबर तक दम्पति संपर्क सप्ताह तथा 14 से 26 सितंबर तक परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। अभियान का फोकस जागरूकता के साथ इच्छुक दम्पतियों को वास्तविक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर है।इसी कड़ी में सारथी रथ को विभिन्न प्रखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया है। 07 से 25 सितंबर तक चलने वाला यह रथ गांव-गांव पहुंचकर बच्चों के बीच उचित अंतराल, परिवार नियोजन के उपलब्ध अस्थायी एवं स्थायी साधनों तथा स्वास्थ्य संस्थानों में मिलने वाली सेवाओं की जानकारी देगा। परिवार का निर्णय, व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि परिवार नियोजन को केवल स्वास्थ्य विभाग की गतिविधि के रूप में देखने के बजाय इसे महिला स्वास्थ्य, सुरक्षित मातृत्व, बच्चों के बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिरता से जोड़कर देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार अपनी आवश्यकता और परिस्थितियों के अनुरूप निर्णय ले सके, इसके लिए उसे वैज्ञानिक और विश्वसनीय जानकारी तथा गुणवत्तापूर्ण सेवाओं तक आसान पहुंच मिलनी चाहिए।उन्होंने कहा कि किशनगंज जैसे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों वाले जिले में सामुदायिक स्तर पर निरंतर संवाद जरूरी है। आशा, आंगनबाड़ी सेविका, जीविका दीदी, विकास मित्र, पंचायत प्रतिनिधि और अन्य सामुदायिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी से परिवार नियोजन का संदेश अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है। प्रशासन का प्रयास है कि जानकारी या दूरी के अभाव में कोई इच्छुक परिवार उपलब्ध सेवाओं से वंचित न रहे। उचित अंतराल से मां और बच्चे दोनों को लाभ अभियान में बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल के महत्व पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। उचित अंतराल से मां को अपने स्वास्थ्य को संभालने का समय मिलता है और अगले गर्भधारण के लिए शरीर को पर्याप्त अवसर मिलता है। वहीं परिवार प्रत्येक बच्चे के पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य और शिक्षा पर बेहतर ध्यान दे सकता है।परिवार नियोजन के विकल्पों को लेकर समाज में मौजूद भ्रम और झिझक को दूर करने के लिए आशा एवं अन्य सामुदायिक कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर संवाद किया जाएगा। इच्छुक दम्पतियों को उनकी जरूरत और पसंद के अनुसार उपलब्ध विकल्पों की जानकारी देने के साथ आवश्यक परामर्श और संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने में भी मदद की जाएगी। मेले से मीडिया तक, एक साथ बढ़ाया जा रहा जागरूकता का दायरा परिवार नियोजन मेले के साथ आयोजित मीडिया ब्रीफिंग में सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि प्रत्येक दम्पति को परिवार नियोजन के संबंध में अपनी आवश्यकता और पसंद के अनुसार निर्णय लेने के लिए सही जानकारी और गुणवत्तापूर्ण सेवा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मिशन परिवार विकास अभियान के माध्यम से जिले में जागरूकता और सेवा की कड़ी को मजबूत किया जा रहा है।उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य केवल प्रचार सामग्री तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि लोगों को जरूरत के समय वास्तविक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है। इसके लिए सारथी रथ, सामुदायिक बैठक, घर-घर संपर्क, स्वास्थ्य संस्थानों में परामर्श तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। पंचायत एवं स्वास्थ्य संस्थानों के स्तर पर पोस्टर, बैनर, दीवार लेखन और अन्य सूचना, शिक्षा एवं संचार सामग्री के माध्यम से भी संदेश प्रसारित किया जा रहा है। 07 से 25 सितंबर तक सारथी रथ विभिन्न प्रखंडों में प्रचार-प्रसार करेगा।कार्यक्रम में सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अनवर हुसैन, एनसीडीओ डॉ. उर्मिला कुमारी, डीपीएम डॉ. मुनाजिम और डीपीसी विश्वजीत कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। अभियान में सिफार जैसी सहयोगी संस्थाओं की भी भागीदारी है।जिले में मिशन परिवार विकास अभियान की दिशा इस बात पर केंद्रित है कि परिवार नियोजन को महज एक सरकारी कार्यक्रम के बजाय परिवार के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े अधिकार-आधारित निर्णय के रूप में स्थापित किया जाए। जब परिवार को सही जानकारी, विकल्प और समय पर गुणवत्तापूर्ण सेवा मिलती है, तभी वह अपनी परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर निर्णय ले पाता है—और यही निर्णय स्वस्थ परिवार से स्वस्थ समाज की ओर बढ़ने की आधारशिला बनता है।

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  • टेढ़ागाछ में रोजगार का संकट! रोजगार नहीं मिलने से पलायन को मजबूर लोग, बीवी-बच्चों को छोड़कर रोजी-रोटी की तलाश में जा रहे हैं बाहर। आपके इलाके में भी है ऐसी समस्या? अपनी राय जरूर बताएं। टेढ़ागाछ में रोजगार का संकट! रोजगार नहीं मिलने से पलायन को मजबूर लोग, बीवी-बच्चों को छोड़कर रोजी-रोटी की तलाश में जा रहे हैं बाहर। आपके इलाके में भी है ऐसी समस्या? अपनी राय जरूर बताएं।
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    टेढ़ागाछ में रोजगार का संकट!
रोजगार नहीं मिलने से पलायन को मजबूर लोग,
बीवी-बच्चों को छोड़कर रोजी-रोटी की तलाश में जा रहे हैं बाहर।
आपके इलाके में भी है ऐसी समस्या? अपनी राय जरूर बताएं।
टेढ़ागाछ में रोजगार का संकट!
रोजगार नहीं मिलने से पलायन को मजबूर लोग,
बीवी-बच्चों को छोड़कर रोजी-रोटी की तलाश में जा रहे हैं बाहर।
आपके इलाके में भी है ऐसी समस्या? अपनी राय जरूर बताएं।
    user_Manzar AlamRN
    Manzar AlamRN
    तेरहागछ, किशनगंज, बिहार•
    3 hrs ago
  • इंज्यूरी रिपोर्ट पर सवाल, मेडिकल बोर्ड से दोबारा जांच की मांग जोकीहाट/अररिया जोकीहाट रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आदित्य कुमार पर घायल व्यक्ति की कथित रूप से गलत इंज्यूरी रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगाया गया है। दभड़ा पंचायत निवासी मंदन मंडल ने इस संबंध में अररिया एसपी और सिविल सर्जन को आवेदन देकर मामले की जांच कराने तथा मेडिकल बोर्ड गठित कर दोबारा जख्मों की जांच कराने की मांग की है।आवेदन में मंदन मंडल ने आरोप लगाया है कि उस पर धारदार दबिया से हमला किया गया था। हमले में शरीर के करीब छह स्थानों पर कटने के जख्म आए थे और वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उनका आरोप है कि इलाज के दौरान चोटों की गंभीरता के अनुरूप इंज्यूरी रिपोर्ट तैयार नहीं की गई और चोटों को साधारण (सिंपल) इंज्यूरी के रूप में दर्ज कर दिया गया।मंदन मंडल का कहना है कि आपराधिक मामलों में इंज्यूरी रिपोर्ट महत्वपूर्ण साक्ष्य होती है। इसलिए चोटों की वास्तविक स्थिति का सही तरीके से मेडिकल रिकॉर्ड में दर्ज होना जरूरी है। उन्होंने सिविल सर्जन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मेडिकल बोर्ड गठित कर जख्मों की दोबारा जांच कराने की मांग की है।इधर, जोकीहाट रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आदित्य कुमार ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि घायल की मेडिकल जांच नियमानुसार की गई थी और जांच के आधार पर ही इंज्यूरी रिपोर्ट तैयार की गई है। उन्होंने रिपोर्ट तैयार करने में किसी तरह की लापरवाही या अनियमितता के आरोप से इनकार किया।अब पीड़ित के आवेदन पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच कराई जाती है या मेडिकल बोर्ड गठित कर दोबारा मेडिकल जांच की जाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। दोबारा मेडिकल जांच होने पर चोटों की प्रकृति और पूर्व में तैयार इंज्यूरी रिपोर्ट को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
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    इंज्यूरी रिपोर्ट पर सवाल, मेडिकल बोर्ड से दोबारा जांच की मांग
जोकीहाट/अररिया
जोकीहाट रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आदित्य कुमार पर घायल व्यक्ति की कथित रूप से गलत इंज्यूरी रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगाया गया है। दभड़ा पंचायत निवासी मंदन मंडल ने इस संबंध में अररिया एसपी और सिविल सर्जन को आवेदन देकर मामले की जांच कराने तथा मेडिकल बोर्ड गठित कर दोबारा जख्मों की जांच कराने की मांग की है।आवेदन में मंदन मंडल ने आरोप लगाया है कि उस पर धारदार दबिया से हमला किया गया था। हमले में शरीर के करीब छह स्थानों पर कटने के जख्म आए थे और वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उनका आरोप है कि इलाज के दौरान चोटों की गंभीरता के अनुरूप इंज्यूरी रिपोर्ट तैयार नहीं की गई और चोटों को साधारण (सिंपल) इंज्यूरी के रूप में दर्ज कर दिया गया।मंदन मंडल का कहना है कि आपराधिक मामलों में इंज्यूरी रिपोर्ट महत्वपूर्ण साक्ष्य होती है। इसलिए चोटों की वास्तविक स्थिति का सही तरीके से मेडिकल रिकॉर्ड में दर्ज होना जरूरी है। उन्होंने सिविल सर्जन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मेडिकल बोर्ड गठित कर जख्मों की दोबारा जांच कराने की मांग की है।इधर, जोकीहाट रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आदित्य कुमार ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि घायल की मेडिकल जांच नियमानुसार की गई थी और जांच के आधार पर ही इंज्यूरी रिपोर्ट तैयार की गई है। उन्होंने रिपोर्ट तैयार करने में किसी तरह की लापरवाही या अनियमितता के आरोप से इनकार किया।अब पीड़ित के आवेदन पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच कराई जाती है या मेडिकल बोर्ड गठित कर दोबारा मेडिकल जांच की जाती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। दोबारा मेडिकल जांच होने पर चोटों की प्रकृति और पूर्व में तैयार इंज्यूरी रिपोर्ट को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
    user_अल्लामा ग़ज़ाली
    अल्लामा ग़ज़ाली
    Artist जोकीहाट, अररिया, बिहार•
    1 hr ago
  • जरूरतमंद महिलाओं को मिली सिलाई मशीन, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम जरूरतमंद महिलाओं को मिली सिलाई मशीन, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम
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    जरूरतमंद महिलाओं को मिली सिलाई मशीन, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम
जरूरतमंद महिलाओं को मिली सिलाई मशीन, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम
    user_Crime Darpan News
    Crime Darpan News
    Social Media Manager Araria, Bihar•
    6 hrs ago
  • अररिया में बैंक कर्मी ने विभिन मांगो को लेकर दो दिवसीय हड़ताल धरना प्रदर्शन किया।
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    अररिया में बैंक कर्मी ने विभिन मांगो को लेकर दो दिवसीय हड़ताल धरना प्रदर्शन किया।
    user_Araria News
    Araria News
    Media company Araria, Bihar•
    20 hrs ago
  • 🔥 आवाज़ उठती रहे, बदलाव आता रहे 🇮🇳 आपकी राय क्या है? कमेंट में जरूर बताइए 👇 ❤️ Like • 🔄 Share • ➕ Follow #StudentVoice #YouthVoice #India #Politics #ViralVideo
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    🔥 आवाज़ उठती रहे, बदलाव आता रहे 🇮🇳
आपकी राय क्या है? कमेंट में जरूर बताइए 👇
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#StudentVoice #YouthVoice #India #Politics #ViralVideo
    user_Hussain king
    Hussain king
    किशनगंज, किशनगंज, बिहार•
    29 min ago
  • अररिया बिहार आज दिनांक 15 सितंबर 2026 को बिहार प्रांतीय खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन जिला कमिटी अररिया का जीबी बैठक यूनियन के जिला अध्यक्ष कामरेड राजेश पासवान का अध्यक्षता में पेंशनर भवन प्रांगण अररिया में युनियन का बिहार राज्य अध्यक्ष कामरेड देवेन्द्र चौरसिया के मार्ग दर्शन में संपन्न हुई। बैठक में कामरेड लछु शर्मा खगरिया यूनियन के साथी नेपाल से आईं बाढ़ से दिल्ली में मकान गिरने के कारन निधन हुए लोगों के प्रति एवं दिवंगत साथीयों को सर्व प्रथम एक मिनट मौन रख कर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। बैठक में यूनियन के जिला सचिव कामरेड अजित पासवान ने विगत दिनों हुए अररिया जिला में यूनियन का कार्य पर अपना कार्य प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। जिला के विभिन्न क्षेत्रों में यूनियन द्वारा संचालित कार्यक्रम पर उपस्थित साथीयों अपने अपने कामों पर भी चर्चा किया। जिसे सर्व सम्मति से पारित किया गया। बैठक में यूनियन के जिला प्रभारी कामरेड देवेन्द्र चौरसिया ने संबोधित करते हुए खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूरों का वर्तमान हालात पर विस्तार से जानकारी दिए। बैठक में यूनियन का सदस्यता अभियान का समिक्षा किया गया और निर्णय लिया गया कि 20 सितंबर 2026 तक पुरा कर लिया जाएगा। दिनांक 30 सितंबर 2026 को दरभंगा में प्रस्तावित भूमि अधिकार सम्मेलन में अररिया से साथीयों को भाग लेने का निर्णय लिया गया। दिनांक 10 दिसम्बर 2026 को बिहार यूनियन द्वारा प्रस्तावित मुख्यमंत्री घेराव का तैयारी हेतु दिनांक 24 अक्टूबर 2026 को बेगुसराय में कन्वेंशन में अररिया से साथीयों को भाग लेना है। बैठक को संबोधित करते हुए सीपीएम जिला सचिव कामरेड राम विनय राय ने कहा कि अररिया जिला में खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन एक मजबूत और शसक्त संगठन बन कर उभरा है। यूनियन के साथी अपने मांगों एवं अधिकार के लिए संगठित हो रहे हैं। यह मजदूर आंदोलन के लिए शुभ संकेत है। बैठक में नकुल पासवान, सलीम खान, ज्ञानदेव पासवान,जिवछ रिषि देव, सावन कुमार,इला देवी, मंगली देवी,अंमजद अंसारी,राजु रिषि देव, चंद्रशेखर पासवान, प्रमोद सिंह यादव,बीबी रुखसार,नाहीदा खातुन, सलीमा खातुन, बिंदु राम,बिरंची पासवान,मुरशिद बेचनी देवी आदि साथीयों ने भाग लिया। अररिया बिहार आज दिनांक 15 सितंबर 2026 को बिहार प्रांतीय खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन जिला कमिटी अररिया का जीबी बैठक यूनियन के जिला अध्यक्ष कामरेड राजेश पासवान का अध्यक्षता में पेंशनर भवन प्रांगण अररिया में युनियन का बिहार राज्य अध्यक्ष कामरेड देवेन्द्र चौरसिया के मार्ग दर्शन में संपन्न हुई। बैठक में कामरेड लछु शर्मा खगरिया यूनियन के साथी नेपाल से आईं बाढ़ से दिल्ली में मकान गिरने के कारन निधन हुए लोगों के प्रति एवं दिवंगत साथीयों को सर्व प्रथम एक मिनट मौन रख कर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। बैठक में यूनियन के जिला सचिव कामरेड अजित पासवान ने विगत दिनों हुए अररिया जिला में यूनियन का कार्य पर अपना कार्य प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। जिला के विभिन्न क्षेत्रों में यूनियन द्वारा संचालित कार्यक्रम पर उपस्थित साथीयों अपने अपने कामों पर भी चर्चा किया। जिसे सर्व सम्मति से पारित किया गया। बैठक में यूनियन के जिला प्रभारी कामरेड देवेन्द्र चौरसिया ने संबोधित करते हुए खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूरों का वर्तमान हालात पर विस्तार से जानकारी दिए। बैठक में यूनियन का सदस्यता अभियान का समिक्षा किया गया और निर्णय लिया गया कि 20 सितंबर 2026 तक पुरा कर लिया जाएगा। दिनांक 30 सितंबर 2026 को दरभंगा में प्रस्तावित भूमि अधिकार सम्मेलन में अररिया से साथीयों को भाग लेने का निर्णय लिया गया। दिनांक 10 दिसम्बर 2026 को बिहार यूनियन द्वारा प्रस्तावित मुख्यमंत्री घेराव का तैयारी हेतु दिनांक 24 अक्टूबर 2026 को बेगुसराय में कन्वेंशन में अररिया से साथीयों को भाग लेना है। बैठक को संबोधित करते हुए सीपीएम जिला सचिव कामरेड राम विनय राय ने कहा कि अररिया जिला में खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन एक मजबूत और शसक्त संगठन बन कर उभरा है। यूनियन के साथी अपने मांगों एवं अधिकार के लिए संगठित हो रहे हैं। यह मजदूर आंदोलन के लिए शुभ संकेत है। बैठक में नकुल पासवान, सलीम खान, ज्ञानदेव पासवान,जिवछ रिषि देव, सावन कुमार,इला देवी, मंगली देवी,अंमजद अंसारी,राजु रिषि देव, चंद्रशेखर पासवान, प्रमोद सिंह यादव,बीबी रुखसार,नाहीदा खातुन, सलीमा खातुन, बिंदु राम,बिरंची पासवान,मुरशिद बेचनी देवी आदि साथीयों ने भाग लिया।
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    अररिया बिहार 
आज दिनांक 15 सितंबर 2026 को बिहार प्रांतीय खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन जिला कमिटी अररिया का जीबी बैठक यूनियन के जिला अध्यक्ष कामरेड राजेश पासवान का अध्यक्षता में पेंशनर भवन प्रांगण अररिया में युनियन का बिहार राज्य अध्यक्ष कामरेड देवेन्द्र चौरसिया के मार्ग दर्शन में संपन्न हुई। बैठक में कामरेड लछु शर्मा खगरिया यूनियन के साथी नेपाल से आईं बाढ़ से दिल्ली में मकान गिरने के कारन निधन हुए लोगों के प्रति एवं दिवंगत साथीयों को सर्व प्रथम एक मिनट मौन रख कर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। बैठक में यूनियन के जिला सचिव कामरेड अजित पासवान ने विगत दिनों हुए अररिया जिला में यूनियन का कार्य पर अपना कार्य प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।  जिला के विभिन्न क्षेत्रों में यूनियन द्वारा संचालित कार्यक्रम पर उपस्थित साथीयों अपने अपने कामों पर भी चर्चा किया। जिसे सर्व सम्मति से पारित किया गया। बैठक में यूनियन के जिला प्रभारी कामरेड देवेन्द्र चौरसिया ने संबोधित करते हुए खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूरों का वर्तमान हालात पर विस्तार से जानकारी दिए। बैठक में यूनियन का सदस्यता अभियान का समिक्षा किया गया और निर्णय लिया गया कि 20 सितंबर 2026 तक पुरा कर लिया जाएगा। दिनांक 30 सितंबर 2026 को दरभंगा में प्रस्तावित भूमि अधिकार सम्मेलन में अररिया से साथीयों को भाग लेने का निर्णय लिया गया। दिनांक 10 दिसम्बर 2026 को बिहार यूनियन द्वारा प्रस्तावित मुख्यमंत्री घेराव का तैयारी हेतु दिनांक 24 अक्टूबर 2026 को बेगुसराय में कन्वेंशन में अररिया से साथीयों को भाग लेना है। बैठक को संबोधित करते हुए सीपीएम जिला सचिव कामरेड राम विनय राय ने कहा कि अररिया जिला में खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन एक मजबूत और शसक्त संगठन बन कर उभरा है। यूनियन के साथी अपने मांगों एवं अधिकार के लिए संगठित हो रहे हैं। यह मजदूर आंदोलन के लिए शुभ संकेत है। बैठक में नकुल पासवान, सलीम खान, ज्ञानदेव पासवान,जिवछ रिषि देव, सावन कुमार,इला देवी, मंगली देवी,अंमजद अंसारी,राजु रिषि देव, चंद्रशेखर पासवान, प्रमोद सिंह यादव,बीबी रुखसार,नाहीदा खातुन, सलीमा खातुन, बिंदु राम,बिरंची पासवान,मुरशिद बेचनी देवी आदि साथीयों ने भाग लिया।
अररिया बिहार 
आज दिनांक 15 सितंबर 2026 को बिहार प्रांतीय खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन जिला कमिटी अररिया का जीबी बैठक यूनियन के जिला अध्यक्ष कामरेड राजेश पासवान का अध्यक्षता में पेंशनर भवन प्रांगण अररिया में युनियन का बिहार राज्य अध्यक्ष कामरेड देवेन्द्र चौरसिया के मार्ग दर्शन में संपन्न हुई। बैठक में कामरेड लछु शर्मा खगरिया यूनियन के साथी नेपाल से आईं बाढ़ से दिल्ली में मकान गिरने के कारन निधन हुए लोगों के प्रति एवं दिवंगत साथीयों को सर्व प्रथम एक मिनट मौन रख कर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। बैठक में यूनियन के जिला सचिव कामरेड अजित पासवान ने विगत दिनों हुए अररिया जिला में यूनियन का कार्य पर अपना कार्य प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।  जिला के विभिन्न क्षेत्रों में यूनियन द्वारा संचालित कार्यक्रम पर उपस्थित साथीयों अपने अपने कामों पर भी चर्चा किया। जिसे सर्व सम्मति से पारित किया गया। बैठक में यूनियन के जिला प्रभारी कामरेड देवेन्द्र चौरसिया ने संबोधित करते हुए खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूरों का वर्तमान हालात पर विस्तार से जानकारी दिए। बैठक में यूनियन का सदस्यता अभियान का समिक्षा किया गया और निर्णय लिया गया कि 20 सितंबर 2026 तक पुरा कर लिया जाएगा। दिनांक 30 सितंबर 2026 को दरभंगा में प्रस्तावित भूमि अधिकार सम्मेलन में अररिया से साथीयों को भाग लेने का निर्णय लिया गया। दिनांक 10 दिसम्बर 2026 को बिहार यूनियन द्वारा प्रस्तावित मुख्यमंत्री घेराव का तैयारी हेतु दिनांक 24 अक्टूबर 2026 को बेगुसराय में कन्वेंशन में अररिया से साथीयों को भाग लेना है। बैठक को संबोधित करते हुए सीपीएम जिला सचिव कामरेड राम विनय राय ने कहा कि अररिया जिला में खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन एक मजबूत और शसक्त संगठन बन कर उभरा है। यूनियन के साथी अपने मांगों एवं अधिकार के लिए संगठित हो रहे हैं। यह मजदूर आंदोलन के लिए शुभ संकेत है। बैठक में नकुल पासवान, सलीम खान, ज्ञानदेव पासवान,जिवछ रिषि देव, सावन कुमार,इला देवी, मंगली देवी,अंमजद अंसारी,राजु रिषि देव, चंद्रशेखर पासवान, प्रमोद सिंह यादव,बीबी रुखसार,नाहीदा खातुन, सलीमा खातुन, बिंदु राम,बिरंची पासवान,मुरशिद बेचनी देवी आदि साथीयों ने भाग लिया।
    user_रिपोर्टर रंजीत राय
    रिपोर्टर रंजीत राय
    Physiotherapist फारबिसगंज, अररिया, बिहार•
    1 hr ago
  • महावीरी झंडा रथ यात्रा में महादेव सेवा दल की अनोखी पहल, जलजीरा-चाय व चॉकलेट से श्रद्धालुओं की सेवा । महावीरी झंडा रथ यात्रा में महादेव सेवा दल की अनोखी पहल, जलजीरा-चाय व चॉकलेट से श्रद्धालुओं की सेवा ।
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    महावीरी झंडा रथ यात्रा में महादेव सेवा दल की अनोखी पहल, जलजीरा-चाय व चॉकलेट से श्रद्धालुओं की सेवा । 
महावीरी झंडा रथ यात्रा में महादेव सेवा दल की अनोखी पहल, जलजीरा-चाय व चॉकलेट से श्रद्धालुओं की सेवा ।
    user_India News Live
    India News Live
    Local News Reporter Forbesganj, Araria•
    21 hrs ago
  • टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय में आधार केंद्र बंद, ग्रामीण परेशान! आखिर कब खुलेगा आधार केंद्र? आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं। टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय में आधार केंद्र बंद, ग्रामीण परेशान! आखिर कब खुलेगा आधार केंद्र? आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं।
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    टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय में आधार केंद्र बंद, ग्रामीण परेशान!
आखिर कब खुलेगा आधार केंद्र?
आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं।
टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय में आधार केंद्र बंद, ग्रामीण परेशान!
आखिर कब खुलेगा आधार केंद्र?
आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं।
    user_Manzar AlamRN
    Manzar AlamRN
    तेरहागछ, किशनगंज, बिहार•
    6 hrs ago
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