भेलूपुर स्थित स्वामी विवेकानन्द स्मारक राजकीय चिकित्सालय में रात की इमरजेंसी व्यवस्था पर उठे सवाल न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी।भेलूपुर थाना के ठीक बगल स्थित स्वामी विवेकानन्द स्मारक राजकीय चिकित्सालय में रात के समय इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।जानकारी के अनुसार बीती रात एक गंभीर घायल मरीज को इमरजेंसी में लाया गया। अस्पताल परिसर में नर्स और अन्य स्टाफ मौजूद थे, लेकिन परिजनों का आरोप है कि मौके पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे।वीडियो में देखा जा सकता है कि घायल मरीज खून से लथपथ हालत में स्ट्रेचर पर पड़ा है और उसके परिजन अस्पताल के गलियारे में डॉक्टर के इंतजार में परेशान घूम रहे हैं। अस्पताल के बाहर पुलिसकर्मी भी मौजूद दिखे।परिजनों का कहना है कि करीब एक घंटे तक मरीज को तत्काल उपचार नहीं मिल पाया। जब परिजनों ने मोबाइल से लाइव वीडियो बनाना शुरू किया, तब जाकर स्टाफ ने डॉक्टर से संपर्क किया और कुछ देर बाद डॉक्टर अस्पताल पहुंचे, जिसके बाद मरीज का उपचार शुरू किया गया।गौरतलब है कि सरकारी अस्पतालों पर गरीब,मजदूर, बुनकर और मध्यमवर्गीय परिवार सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। निजी अस्पतालों का महंगा इलाज हर किसी के बस की बात नहीं। ऐसे में सरकारी अस्पतालों की 24 घंटे इमरजेंसी सेवा ही उनका सबसे बड़ा सहारा है।स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि रात की इमरजेंसी में डॉक्टरों की ड्यूटी और उनकी तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी गंभीर मरीज को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े।फिलहाल अस्पताल प्रशासन की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
भेलूपुर स्थित स्वामी विवेकानन्द स्मारक राजकीय चिकित्सालय में रात की इमरजेंसी व्यवस्था पर उठे सवाल न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी।भेलूपुर थाना के ठीक बगल स्थित स्वामी विवेकानन्द स्मारक राजकीय चिकित्सालय में रात के समय इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।जानकारी के अनुसार बीती रात एक गंभीर घायल मरीज को इमरजेंसी में लाया गया। अस्पताल परिसर में नर्स और अन्य स्टाफ मौजूद थे, लेकिन परिजनों का आरोप है कि मौके पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे।वीडियो में देखा जा सकता है कि घायल मरीज खून से लथपथ हालत में स्ट्रेचर पर पड़ा है और उसके परिजन अस्पताल के गलियारे में डॉक्टर के इंतजार में परेशान घूम रहे हैं। अस्पताल के बाहर पुलिसकर्मी भी मौजूद दिखे।परिजनों का कहना है कि करीब एक घंटे तक मरीज को तत्काल उपचार नहीं मिल पाया। जब परिजनों ने मोबाइल से लाइव वीडियो बनाना शुरू किया, तब जाकर स्टाफ ने डॉक्टर से संपर्क किया और कुछ देर बाद डॉक्टर अस्पताल पहुंचे, जिसके बाद मरीज का उपचार शुरू किया गया।गौरतलब है कि सरकारी अस्पतालों पर गरीब,मजदूर, बुनकर और मध्यमवर्गीय परिवार सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। निजी अस्पतालों का महंगा इलाज हर किसी के बस की बात नहीं। ऐसे में सरकारी अस्पतालों की 24 घंटे इमरजेंसी सेवा ही उनका सबसे बड़ा सहारा है।स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि रात की इमरजेंसी में डॉक्टरों की ड्यूटी और उनकी तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी गंभीर मरीज को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े।फिलहाल अस्पताल प्रशासन की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
- चौबेपुर के वरिष्ठ समाजसेवी भोलानाथ उपाध्याय का आकस्मिक निधन, क्षेत्र में मातम1
- मुगलसराय के नए थानाध्यक्ष अर्जुन प्रताप सिंह का अतिक्रमण के खिलाफ एक्शन,माइक से दुकानदारों को किया जागरूक न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट मुगलसराय कोतवाली के नवनियुक्त थानाध्यक्ष अर्जुन प्रताप सिंह ने पदभार संभालते ही कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। गुरुवार की रात उन्होंने पुलिस टीम के साथ मुख्य सब्जी मंडी और बाजार में अतिक्रमण के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान चलाया।रात में मंडी में दुकानदारों द्वारा सड़क तक सब्जी और सामान लगा देने से आए दिन जाम की स्थिति बनती है, जिससे आम राहगीरों और बाजार आने वाले लोगों को भारी परेशानी होती है।इसको देखते हुए थानाध्यक्ष अर्जुन प्रताप सिंह खुद हाथ में माइक लेकर दुकान-दुकान पहुंचे और दुकानदारों से अपील की। उन्होंने कहा कि अपनी दुकान का सामान दुकान की सीमा के अंदर रखें, सड़क को पूरी तरह खाली रखें ताकि यातायात बाधित न हो और पब्लिक को परेशानी न हो।इस दौरान उन्होंने बड़े ही शालीनता और मानवीय तरीके से एक युवक सब्जी विक्रेता से भी बात की और उसे समझाया। पुलिस के इस बदले हुए मानवीय व्यवहार को देखकर वहां मौजूद भीड़ ने भी सराहना की।थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ चेतावनी और जागरूकता अभियान है, लेकिन इसके बाद भी यदि अतिक्रमण जारी रहा तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।नए थानाध्यक्ष के इस पहल की स्थानीय व्यापारियों और आम जनता ने जमकर प्रशंसा की है और इसे सराहनीय कदम बताया है।1
- हत्याकांड में 3 आरोपी शुभम सिंह, आकाश सिंह, सुभाष सिंह गिरफ्तार अरे इतना फोर्स क्यों लगा दिए हो यहाँ पे नागपुर के SBI में एक लुटेरा घुसा *उत्तर प्रदेश –* *गोंडा में बर्तन व्यापारी विनोद साहनी हत्याकांड में 3 आरोपी शुभम सिंह, आकाश सिंह, सुभाष सिंह गिरफ्तार !!* UP सरकार के मंत्री संजय निषाद धरने पर बैठे। उन्हीं के सामने "योगी सरकार शर्म करो" नारे लगे। आरोपियों के एनकाउंटर या फांसी की मांग की। थानेदार, चौकी इंचार्ज, बीट कांस्टेबल सस्पेंड। पुलिस के मुताबिक, विनोद साहनी सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करते थे। इससे एक वर्ग नाराज था और हत्या कर दी। अरे इतना फोर्स क्यों लगा दिए हो यहाँ पे? पूरे सर्किट हाउस को चारों तरफ से घेर लिए हो। ये सरकार की छवि खराब कर रहे हो आप लोग। इतना फोर्स लगा के क्या दिखाना चाहते हो?"* गोंडा में व्यापारी विनोद साहनी की हत्या के बाद सर्किट हाउस पहुंचे UP सरकार के मंत्री संजय निषाद वहां के SP अभिषेक पर भड़क गए। *महाराष्ट्र* नागपुर के SBI में एक लुटेरा घुसा बैंककर्मियों पर लाल मिर्च का पाउडर फेंका और 4.53 लाख रुपए लूटकर भाग गया हालांकि कुछ ही देर बाद ही लुटेरा सूरज बोरकर पकड़ा भी गया3
- चंदौली के चहनियां रामगढ़ बाबा कीनाराम विक्की तिवारी उर्फ छोटे पागल सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भजन प्रस्तुत करते हुए1
- बिजली कर्मियों से अभद्रता और सरकारी रजिस्टर के पन्ने फाड़ने का आरोप मीटर क्रॉस चेकिंग के दौरान विवाद, दोनों पक्षों ने थाने में दी तहरीर बिजली कर्मियों से अभद्रता और सरकारी रजिस्टर के पन्ने फाड़ने का आरोप मीटर क्रॉस चेकिंग के दौरान विवाद, दोनों पक्षों ने थाने में दी तहरीर अहरौला। थाना क्षेत्र के हंसनाडीह गांव में मीटर क्रॉस चेकिंग के दौरान बिजली विभाग की टीम और एक उपभोक्ता के बीच विवाद हो गया। बिजली विभाग के अवर अभियंता संतोष कुमार नाग और कर्मचारियों ने उपभोक्ता पर अभद्रता, गाली-गलौज, सरकारी कार्य में बाधा डालने तथा रीडिंग दर्ज करने वाले रजिस्टर के पन्ने फाड़ने का आरोप लगाते हुए अहरौला थाने में तहरीर दी है। वहीं, संबंधित उपभोक्ता की ओर से भी बिजली कर्मचारियों पर रुपये लेने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दिए जाने की बात सामने आई है।बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 10 सितंबर को दोपहर करीब 12:20 बजे 'हाई लॉस फीडर कप्तानगंज' के अंतर्गत हसनाडीह गांव में उपभोक्ताओं के परिसरों में लगे मीटरों की क्रॉस चेकिंग और स्टोर रीडिंग का विवरण तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान उपभोक्ता राम आसरे के पुत्र दुर्गेश जायसवाल के परिसर में लगे मीटर संख्या 1571079 की जांच और रीडिंग दर्ज करने को लेकर विवाद हो गया।विभागीय कर्मचारियों का आरोप है कि दुर्गेश जायसवाल ने मीटर की जांच से रोकते हुए कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और हाथापाई की तथा सरकारी रजिस्टर के कुछ पन्ने फाड़ दिए। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि दुर्गेश के भाई बृजेश ने फोन पर कर्मचारियों से अभद्रता करते हुए उनका स्थानांतरण कराने की धमकी दी। बताया गया कि बृजेश ने फोन पर स्वयं को देवरिया में एक्सईएन बताया।अवर अभियंता संतोष कुमार नाग ने बताया कि टीम विभागीय कार्य के तहत मीटरों की जांच कर रही थी। उनके अनुसार कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार होने से सरकारी कार्य प्रभावित होता है। उन्होंने उपभोक्ता पर लगाए गए रुपये लेने के आरोप को निराधार और बेबुनियाद बताया। मामले में विभाग की ओर से पुलिस से विधिक कार्रवाई की मांग की गई है।वहीं,दूसरे पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों की भी पुलिस जांच करेगी।थानाध्यक्ष मंतोष कुमार सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों से मिली तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।2
- वाराणसी:भेलूपुर स्थित स्वामी विवेकानन्द स्मारक राजकीय चिकित्सालय में रात की इमरजेंसी व्यवस्था पर उठे सवाल न्यूज टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी भेलूपुर थाना के ठीक बगल स्थित स्वामी विवेकानन्द स्मारक राजकीय चिकित्सालय में रात के समय इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।जानकारी के अनुसार बीती रात एक गंभीर घायल मरीज को इमरजेंसी में लाया गया। अस्पताल परिसर में नर्स और अन्य स्टाफ मौजूद थे, लेकिन परिजनों का आरोप है कि मौके पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे।वीडियो में देखा जा सकता है कि घायल मरीज खून से लथपथ हालत में स्ट्रेचर पर पड़ा है और उसके परिजन अस्पताल के गलियारे में डॉक्टर के इंतजार में परेशान घूम रहे हैं। अस्पताल के बाहर पुलिसकर्मी भी मौजूद दिखे।परिजनों का कहना है कि करीब एक घंटे तक मरीज को तत्काल उपचार नहीं मिल पाया। जब परिजनों ने मोबाइल से लाइव वीडियो बनाना शुरू किया, तब जाकर स्टाफ ने डॉक्टर से संपर्क किया और कुछ देर बाद डॉक्टर अस्पताल पहुंचे, जिसके बाद मरीज का उपचार शुरू किया गया।गौरतलब है कि सरकारी अस्पतालों पर गरीब,मजदूर, बुनकर और मध्यमवर्गीय परिवार सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। निजी अस्पतालों का महंगा इलाज हर किसी के बस की बात नहीं। ऐसे में सरकारी अस्पतालों की 24 घंटे इमरजेंसी सेवा ही उनका सबसे बड़ा सहारा है।स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि रात की इमरजेंसी में डॉक्टरों की ड्यूटी और उनकी तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी गंभीर मरीज को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े।फिलहाल अस्पताल प्रशासन की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।1
- चौबेपुर में मारपीट के बाद आजाद मिश्रा की मौत, नामजद आरोपी नागेंद्र मिश्रा गिरफ्तार जनता न्यूज़ टीवी संवाददाता पंकज कुमार वाराणसी1
- Breaking:यूपी में सियासत का नया 'मूंछ' वाला अध्याय, अखिलेश यादव ने CO के बयान का दिया अनोखा जवाब न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट लखनऊ/मैनपुरी:उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी के साथ-साथ 'मूंछों पर ताव' भी चर्चा का विषय बना हुआ है। पिछले दिनों मैनपुरी में यूपी पुलिस के CO अशोक सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ था,जिसमें वो मूंछों पर ताव देते हुए कहते सुनाई दे रहे थे।इस वीडियो पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में तंज कसते हुए कहा था कि "उसकी मूंछें बहुत छोटी थीं।इसके बाद कल अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ललितपुर के अपने एक कार्यकर्ता की तस्वीर ट्वीट की, जिसकी बड़ी-बड़ी घनी मूंछें हैं। फोटो के साथ उन्होंने कैप्शन लिखा अच्छा लगता है ऐसी मूछों पर ताव।आज लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने उसी कार्यकर्ता को मंच पर बुलाया। मंच पर मौजूद सभी नेताओं के बीच कार्यकर्ता ने अपनी बड़ी मूंछों पर ताव दिया, जिस पर सभी नेता हंसते नजर आए। अखिलेश यादव खुद कार्यकर्ता को सभी से मिलाते दिखे।बता दें कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में सियासी पारा चढ़ा हुआ है और अब पुलिस और नेताओं के बीच 'मूंछ' को लेकर शुरू हुई ये जंग सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।1
- मजीदहा में अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक गंभीर, जिला अस्पताल रेफर जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली1