मिशन मोड में करें जनसंख्या नियंत्रण का काम, हर पात्र तक पहुँचाएँ सुविधाएँ:आयुक्त --100 हेल्थ वॉरियर्स को आयुक्त ने अपने कर-कमलों से अवार्ड देकर सम्मानित किया --आशा और कम्युनिटी हेल्थ वर्कर्स इस मिशन की 'असली रीढ़ (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) मुजफ्फरपुर 12 मार्च 2026-मुजफ्फरपुर:-तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त श्री गिरिवर दयाल सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए सभी को मिशन मोड में काम करना होगा ताकि फैमिली प्लानिंग की सुविधाएँ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े हर पात्र व्यक्ति तक अनिवार्य रूप से पहुँच सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि फैमिली प्लानिंग केवल एक सरकारी प्रोग्राम मात्र नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में तिरहुत प्रमंडल की हेल्थ सर्विसेज को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए विभाग के हर स्तर पर एक्टिव सहयोग और अकाउंटेबिलिटी अपेक्षित है।गुरुवार को मुजफ्फरपुर के मझौलिया रोड स्थित 'द एमराल्ड होटल' में आयोजित एफपीएलएमआईएस (Family Planning Logistics Management Information System) पर प्रमंडलीय स्तरीय ओरिएंटेशन सह सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए आयुक्त ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम की सफलता केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।उन्होंने एफपीएलएम आईएस पोर्टल की महत्ता पर जोर देते हुए निर्देश दिया कि टेक्नोलॉजी के बेहतर उपयोग से कॉन्ट्रासेप्टिव दवाओं और लॉजिस्टिक्स की उपलब्धता को पूरी तरह ट्रांसपेरेंट बनाया जाए, जिससे फील्ड लेवल पर किसी भी प्रकार की कमी न रहे। आयुक्त ने आशा और कम्युनिटी हेल्थ वर्कर्स को इस मिशन की 'असली रीढ़' बताते हुए आह्वान किया कि "सीमित परिवार, सुखी परिवार" के मैसेज को अब एक जन-आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है। उन्होंने आगामी फाइनेंशियल ईयर के लिए प्रमंडल के सभी जिलों को निर्धारित टारगेट्स को टाइम लिमिट के भीतर पूरा करने के लिए प्रेरित किया। समारोह के दौरान फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में फैमिली प्लानिंग सर्विसेज, जैसे महिला व पुरुष नसबंदी, पीपीआईयूसीडी, आईयूसीडी और अंतरा इंजेक्शन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 100 हेल्थ वॉरियर्स को आयुक्त ने अपने कर-कमलों से अवार्ड देकर सम्मानित किया।पुरस्कृत होने वालों में मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, वैशाली, शिवहर एवं सीतामढ़ी जिलों के सिविल सर्जन से लेकर जमीनी स्तर पर कार्यरत आशा कार्यकर्ता तक शामिल रहीं। कार्यक्रम में टेक्निकल सपोर्ट प्रदान करने वाले डेवलपमेंट पार्टनर पीएसआई इंडिया के प्रतिनिधियों को भी उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी समारोह में आरएडी, आरडीडी, आरपीएम सहित प्रमंडल के सभी जिलों के सिविल सर्जन, एसीएमओ, डीपीएम, अस्पतालों के सुपरिटेंडेंट, मेडिकल ऑफिसर और बड़ी संख्या में स्टाफ नर्स और सीएचओ उपस्थित रहे, जिन्होंने आयुक्त के विजन को धरातल पर उतारने का संकल्प लिया।
मिशन मोड में करें जनसंख्या नियंत्रण का काम, हर पात्र तक पहुँचाएँ सुविधाएँ:आयुक्त --100 हेल्थ वॉरियर्स को आयुक्त ने अपने कर-कमलों से अवार्ड देकर सम्मानित किया --आशा और कम्युनिटी हेल्थ वर्कर्स इस मिशन की 'असली रीढ़ (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) मुजफ्फरपुर 12 मार्च 2026-मुजफ्फरपुर:-तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त श्री गिरिवर दयाल सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए सभी को मिशन मोड में काम करना होगा ताकि फैमिली प्लानिंग की सुविधाएँ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े हर पात्र व्यक्ति तक अनिवार्य रूप से पहुँच सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि फैमिली प्लानिंग केवल एक सरकारी प्रोग्राम मात्र नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में तिरहुत प्रमंडल की हेल्थ सर्विसेज को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए विभाग के हर स्तर पर एक्टिव सहयोग और अकाउंटेबिलिटी अपेक्षित है।गुरुवार को मुजफ्फरपुर के मझौलिया रोड स्थित 'द एमराल्ड होटल' में आयोजित एफपीएलएमआईएस (Family Planning Logistics Management Information System) पर प्रमंडलीय स्तरीय ओरिएंटेशन सह सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए आयुक्त ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रोग्राम की सफलता केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।उन्होंने एफपीएलएम आईएस पोर्टल की महत्ता पर
जोर देते हुए निर्देश दिया कि टेक्नोलॉजी के बेहतर उपयोग से कॉन्ट्रासेप्टिव दवाओं और लॉजिस्टिक्स की उपलब्धता को पूरी तरह ट्रांसपेरेंट बनाया जाए, जिससे फील्ड लेवल पर किसी भी प्रकार की कमी न रहे। आयुक्त ने आशा और कम्युनिटी हेल्थ वर्कर्स को इस मिशन की 'असली रीढ़' बताते हुए आह्वान किया कि "सीमित परिवार, सुखी परिवार" के मैसेज को अब एक जन-आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है। उन्होंने आगामी फाइनेंशियल ईयर के लिए प्रमंडल के सभी जिलों को निर्धारित टारगेट्स को टाइम लिमिट के भीतर पूरा करने के लिए प्रेरित किया। समारोह के दौरान फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में फैमिली प्लानिंग सर्विसेज, जैसे महिला व पुरुष नसबंदी, पीपीआईयूसीडी, आईयूसीडी और अंतरा इंजेक्शन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 100 हेल्थ वॉरियर्स को आयुक्त ने अपने कर-कमलों से अवार्ड देकर सम्मानित किया।पुरस्कृत होने वालों में मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, वैशाली, शिवहर एवं सीतामढ़ी जिलों के सिविल सर्जन से लेकर जमीनी स्तर पर कार्यरत आशा कार्यकर्ता तक शामिल रहीं। कार्यक्रम में टेक्निकल सपोर्ट प्रदान करने वाले डेवलपमेंट पार्टनर पीएसआई इंडिया के प्रतिनिधियों को भी उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी समारोह में आरएडी, आरडीडी, आरपीएम सहित प्रमंडल के सभी जिलों के सिविल सर्जन, एसीएमओ, डीपीएम, अस्पतालों के सुपरिटेंडेंट, मेडिकल ऑफिसर और बड़ी संख्या में स्टाफ नर्स और सीएचओ उपस्थित रहे, जिन्होंने आयुक्त के विजन को धरातल पर उतारने का संकल्प लिया।
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- मुजफ्फरपुर में नाबालिग गुम/शुदगी से मचा हड़/कंप #viralreels #viralvideos #BreakingNews #bihar #BiharPolice #Muzaffarpur1
- भारत आज भी एक कृषि-प्रधान देश है। देश की बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर है। लेकिन यह भी एक कड़वा सच है कि जिस कृषि व्यवस्था पर देश की अर्थव्यवस्था टिकी है, उसी से जुड़ा किसान आज सबसे अधिक संकट में है। बढ़ती लागत, अनिश्चित मौसम, बाजार की अस्थिरता और फसलों के उचित मूल्य का अभाव—ये सभी कारक किसानों को हर मोर्चे पर संघर्ष करने को मजबूर कर रहे हैं। पारंपरिक खेती अब उनके लिए सम्मानजनक आय का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि कई बार घाटे का सौदा साबित हो रही है। ऐसे विषम हालात में प्रश्न उठता है कि आखिर किसानों के लिए रास्ता क्या है? क्या वे इसी चक्र में फंसे रहें या खेती के तौर-तरीकों में बदलाव कर नई संभावनाओं की ओर कदम बढ़ाएँ? इसका उत्तर अब खेतों से ही निकलकर सामने आ रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर, पश्चिम चम्पारण के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न जैसी फसलें इस बदलाव की मजबूत बुनियाद बनती जा रही हैं। बेतिया जिले के विशुनपुर रघुनाथ क्षेत्र के युवा किसान रवि कुमार इस बदलाव की मिसाल बनकर उभरे हैं। उन्होंने पारंपरिक फसलों के दायरे से बाहर निकलकर बेबी कॉर्न की खेती को अपनाया और कम समय में बेहतर मुनाफा अर्जित किया। यह फसल मात्र 60 से 70 दिनों में तैयार हो जाती है, जिससे किसान एक वर्ष में कई चक्रों में उत्पादन लेकर अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं। बेबी कॉर्न की सबसे बड़ी विशेषता इसकी दोहरी उपयोगिता है: एक ओर इसका भुट्टा बाजार में अच्छी कीमत पर बिकता है, वहीं दूसरी ओर इसका हरा पौधा पशुओं के लिए उच्च गुणवत्ता का चारा बनता है। किसान संजय कुमार बताते हैं कि इसके चारे के उपयोग से मवेशियों की दूध देने की क्षमता बढ़ती है, जिससे अतिरिक्त आय का एक और स्रोत तैयार हो जाता है। अर्थात् एक ही फसल से किसान को दोहरा लाभ मिल रहा है—फसल और पशुपालन, दोनों। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसका प्रभाव दिखने लगा है। ग्राम बैकुंठवा, प्रखंड नौतन के किसान राघोशरण प्रसाद मानते हैं कि बेबी कॉर्न की खेती ने किसानों की आर्थिक तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। अब किसान कम समय में नकदी फसल लेकर बाजार से सीधे जुड़ पा रहे हैं, जिससे बिचौलियों पर उनकी निर्भरता कम हो रही है। दूसरी ओर, स्वीट कॉर्न भी किसानों के लिए एक उभरता हुआ विकल्प है। बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतों के कारण इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। शहरों में उबले और भुने हुए स्वीट कॉर्न की लोकप्रियता ने इसे एक स्थायी बाजार प्रदान किया है। यह फसल 65 से 75 दिनों में तैयार हो जाती है और इसकी बिक्री भी अपेक्षाकृत आसान होती है। सरकार भी इस परिवर्तन को प्रोत्साहित करने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। स्वीट कॉर्न की खेती के लिए बीज पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, ताकि किसान इसे अपनाने के लिए प्रेरित हों। साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न की खेती वर्तमान समय में किसानों के लिए एक व्यावहारिक और लाभकारी विकल्प बनकर उभरी है। कम समय में तैयार होने वाली इन फसलों की बाजार में अच्छी मांग है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल रहा है। विभाग की ओर से किसानों को बीज, तकनीक और प्रशिक्षण के माध्यम से हर संभव सहयोग दिया जा रहा है, ताकि वे पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर व्यावसायिक खेती को अपना सकें। स्पष्ट है कि आज खेती केवल परिश्रम का नहीं, बल्कि दूरदर्शिता और रणनीति का भी विषय बन चुकी है। जो किसान बाजार की मांग और समय की आवश्यकता को समझ रहा है, वही आगे बढ़ रहा है। बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न इस बदलाव के प्रतीक हैं, जहाँ कम लागत, कम समय और अधिक मुनाफा:तीनों एक साथ संभव हो रहे हैं। डॉ. सिंह ने बताया कि अब आवश्यकता इस बात की है कि किसान अपनी सोच को सीमित दायरे से बाहर निकालें और नई फसलों को अपनाने का साहस दिखाएँ, क्योंकि आने वाला समय उसी का है जो खेती को सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि एक संगठित और लाभकारी व्यवसाय के रूप में देखेगा। इस अवसर पर माधोपुर पैक्स अध्यक्ष श्री शत्रुघ्न सिंह, रवि कुमार, सौरभ कुमार सहित अन्य किसान उपस्थित थे।1
- बेतिया के मच्छर गावा चौक से एक बड़ा आरोप सामने आ रहा है, जहां लोगों ने एक्साइज विभाग के अधिकारियों पर जब्त शराब को ही बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग द्वारा दिखाई जाने वाली कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता है, जबकि जब्त शराब को बाद में बाजार में बेचा जा रहा है। इसको लेकर इलाके में नाराजगी बढ़ती जा रही है। हालांकि इस पूरे मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो यह एक बड़ा घोटाला साबित हो सकता है।1
- योगापट्टी प्रखंड के बलुआ भवानीपुर पंचायत के कौवलापुर गांव में सरकारी योजनाओं की हकीकत एक दिव्यांग की बेबसी में साफ नजर आ रही है। यहां के निवासी धर्मेंद्र राम, जो शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं, पिछले एक महीने से शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि पाने के लिए प्रखंड कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें उनका हक नहीं मिल सका है। धर्मेंद्र राम ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए कर्ज लेकर किसी तरह अपना काम पूरा किया। उन्हें उम्मीद थी कि सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता राशि समय पर मिल जाएगी, जिससे वे अपना कर्ज चुका सकेंगे। लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी जब उनके खाते में पैसा नहीं पहुंचा, तो उनकी परेशानियां और बढ़ गईं। अपनी समस्या को लेकर धर्मेंद्र कई बार प्रखंड कार्यालय पहुंचे, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला, समाधान नहीं। उनका आरोप है कि अधिकारियों द्वारा स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही और उन्हें बार-बार टाल दिया जाता है। उन्होंने स्वच्छता प्रवेक्षक टुना शर्मा पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हर बार यही कहा जाता है कि पैसा भेज दिया गया है, जबकि उनके बैंक खाते में अब तक कोई राशि नहीं आई है। दूसरी ओर, स्वच्छता प्रवेक्षक टुना शर्मा ने दावा किया है कि राशि लाभुक के खाते में ट्रांसफर कर दी गई है और देरी की वजह बैंकिंग प्रक्रिया या तकनीकी समस्या हो सकती है। उन्होंने धर्मेंद्र को बैंक जाकर अपने खाते की पूरी जानकारी जांचने की सलाह दी है। यह मामला न सिर्फ एक व्यक्ति की परेशानी को उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि आखिर सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर जरूरतमंदों तक क्यों नहीं पहुंच पा रहा है। एक दिव्यांग व्यक्ति को अपने हक के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाना पड़ रहा है, जो व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग इस मामले में त्वरित जांच कर सच्चाई सामने लाए और जल्द से जल्द धर्मेंद्र राम को उनकी प्रोत्साहन राशि दिलाई जाए, ताकि उन्हें इस आर्थिक और मानसिक संकट से राहत मिल सके।1
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- आशुतोष कुमार का बड़ा दावा: “भूमिहार समाज हर पद पर अपने प्रतिनिधि चाहता है?” | सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद बदले सुर सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद आशुतोष कुमार के बदले तेवर अब चर्चा का विषय बन गए हैं। इस बीच उनका एक बयान भी सामने आया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि भूमिहार समाज हर बड़े पद—मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री से लेकर अन्य जिम्मेदारियों तक—अपने ही समाज का प्रतिनिधित्व चाहता है। पत्रकारों के सवाल पर उनका जवाब— “हमसे क्यों पूछ रहे हैं, कोर्ट से पूछिए”— कई नए सवाल खड़े करता है। निट छात्रा मामले में न्याय, CBI चार्जशीट और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई पर भी उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस वीडियो में देखिए: • सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद बदले बयान • भूमिहार समाज को लेकर आशुतोष कुमार का दावा • न्याय के मुद्दे पर उठते सवाल पूरा सच जानने के लिए वीडियो अंत तक देखें और खुद तय करें— यह सिर्फ बयान है या बड़ी रणनीति? निष्पक्ष खबरें अब तक बिहार — यहां सच बिकता नहीं, सीधा दिखता है। #आशुतोष_कुमार #सम्राट_चौधरी #भूमिहार_समाज #बयान_विवाद #बिहार_राजनीति #जातीय_राजनीति #BJP #न्याय_की_मांग #CBI #सुप्रीम_कोर्ट #राजनीतिक_विश्लेषण #BreakingNews #Ankesh_Thakur #निष्पक्ष_ख़बरें_अब_तक_बिहार1
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