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महू में हनुमान मेले का आयोजन सजीव झांकियां दही आकर्षण का केंद्र
RK LIVE KARAULI
महू में हनुमान मेले का आयोजन सजीव झांकियां दही आकर्षण का केंद्र
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- Post by मनोज तिवाड़ी1
- अवध 19037 मे अवैध वेंडर, अवैध वेंडर पर नहीं है रेलवे द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि रेलवे के अधिकारी करते हैं बड़े-बड़े दावे की हमने इतने अवैध बंदों पर करवाई है।1
- न्यूज़: गंगापुर सिटी। गंगापुर सिटी के जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि शहर के अंदर प्लास्टिक की पॉलिथीन, पाउच और विभिन्न प्रकार की प्लास्टिक पैकिंग पर सख्ती से रोक लगाई जाए। लोगों का कहना है कि शहर में बढ़ता प्लास्टिक कचरा अब पर्यावरण और पशुओं के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार शहर की सड़कों, गलियों और बाजारों में जगह-जगह प्लास्टिक कचरा फैला हुआ दिखाई देता है। यही प्लास्टिक नालियों में जाकर जाम की समस्या पैदा कर रहा है, जिससे गंदगी और जलभराव की स्थिति बन जाती है। इसके अलावा खेतों में भी प्लास्टिक कचरा पहुंच रहा है, जिससे जमीन की उर्वरता और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि खुले में घूमने वाली गायें और अन्य पशु इस प्लास्टिक को खाने के कारण बीमार हो रहे हैं और कई मामलों में उनकी मौत भी हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार प्लास्टिक को नष्ट होने में सैकड़ों साल लगते हैं, जिसकी वजह से यह लंबे समय तक पर्यावरण को प्रदूषित करता रहता है। गंगापुर सिटी के नागरिकों ने जिला कलेक्टर और एसडीएम से निवेदन किया है कि शहर में प्लास्टिक पॉलिथीन और सिंगल-यूज प्लास्टिक पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाए तथा इसके स्थान पर कपड़े या कागज के थैलों को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही बाजारों में नियमित जांच और जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में शहर की स्वच्छता, पर्यावरण और पशुधन पर गंभीर असर पड़ सकता है। अंत में नागरिकों की अपील: “स्वच्छ और स्वस्थ गंगापुर सिटी के लिए प्लास्टिक मुक्त शहर बनाना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”1
- Post by Meena ji Meenaji1
- Post by Bharat SING Meena1
- करौली जिले के निर्वाचन क्षेत्र सपोटरा के गांव कोटा मामचारी की सड़को पर पानी भरा होने की वजह से पूरे रस्ते में कीचड़ है नालियों की कोई सुविधा नहीं है सड़के भी खराब है इस लिए माननीय विधायक हंसराज मीणा जी से निवेदन है कि जल्दी से जल्दी इस पर कराने की कृपा करें4
- जनता कि जनसुनवाई के लिए विधायक को सरकार द्वारा सभी प्रकार का पैसा मिलता है फ़िर भी आम आदमी की आवाज 📢 दबा दी जाती है खबरें SNG NEWS🎤Live 📺 RAJSTHAN1
- युद्ध के बीच देवदूत बने राजस्थान के धीरज जैन1
- पंचम ब्लॉक शिक्षा संकुल जयपुर में शिक्षामंत्री एवं शिक्षा सचिव महोदय की उपस्थिति में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई जिसमें प्रमुख मुद्दा नवीन शैक्षणिक सत्र 1 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किए जाने,प्रवेशोत्सव,गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,विद्यायल एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा,विद्यालय संचालन पर विस्तृत चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री ने बैठक में कहा कि शिक्षकों के बच्चे सरकारी स्कूलों में ही पड़े राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम के प्रदेश महामंत्री नवीन कुमार शर्मा ने मांग रखी कि अगला सत्र जल्द शुरू करने से वर्तमान सत्र में परेशानियों का सामना करना पड़ा है लेकिन फिर भी आगामी सत्र 1 अप्रैल से शुरू होते ही FTB पुस्तके,शिक्षक डायरी,निःशुल्क कपड़े आदि समय पर मिल जाए तो ये कदम बहुत विद्यार्थियों के लिए कारगार साबित होगा और हर सत्र में ऐसी निरंतरता बनी रहेगी।अच्छा निर्णय है डेड महीने पढ़ाई-लिखाई उसके बाद कुछ होमवर्क देकर छुट्टी का सदुपयोग किया जा सकेगा सरकार ग्रीष्मावकाश में 10 दिन की कटौती नहीं कर ग्रीष्मावकाश को यथावत रखें। शिक्षकों से केवल शैक्षणिक कार्य करवाया जाए इसके अलावा गैर शैक्षणिक कार्यों से पूर्णतः मुक्त रखा जाए राजकोष से वेतन लेने वाले सभी के बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ने चाहिए बोर्ड परीक्षा के दौरान स्थानांतरित किए गए थे वो ग़लत हमेशा गर्मियों की छुट्टी में ट्रांसफर किए जाने चाहिए प्रदेश प्रवक्ता मुकेश मीणा ने बताया कि विद्यालयों में सप्ताह में मनाए जाने वाले सभी उत्सवों को केवल शनिवार को ही मनाया जाए,पदोन्नति के बाद तुंरत स्कूलों में पदस्थापन दिया जाए,जनगणना में प्रत्येक विद्यालय से 25% से अधिक स्टाफ को नहीं लगाया जाए,बाड़मेर जिले में तृतीय श्रेणी भर्ती 2022 के अध्यापकों का जल्द स्थाईकरण किया जाए प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रामदयाल मीणा ने मांग रखी कि नवीन सत्र प्रारंभ होने पूर्व वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता की लंबित तीन सत्रों की पदोन्नति को पूर्ण करवाया जाए,तृतीय श्रेणी अध्यापकों की 6 सत्रों से लंबित पदोन्नति को सरकार द्वारा कोर्ट में उचित पैरवी करते हुए जल्द सम्पन्न कराया जावे, सभी क्रमोन्नत स्कूलों में व्याख्याता पदों की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाए। अन्य संगठनों ने भी अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा।1