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अजमेर जिले के नसीराबाद थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो हिस्ट्रीशीटरों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों को अवैध पिस्टल और कारतूस के साथ पकड़ा गया है।
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अजमेर जिले के नसीराबाद थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो हिस्ट्रीशीटरों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों को अवैध पिस्टल और कारतूस के साथ पकड़ा गया है।
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- ब्यावर, 03 जून को आयोजित वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 के मीडिया राउंड टेबल कार्यक्रम में जिला कलक्टर श्री कमल राम मीना ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य सरकार के हरियालो राजस्थान अभियान के तहत ब्यावर जिले को 14 लाख पौधारोपण का लक्ष्य मिला है। साथ ही, उन्होंने कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के माध्यम से प्रवासीजनों, भामाशाहों, सामाजिक संगठनों और आमजन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के प्रयास पर भी प्रकाश डाला। जिला कलक्टर श्री मीना ने कहा कि वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 के क्रियान्वयन में मीडिया का सहयोग बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने मानसून से पहले जल संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता विकसित करने की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए बताया कि जल स्रोतों का संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से अभियान को और गति देने तथा इस महत्वपूर्ण विषय को प्राथमिकता से आमजन तक पहुंचाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान, जिला कलक्टर श्री कमल राम मीना ने जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए स्वयं अभियान में अंशदान किया। उन्होंने उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी इस जनहितकारी अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया, यह दोहराते हुए कि सामूहिक सहयोग और जनभागीदारी से ही जल संरक्षण को प्रभावी जनआंदोलन का रूप दिया जा सकता है। उन्होंने इसे एक सतत सामाजिक दायित्व बताया, जिसके आज के प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। अधीक्षण अभियंता श्री श्याम लाल जांगिड़ ने अभियान की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक जिले में 5,062 से अधिक गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं। इनमें श्रमदान, जल स्रोतों की सफाई एवं पुनर्जीवन, जल पूजन, पौधारोपण, जनजागरूकता रैलियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्वच्छता गतिविधियां शामिल हैं, जिनमें आमजन की उल्लेखनीय भागीदारी रही है। इस अवसर पर सभी मीडिया कर्मियों और अधिकारियों को जल संरक्षण संकल्प की शपथ भी दिलाई गई। जिला कलक्टर ने मीडिया प्रतिनिधियों से अभियान के प्रभावी संचालन और व्यापक जनजागरूकता के लिए सुझाव भी मांगे, जिस पर मीडिया प्रतिनिधियों ने अपने बहुमूल्य सुझाव साझा करते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री ब्रह्मलाल जाट, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी श्री महिपाल सिंह सहित प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।2
- पीसांगन उपखंड क्षेत्र के किसानों में शुक्रवार तड़के हुई तेज बारिश के बाद खुशी का माहौल छा गया है। मांगलियावास, जेठाना सहित आसपास के गाँवों में हुई इस बारिश से खेत पानी से लबालब हो गए हैं, जिससे किसान अब अपनी अगली फसल की तैयारी में जुटेंगे। इस बारिश ने आमजन को भी तेज़ गर्मी से बड़ी राहत दिलाई है, जिससे वे पहले से परेशान थे। सड़कों पर भी पानी के तेज़ बहाव से साफ-सफाई होती नज़र आई।2
- पाली के टेवाली ग्राम पंचायत में गुरुवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) पाली की अध्यक्षता में एक विशेष ग्राम पंचायत स्तरीय जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर आमजन के लिए अत्यंत राहतभरा साबित हुआ, जहाँ विभिन्न विभागों से संबंधित अधिकतर समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निस्तारण कर दिया गया। शिविर में बचे हुए पाँच प्रकरणों को संपर्क पोर्टल के निर्धारित मॉड्यूल में दर्ज कर आगे की आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उप जिला कलक्टर (उपखंड अधिकारी) विमलेन्द्र सिंह राणावत के अनुसार, राजस्व विभाग ने शिविर के दौरान 10 नामांतरण और 4 आपसी विभाजन के लंबित मामलों का निपटारा किया। इसके साथ ही, 8 जमाबंदी एवं नक्शा सुधार संबंधी आवेदन, 1 सीमांकन प्रकरण, और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े 10 आवेदनों का निस्तारण किया गया। कुल 30 मूल निवास एवं जाति प्रमाण पत्र भी जारी किए गए, जबकि धारा 136 के अंतर्गत 10 प्रकरणों का समाधान किया गया। जन्म-मृत्यु पंजीकरण से संबंधित 2 आज्ञापत्र भी जारी किए गए। ग्राम पंचायत स्तर पर सफाई कार्य करवाया गया और विवाह एवं जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े एक प्रकरण का समाधान किया गया। मनरेगा के तहत 2 जॉब कार्ड जारी किए गए तथा 4 पट्टों का वितरण भी हुआ। शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी मिला, जहाँ चिकित्सा विभाग ने 62 लोगों को दवाइयाँ वितरित कीं और 53 लोगों की स्वास्थ्य जाँच की। इसके अतिरिक्त, 5 लोगों का टीकाकरण भी किया गया। विद्युत विभाग को प्राप्त मीटर सुधार के एक प्रकरण का मौके पर ही तत्काल निस्तारण किया गया, और एक नए विद्युत कनेक्शन का प्रकरण भी निपटाया गया। अन्य विभागों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया; पशुपालन विभाग द्वारा 20 पशुओं का बीमा और 30 पशुओं का उपचार किया गया। समाज कल्याण विभाग ने एक पालनहार योजना तथा एक सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रकरण का समाधान किया। कृषि विभाग ने फसल बीमा और कृषि यंत्र सहित 7 प्रकरणों का निस्तारण किया, जबकि सांख्यिकी विभाग ने जनाधार से जुड़े 3 प्रकरणों का समाधान किया। इस जनसुनवाई शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की सेवाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं, जिससे उन्हें काफी राहत मिली और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सका।1
- स्थानीय निवासियों ने शिकायत की है कि उनके घर के सामने सड़क पर पानी जमा हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस पानी की उचित निकासी न होने के कारण उनके इलाके में गंदा पानी इकट्ठा हो रहा है, जिससे काफी परेशानी हो रही है। निवासियों ने अधिकारियों से इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने और पानी की सही निकासी की व्यवस्था करने की अपील की है।1
- मशहूर राजस्थानी लोक गायक स्वरूप खान ने अपनी मौत से जुड़ी उन अफवाहों पर विराम लगा दिया है, जो सोशल मीडिया पर तब तेजी से फैली थीं जब गूगल ने अपने सूचना पेज पर उन्हें मृत घोषित कर दिया था। यह पहली बार नहीं है जब किसी स्टार की मौत की अफवाह उड़ी हो और इस लिस्ट में अब स्वरूप खान का नाम भी जुड़ गया है। सिंगर ने गूगल लिस्टिंग का एक स्क्रीनशॉट साझा किया है, जिसमें गलती से 2 जून, 2026 को उनकी मौत की तारीख बताई गई थी। स्वरूप खान ने अपने इंस्टाग्राम पर यह स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा, 'अभी हम जिंदा हैं' और इसके साथ एक हंसने वाला इमोजी तथा गूगल इंडिया को टैग भी किया। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गया, जिससे फैंस को यह जानकर राहत मिली कि मौत की खबर गलत थी। कुछ लोगों ने उनकी कुशलता पर खुशी जताई, तो वहीं कई ने गूगल की इस लापरवाही पर सवाल भी उठाए। स्वरूप खान को अपनी मौत की अफवाहों के बारे में तब पता चला, जब उन्होंने अपने बारे में ऐसी खबरें पढ़ीं जो 2 जून को सामने आई थीं। उन खबरों में दावा किया गया था कि राजस्थान के जैसलमेर जिले में एक जबरदस्त धूल भरे तूफान के दौरान एक रिसॉर्ट की दीवार गिरने से उनकी मौत हो गई थी। पीटीआई के अनुसार, पुलिस ने बताया कि जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित सैम टूरिस्ट इलाके के एक रिसॉर्ट की दीवार सोमवार देर रात तेज हवाओं के कारण ढह गई थी, जिससे कई लोग घायल हुए थे। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 वर्षीय गायक ने उसी शाम उस जगह पर गाना गाया था। रिसॉर्ट के मालिक बारोच खान ने बताया कि तूफान के दौरान मंच के पीछे बनी कंक्रीट की दीवार ढह गई थी, और जब यह हादसा हुआ तब शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए लगभग 40 मेहमान वहां मौजूद थे।1
- इस्लामी साल के पहले महीने मोहर्रम से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत अजमेर में जल्द होने वाली है, जिसमें हजरत इमाम हुसैन को याद किया जाएगा। ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में मोहर्रम को लेकर तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। अंजुमन सैयद जादगान की ओर से गुरुवार को एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सैयद अब्दुल हक चिश्ती को मोहर्रम बनाया गया। साथी कहीं रस मत का आयोजन भी होगा।1
- राजस्थान के ब्यावर में राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी एवं ग्राम विकास अधिकारी संयुक्त समिति ने कर्मचारियों से राजकीय अवकाशों तथा सप्ताहांत (शनिवार-रविवार) के दिनों में कार्य नहीं करवाने की मांग को लेकर राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन जिला कलेक्टर ब्यावर के माध्यम से अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मदत्त जाट को प्रस्तुत किया गया। यह ज्ञापन अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष जवरीलाल प्रजापत और महामंत्री विजय प्रकाश शर्मा के संयुक्त नेतृत्व में दिया गया। इसमें राज्य सरकार से मांग की गई है कि पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू होने के बावजूद विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को शनिवार एवं रविवार को भी कार्य करने के आदेश जारी किए जाते हैं, जिससे उनके मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन में विशेष रूप से राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी एवं ग्राम विकास अधिकारियों की समस्याओं का उल्लेख किया गया, जिन पर अतिरिक्त कार्यभार का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। कर्मचारियों ने मांग की है कि राजकीय अवकाशों एवं सप्ताहांत के दिनों में अनावश्यक रूप से कार्य कराने की परंपरा पर रोक लगाई जाए तथा सभी शासकीय कार्य निर्धारित कार्य दिवसों में ही संपादित किए जाएं। इस अवसर पर अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष जवरीलाल प्रजापत, महासंघ के महामंत्री एवं ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष विजय प्रकाश शर्मा, पटवार संघ के जिलाध्यक्ष मूलाराम भाटी, कृषि पर्यवेक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गोविन्द तिवाड़ी, हुकमीचंद मिश्रा, बदाराम अनकिया, अर्जुनराम कुमावत, प्रदेश प्रतिनिधि विकास नायक, उपाध्यक्ष शंकर चौधरी, जिला महामंत्री महेंद्र रणवा, महिला जिलाध्यक्ष प्रतिभा शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष (जवाजा) गुड्डू मीणा, ब्लॉक अध्यक्ष (रायपुर) नरेंद्र कटारिया, मनोज राव, महावीर सेन, हेमराज, कृषि पर्यवेक्षक ममता, उत्तम काठात, कैलाश प्रजापत सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे।1
- अजमेर नगर निगम के अस्थाई कर्मचारियों की हड़ताल आज चौथे दिन भी जारी रही, जिसके चलते कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने शव यात्रा निकाली और गांधी भवन पर पुतला दहन किया, साथ ही जमकर नारेबाजी भी की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में स्थायीकरण और वेतन वृद्धि शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस हड़ताल के कारण नगर निगम की कई सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी और समाज के लोग उपस्थित रहे।1