क्या नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं? क्या कानून सिर्फ आम लोगों पर ही लागू होता है? क्या नियमों की सख्ती केवल पब्लिक के लिए है? या फिर सरकारी कर्मचारी और पुलिसकर्मी इन नियमों से ऊपर हैं? शहर में जब आम आदमी छोटी सी गलती करता है, तो तुरंत चालान, नोटिस और कार्रवाई हो जाती है। लेकिन जब वही नियम किसी सरकारी कर्मचारी या पुलिसकर्मी द्वारा तोड़े जाते हैं, तो क्या उतनी ही सख्ती दिखाई जाती है? जो आम लोगों के चालान बना रहे हैं, क्या उनके अपने चालान नहीं बनना चाहिए? क्या नियम लागू कराने वालों पर नियम लागू नहीं होते? क्या कानून सबके लिए बराबर नहीं होना चाहिए? संविधान स्पष्ट कहता है — सभी नागरिक कानून की नजर में समान हैं। फिर ज़मीन पर यह समानता दिखाई क्यों नहीं देती? अगर आम जनता पर नियम सख्ती से लागू होते हैं, तो सरकारी तंत्र पर भी उतनी ही पारदर्शिता और जवाबदेही क्यों नहीं? सवाल यह नहीं कि कार्रवाई होनी चाहिए या नहीं — सवाल यह है कि कार्रवाई बराबरी से होनी चाहिए। जब तक कानून सब पर समान रूप से लागू नहीं होगा, तब तक जनता के मन में व्यवस्था के प्रति विश्वास कैसे कायम रहेगा? अब समय आ गया है — नियम सिर्फ जनता के लिए नहीं, बल्कि सत्ता और सिस्टम के लिए भी समान रूप से लागू हों। #airindia #इंदौर #operationsindoor
क्या नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं? क्या कानून सिर्फ आम लोगों पर ही लागू होता है? क्या नियमों की सख्ती केवल पब्लिक के लिए है? या फिर सरकारी कर्मचारी और पुलिसकर्मी इन नियमों से ऊपर हैं? शहर में जब आम आदमी छोटी सी गलती करता है, तो तुरंत चालान, नोटिस और कार्रवाई हो जाती है। लेकिन जब वही नियम किसी सरकारी कर्मचारी या पुलिसकर्मी द्वारा तोड़े जाते हैं, तो क्या उतनी ही सख्ती दिखाई जाती है? जो आम लोगों के चालान बना रहे हैं, क्या उनके अपने चालान नहीं बनना चाहिए? क्या नियम लागू कराने वालों पर नियम लागू नहीं होते? क्या कानून सबके लिए बराबर नहीं होना चाहिए? संविधान स्पष्ट कहता है — सभी नागरिक कानून की नजर में समान हैं। फिर ज़मीन पर यह समानता दिखाई क्यों नहीं देती? अगर आम जनता पर नियम सख्ती से लागू होते हैं, तो सरकारी तंत्र पर भी उतनी ही पारदर्शिता और जवाबदेही क्यों नहीं? सवाल यह नहीं कि कार्रवाई होनी चाहिए या नहीं — सवाल यह है कि कार्रवाई बराबरी से होनी चाहिए। जब तक कानून सब पर समान रूप से लागू नहीं होगा, तब तक जनता के मन में व्यवस्था के प्रति विश्वास कैसे कायम रहेगा? अब समय आ गया है — नियम सिर्फ जनता के लिए नहीं, बल्कि सत्ता और सिस्टम के लिए भी समान रूप से लागू हों। #airindia #इंदौर #operationsindoor
- इन्दौर के बाणगंगा क्षेत्र मै चोरों से दहशत फैली बीते दिनों धार्मिक यात्रा पर गए दंपति के सूने मकान मै चोरों ने धावा बोल कर पुलिस की रात्रि गश्त की पोल खोल दी शहर भर में लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ती जा रही है1
- इन्दौर नगर निगम द्वारा स्वछता पर नया गाना सामने आया1
- आठवें वेतन आयोग के नाम पर होने वाले साइबर फ्रॉड से रहे सावधान. इंदौर पुलिस क्राइम ब्रांच द्वारा आठवें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ने के कैलक्यूलेशन के नाम पर होने वाले साइबर फ्रॉड से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। आठवें वेतन आयोग में एम्पलाईज की सैलरी बढ़ने व एरियर चेक करने के कैलक्यूलेशन की उत्सुकता को ध्यान में रखते हुए साइबर क्रिमिनल्स द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यम से apk फ़ाइल और लिंक से साइबर फ्रॉड किया जा रहा है। अतः ऐसे अनजान मैसेज/लिंक, apk फाइल से सावधान रहे और इन पर बिना जांच पड़ताल के बिल्कुल भी क्लिक न करें।1
- कोटा में एक कथा के दौरान महिला की भूत की बीमारी चुटकी में भागते दिखे पंडित धीरेंद्र शास्त्री जी, काश ऐसे ही चुटकी से देश की गरीबी, बेरोजगारी और समस्याएं भगा देते, आपकी क्या राय है कमेंट में जरूर बताएं 👇1
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- केंद्रीय मंत्री मनसुख एल मंडिया BJP महिला मोर्चा के कार्यक्रम में हुए शामिल (आनंद मोहन माथुर सभागृह इंदौर) दिनांक 11 फरवरी को केंद्रीय मंत्री मनसुख एल मंडिया बीजेपी कार्यालय इंदौर पहुंचे और यहां पत्रकारों से चर्चा करने के बाद रविंद्र नाथ टैगोर में स्वच्छता मित्रों का सम्मान समारोह में शामिल हुए इसके बाद भाजपा महिला मोर्चा द्वारा स्कीम नंबर 54 में आनंद माथुर सभागृह में एक कार्यक्रम रखा गया था इसमें केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले 70 सालों में महिलाओं के विकास और बराबर के भागीदारी के लिए कोई काम नहीं किया गया लेकिन हमारे सरकार आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने महिलाओं को बराबर का दर्जा देने और महिला सशक्तिकरण की ओर और उनके विकास की ओर विशेष तौर से ध्यान दिया है1
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