T20 वर्ल्ड कप 2026: विदेशी जर्सी, लेकिन भारतीय खून; मैदान पर दिख रहा है 'मिनी इंडिया' का जलवा नई दिल्ली: क्रिकेट का महाकुंभ यानी ICC पुरुष T20 वर्ल्ड कप 2026 इस समय पूरे शबाब पर है। जहाँ एक तरफ टीम इंडिया अपनी धाक जमा रही है, वहीं दूसरी तरफ दुनिया की अन्य टीमों में खेल रहे भारतीय मूल के करीब 40 खिलाड़ी इस टूर्नामेंट की असल रौनक बने हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में 'मन की बात' में इन खिलाड़ियों की सराहना करते हुए इन्हें "भारतीयता का वैश्विक दूत" बताया है। इन टीमों में है 'भारत' का बोलबाला टूर्नामेंट में शामिल 20 टीमों में से कई ऐसी हैं, जिनका कोर पूरी तरह से भारतीय मूल के खिलाड़ियों से बना है: कनाडा: इस टीम में सबसे ज्यादा 11 खिलाड़ी भारतीय मूल के हैं। टीम की कमान पंजाब के गुरदासपुर में जन्मे दिलप्रीत बाजवा के हाथों में है। USA (अमेरिका): अमेरिका की टीम में 9 भारतीय मूल के खिलाड़ी शामिल हैं। कप्तान मोनांक पटेल गुजरात से हैं, जबकि मुंबई के सौरभ नेत्रवलकर और दिल्ली के मिलिंद कुमार टीम की रीढ़ बने हुए हैं। ओमान और UAE: इन दोनों ही टीमों में 7-7 खिलाड़ी भारतीय मूल के हैं। ओमान की कप्तानी लुधियाना में जन्मे जतिंदर सिंह कर रहे हैं। अन्य टीमें: न्यूजीलैंड के रचिन रवींद्र और ईश सोढ़ी से लेकर इटली और नीदरलैंड्स जैसी टीमों में भी भारतीय जड़ों वाले खिलाड़ी अपना दम दिखा रहे हैं। संघर्ष से सफलता तक का सफर इनमें से कई खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने भारत में घरेलू क्रिकेट (रणजी ट्रॉफी या अंडर-19) खेला, लेकिन यहाँ कड़े कंपटीशन की वजह से आगे नहीं बढ़ पाए। आज वे दूसरे देशों के लिए खेल रहे हैं, लेकिन अपनी जड़ों से आज भी जुड़े हुए हैं। "जब हम मैदान पर किसी खिलाड़ी का नाम सुनते हैं जो भारतीय है, तो जर्सी चाहे किसी भी देश की हो, दिल के किसी कोने में खुशी जरूर होती है।" — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खास बातें: सौरभ नेत्रवलकर (USA): मुंबई के इस पूर्व अंडर-19 खिलाड़ी ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने के साथ-साथ क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। जसप्रीत सिंह (इटली): फगवाड़ा में जन्मे जसप्रीत कभी उबर (Uber) चलाते थे, आज वर्ल्ड कप के मंच पर 140 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदें फेंक रहे हैं। यह वर्ल्ड कप इस बात का गवाह है कि क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि भारतीयों के लिए एक ऐसा जुनून है जो सरहदों का मोहताज नहीं है।
T20 वर्ल्ड कप 2026: विदेशी जर्सी, लेकिन भारतीय खून; मैदान पर दिख रहा है 'मिनी इंडिया' का जलवा नई दिल्ली: क्रिकेट का महाकुंभ यानी ICC पुरुष T20 वर्ल्ड कप 2026 इस समय पूरे शबाब पर है। जहाँ एक तरफ टीम इंडिया अपनी धाक जमा रही है, वहीं दूसरी तरफ दुनिया की अन्य टीमों में खेल रहे भारतीय मूल के करीब 40 खिलाड़ी इस टूर्नामेंट की असल रौनक बने हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में 'मन की बात' में इन खिलाड़ियों की सराहना करते हुए इन्हें "भारतीयता का वैश्विक दूत" बताया है। इन टीमों में है 'भारत' का बोलबाला टूर्नामेंट में शामिल 20 टीमों में से कई ऐसी हैं, जिनका कोर पूरी तरह से भारतीय मूल के खिलाड़ियों से बना है: कनाडा: इस टीम में सबसे ज्यादा 11 खिलाड़ी भारतीय मूल के हैं। टीम की कमान पंजाब के गुरदासपुर में जन्मे दिलप्रीत बाजवा के हाथों में है। USA (अमेरिका): अमेरिका की टीम में 9 भारतीय मूल के खिलाड़ी शामिल हैं। कप्तान मोनांक पटेल गुजरात से हैं, जबकि मुंबई के सौरभ नेत्रवलकर और दिल्ली के मिलिंद कुमार टीम की रीढ़ बने हुए हैं। ओमान और UAE: इन दोनों ही टीमों में 7-7 खिलाड़ी भारतीय मूल के हैं। ओमान की कप्तानी लुधियाना में जन्मे जतिंदर सिंह कर रहे हैं। अन्य टीमें: न्यूजीलैंड के रचिन रवींद्र और ईश सोढ़ी से लेकर इटली और नीदरलैंड्स जैसी टीमों में भी भारतीय जड़ों वाले खिलाड़ी अपना दम दिखा रहे हैं। संघर्ष से सफलता तक का सफर इनमें से कई खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने भारत में घरेलू क्रिकेट (रणजी ट्रॉफी या अंडर-19) खेला, लेकिन यहाँ कड़े कंपटीशन की वजह से आगे नहीं बढ़ पाए। आज वे दूसरे देशों के लिए खेल रहे हैं, लेकिन अपनी जड़ों से आज भी जुड़े हुए हैं। "जब हम मैदान पर किसी खिलाड़ी का नाम सुनते हैं जो भारतीय है, तो जर्सी चाहे किसी भी देश की हो, दिल के किसी कोने में खुशी जरूर होती है।" — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खास बातें: सौरभ नेत्रवलकर (USA): मुंबई के इस पूर्व अंडर-19 खिलाड़ी ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने के साथ-साथ क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है। जसप्रीत सिंह (इटली): फगवाड़ा में जन्मे जसप्रीत कभी उबर (Uber) चलाते थे, आज वर्ल्ड कप के मंच पर 140 किमी/घंटा की रफ्तार से गेंदें फेंक रहे हैं। यह वर्ल्ड कप इस बात का गवाह है कि क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि भारतीयों के लिए एक ऐसा जुनून है जो सरहदों का मोहताज नहीं है।
- बिहार शरीफ (नालंदा): बिहार के नालंदा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ सोहसराय थाना क्षेत्र का मोगलकुआं इलाका अचानक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, यहाँ एक बारात पर असामाजिक तत्वों द्वारा भीषण पथराव किया गया, जिसके बाद इलाके में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है। क्या है पूरा मामला? घटना उस समय की है जब सोहसराय के मोगलकुआं इलाके से बारात गुजर रही थी। तभी अचानक कुछ शरारती तत्वों ने बारात को निशाना बनाकर पत्थरबाजी शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से बारात में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। देखते ही देखते पूरा इलाका पुलिस छावनी में बदल गया। मौके पर पहुँची भारी पुलिस बल घटना की सूचना मिलते ही सोहसराय थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुँची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिले के अन्य थानों से भी अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है। पुलिस फिलहाल मामले को शांत कराने और उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है। इलाके में दहशत का माहौल इस पथराव की घटना के बाद स्थानीय लोगों और बारातियों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। मोगलकुआं इलाके में फिलहाल पुलिस गश्त कर रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को दोबारा होने से रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।1
- गया जी “अधिकार और प्रक्रिया पर उठे सवाल: सिविल ड्रेस अधिकारी की निगरानी में चालान”1
- Post by Ranja Maje1
- Post by सत्य प्रकाश मिश्र2
- मंत्री-सांसद एक मंच पर, हरनौत को मिली बड़ी सौगात एंकर, नालंदा जिला के हरनौत बाजार स्थित जीडीएम कॉलेज के पास जनता गैरेज एंड कार स्पा मल्टी ब्रांड कार वर्कशॉप का भव्य उद्घाटन किया गया। उद्योग एवं पथ निर्माण विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने फीता काटकर इस आधुनिक वर्कशॉप का शुभारंभ किया। इस मौके पर नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार, जदयू प्रखंड अध्यक्ष रविकांत कुमार, नगर पंचायत के मुख्य पार्षद प्रतिनिधि धीरज कुमार उर्फ पल्लू सिंह, भाजपा नेता आशुतोष कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह में मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में बिहार में सड़कों का जाल बिछा है। फोर लेन सड़क बनने के बाद उद्योग-धंधों को नई दिशा मिली है और उसी का परिणाम है कि आज हरनौत में इस तरह का आधुनिक कार गैरेज खुला है। उन्होंने कहा कि यह वर्कशॉप क्षेत्र में कार सर्विस और मरम्मत की जरूरत को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वर्कशॉप के संचालक परशुराम कुमार ने बताया कि यहां कंप्यूटराइज मशीन से व्हील एलाइनमेंट, पेंटिंग, डेंटिंग, धुलाई सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ग्राहकों को कम रेट में बेहतर और पारदर्शी सेवा दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का अंग वस्त्र और बुके देकर स्वागत किया गया। सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग इस उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। हरनौत में खुले इस मल्टी ब्रांड कार वर्कशॉप से स्थानीय लोगों को न सिर्फ बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सड़क और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ अब छोटे शहरों में भी बड़े उद्योग कदम रख रहे हैं।1
- बिहार में क्या शराबबंदी होगी खत्म..? CM नीतीश के MP-मंत्री का बड़ा बयान, RJD कर रही सप्लाई....? SamacharCity।।BiharNews।।1
- डॉक्टर सुनील के कब्रिस्तान बयान पर विधायक पप्पू खान ने कहा उन्हें जानकारी का अभाव है1
- Post by Amit Kumar1