दुमका जिले के रानेश्वर प्रखंड के रंगालिया पंचायत अंतर्गत लाकड़ाघाटी गांव से पलासपाड़ा जाने वाले रास्ते पर सरकारी राशि के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां मार्ग के दोनों छोरों पर अनुपयोगी जगह पर एक ही स्थान पर दर्जनों गार्डवाल कतारबद्ध तरीके से बना दिए गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कई वर्षों से टुकड़ों-टुकड़ों में एक ही जगह पर दोनों तरफ लगभग 15 से 20 गार्डवाल खड़े कर दिए गए हैं, जबकि इस मार्ग के दोनों ओर की मिट्टी काफी मजबूत है और वहां गार्डवाल की कोई जरूरत नहीं थी। इस पूरे निर्माण कार्य में नियमों की जमकर अनदेखी कर जैसे-तैसे काम को अंजाम दिया गया है। किसी भी कार्यस्थल पर कोई भी सूचनापट्ट नहीं लगाया गया है, जिससे यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि यह कार्य किस मद या योजना से कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कार्यस्थल पर सूचनापट्ट का न लगाना ही सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का संकेत देता है। सूत्रों के अनुसार, एक गार्डवाल की प्राकलित राशि ₹2 लाख से अधिक होती है और इस हिसाब से इस अनुपयोगी जगह पर ₹40 लाख से अधिक की लोकराशि पानी की तरह बहा दी गई है। वर्तमान में इनमें से कई गार्डवाल ध्वस्त हो रहे हैं, जबकि कई अन्य ध्वस्त होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। ग्रामीणों ने इसे लोकराशि का खुला दुरुपयोग बताया है, क्योंकि नियमतः गार्डवाल केवल सार्वजनिक स्थलों को सुरक्षित रखने के लिए बनाए जाते हैं।
दुमका जिले के रानेश्वर प्रखंड के रंगालिया पंचायत अंतर्गत लाकड़ाघाटी गांव से पलासपाड़ा जाने वाले रास्ते पर सरकारी राशि के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां मार्ग के दोनों छोरों पर अनुपयोगी जगह पर एक ही स्थान पर दर्जनों गार्डवाल कतारबद्ध तरीके से बना दिए गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कई वर्षों से टुकड़ों-टुकड़ों में एक ही जगह पर दोनों तरफ लगभग 15 से 20 गार्डवाल खड़े कर दिए गए हैं, जबकि इस मार्ग के दोनों ओर की मिट्टी काफी मजबूत है और वहां गार्डवाल की कोई जरूरत नहीं थी। इस पूरे निर्माण कार्य में नियमों की जमकर अनदेखी कर जैसे-तैसे काम को अंजाम दिया गया है। किसी भी कार्यस्थल पर कोई भी सूचनापट्ट नहीं लगाया गया है, जिससे यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि यह कार्य किस मद या योजना से कराया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कार्यस्थल पर सूचनापट्ट का न लगाना ही सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का संकेत देता है। सूत्रों के अनुसार, एक गार्डवाल की प्राकलित राशि ₹2 लाख से अधिक होती है और इस हिसाब से इस अनुपयोगी जगह पर ₹40 लाख से अधिक की लोकराशि पानी की तरह बहा दी गई है। वर्तमान में इनमें से कई गार्डवाल ध्वस्त हो रहे हैं, जबकि कई अन्य ध्वस्त होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। ग्रामीणों ने इसे लोकराशि का खुला दुरुपयोग बताया है, क्योंकि नियमतः गार्डवाल केवल सार्वजनिक स्थलों को सुरक्षित रखने के लिए बनाए जाते हैं।
- जामताड़ा में मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत संचालित मेगा स्किल सेंटर में मेगा प्लेसमेंट ड्राइव एवं प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान 30 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही, विभिन्न कंपनियों की ओर से 8 युवाओं को नौकरी के ऑफर लेटर सौंपे गए।1
- देवघर जिले के कारोन इलाके से एक वीडियो चर्चा में है, जिसमें गौतम भाई महात्मा गांधी, कुरान और कफीर किताब के संदर्भ में अपनी बात रख रहे हैं। इस वीडियो के माध्यम से महात्मा गांधी के बारे में की गई टिप्पणियों को सुनने और इसे साझा करने की अपील की गई है।1
- धनबाद के निरसा अंतर्गत पंचेत पत्थलबाडी में बीसीसीएल सीबी एरिया 12 सीआईएसएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की है। गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर बीसीसीएल यूनिट सीआईएसएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि माइंस की तरफ से एक अवैध कोयला लदा ट्रक जा रहा है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए सीआईएसएफ की टीम द्वारा सीबी एरिया 12 में गाड़ी को जब्त कर लिया गया। हालांकि, जब गाड़ी को जब्त किया गया तो ट्रक में शॉप कॉक पोरा लदा हुआ पाया गया।1
- देवघर में पूर्व बीजेपी कैंडिडेट के पिता सीधे कैमरे के सामने आए हैं और उन्होंने एक बड़ी बात कह दी है।1
- झारखंड के देवघर जिले के मोहनपुर में सड़क की स्थिति अत्यंत खराब है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में सड़क ही नहीं है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।4
- झारखंड के गोड्डा में प्यार की एक ऐसी अंधी कहानी सामने आई है, जहां एक मौसी को बेटी से प्यार हो गया। इस अनोखे रिश्ते को देखकर लोग पूरी तरह हैरान रह गए, जिसके बाद दोनों ने आपस में शादी भी कर ली। मौसी और बेटी के बीच हुई यह शादी अब हर तरफ जमकर वायरल हो रही है और लोग इसे देखकर दंग हैं।1
- झारखंड के जामताड़ा स्थित सर्खेलडीह के जी.के. पैलेस में झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले दो दिवसीय सातवें राज्य स्तरीय सम्मेलन का शुभारंभ हो गया है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए राज्यभर से कर्मचारी प्रतिनिधि और पदाधिकारी पहुंचे हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में महासंघ के अखिल भारतीय केंद्रीय महासचिव राजीव डिबरी शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं पर मंथन किया। वक्ताओं ने सरकार के समक्ष रखी गई अपनी 25 सूत्री मांगों पर विस्तार से चर्चा करते हुए सरकार को घेरा और इन सभी मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की है।1
- गोड्डा में लूटकांड की घटना के विरोध में व्यापारियों ने पूरी तरह से बाजार बंद रखा है। इस घटना के बाद स्थानीय व्यवसायियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारी व्यापारी लूटपाट में शामिल आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।1