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भोपाल मध्यप्रदेश खबर भारत 360 को मिला नया नेतृत्व राजेश सक्सेना ने संभाला पदभार
Kamlesh tiwari पत्रकार करेरा
भोपाल मध्यप्रदेश खबर भारत 360 को मिला नया नेतृत्व राजेश सक्सेना ने संभाला पदभार
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- शिवपुरी जनसुनवाई में बुजुर्ग की मौत व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल देखिए खास रिपोर्ट खबर भारत 360न्यूज कमलेश तिवारी जिला रिपोर्टर,, शिवपुरी,, करेरा 94257819091
- खड़गे केवल तोता हैं... अध्यक्ष की भूमिका में नहीं हैं... गिरिराज सिंह, भाजपा1
- ग्राम पंचायत semai जिला दतिया भरी वर्षा होने के कारण पुख्या भर गई है और घरों में पानी भाल चुका है और बहुत परेशानी आ रही हैं साथ ही पशुओं की परेशानी है ग्राम पंचायत semai जिला दतिया भरी वर्षा होने के कारण पुख्या भर गई हैं और घरों में पानी भाल चुका है और बहुत परेशानी आ रही हैं साथ ही पशुओं की परेशानी है आप सभी से नियम करता हो share karo 🙏 इसका निर्धारण करो कलेक्टर के पास शेयर करो1
- शिवपुरी मेडिकल कॉलेज फर्जीवाड़े के बाद अब दतिया मेडिकल कॉलेज की नियुक्तियों पर उठे सवाल,हाईकोर्ट के फैसले से मचा हड़कंप,दतिया में 2018-2019 में हुई नियुक्तियों की उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज। दतिया | मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ द्वारा हाल ही में श्रीमंत विजयाराजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज, शिवपुरी की एक नियुक्ति को लेकर दिए गए कड़े फैसले के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। न्यायालय ने शिवपुरी में वर्ष 2018 में कम्युनिटी मेडिसिन (सामुदायिक चिकित्सा) विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर की गई नियुक्ति को अवैध ठहराते हुए तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब दतिया मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2018-2019 के दौरान हुई असिस्टेंट प्रोफेसरों और अन्य शैक्षणिक पदों की नियुक्तियों पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। *शिवपुरी का फैसला बना नज़ीर* हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि शिवपुरी में नियुक्त किए गए असिस्टेंट प्रोफेसर (प्रतिवादी क्रमांक 5) के पास मेडिकल काउंसिल के 2017 के नियमों के तहत अनिवार्य न्यूनतम योग्यता (एमडी/एमएस के बाद एक साल का सीनियर रेजिडेंट का अनुभव) नहीं थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बचाव में सरकार और कॉलेज प्रबंधन ने न्यायालय में झूठा और भ्रामक तर्क दिया कि उस समय कम्युनिटी मेडिसिन में सीनियर रेजिडेंट का पद ही अस्तित्व में नहीं था। लेकिन दस्तावेजों से साबित हो गया कि देश के अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों में यह पद मौजूद था। *दतिया मेडिकल कॉलेज पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?* शिवपुरी के इस मामले ने एक बड़े घोटाले की ओर इशारा किया है। जानकारों का मानना है कि वर्ष 2018-2019 के दौरान ही दतिया मेडिकल कॉलेज में भी बड़े पैमाने पर भर्तियां की गई थीं। आशंका जताई जा रही है कि दतिया में भी: कई उम्मीदवारों को बिना आवश्यक 'सीनियर रेजिडेंट' अनुभव के सीधे असिस्टेंट प्रोफेसर बना दिया गया था | अनुभव प्रमाणपत्रों के सत्यापन में उसी तरह की लापरवाही या "अनदेखी " की गई थी ,जैसी शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के मामले में उजागर हुई है। नियमों को ताक पर रखकर चहेतों को उपकृत किया गया था | *होना क्या चाहिए* उच्च स्तरीय जांच समिति का हो गठन: चिकित्सा शिक्षा विभाग (DME) और राज्य शासन को तुरंत एक निष्पक्ष जांच कमेटी बनानी चाहिए जो दतिया मेडिकल कॉलेज की 2018-19 की सभी नियुक्तियों की फाइलें खंगाले। दस्तावेजों का हो पुनर्सत्यापन: यह सुनिश्चित किया जाए कि दतिया में नियुक्त किसी भी प्रोफेसर ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के नियमों का उल्लंघन कर नौकरी तो नहीं पाई है। दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई: यदि दतिया में भी बिना अनुभव वाले लोगों को नियुक्त किया गया है, तो न केवल उनकी नियुक्तियां रद्द हों, बल्कि ऐसा करने वाले तत्कालीन चयन समिति के अधिकारियों पर भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया जाए। शिवपुरी का मामला तो सिर्फ एक बानगी है; अगर दतिया मेडिकल कॉलेज की फाइलों की धूल झड़ी, तो कई और चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं। अब देखना यह है कि शासन इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर दतिया में जांच के आदेश देता है, या फिर किसी और को न्याय के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा|1
- बुन्देलखण्ड काँवड़ यात्रा समिति झाँसी द्वारा पिछले 10 वर्षों से विशाल काँवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।1
- उचित मूल्य की दुकान पर राशन वितरण में अनियमितता 3 महीने से नहीं हुआ राशन वितरण शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील की ग्राम पंचायत चंदौरिया के ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर से पिछले 3 महीनों के राशन दिलाने और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग ग्रामीणों का कहना है कि उचित मूल्य की दुकान से जुलाई 2026 का राशन उपभोक्ताओं के फिंगर लगवाने के बावजूद आज तक वितरित नहीं किया गया। आंगनवाड़ी चंदौरिया व रामपुर का राशन भी लंबित है। ग्रामीणों ने पूर्व में भी शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने एसडीएम कोलारस को 08.08.2026 को आवेदन दिया, फिर भी कार्यवाही नहीं हुई। प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तथा लंबित राशन तत्काल दिलाने की मांग है। बाइट- गंगाधर ग्रामीण2
- नोटिस के बावजूद नहीं खाली हुए शासकीय आवास, राजघाट में प्रशासन की कार्रवाई दतिया। राजघाट स्थित शासकीय आवासों पर वर्षों से जमे कब्जेदारों के खिलाफ जिला प्रशासन ने मंगलवार को सख्त कार्रवाई की। प्रशासन की ओर से संबंधित लोगों को पहले ही आवास खाली करने के नोटिस दिए जा चुके थे, लेकिन 18 अगस्त तक आवास खाली नहीं किए गए। इसके बाद प्रशासनिक अमला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा और बेदखली की कार्रवाई शुरू की। प्रशासन ने मौके पर मौजूद कब्जेदारों को महज दो घंटे में आवास खाली करने का अल्टीमेटम दिया। कार्रवाई की खबर से राजघाट कॉलोनी में हड़कंप मच गया और कई लोग आनन-फानन में अपना सामान समेटते नजर आए। प्रशासनिक आदेश में मध्यप्रदेश लोक परिसर (बेदखली) अधिनियम, 1974 की धारा-5 के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। आदेश के अनुसार, पहले नोटिस की प्रक्रिया पूरी की गई और निर्धारित समय में आवास खाली नहीं किए जाने के बाद बेदखली की कार्रवाई के निर्देश दिए गए। कार्रवाई के दौरान भाजपा नेत्री क्रांति राय और SDM सोनाली राजपूत के बीच बहस भी होती दिखाई दी। मौके पर मौजूद प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने स्थिति को संभाला। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब सवाल यह भी उठ रहा है कि शासकीय आवासों पर यदि वर्षों से कब्जे की स्थिति बनी हुई थी, तो उन्हें समय रहते खाली क्यों नहीं कराया गया। फिलहाल प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है और शासकीय आवासों को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया जारी है।1
- बच्चों की थाली से पढ़ाई तक सवाल, 15 साल से एक ही समूह संचालक पर आरोप करैरा के ग्राम बांसगढ़ के शासकीय विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि 200 से 300 बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिलता और जर्जर व गंदे रसोईघर में खाना बनाया जाता है। ग्रामीणों ने दावा किया कि करीब 15 साल से एक ही समूह संचालक अपनी मनमर्जी से भोजन संचालित कर रहा है। साथ ही स्कूल में शिक्षा, बैठने की व्यवस्था और खेल मैदान जैसी सुविधाओं की कमी का आरोप लगाते हुए मौके पर जांच और समूह संचालक को हटाने की मांग की गई है। बच्चों की थाली से पढ़ाई तक सवाल, 15 साल से एक ही समूह संचालक पर आरोप करैरा के ग्राम बांसगढ़ के शासकीय विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि 200 से 300 बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिलता और जर्जर व गंदे रसोईघर में खाना बनाया जाता है। ग्रामीणों ने दावा किया कि करीब 15 साल से एक ही समूह संचालक अपनी मनमर्जी से भोजन संचालित कर रहा है। साथ ही स्कूल में शिक्षा, बैठने की व्यवस्था और खेल मैदान जैसी सुविधाओं की कमी का आरोप लगाते हुए मौके पर जांच और समूह संचालक को हटाने की मांग की गई है।1
- शिवपुरी जिले के कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अपनी समस्या लेकर पहुंचे एक बुजुर्ग की अचानक मौत हो गई। बुजुर्ग जिला कलेक्टर के नाम आवेदन लेकर जनसुनवाई में पहुंचे थे। फिलहाल मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं।जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग जनसुनवाई में अपनी समस्या का आवेदन देने पहुंचे थे। उनके पास जिला कलेक्टर के नाम लिखा एक आवेदन भी मिला है। आवेदन में उन्होंने कोलारस से बदरवास गैस कनेक्शन ट्रांसफर कराने की मांग की थी। इसी दौरान बुजुर्ग की अचानक तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। घटना के बाद जनसुनवाई स्थल पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने मामले की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया।बुजुर्ग की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका फिलहाल स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। मौत की वास्तविक वजह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1