यूथ फेस्ट नहीं, परफॉर्मर्स का अपमान... RU में करोड़ों का घोटाला! jaipur : जी हां छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने राजस्थान विश्वविद्यालय के 'यूथ फेस्टिवल' की कड़वी सच्चाई सबके सामने ला दी है। एक तरफ करोड़ों का बजट, और दूसरी तरफ यह बदहाली! 1. करोड़ों का बजट, पर व्यवस्था शून्य क्यों : यूथ फेस्ट के नाम पर करोड़ों रुपये आते हैं, लेकिन धरातल पर न कोई टेंट है, न बैठने की जगह और न ही कोई बुनियादी इंतजाम। आखिर यह पैसा कहाँ खर्च किया जा रहा है? *2.* *बिना दर्शक कैसा उत्सव?:* कार्यक्रम का कोई प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। आम छात्र को खबर तक नहीं कि कैंपस में उत्सव चल रहा है। जब कार्यक्रम में छात्र ही नहीं, तो यह आयोजन किसके लिए? क्या सिर्फ कागजों पर खानापूर्ति करने के लिए यह नाटक रचा गया? *परफॉर्मर्स का अपमान:* हमारे विश्वविद्यालय के प्रतिभावान छात्र बिना किसी ऑडियंस के, बिना किसी हौसलाअफजाई के परफॉर्म करने को मजबूर हैं। कलाकारों के लिए इससे बड़ा अपमान और क्या होगा कि उन्हें देखने वाला कोई नहीं, बस जज बैठे हैं। क्या हमारे कलाकारों की मेहनत की कोई कीमत नहीं? *गुपचुप आयोजन की साजिश:* बिना टेंट, बिना पोस्टर और बिना छात्र भागीदारी के यह कार्यक्रम करवाकर छात्रों के साथ छलावा किया जा रहा है। छात्र प्रतिनिधि शुभम सहित राजस्थान विश्वविद्यालय के समस्त विद्यार्थी प्रशासन से यह जवाब चाहता हैं कि छात्रों और इन कलाकारों की गरिमा के साथ ऐसा खिलवाड़ क्यों किया गया? हम अपनी यूनिवर्सिटी के कलाकारों का अपमान और छात्रों के अधिकारों की अनदेखी कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे!
यूथ फेस्ट नहीं, परफॉर्मर्स का अपमान... RU में करोड़ों का घोटाला! jaipur : जी हां छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने राजस्थान विश्वविद्यालय के 'यूथ फेस्टिवल' की कड़वी सच्चाई सबके सामने ला दी है। एक तरफ करोड़ों का बजट, और दूसरी तरफ यह बदहाली! 1. करोड़ों का बजट, पर व्यवस्था शून्य क्यों : यूथ फेस्ट के नाम पर करोड़ों रुपये आते हैं, लेकिन धरातल पर न कोई टेंट है, न बैठने की जगह और न ही कोई बुनियादी इंतजाम। आखिर यह पैसा कहाँ खर्च किया जा रहा है? *2.* *बिना दर्शक कैसा उत्सव?:* कार्यक्रम का कोई प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। आम छात्र को खबर तक नहीं कि कैंपस में उत्सव चल रहा है। जब कार्यक्रम में छात्र ही नहीं, तो यह आयोजन किसके लिए? क्या सिर्फ कागजों
पर खानापूर्ति करने के लिए यह नाटक रचा गया? *परफॉर्मर्स का अपमान:* हमारे विश्वविद्यालय के प्रतिभावान छात्र बिना किसी ऑडियंस के, बिना किसी हौसलाअफजाई के परफॉर्म करने को मजबूर हैं। कलाकारों के लिए इससे बड़ा अपमान और क्या होगा कि उन्हें देखने वाला कोई नहीं, बस जज बैठे हैं। क्या हमारे कलाकारों की मेहनत की कोई कीमत नहीं? *गुपचुप आयोजन की साजिश:* बिना टेंट, बिना पोस्टर और बिना छात्र भागीदारी के यह कार्यक्रम करवाकर छात्रों के साथ छलावा किया जा रहा है। छात्र प्रतिनिधि शुभम सहित राजस्थान विश्वविद्यालय के समस्त विद्यार्थी प्रशासन से यह जवाब चाहता हैं कि छात्रों और इन कलाकारों की गरिमा के साथ ऐसा खिलवाड़ क्यों किया गया? हम अपनी यूनिवर्सिटी के कलाकारों का अपमान और छात्रों के अधिकारों की अनदेखी कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे!
- देश के कई राज्यों में स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। अब उत्तर प्रदेश में भी इस मुद्दे ने जोर पकड़ लिया है। यहां लोगों ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन करते हुए स्मार्ट मीटर की “बारात” निकाली और उसे प्रतीकात्मक रूप से “विदाई” दी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। लोगों का कहना है कि पारंपरिक मीटर की तुलना में स्मार्ट मीटर अधिक खर्चीले साबित हो रहे हैं और पारदर्शिता की कमी भी महसूस की जा रही है। वहीं, विरोध कर रहे लोगों ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह आम जनता की परेशानियों को नजरअंदाज कर निजी कंपनियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी कर स्मार्ट मीटर योजना को वापस लेने की मांग की। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि स्मार्ट मीटर से बिजली खपत की सटीक जानकारी मिलती है और इससे बिलिंग प्रणाली में सुधार होता है। हालांकि, बढ़ते विरोध के बीच यह मुद्दा अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बनता जा रहा है।1
- “बंगाल में दीदी ऐतिहासिक वोटों से जीतने जा रही हैं” ◆ Akhilesh Yadav का बड़ा बयान ◆ कहा – अगर चुनाव निष्पक्ष हुए तो ममता बनर्जी की जीत तय ◆ एग्जिट पोल के बीच सियासत गरमाई #ExitPoll #WestBengal #AkhileshYadav #Deshtak नोटः यह जानकारी वायरल रिपोर्ट्स और मीडिया सूत्रों पर आधारित है, हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं1
- आपकी दुकान भी चल सकती है बस आपको चाहिए एक मौका वीडियो जल्दी से देखें और कॉल करें या DM करें मुझे1
- Post by Rakesh Kumar Swami1
- चोमू के अंदर बारिश और मिट्टी के साथ आंधी बहुत खतरनाक आ रही है 4:441
- Post by Yogesh Kumar Gupta1
- 🚨 BREAKING NEWS | DESHTAK STYLE 🚨 बंगाल की राजनीति पर किसान नेता का बड़ा बयान! किसान नेता राकेश टिकैत ने पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल पर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव पूरी पारदर्शिता और निष्पक्ष तरीके से कराए जाते हैं, तो ममता बनर्जी की जीत तय है। टिकैत ने साफ कहा कि जनता का समर्थन टीएमसी के साथ है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठने की आशंका हमेशा बनी रहती है। ऐसे में अगर कोई बेईमानी नहीं हुई, तो बंगाल में एक बार फिर ममता सरकार की वापसी होगी। 👉 बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज 👉 विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया का इंतजार 👉 चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी उठे सवाल #BreakingNews #Deshtak #RakeshTikait #MamataBanerjee #BengalPolitics #ElectionUpdate #TMC #KisanLeader ⚠️ नोटः यह जानकारी वायरल रिपोर्ट्स और मीडिया सूत्रों पर आधारित है, हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं1
- Post by Rakesh Kumar Swami1
- 20000 के लिए इसकी बहन की समाधि खुद के बैंक में पहुंच गया कंकाल लेकर1