कृषि विज्ञान केंद्र दांता में खुदरा उर्वरक प्रशिक्षण का हुआ समापन, प्रमाण-पत्र वितरित खुदरा उर्वरक प्रशिक्षण का हुआ समापन, प्रमाण-पत्र वितरित बायतु कृषि विज्ञान केंद्र (श्योर), दांता, बाड़मेर में आयोजित 15 दिवसीय खुदरा उर्वरक विक्रेता प्रमाण-पत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह शुक्रवार को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों ने उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों की उपलब्धता पर विस्तार से जानकारी दी। समारोह के दौरान केंद्र के प्रभारी डॉ. विनय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि उर्वरक विक्रेताओं की भूमिका किसानों तक सही एवं वैज्ञानिक जानकारी पहुँचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विक्रेता केवल उर्वरक विक्रेता नहीं, बल्कि किसानों के कृषि सलाहकार भी हैं। यदि किसान मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरकों का उपयोग करें तो उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ भूमि की उर्वराशक्ति भी लंबे समय तक बनी रहती है। केंद्र के पादप संरक्षण विशेषज्ञ शंकर लाल कांटवा ने कहा कि अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मृदा स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रतिभागियों से किसानों को संतुलित पोषण, जैविक एवं समेकित पोषक तत्व प्रबंधन के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। इसी कड़ी में केंद्र के बागवानी विशेषज्ञ बुधाराम मोरवाल एवं पशुपालन विशेषज्ञ जगपाल जोगी ने भी अपने विचार व्यक्त किए I प्रशिक्षण प्रभारी श्री हंसराज सैन ने प्रशिक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण 15 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक आयोजित किया गया, जिसमें 31 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO), उर्वरकों की गुणवत्ता, उर्वरक नमूना प्रक्रिया, मृदा परीक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, जैव उर्वरक, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, उर्वरक भंडारण एवं अभिलेख संधारण सहित विभिन्न विषयों पर अनेक विभागों जैसे कि कृषि विभाग बाड़मेर, पशुपालन विभाग बाड़मेर, कृषि महाविद्यालय बायतु, इफको बाड़मेर, नाबार्ड बाड़मेर इत्यादि के विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान एवं व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षण दिया गया। समारोह के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा प्रशिक्षण के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले अधिकारियों, वैज्ञानिकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। उपस्थित प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें उर्वरक व्यवसाय से संबंधित तकनीकी एवं विधिक जानकारी प्राप्त हुई, जिसका लाभ किसानों तक पहुँचाया जाएगा। समापन के दौरान दोस्त मोहम्मद एवं भोपाल सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए I
कृषि विज्ञान केंद्र दांता में खुदरा उर्वरक प्रशिक्षण का हुआ समापन, प्रमाण-पत्र वितरित खुदरा उर्वरक प्रशिक्षण का हुआ समापन, प्रमाण-पत्र वितरित बायतु कृषि विज्ञान केंद्र (श्योर), दांता, बाड़मेर में आयोजित 15 दिवसीय खुदरा उर्वरक विक्रेता प्रमाण-पत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन समारोह शुक्रवार को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों ने उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा गुणवत्तापूर्ण कृषि आदानों की उपलब्धता पर विस्तार से जानकारी दी। समारोह के दौरान केंद्र के प्रभारी डॉ. विनय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि उर्वरक विक्रेताओं की भूमिका किसानों तक सही एवं वैज्ञानिक जानकारी पहुँचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विक्रेता केवल उर्वरक विक्रेता नहीं, बल्कि किसानों के कृषि सलाहकार भी हैं। यदि किसान मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरकों का उपयोग करें तो उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ भूमि की उर्वराशक्ति भी लंबे समय तक बनी रहती है। केंद्र के पादप संरक्षण विशेषज्ञ शंकर लाल कांटवा ने कहा कि अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मृदा स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रतिभागियों से किसानों को संतुलित पोषण, जैविक एवं समेकित पोषक तत्व प्रबंधन के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। इसी कड़ी
में केंद्र के बागवानी विशेषज्ञ बुधाराम मोरवाल एवं पशुपालन विशेषज्ञ जगपाल जोगी ने भी अपने विचार व्यक्त किए I प्रशिक्षण प्रभारी श्री हंसराज सैन ने प्रशिक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण 15 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक आयोजित किया गया, जिसमें 31 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO), उर्वरकों की गुणवत्ता, उर्वरक नमूना प्रक्रिया, मृदा परीक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, जैव उर्वरक, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, उर्वरक भंडारण एवं अभिलेख संधारण सहित विभिन्न विषयों पर अनेक विभागों जैसे कि कृषि विभाग बाड़मेर, पशुपालन विभाग बाड़मेर, कृषि महाविद्यालय बायतु, इफको बाड़मेर, नाबार्ड बाड़मेर इत्यादि के विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान एवं व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षण दिया गया। समारोह के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा प्रशिक्षण के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले अधिकारियों, वैज्ञानिकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। उपस्थित प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें उर्वरक व्यवसाय से संबंधित तकनीकी एवं विधिक जानकारी प्राप्त हुई, जिसका लाभ किसानों तक पहुँचाया जाएगा। समापन के दौरान दोस्त मोहम्मद एवं भोपाल सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए I
- बाड़मेर कोर्ट का बड़ा फैसला: पत्नी के साथ दहेज को लेकर कुरता एवं पुत्र की हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद बायतू(बाड़मेर) एडीजे संख्या-02 न्यायालय, बाड़मेर की न्यायाधीश मीनाक्षी मीणा ने राज्य बनाम जेहाराम उर्फ देवीलाल निवासी हुडोकी ढाणी, अकदड़ा, तहसील बायतू मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को धारा 302 व 498A भादंसं के तहत आजीवन कठोर कारावास तथा 70 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। मामले के अनुसार आरोपी ने दहेज को लेकर अपनी पत्नी के साथ क्रूरता की तथा अपने पुत्र की हत्या कर उसे टांके में डाल दिया था। न्यायालय ने पीड़ित पक्ष को राहत देते हुए परिवादिनी सुगणी देवी पुत्री लिषमणाराम हुड्डा निवासी हुडोकी ढाणी, तहसील बाटाडू को उचित पीड़ित प्रतिकर राशि प्रदान करने के आदेश भी जारी किए। रिवादीनी की तरफ़ से पैरोकारी दामोदर कुमार चौधरी एडवोकेट द्वारा की गई1
- वह तो केमिकल के पानी की वजह से यहां पर मच्छर होते हैं मच्छरों की वजह से लोगों को बीमारियां होती है यहां की फैक्ट्री का कुछ समाधान किया जाए बाड़मेर गेहूं रोड गली नंब गली नंबर 4 तीन नंबर कुआं ऐड्रेस,🙏🏻🙏🏻🙏🏻1
- राजस्थान के बाड़मेर जिले में दिन भर तेज गर्मी के बाद हुई बारिश और बारिश शुरू राजस्थान बाड़मेर1
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- जूते बनाने वाले को मिला 6.79 करोड़ का जीएसटी नोटिस:अकाउंट बंद होने पर बैंक पहुंचे तो पता चला, महीने के 15 हजार कमाते हैं जूते बनाने वाले को मिला 6.79 करोड़ का जीएसटी नोटिस:अकाउंट बंद होने पर बैंक पहुंचे तो पता चला, महीने के 15 हजार कमाते हर महीने 15 हजार रुपए कमाने वाले बालोतरा जिले के जूती (जूते) कारीगर को तमिलनाडु से 6.79 करोड़ का जीएसटी नोटिस मिला है। नोटिस मिलते ही गुड़ामालानी जीनगर मोहल्ला निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र महादेवराम जीनगर के पैरों तले जमीन खिसक गई।1
- हमारी मांगे पूरी करो करन आज़ाद नई दिल्ली से जंतर-मंतर पहुंचे श्री राहुल गांधी से मिले1
- बी ऐन सी चौराहा बाड़मेर का नजारा बायतु बालोतरा जोधपुर चौराहा1