बलिया जिले के सुखपुरा थाना क्षेत्र स्थित भरखरा चट्टी के पास सोमवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में 28 वर्षीय श्रीनाथ चौहान उर्फ राणा की मौके पर ही मौत हो गई। गड़वार थाना क्षेत्र के कुरेजी गांव निवासी श्रीनाथ, एक साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में अपनी बाइक से अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गए थे, जिससे उनके सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं। इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है, और उनकी नौ माह की गर्भवती पत्नी मीना (25) का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, श्रीनाथ चौहान अपने गांव से पचखोरा की ओर जा रहे थे, तभी भरखरा चट्टी के पास अचानक एक साइकिल सवार सामने आ गया। श्रीनाथ रोजी-रोटी के लिए केरल के कोच्चि में एक निजी कंपनी में वेल्डिंग का काम करते थे और कुछ दिन पहले ही घर आए थे। वह अपने परिवार के बड़े पुत्र थे और उन पर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों का एक बड़ा हिस्सा था, जिससे उनकी असामयिक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। हादसे के बाद स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और सूचना मिलते ही सुखपुरा थाना पुलिस वहां पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। सबसे मार्मिक क्षण तब था जब मृतक की नौ माह की गर्भवती पत्नी मीना को पति की मौत की खबर मिली, जिसके बाद वह कई बार बेहोश हुईं और परिजनों व आसपास की महिलाओं ने किसी तरह उन्हें संभाला।
बलिया जिले के सुखपुरा थाना क्षेत्र स्थित भरखरा चट्टी के पास सोमवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में 28 वर्षीय श्रीनाथ चौहान उर्फ राणा की मौके पर ही मौत हो गई। गड़वार थाना क्षेत्र के कुरेजी गांव निवासी श्रीनाथ, एक साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में अपनी बाइक से अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गए थे, जिससे उनके सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं। इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है, और उनकी नौ माह की गर्भवती पत्नी मीना (25) का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, श्रीनाथ चौहान अपने गांव से पचखोरा की ओर जा रहे थे, तभी भरखरा चट्टी के पास अचानक एक साइकिल सवार सामने आ गया। श्रीनाथ रोजी-रोटी के लिए केरल के कोच्चि में एक निजी कंपनी में वेल्डिंग का काम करते थे और कुछ दिन पहले ही घर आए थे। वह अपने परिवार के बड़े पुत्र थे और उन पर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों का एक बड़ा हिस्सा था, जिससे उनकी असामयिक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। हादसे के बाद स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और सूचना मिलते ही सुखपुरा थाना पुलिस वहां पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। सबसे मार्मिक क्षण तब था जब मृतक की नौ माह की गर्भवती पत्नी मीना को पति की मौत की खबर मिली, जिसके बाद वह कई बार बेहोश हुईं और परिजनों व आसपास की महिलाओं ने किसी तरह उन्हें संभाला।
- बेतिया लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने विशंभरपुर पंचायत में आयोजित विशेष सहयोग शिविर का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में, सांसद ने इस पहल का उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित निष्पादन बताया, जिससे उन्हें प्रखंड कार्यालय के अनावश्यक चक्कर लगाने और परेशान होने से मुक्ति मिल सके। उन्होंने केंद्र और बिहार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी और लोगों से इनका लाभ उठाने का आग्रह किया। यह विशेष सहयोग शिविर मझौलिया प्रखंड की चार पंचायतों – विशंभरपुर, मझरिया शेख, अहवर कुड़िया और सेनुवरिया में आयोजित किया गया। शिविर में शिक्षा, बिजली, आपूर्ति, स्वास्थ्य, नलकूप, श्रम, कल्याण, स्वच्छता मिशन और कृषि जैसे विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं को संबोधित किया गया। इसके अतिरिक्त, पेंशन, आय प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र जैसी प्रमाण पत्र संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए भी आवेदन स्वीकार किए गए और उनका त्वरित निष्पादन कर आवेदकों को उपलब्ध कराया गया। इस विशेष सहयोग शिविर के सफल आयोजन में कई अधिकारियों और स्थानीय नेताओं की भूमिका सराहनीय रही, जिनमें प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार, थानाध्यक्ष अमर कुमार, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हाफिजुर रहमान, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी जयप्रकाश मौर्य और प्रखंड कृषि पदाधिकारी अबू लैस अनवर शामिल थे। साथ ही, प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष और मझरिया शेख मुखिया हरी लाल यादव, विशंभरपुर मुखिया संतोष कुमार, अहवर कुड़िया मुखिया जानकी देवी और सेनुवरिया मुखिया ज्योति श्रीवास्तव ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस शिविर में अपनी फरियाद लेकर आए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे इसकी व्यापक पहुंच और सफलता स्पष्ट होती है।4
- बेतिया शहर स्थित डॉ. हिद्यातुल्लाह के क्लीनिक में मरीज के ऑपरेशन में देरी को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है, जिसके बाद क्लीनिक के डॉक्टर और स्टाफ पर मरीज व उसके परिजनों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार ने दावा किया है कि मनुआपुल थाना क्षेत्र के रायधुरवा निवासी पुष्कर कुमार राय के पुत्र शुभम राज को इलाज के लिए क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के लिए परिजनों से ₹10,000 अग्रिम जमा कराए गए और उन्हें सुबह 7 बजे बुलाया गया था। आरोपों के मुताबिक, दोपहर करीब 2 बजे तक भी ऑपरेशन नहीं किया गया, जिसके बाद परिजनों ने देरी का कारण पूछा तो विवाद बढ़ गया। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान क्लीनिक स्टाफ ने मरीज और उसके साथ आए लोगों के साथ मारपीट की। इस कथित मारपीट में मरीज की कलाई घड़ी तोड़ दी गई और उसके अभिभावक का कॉलर पकड़कर उन्हें घसीटते हुए नीचे ले जाया गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने भी आरोप लगाया कि विवाद के दौरान कई लोग डंडे-लाठियों के साथ पहुंचे और मारपीट की। इस घटना का एक वायरल वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पीड़ित पक्ष क्लीनिक परिसर में हुए इस विवाद और मारपीट का दावा करता नजर आ रहा है; हालांकि, हमारा चैनल इस वायरल वीडियो या इसमें किए गए दावों की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। पीड़ित परिवार का कहना है कि क्लीनिक प्रबंधन ने बाद में जमा की गई ₹10,000 की अग्रिम राशि तो वापस कर दी, लेकिन टूटी हुई कलाई घड़ी उन्हें अब तक वापस नहीं मिली है।1
- बेतिया के नगर निगम सभागार में सोमवार को 'माई भारत' की जिला इकाई द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती समारोह एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत एक "क्रिएटर्स मीट" भी आयोजित की गई, जिसका उद्घाटन बेतिया नगर निगम की महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला युवा पदाधिकारी शशांक मित्तल ने की, वहीं प्राध्यापिका मेरी एडलिन ने इसका ओजस्वी संचालन किया। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने अपने संबोधन में युवाओं से अपील की कि वे प्रधानमंत्री जी के "विकसित भारत" के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने में "अभियान दूत" की भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल रोजगार चाहने वाला नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला सृजनकर्ता और नेतृत्वकर्ता भी है। महापौर ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 'राष्ट्र प्रथम' के दृष्टिकोण, शिक्षा के प्रति उनके समर्पण और 'अखंड भारत' की भावना को युवाओं के लिए आज भी प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म का रचनात्मक उपयोग राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जागरूकता और भारतीय संस्कार व संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए करें। गरिमा सिकारिया ने जोर देकर कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार हो पाएगा, जब युवा अपनी रचनात्मक ऊर्जा, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व को जनहित से जोड़ेंगे। उन्होंने विशेष रूप से कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल स्टोरीटेलर्स और यूट्यूबर्स जैसे युवा रचनाकारों से सकारात्मक एवं तथ्यपरक सामग्री के माध्यम से समाज को जागरूक करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उपस्थित युवाओं ने 'विकसित भारत' अभियान में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया। जिला युवा पदाधिकारी शशांक मित्तल ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को राष्ट्रहित में अपनी प्रतिभा का सार्थक उपयोग करने और समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत आधारशिला तैयार करने की प्रेरणा देते हैं।1
- बेतिया में सोमवार को 'माई भारत' की जिला इकाई द्वारा नगर निगम सभागार में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर श्रद्धांजलि सभा और "क्रिएटर्स मीट" का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन बेतिया नगर निगम की महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने किया, जबकि जिला युवा पदाधिकारी शशांक मित्तल ने इसकी अध्यक्षता की और प्राध्यापिका मेरी एडलिन ने संचालन किया। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने उपस्थित युवाओं से प्रधानमंत्री के "विकसित भारत" के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का युवा केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला सृजनकर्ता और नेतृत्वकर्ता भी है। महापौर ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 'राष्ट्र प्रथम' के दृष्टिकोण, शिक्षा के प्रति समर्पण और अखंड भारत की भावना को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जागरूकता, स्थानीय संस्कृति और भारतीय संस्कारों के प्रचार-प्रसार के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग करने का आग्रह किया। सिकारिया ने यह भी कहा कि 'विकसित भारत' का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब युवा अपनी रचनात्मक ऊर्जा, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व को जनहित से जोड़ेंगे। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल स्टोरीटेलर्स, यूट्यूबर्स और अन्य युवा रचनाकारों से सकारात्मक एवं तथ्यपरक सामग्री के माध्यम से समाज को जागरूक करने की अपील की। कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं ने 'विकसित भारत' अभियान में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया। इस अवसर पर जिला युवा पदाधिकारी शशांक मित्तल ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को राष्ट्रहित में अपनी प्रतिभा का सार्थक उपयोग करने की प्रेरणा देते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत आधारशिला तैयार करते हैं।1
- पश्चिम चंपारण के बेतिया में 'माई भारत' की जिला इकाई ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा और 'क्रिएटर्स मीट' का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को 'विकसित भारत' अभियान से जोड़ना और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करना था। नगर निगम सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन बेतिया की गरिमा देवी सिकारिया ने किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के "विकसित भारत" के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने में युवाओं की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताया। सिकारिया ने युवाओं से अपील की कि वे अभियान दूत बनकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाएँ। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का युवा केवल रोज़गार खोजने वाला नहीं, बल्कि देश और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वाहक है। गरिमा देवी सिकारिया ने विशेष रूप से कंटेंट क्रिएटर्स, यूट्यूबर्स और डिजिटल स्टोरीटेलर्स से आग्रह किया कि वे राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जागरूकता और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए तथ्यपरक, प्रेरणादायक और सकारात्मक सामग्री तैयार करें। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित युवाओं ने 'विकसित भारत' अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया और देश के विकास में अपनी ज़िम्मेदारी पूरी करने का भरोसा दिलाया। इस आयोजन का लक्ष्य युवाओं की ऊर्जा और डिजिटल शक्ति को राष्ट्रहित में जोड़कर 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में एक मज़बूत पहल करना था।1
- एक ऑनलाइन संदेश के माध्यम से दोस्तों और दर्शकों को अभिवादन करते हुए, उनसे एक नृत्य वीडियो देखने और उसे आगे साझा करने का अनुरोध किया गया है।1
- सोशल मीडिया पर ऐसे कई दावे तेज़ी से वायरल हो रहे हैं जिनमें कहा जा रहा है कि चीन ने भारत की 60 किलोमीटर ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया है। हालाँकि, इन वायरल दावों की आधिकारिक तौर पर अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। लोगों को यह सलाह दी गई है कि वे हमेशा आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें, न कि केवल वायरल खबरों पर।1
- प्रखर राष्ट्रवादी विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर सोमवार को बलिया में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। टाउन डिग्री कॉलेज चौराहा स्थित पंडित दीनदयाल चबूतरे पर हुए इस आयोजन में उपस्थित सभी सम्मानित सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के जीवन के स्वर्णिम पलों को याद करते हुए उनके इस कथन को दोहराया कि, "मैं मर जाऊंगा लेकिन देश को टूटने नहीं दूंगा।" युवा समाजसेवी व भाजपा नेता अनूप सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनसंघ के संस्थापक, मानवता के उपासक और महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती राष्ट्र की एकता, अखंडता और 'एक देश, एक विधान' के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचार और त्याग आज भी करोड़ों देशवासियों को प्रेरित करते हैं, और उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है। अनूप सिंह ने आगे बताया कि राष्ट्रहित सर्वोपरि की भावना के साथ डॉ. मुखर्जी ने अपना संपूर्ण जीवन देश की सेवा में समर्पित कर दिया, जिसका भारतीय राजनीति और राष्ट्र निर्माण के इतिहास में सदैव स्मरणीय योगदान रहेगा। कार्यक्रम के दौरान राजीव मोहन चौधरी, संजय राय, हेमंत पाठक, संजय चौबे, देवेंद्र सिंह, सत्येंद्र सिंह और सत्यप्रकाश सिंह सहित प्रमुख वक्ताओं ने संयुक्त रूप से अपने विचार साझा करते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन हमें सदैव समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान और राष्ट्र की मजबूती के लिए कार्य करने की दिशा दिखाता है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर में उनके सिद्धांतों का अनुपालन करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम के अंत में, राजीव मोहन चौधरी, अरविंद शुक्ला, संजय राय, सत्यप्रकाश सिंह अनूप, सत्येंद्र सिंह, संजय चौबे, देवेंद्र सिंह, अमित सिंह, हेमंत पाठक, बबलू सिंह, गुड्डू तिवारी, मनीष पांडेय, ओम नारायण चौबे, पंकज राय, दिग्विजय सिंह, देवव्रत दुबे, सोनू सिंह, अजय सिंह, संजय सिंह, राजेश गुप्ता, पद्ममेष ओझा, रंजीत सिंह, अभिषेक यादव, अंकित ठाकुर, अंकित बाबू, अमित गुप्ता, दिनेश राय, भोला सिंह बघेल और पवन राय सहित बड़ी संख्या में उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने डॉ. मुखर्जी के आदर्शों को आत्मसात करने और राष्ट्रहित में सकारात्मक भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प लिया।1