कुशीनगर जनपद के अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ आज सुबह 23 वर्षीय एक युवक की बेरहमी से पिटाई की गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बरडिहा निवासी मृतक संदीप यादव (23 वर्ष), पुत्र शिवधारी यादव, अपने घर के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाए गए थे। उन्हें तुरंत बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि यह घटना आपसी रंजिश या मारपीट के दौरान हुई। घटना की सूचना मिलते ही अहिरौली बाजार पुलिस और उच्चाधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर दिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, दोषियों की जल्द पहचान और गिरफ्तारी के लिए फॉरेंसिक टीम और सर्विलांस टीम को भी जाँच में शामिल किया गया है। इस मामले पर जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) कसया, कुन्दन कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस टीम घटना स्थल पर पहुँच गई थी और मृतक का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि घटना के हर पहलू की गहनता से जाँच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस फिलहाल परिजनों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात हमलावरों की पहचान करने में जुटी है, और इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
कुशीनगर जनपद के अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ आज सुबह 23 वर्षीय एक युवक की बेरहमी से पिटाई की गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बरडिहा निवासी मृतक संदीप यादव (23 वर्ष), पुत्र शिवधारी यादव, अपने घर के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाए गए थे। उन्हें तुरंत बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि यह घटना आपसी रंजिश या मारपीट के दौरान हुई। घटना की सूचना मिलते ही अहिरौली बाजार पुलिस और उच्चाधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर दिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, दोषियों की जल्द पहचान और गिरफ्तारी के लिए फॉरेंसिक टीम और सर्विलांस टीम को भी जाँच में शामिल किया गया है। इस मामले पर जानकारी देते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) कसया, कुन्दन कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस टीम घटना स्थल पर पहुँच गई थी और मृतक का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि घटना के हर पहलू की गहनता से जाँच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस फिलहाल परिजनों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात हमलावरों की पहचान करने में जुटी है, और इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
- बंगाल में हजारों हिंदुओं की हत्या, हिंदू महिलाओं के साथ बलात्कार, जजों को बंधक बनाए जाने और सांसद-विधायकों की पिटाई जैसी गंभीर घटनाओं को लेकर गहरा गुस्सा व्यक्त किया गया है। यह तीव्र रोष इन कथित कृत्यों के संदर्भ में सामने आया है, जिसके साथ ही यह भी कहा गया है कि “जैसी करनी वैसी भरनी।”1
- कुशीनगर जनपद में परिषदीय विद्यालयों में मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को भोजन परोसने वाली रसोइयों ने अब 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान कर दिया है। राष्ट्रीय रसोइया कर्मचारी समिति, जनपद कुशीनगर के बैनर तले इन रसोइयों ने शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम जियावन मौर्य को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने, मानदेय में भारी बढ़ोतरी करने और नियमितीकरण की प्रमुख मांगें शामिल हैं। मुख्यमंत्री को संबोधित इस ज्ञापन में बताया गया है कि रसोइयों को वर्तमान में महज 2000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में परिवार चलाने के लिए बिल्कुल अपर्याप्त है। इसके अतिरिक्त, कई विद्यालयों में रसोइयों से भोजन बनाने के अलावा झाड़ू लगाने, शौचालय साफ करने और बर्तन धोने जैसे अन्य काम भी कराए जाते हैं, जिससे उनका मानसिक और आर्थिक दोनों तरह से शोषण हो रहा है। समिति ने मांग की है कि रसोइयों का मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए, उन्हें नियमित कर राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, साथ ही मानदेय का भुगतान समय पर हो और उन पर होने वाले उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाई जाए। समिति के जिला अध्यक्ष जयप्रकाश कुशवाहा के नेतृत्व में यह ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन स्वीकार करने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राम जियावन मौर्य ने रसोइयों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान फेकनी, कलावती, रेनू देवी, ऊषा देवी, गुड़िया, गीता सहित बड़ी संख्या में रसोइया कर्मचारी मौजूद रहीं।4
- एक भयंकर आर्थिक तूफ़ान सर पर मंडरा रहा है, जिसके लिए पिछले 12 सालों में मोदी जी द्वारा खड़ा किया गया ढाँचा ज़िम्मेदार बताया गया है। इस दावे के अनुसार, यह ढाँचा विशेष रूप से अडानी और अंबानी के लिए निर्मित किया गया था और अब यही ढाँचा भरभराकर ढहने वाला है। आशंका जताई गई है कि जब यह ढाँचा ढहेगा, तब अडानी और अंबानी को चोट नहीं पहुँचेगी, क्योंकि उनके पास इस स्थिति से निकलने के रास्ते मौजूद हैं। हालाँकि, इसका सीधा और बुरा असर आम जनता पर पड़ेगा। इसमें युवाओं, ग़रीबों, मध्यमवर्ग के लोगों, किसानों, मज़दूरों और छोटे व्यापारियों को चोट पहुँचने की बात कही गई है, जिन्हें इस ढाँचे का कभी हिस्सा नहीं माना गया।1
- बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के मधुबनी प्रखंड में जीवन तेली और बंशीधर तेली नामक दो सगे भाइयों की जमीन कथित तौर पर हड़प ली गई है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उनकी जमीन, जिसका जमाबंदी संख्या 357 है, पर सुखल सा सुखालसा और राजेंद्र शाह के बच्चों ने अवैध रूप से कब्जा कर घर बना लिए हैं। इस मामले में सभी अधिकारियों और जिलाधिकारी (डीएम साहब) से आवेदन किया गया है कि वे जमीन की जांच कर उचित कार्रवाई करें। आवेदक ने सोशल मीडिया पर भी इस पूरे मामले की जांच-पड़ताल कर दोषियों के खिलाफ कदम उठाने की पुरजोर मांग की है।2
- कुशीनगर जिले के मथौली में अब गर्मी के मौसम में लोगों को राहत मिलेगी। यहां बिना किसी पैसे के शुद्ध आरओ पानी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे स्थानीय निवासियों को गर्मी से निपटने में मदद मिलेगी।1
- शनिवार को बुलंदशहर की कचहरी रोड पर रजिस्ट्री के लिए ₹2 लाख नकद लेकर जा रहे एक व्यक्ति के हाथ से एक बंदर ने रुपयों से भरा थैला झपट लिया. बंदर ने खाने का सामान समझकर यह थैला छीना और सीधे एक नीम के पेड़ पर जा चढ़ा. पेड़ पर चढ़ने के बाद, जब बंदर को थैले में खाने की कोई चीज नहीं मिली, तो उसने गुस्से में ₹500-₹500 के नोटों की गड्डियां खोलकर नीचे फेंकनी शुरू कर दीं. आसमान से उड़ते नोटों को देखकर नीचे मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. राहत की बात यह रही कि कचहरी में मौजूद वकीलों और स्थानीय लोगों ने ईमानदारी और संवेदनशीलता का परिचय दिया. सभी ने मिलकर नीचे गिरे नोटों को बटोरा और पीड़ित शख्स की मदद की. काफी मशक्कत के बाद बंदर से बैग वापस लिया गया. पीड़ित व्यक्ति को लगभग ₹1.98 लाख सुरक्षित मिल गए, हालांकि कुछ नोट बंदर ने फाड़ दिए थे.1
- अभिषेक बनर्जी ने एक बड़ा आरोप लगाते हुए सनसनीखेज दावा किया है कि 'मुझे मारना चाहते थे'। इस गंभीर आरोप के साथ, उन्होंने एक महत्वपूर्ण ऐलान भी किया है।1
- जनपद कुशीनगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नेपाल के नागरिकों को नौकरी, पढ़ाई और नेटवर्क मार्केटिंग का झांसा देकर ठगी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। संयुक्त पुलिस टीम ने शनिवार को छापेमारी कर गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया, जिनमें आठ पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। इस कार्रवाई के तहत 453 नेपाली नागरिकों को सुरक्षित उनके देश नेपाल भेजा गया। यह सफलता पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देशन में थाना कसया, सर्विलांस सेल, स्वाट टीम और एसटीएफ गोरखपुर की संयुक्त कार्रवाई से मिली। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग कुशीनगर में किराए के मकान लेकर नेपाल के नागरिकों को बेहतर नौकरी और अधिक कमाई का लालच देकर भारत बुलाते थे, फिर उनसे अलग-अलग मदों में धन वसूलकर ठगी करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह के सदस्य हैं, जो नेपाल के गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों को रोजगार, शिक्षा और नेटवर्क मार्केटिंग के माध्यम से बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर कुशीनगर बुलाता था। यहां फर्जी आधार कार्ड और बॉन्ड पेपर दिखाकर उनका विश्वास जीता जाता था, और फिर विभिन्न शुल्कों के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी। पुलिस ने गिरोह के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान 9 कूटरचित आधार कार्ड, 60 बॉन्ड पेपर, एक लैपटॉप, सोने-चांदी जैसे दिखने वाले आभूषण, 60,320 रुपये भारतीय मुद्रा, 14,290 रुपये नेपाली मुद्रा और जॉर्डन की एक दीनार करेंसी सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए। पुलिस के अनुसार, ठगी से मिली रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। इस मामले में थाना कसया में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना कसया के प्रभारी निरीक्षक आशुतोष सिंह, स्वाट टीम प्रभारी स्वतंत्र सिंह, एसटीएफ गोरखपुर के उपनिरीक्षक यशवंत सिंह और विनायक सिंह, तथा सर्विलांस सेल प्रभारी शनि दुबे सहित कई पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।1