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खजराना गणेश मंदिर की दुकान नंबर 43 से खरीदे लड्डुओं में निकले कीड़े, स्वतंत्रता दिवस पर सोनगुराड़िया स्कूल में मचा हड़कंप

1 hr ago
user_Jaypal Gurjar
Jaypal Gurjar
इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

खजराना गणेश मंदिर की दुकान नंबर 43 से खरीदे लड्डुओं में निकले कीड़े, स्वतंत्रता दिवस पर सोनगुराड़िया स्कूल में मचा हड़कंप

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  • खजराना गणेश मंदिर की दुकान नंबर 43 से खरीदे लड्डुओं में निकले कीड़े, स्वतंत्रता दिवस पर सोनगुराड़िया स्कूल में मचा हड़कंप योगेश शर्मा प्रसाद पॉइंट से खरीदे गए थे लड्डू, बच्चों को बांटते समय एक बच्चे ने बताई सच्चाई; प्रशासन और खाद्य विभाग ने लिए सैंपल, बिना बिल खरीदी ने भी खड़े किए गंभीर सवाल संवाददाता राजेश विश्वकर्मा | इंदौर ग्रामीण इंदौर। स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर जहां देशभर में तिरंगा फहराकर देशभक्ति और उत्साह का माहौल था, वहीं इंदौर ग्रामीण क्षेत्र के सोनगुराड़िया गांव के शासकीय स्कूल में बच्चों को वितरित किए जा रहे लड्डुओं में कीड़े मिलने से हड़कंप मच गया। बच्चों के लिए स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर खरीदे गए लड्डू जब बांटे जा रहे थे, तभी एक बच्चे ने लड्डू में कीड़े होने की जानकारी दी। बच्चे की शिकायत के बाद जब लड्डुओं की जांच की गई तो स्कूल प्रबंधन और पंचायत स्तर पर हड़कंप की स्थिति बन गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्कूल के बच्चों के लिए ये लड्डू खजराना गणेश मंदिर परिसर स्थित योगेश शर्मा प्रसाद पॉइंट, दुकान नंबर 43 से खरीदे गए थे। मामला सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। स्वतंत्रता दिवस के जश्न के बीच सामने आया मामला 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शासकीय स्कूल में बच्चों के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में मिठाई के रूप में लड्डू वितरित किए जा रहे थे। इसी दौरान एक बच्चे ने लड्डू में कीड़े होने की बात कही। बच्चे की शिकायत को नजरअंदाज करने के बजाय जब लड्डू को देखा गया तो उसमें कीड़े मिलने की बात सामने आई। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी। देखते ही देखते यह मामला ग्रामीण क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। खजराना गणेश मंदिर की दुकान नंबर 43 से हुई थी खरीदी मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक बच्चों को वितरित किए गए लड्डू खजराना गणेश मंदिर स्थित योगेश शर्मा प्रसाद पॉइंट, दुकान नंबर 43 से खरीदे गए थे। लड्डुओं में कीड़े मिलने के बाद अब संबंधित दुकान पर उपलब्ध खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया, भंडारण व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। खाद्य विभाग की वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लड्डुओं में वास्तविक रूप से खाद्य गुणवत्ता संबंधी खामी थी या नहीं। एसडीएम के निर्देशन में प्रशासन ने की कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। बताया गया है कि एसडीएम राहुल गुप्ता के निर्देशन में नायब तहसीलदार जयेश प्रताप सिंह एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों की टीम संबंधित दुकान पर पहुंची। टीम ने मौके पर जांच की और लड्डुओं के सैंपल लिए। सैंपलों को नियमानुसार जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी। स्कूल और पंचायत की खरीदी प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में लड्डुओं में कीड़े मिलने के साथ ही अब केवल दुकानदार ही नहीं, बल्कि खाद्य सामग्री की खरीदी प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है। बताया जा रहा है कि लड्डुओं की खरीदी के दौरान संबंधित दुकानदार से बिल नहीं लिया गया। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए खाद्य सामग्री खरीदते समय अधिकृत बिल या रसीद क्यों नहीं ली गई? खरीदी किसके द्वारा की गई? कितनी मात्रा में लड्डू खरीदे गए? भुगतान किस आधार पर किया गया? दुकानदार को भुगतान किस रिकॉर्ड के आधार पर किया गया? खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई? इन तमाम सवालों का जवाब अब जांच के बाद सामने आना जरूरी है। बिना बिल भुगतान की प्रक्रिया की भी हो जांच सरकारी स्तर पर बच्चों के लिए खाद्य सामग्री खरीदी जाती है तो सामान्य तौर पर खरीदी से संबंधित रिकॉर्ड, बिल, मात्रा और भुगतान का विवरण महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में यदि वास्तव में बिना बिल के लड्डुओं की खरीदी की गई है तो इस प्रक्रिया की प्रशासनिक जांच होना आवश्यक है। हालांकि बिना बिल खरीदी सामने आने मात्र से भ्रष्टाचार या आर्थिक अनियमितता साबित नहीं होती। इसके लिए संबंधित दस्तावेजों और भुगतान रिकॉर्ड की जांच जरूरी होगी। बच्चों की सेहत को लेकर अभिभावकों में चिंता लड्डुओं में कीड़े मिलने की खबर सामने आने के बाद बच्चों के अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। मामले में कुछ बच्चों की तबीयत खराब होने की भी चर्चा सामने आई है। हालांकि बच्चों की तबीयत खराब होने का कारण लड्डू ही थे या कोई अन्य वजह, यह चिकित्सकीय परीक्षण एवं प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इसलिए इस संबंध में अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार फिलहाल प्रशासन और खाद्य विभाग द्वारा लिए गए सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। अब रिपोर्ट का इंतजार है। यदि जांच में लड्डू अमानक, दूषित अथवा स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए जाते हैं तो खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत संबंधित जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा यदि खरीदी प्रक्रिया में भी कोई अनियमितता सामने आती है तो प्रशासनिक स्तर पर संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका की जांच की जा सकती है। दुकान के लाइसेंस और भंडारण व्यवस्था की भी जांच की मांग घटना के बाद ग्रामीणों की मांग है कि खाद्य विभाग संबंधित दुकान के खाद्य लाइसेंस, लड्डुओं के निर्माण की प्रक्रिया, कच्चे माल की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और स्वच्छता मानकों की भी जांच करे। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि संबंधित प्रतिष्ठान से पूर्व में किन स्कूलों, पंचायतों अथवा अन्य संस्थानों को खाद्य सामग्री की सप्लाई की गई है और क्या वहां से पहले भी गुणवत्ता संबंधी कोई शिकायत सामने आई थी। बड़ा सवाल—बच्चों के भोजन की गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी? स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर बच्चों को वितरित होने वाले लड्डुओं में कीड़े मिलने की घटना ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यदि बच्चों के लिए खाद्य सामग्री खरीदी जा रही थी तो उसकी गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई? खरीदी के समय बिल क्यों नहीं लिया गया? खाद्य सामग्री का निरीक्षण किसने किया? और यदि जांच में लड्डू अमानक पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? इन सवालों के जवाब खाद्य विभाग की रिपोर्ट और प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएंगे। जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी जिम्मेदारी फिलहाल मामले में प्रशासन ने सैंपलिंग की कार्रवाई कर दी है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य सामग्री में मिलावट, खराब गुणवत्ता अथवा स्वास्थ्य के लिए खतरा पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता साफ होगा। वहीं बिना बिल खरीदी के मामले में पंचायत एवं संबंधित स्तर के दस्तावेजों की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि खरीदी और भुगतान की प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई थी या नहीं। स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर बच्चों को बांटे गए लड्डुओं में कीड़े मिलने की घटना ने न केवल अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है, बल्कि सरकारी संस्थानों में बच्चों के लिए खरीदी जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और पारदर्शी खरीदी प्रक्रिया पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब सबकी निगाहें खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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    खजराना गणेश मंदिर की दुकान नंबर 43 से खरीदे लड्डुओं में निकले कीड़े, स्वतंत्रता दिवस पर सोनगुराड़िया स्कूल में मचा हड़कंप

योगेश शर्मा प्रसाद पॉइंट से खरीदे गए थे लड्डू, बच्चों को बांटते समय एक बच्चे ने बताई सच्चाई; प्रशासन और खाद्य विभाग ने लिए सैंपल, बिना बिल खरीदी ने भी खड़े किए गंभीर सवाल

संवाददाता राजेश विश्वकर्मा | इंदौर ग्रामीण

इंदौर। स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व पर जहां देशभर में तिरंगा फहराकर देशभक्ति और उत्साह का माहौल था, वहीं इंदौर ग्रामीण क्षेत्र के सोनगुराड़िया गांव के शासकीय स्कूल में बच्चों को वितरित किए जा रहे लड्डुओं में कीड़े मिलने से हड़कंप मच गया। बच्चों के लिए स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर खरीदे गए लड्डू जब बांटे जा रहे थे, तभी एक बच्चे ने लड्डू में कीड़े होने की जानकारी दी। बच्चे की शिकायत के बाद जब लड्डुओं की जांच की गई तो स्कूल प्रबंधन और पंचायत स्तर पर हड़कंप की स्थिति बन गई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्कूल के बच्चों के लिए ये लड्डू खजराना गणेश मंदिर परिसर स्थित योगेश शर्मा प्रसाद पॉइंट, दुकान नंबर 43 से खरीदे गए थे। मामला सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।

स्वतंत्रता दिवस के जश्न के बीच सामने आया मामला

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शासकीय स्कूल में बच्चों के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में मिठाई के रूप में लड्डू वितरित किए जा रहे थे। इसी दौरान एक बच्चे ने लड्डू में कीड़े होने की बात कही।

बच्चे की शिकायत को नजरअंदाज करने के बजाय जब लड्डू को देखा गया तो उसमें कीड़े मिलने की बात सामने आई। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी। देखते ही देखते यह मामला ग्रामीण क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।

खजराना गणेश मंदिर की दुकान नंबर 43 से हुई थी खरीदी

मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक बच्चों को वितरित किए गए लड्डू खजराना गणेश मंदिर स्थित योगेश शर्मा प्रसाद पॉइंट, दुकान नंबर 43 से खरीदे गए थे।

लड्डुओं में कीड़े मिलने के बाद अब संबंधित दुकान पर उपलब्ध खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, निर्माण प्रक्रिया, भंडारण व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। खाद्य विभाग की वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लड्डुओं में वास्तविक रूप से खाद्य गुणवत्ता संबंधी खामी थी या नहीं।

एसडीएम के निर्देशन में प्रशासन ने की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। बताया गया है कि एसडीएम राहुल गुप्ता के निर्देशन में नायब तहसीलदार जयेश प्रताप सिंह एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों की टीम संबंधित दुकान पर पहुंची।

टीम ने मौके पर जांच की और लड्डुओं के सैंपल लिए। सैंपलों को नियमानुसार जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी।

स्कूल और पंचायत की खरीदी प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में

लड्डुओं में कीड़े मिलने के साथ ही अब केवल दुकानदार ही नहीं, बल्कि खाद्य सामग्री की खरीदी प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है।

बताया जा रहा है कि लड्डुओं की खरीदी के दौरान संबंधित दुकानदार से बिल नहीं लिया गया। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए खाद्य सामग्री खरीदते समय अधिकृत बिल या रसीद क्यों नहीं ली गई?

खरीदी किसके द्वारा की गई? कितनी मात्रा में लड्डू खरीदे गए? भुगतान किस आधार पर किया गया? दुकानदार को भुगतान किस रिकॉर्ड के आधार पर किया गया? खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई? इन तमाम सवालों का जवाब अब जांच के बाद सामने आना जरूरी है।

बिना बिल भुगतान की प्रक्रिया की भी हो जांच

सरकारी स्तर पर बच्चों के लिए खाद्य सामग्री खरीदी जाती है तो सामान्य तौर पर खरीदी से संबंधित रिकॉर्ड, बिल, मात्रा और भुगतान का विवरण महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में यदि वास्तव में बिना बिल के लड्डुओं की खरीदी की गई है तो इस प्रक्रिया की प्रशासनिक जांच होना आवश्यक है।

हालांकि बिना बिल खरीदी सामने आने मात्र से भ्रष्टाचार या आर्थिक अनियमितता साबित नहीं होती। इसके लिए संबंधित दस्तावेजों और भुगतान रिकॉर्ड की जांच जरूरी होगी।

बच्चों की सेहत को लेकर अभिभावकों में चिंता

लड्डुओं में कीड़े मिलने की खबर सामने आने के बाद बच्चों के अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। मामले में कुछ बच्चों की तबीयत खराब होने की भी चर्चा सामने आई है।

हालांकि बच्चों की तबीयत खराब होने का कारण लड्डू ही थे या कोई अन्य वजह, यह चिकित्सकीय परीक्षण एवं प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इसलिए इस संबंध में अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल प्रशासन और खाद्य विभाग द्वारा लिए गए सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। अब रिपोर्ट का इंतजार है। यदि जांच में लड्डू अमानक, दूषित अथवा स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए जाते हैं तो खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत संबंधित जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

इसके अलावा यदि खरीदी प्रक्रिया में भी कोई अनियमितता सामने आती है तो प्रशासनिक स्तर पर संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका की जांच की जा सकती है।

दुकान के लाइसेंस और भंडारण व्यवस्था की भी जांच की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों की मांग है कि खाद्य विभाग संबंधित दुकान के खाद्य लाइसेंस, लड्डुओं के निर्माण की प्रक्रिया, कच्चे माल की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और स्वच्छता मानकों की भी जांच करे।

साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि संबंधित प्रतिष्ठान से पूर्व में किन स्कूलों, पंचायतों अथवा अन्य संस्थानों को खाद्य सामग्री की सप्लाई की गई है और क्या वहां से पहले भी गुणवत्ता संबंधी कोई शिकायत सामने आई थी।

बड़ा सवाल—बच्चों के भोजन की गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी?

स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर बच्चों को वितरित होने वाले लड्डुओं में कीड़े मिलने की घटना ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

यदि बच्चों के लिए खाद्य सामग्री खरीदी जा रही थी तो उसकी गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई? खरीदी के समय बिल क्यों नहीं लिया गया? खाद्य सामग्री का निरीक्षण किसने किया? और यदि जांच में लड्डू अमानक पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?

इन सवालों के जवाब खाद्य विभाग की रिपोर्ट और प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएंगे।

जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी जिम्मेदारी

फिलहाल मामले में प्रशासन ने सैंपलिंग की कार्रवाई कर दी है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य सामग्री में मिलावट, खराब गुणवत्ता अथवा स्वास्थ्य के लिए खतरा पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।

वहीं बिना बिल खरीदी के मामले में पंचायत एवं संबंधित स्तर के दस्तावेजों की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि खरीदी और भुगतान की प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई थी या नहीं।

स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर बच्चों को बांटे गए लड्डुओं में कीड़े मिलने की घटना ने न केवल अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है, बल्कि सरकारी संस्थानों में बच्चों के लिए खरीदी जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और पारदर्शी खरीदी प्रक्रिया पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब सबकी निगाहें खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
    user_राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    Newspaper publisher Indore, Madhya Pradesh•
    1 hr ago
  • मुख्यमंत्री माननीय डॉक्टर मोहन यादव जी ने इंदौर देश का पहला वर्चुअल मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने इंदौर देश का पहला वर्चुअल चिड़ियाघर का लोकार्पण कर। यहाँ बने 14-डी व 360 डोम थियेटर और डिजिटल जंगल सफारी का लुत्फ लिया। साथ ही उन्होंने देश के पहले चिड़ियाघर में की गई व्यवस्थाओं के सम्बंध में अनुभव साझा किए।
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    मुख्यमंत्री माननीय डॉक्टर मोहन यादव जी ने इंदौर देश का पहला वर्चुअल 
मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने इंदौर देश का पहला वर्चुअल चिड़ियाघर का लोकार्पण कर। यहाँ बने 14-डी  व 360 डोम थियेटर और डिजिटल जंगल सफारी का लुत्फ लिया। साथ ही उन्होंने देश के पहले चिड़ियाघर में की गई व्यवस्थाओं के सम्बंध में अनुभव साझा किए।
    user_Sarfaraz Khan
    Sarfaraz Khan
    Media company इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Indore: पुलिस थानों में ध्वजारोहण, शहीदों को नमन | नशामुक्त समाज का संदेश | Indore News
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    Indore: पुलिस थानों में ध्वजारोहण, शहीदों को नमन | नशामुक्त समाज का संदेश | Indore News
    user_PM NEWS
    PM NEWS
    Journalist इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सावन के महीने में कावड़ यात्रा ले जाते हुए विजय श्री से भोलेनाथ के मंदिर तक
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    सावन के महीने में कावड़ यात्रा ले जाते हुए विजय श्री से भोलेनाथ के मंदिर तक
    user_V k Vishwakarma
    V k Vishwakarma
    Photographer इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • गुर्जर खेड़ा में आबकारी का बड़ा शिकंजा, 2.75 लाख की अवैध शराब जब्त 15 अगस्त के ड्राय डे पर कार्रवाई से मचा हड़कंप, दीपक राठौड़ पकड़ा गया; ढाबा संचालक फरार, राजनीतिक संरक्षण के आरोपों की भी जांच महू। 15 अगस्त के ड्राय डे के दौरान महू आबकारी विभाग ने अवैध शराब के विक्रय एवं संग्रह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 2.75 लाख रुपए कीमत की 598.8 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की। कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के आदेशानुसार एवं सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के निर्देशन में की गई। आबकारी अमले को महू क्षेत्र में अवैध शराब के संग्रह एवं बिक्री की सूचना मिलने के बाद टीम ने शांति पैराडाइज कॉलोनी स्थित एक रिहायशी मकान पर दबिश दी, जहां से दीपक राठौड़ के कब्जे से अवैध शराब बरामद की गई। इसके बाद आरोपी की निशानदेही पर टीम ने क्षेत्र के एक ढाबे पर भी दबिश दी। यहां से भी अवैध शराब बरामद होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि दीपक राठौड़ इसी ढाबे पर काम करता था, जबकि ढाबा संचालक कार्रवाई के बाद से फरार बताया जा रहा है। कई वर्षों से कारोबार चलने का आरोप स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप सामने आए हैं कि क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से संचालित किया जा रहा था। मामले में राजनीतिक संरक्षण की जानकारी सामने आने की बात भी कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और आबकारी विभाग की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। ढाबे पर अन्य अवैध गतिविधियां संचालित होने के आरोप भी सामने आए हैं। इन गतिविधियों को लेकर अब तक क्या कार्रवाई हुई और किन लोगों की भूमिका सामने आती है, यह आबकारी विभाग की जांच के बाद स्पष्ट होगा।
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    गुर्जर खेड़ा में आबकारी का बड़ा शिकंजा, 2.75 लाख की अवैध शराब जब्त
15 अगस्त के ड्राय डे पर कार्रवाई से मचा हड़कंप, दीपक राठौड़ पकड़ा गया; ढाबा संचालक फरार, राजनीतिक संरक्षण के आरोपों की भी जांच
महू। 15 अगस्त के ड्राय डे के दौरान महू आबकारी विभाग ने अवैध शराब के विक्रय एवं संग्रह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 2.75 लाख रुपए कीमत की 598.8 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की।
कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के आदेशानुसार एवं सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के निर्देशन में की गई। आबकारी अमले को महू क्षेत्र में अवैध शराब के संग्रह एवं बिक्री की सूचना मिलने के बाद टीम ने शांति पैराडाइज कॉलोनी स्थित एक रिहायशी मकान पर दबिश दी, जहां से दीपक राठौड़ के कब्जे से अवैध शराब बरामद की गई।
इसके बाद आरोपी की निशानदेही पर टीम ने क्षेत्र के एक ढाबे पर भी दबिश दी। यहां से भी अवैध शराब बरामद होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि दीपक राठौड़ इसी ढाबे पर काम करता था, जबकि ढाबा संचालक कार्रवाई के बाद से फरार बताया जा रहा है।
कई वर्षों से कारोबार चलने का आरोप
स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप सामने आए हैं कि क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार लंबे समय से संचालित किया जा रहा था। मामले में राजनीतिक संरक्षण की जानकारी सामने आने की बात भी कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और आबकारी विभाग की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
ढाबे पर अन्य अवैध गतिविधियां संचालित होने के आरोप भी सामने आए हैं। इन गतिविधियों को लेकर अब तक क्या कार्रवाई हुई और किन लोगों की भूमिका सामने आती है, यह आबकारी विभाग की जांच के बाद स्पष्ट होगा।
    user_दबंग सम्राट इंदौर मध्य प्रदेश प्रदीप कौशल
    दबंग सम्राट इंदौर मध्य प्रदेश प्रदीप कौशल
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • राष्ट्रगीत वंदे मातरम का अपमान: सीएम डॉ. यादव ने किया कांग्रेस पर हमला, कहा- देश से माफी मांगें राहुल और सोनिया*
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    राष्ट्रगीत वंदे मातरम का अपमान: सीएम डॉ. यादव ने किया कांग्रेस पर हमला, कहा- देश से माफी मांगें राहुल और सोनिया*
    user_Jaypal Gurjar
    Jaypal Gurjar
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • *गुना (जिला कुम्भराज ) मप्र* आजादी के जश्न में बँटवारे पर ज्ञान देने लगे नेताजी तो मंच पर भिड़े कांग्रेस-भाजपा के नेता सीएम राईज स्कूल में हाथापाई की नौबत देख आयोजकों ने की कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा
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    *गुना (जिला कुम्भराज ) मप्र*

आजादी के जश्न में बँटवारे पर ज्ञान देने लगे नेताजी तो मंच पर भिड़े कांग्रेस-भाजपा के नेता

सीएम राईज स्कूल में हाथापाई की नौबत देख आयोजकों ने की कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा
    user_राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    राष्ट्रीय भारत न्यूज़ 100
    Newspaper publisher Indore, Madhya Pradesh•
    3 hrs ago
  • अन्नपूर्णा रोड पर कावड़ियों का स्वागत किया गया माननीय मुख्यमंत्री द्वारा इंदौर माननीय मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के इंदौर के दौरे के दौरान अन्नपूर्णा रोड पर कांवड़ियों का स्वागत किया गया
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    user_Sarfaraz Khan
    Sarfaraz Khan
    Media company इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • इंदौर पुलिस कमिश्नरेट,थाना खजराना की नशे के विरुद्ध पुनः प्रभावी कार्यवाही* देवास से इंदौर मे md ड्रग्स बेचने आये आरोपी राहुल परमार एवं 01 बाल अपचारी को खजराना पुलिस द्वारा किया गया विधिवत गिरफ्तार* *100 ग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ एमडी ड्रग्स तथा 01 मोटर साइकिल कुल कीमती 11.50 लाख रु. से अधिक की विधिवत जप्त* *✓ राजस्थान से देवास होते हुए इंदौर शहर मे नशे का नेटवर्क फैलाने वाले आरोपी को किया तत्काल गिरफ्तार*
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    इंदौर पुलिस कमिश्नरेट,थाना खजराना की नशे के विरुद्ध पुनः प्रभावी कार्यवाही*
देवास से इंदौर मे md ड्रग्स बेचने आये आरोपी राहुल परमार एवं 01 बाल अपचारी को खजराना पुलिस द्वारा किया गया विधिवत गिरफ्तार*
*100 ग्राम से अधिक अवैध मादक पदार्थ एमडी ड्रग्स तथा 01 मोटर साइकिल कुल कीमती 11.50 लाख रु. से अधिक की विधिवत जप्त*
*✓ राजस्थान से देवास होते हुए इंदौर शहर मे नशे का नेटवर्क फैलाने वाले आरोपी को किया तत्काल गिरफ्तार*
    user_Shahnawaz khan
    Shahnawaz khan
    Local News Reporter इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
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