महाशिवरात्रि पर इतिहास रचने को तैयार मोतिया, 100 साल पुराने जड़ेश्वर नाथ महादेव धाम में होगा अभूतपूर्व महोत्सव, शिव बारात से गूंजेगा पूरा गांव जब आस्था, परंपरा और उत्साह एक साथ उमड़ते हैं, तब उत्सव सिर्फ आयोजन नहीं रहता, वह इतिहास बन जाता है। कुछ ऐसा ही नज़ारा इस बार महाशिवरात्रि पर मोतिया गांव में देखने को मिलेगा, जहां सौ वर्षों से निरंतर पूजे जा रहे जड़ेश्वर नाथ महादेव मंदिर में अभूतपूर्व भव्यता के साथ महाशिवरात्रि महोत्सव मनाया जाएगा। गांव से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक श्रद्धा और उमंग की लहर दौड़ चुकी है। हर गली, हर चौक और हर आंगन में सिर्फ भोलेनाथ के जयकारे गूंज रहे हैं। पूरा मोतिया गांव इन दिनों शिवमय वातावरण में डूब चुका है। मुख्य समाचार : मोतिया स्थित जड़ेश्वर नाथ महादेव मंदिर की स्थापना वर्ष 1943 में हुई थी, यानी यह मंदिर आज़ादी से पहले का ऐतिहासिक धरोहर है। लगभग 100 वर्षों से यहां निरंतर पूजा-अर्चना होती आ रही है। इस बार मंदिर में विशेष रूप से ठाकुर बाड़ी की स्थापना भी की गई है, जिससे आयोजन की भव्यता और अधिक बढ़ गई है। महाशिवरात्रि को लेकर गांव में व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। मंदिर का रंग-रोगन लगभग पूरा कर लिया गया है, भव्य पंडाल और टेंट लगाने का कार्य भी तेज़ी से जारी है। पूरे गांव को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा, जिससे रात में मोतिया किसी धार्मिक नगरी की तरह जगमगाएगा। 12 फरवरी से अखंड संकीर्तन एवं कीर्तन का शुभारंभ होगा, जो लगातार चलता रहेगा। 8 और 9 फरवरी की रात विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान कोलकाता से भव्य झांकियां मंगाई जा रही हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। वहीं भावपूर्ण शिव बारात निकाली जाएगी, जिसमें पूरा मोतिया गांव शिवभक्ति में झूमता नजर आएगा। आयोजकों द्वारा 5 से 7 हजार श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे की व्यवस्था की जा रही है। वहीं मंदिर के समीप स्थित ऐतिहासिक शिवगंगा तालाब की भी विशेष सजावट की जा रही है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता से श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। विशेष बात यह है कि इस पूरे आयोजन में कहीं भी डीजे नहीं बजेगा और न ही किसी प्रकार के फूहड़ या अश्लील गाने बजाए जाएंगे। यहां केवल भक्ति संगीत, कीर्तन, संकीर्तन और शिव आराधना की गूंज सुनाई देगी, ताकि पूरे वातावरण में भगवान शिव की साक्षात उपस्थिति और दिव्यता बनी रहे। यही वजह है कि मोतिया का यह आयोजन धार्मिक मर्यादा, संस्कार और परंपरा की अनूठी मिसाल बन चुका है। आज आयोजित बैठक में पूरे गांव के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। गांव में उत्साह चरम पर है और हर कोई इस महोत्सव को यादगार बनाने में जुटा हुआ है। कुल मिलाकर इस बार मोतिया गांव की धरती पर महाशिवरात्रि का यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति, संस्कृति और उत्सव का ऐसा संगम बनने जा रहा है, जो वर्षों तक याद रखा जाएगा। महाशिवरात्रि पर इतिहास रचने को तैयार मोतिया, 100 साल पुराने जड़ेश्वर नाथ महादेव धाम में होगा अभूतपूर्व महोत्सव, शिव बारात से गूंजेगा पूरा गांव जब आस्था, परंपरा और उत्साह एक साथ उमड़ते हैं, तब उत्सव सिर्फ आयोजन नहीं रहता, वह इतिहास बन जाता है। कुछ ऐसा ही नज़ारा इस बार महाशिवरात्रि पर मोतिया गांव में देखने को मिलेगा, जहां सौ वर्षों से निरंतर पूजे जा रहे जड़ेश्वर नाथ महादेव मंदिर में अभूतपूर्व भव्यता के साथ महाशिवरात्रि महोत्सव मनाया जाएगा। गांव से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक श्रद्धा और उमंग की लहर दौड़ चुकी है। हर गली, हर चौक और हर आंगन में सिर्फ भोलेनाथ के जयकारे गूंज रहे हैं। पूरा मोतिया गांव इन दिनों शिवमय वातावरण में डूब चुका है। मुख्य समाचार : मोतिया स्थित जड़ेश्वर नाथ महादेव मंदिर की स्थापना वर्ष 1943 में हुई थी, यानी यह मंदिर आज़ादी से पहले का ऐतिहासिक धरोहर है। लगभग 100 वर्षों से यहां निरंतर पूजा-अर्चना होती आ रही है। इस बार मंदिर में विशेष रूप से ठाकुर बाड़ी की स्थापना भी की गई है, जिससे आयोजन की भव्यता और अधिक बढ़ गई है। महाशिवरात्रि को लेकर गांव में व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। मंदिर का रंग-रोगन लगभग पूरा कर लिया गया है, भव्य पंडाल और टेंट लगाने का कार्य भी तेज़ी से जारी है। पूरे गांव को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा, जिससे रात में मोतिया किसी धार्मिक नगरी की तरह जगमगाएगा। 12 फरवरी से अखंड संकीर्तन एवं कीर्तन का शुभारंभ होगा, जो लगातार चलता रहेगा। 8 और 9 फरवरी की रात विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान कोलकाता से भव्य झांकियां मंगाई जा रही हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। वहीं भावपूर्ण शिव बारात निकाली जाएगी, जिसमें पूरा मोतिया गांव शिवभक्ति में झूमता नजर आएगा। आयोजकों द्वारा 5 से 7 हजार श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे की व्यवस्था की जा रही है। वहीं मंदिर के समीप स्थित ऐतिहासिक शिवगंगा तालाब की भी विशेष सजावट की जा रही है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता से श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। विशेष बात यह है कि इस पूरे आयोजन में कहीं भी डीजे नहीं बजेगा और न ही किसी प्रकार के फूहड़ या अश्लील गाने बजाए जाएंगे। यहां केवल भक्ति संगीत, कीर्तन, संकीर्तन और शिव आराधना की गूंज सुनाई देगी, ताकि पूरे वातावरण में भगवान शिव की साक्षात उपस्थिति और दिव्यता बनी रहे। यही वजह है कि मोतिया का यह आयोजन धार्मिक मर्यादा, संस्कार और परंपरा की अनूठी मिसाल बन चुका है। आज आयोजित बैठक में पूरे गांव के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। गांव में उत्साह चरम पर है और हर कोई इस महोत्सव को यादगार बनाने में जुटा हुआ है। कुल मिलाकर इस बार मोतिया गांव की धरती पर महाशिवरात्रि का यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति, संस्कृति और उत्सव का ऐसा संगम बनने जा रहा है, जो वर्षों तक याद रखा जाएगा।
महाशिवरात्रि पर इतिहास रचने को तैयार मोतिया, 100 साल पुराने जड़ेश्वर नाथ महादेव धाम में होगा अभूतपूर्व महोत्सव, शिव बारात से गूंजेगा पूरा गांव जब आस्था, परंपरा और उत्साह एक साथ उमड़ते हैं, तब उत्सव सिर्फ आयोजन नहीं रहता, वह इतिहास बन जाता है। कुछ ऐसा ही नज़ारा इस बार महाशिवरात्रि पर मोतिया गांव में देखने को मिलेगा, जहां सौ वर्षों से निरंतर पूजे जा रहे जड़ेश्वर नाथ महादेव मंदिर में अभूतपूर्व भव्यता के साथ महाशिवरात्रि महोत्सव मनाया जाएगा। गांव से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक श्रद्धा और उमंग की लहर दौड़ चुकी है। हर गली, हर चौक और हर आंगन में सिर्फ भोलेनाथ के जयकारे गूंज रहे हैं। पूरा मोतिया गांव इन दिनों शिवमय वातावरण में डूब चुका है। मुख्य समाचार : मोतिया स्थित जड़ेश्वर नाथ महादेव मंदिर की स्थापना वर्ष 1943 में हुई थी, यानी यह मंदिर आज़ादी से पहले का ऐतिहासिक धरोहर है। लगभग 100 वर्षों से यहां निरंतर पूजा-अर्चना होती आ रही है। इस बार मंदिर में विशेष रूप से ठाकुर बाड़ी की स्थापना भी की गई है, जिससे आयोजन की भव्यता और अधिक बढ़ गई है। महाशिवरात्रि को लेकर गांव में व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। मंदिर का रंग-रोगन लगभग पूरा कर लिया गया है, भव्य पंडाल और टेंट लगाने का कार्य भी तेज़ी से जारी है। पूरे गांव को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा, जिससे रात में मोतिया किसी धार्मिक नगरी की तरह जगमगाएगा। 12 फरवरी से अखंड संकीर्तन एवं कीर्तन का शुभारंभ होगा, जो लगातार चलता रहेगा। 8 और 9 फरवरी की रात विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान कोलकाता से भव्य झांकियां मंगाई जा रही हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। वहीं भावपूर्ण शिव बारात निकाली जाएगी, जिसमें पूरा मोतिया गांव शिवभक्ति में झूमता नजर आएगा। आयोजकों द्वारा 5 से 7 हजार श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे की व्यवस्था की जा रही है। वहीं मंदिर के समीप स्थित ऐतिहासिक शिवगंगा तालाब की भी विशेष सजावट की जा रही है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता से श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। विशेष बात यह है कि इस पूरे आयोजन में कहीं भी डीजे नहीं बजेगा और न ही किसी प्रकार के फूहड़ या अश्लील गाने बजाए जाएंगे। यहां केवल भक्ति संगीत, कीर्तन, संकीर्तन और शिव आराधना की गूंज सुनाई देगी, ताकि पूरे वातावरण में भगवान शिव की साक्षात उपस्थिति और दिव्यता बनी रहे। यही वजह है कि मोतिया का यह आयोजन धार्मिक मर्यादा, संस्कार और परंपरा की अनूठी मिसाल बन चुका है। आज आयोजित बैठक में पूरे गांव के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। गांव में उत्साह चरम पर है और हर कोई इस महोत्सव को यादगार बनाने में जुटा हुआ है। कुल मिलाकर इस बार मोतिया गांव की धरती पर महाशिवरात्रि का यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति, संस्कृति और उत्सव का ऐसा संगम बनने जा रहा है, जो वर्षों तक याद रखा जाएगा। महाशिवरात्रि पर इतिहास रचने को तैयार मोतिया, 100 साल पुराने जड़ेश्वर नाथ महादेव धाम में होगा अभूतपूर्व महोत्सव, शिव बारात से गूंजेगा पूरा गांव जब आस्था, परंपरा और उत्साह एक साथ उमड़ते हैं, तब उत्सव सिर्फ आयोजन नहीं रहता, वह इतिहास बन जाता है। कुछ ऐसा ही नज़ारा इस बार महाशिवरात्रि पर मोतिया गांव में देखने को मिलेगा, जहां सौ वर्षों से निरंतर पूजे जा रहे जड़ेश्वर नाथ महादेव मंदिर में अभूतपूर्व भव्यता के साथ महाशिवरात्रि महोत्सव मनाया जाएगा। गांव से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक श्रद्धा और उमंग की लहर दौड़ चुकी है। हर गली, हर चौक और हर आंगन में सिर्फ भोलेनाथ के जयकारे गूंज रहे हैं। पूरा मोतिया गांव इन दिनों शिवमय वातावरण में डूब चुका है। मुख्य समाचार : मोतिया स्थित जड़ेश्वर नाथ महादेव मंदिर की स्थापना वर्ष 1943 में हुई थी, यानी यह मंदिर आज़ादी से पहले का ऐतिहासिक धरोहर है। लगभग 100 वर्षों से यहां निरंतर पूजा-अर्चना होती आ रही है। इस बार मंदिर में विशेष रूप से ठाकुर बाड़ी की स्थापना भी की गई है, जिससे आयोजन की भव्यता और अधिक बढ़ गई है। महाशिवरात्रि को लेकर गांव में व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। मंदिर का रंग-रोगन लगभग पूरा कर लिया गया है, भव्य पंडाल और टेंट लगाने का कार्य भी तेज़ी से जारी है। पूरे गांव को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा, जिससे रात में मोतिया किसी धार्मिक नगरी की तरह जगमगाएगा। 12 फरवरी से अखंड संकीर्तन एवं कीर्तन का शुभारंभ होगा, जो लगातार चलता रहेगा। 8 और 9 फरवरी की रात विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान कोलकाता से भव्य झांकियां मंगाई जा रही हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। वहीं भावपूर्ण शिव बारात निकाली जाएगी, जिसमें पूरा मोतिया गांव शिवभक्ति में झूमता नजर आएगा। आयोजकों द्वारा 5 से 7 हजार श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे की व्यवस्था की जा रही है। वहीं मंदिर के समीप स्थित ऐतिहासिक शिवगंगा तालाब की भी विशेष सजावट की जा रही है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता से श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। विशेष बात यह है कि इस पूरे आयोजन में कहीं भी डीजे नहीं बजेगा और न ही किसी प्रकार के फूहड़ या अश्लील गाने बजाए जाएंगे। यहां केवल भक्ति संगीत, कीर्तन, संकीर्तन और शिव आराधना की गूंज सुनाई देगी, ताकि पूरे वातावरण में भगवान शिव की साक्षात उपस्थिति और दिव्यता बनी रहे। यही वजह है कि मोतिया का यह आयोजन धार्मिक मर्यादा, संस्कार और परंपरा की अनूठी मिसाल बन चुका है। आज आयोजित बैठक में पूरे गांव के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। गांव में उत्साह चरम पर है और हर कोई इस महोत्सव को यादगार बनाने में जुटा हुआ है। कुल मिलाकर इस बार मोतिया गांव की धरती पर महाशिवरात्रि का यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति, संस्कृति और उत्सव का ऐसा संगम बनने जा रहा है, जो वर्षों तक याद रखा जाएगा।
- महाशिवरात्रि पर इतिहास रचने को तैयार मोतिया, 100 साल पुराने जड़ेश्वर नाथ महादेव धाम में होगा अभूतपूर्व महोत्सव, शिव बारात से गूंजेगा पूरा गांव जब आस्था, परंपरा और उत्साह एक साथ उमड़ते हैं, तब उत्सव सिर्फ आयोजन नहीं रहता, वह इतिहास बन जाता है। कुछ ऐसा ही नज़ारा इस बार महाशिवरात्रि पर मोतिया गांव में देखने को मिलेगा, जहां सौ वर्षों से निरंतर पूजे जा रहे जड़ेश्वर नाथ महादेव मंदिर में अभूतपूर्व भव्यता के साथ महाशिवरात्रि महोत्सव मनाया जाएगा। गांव से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक श्रद्धा और उमंग की लहर दौड़ चुकी है। हर गली, हर चौक और हर आंगन में सिर्फ भोलेनाथ के जयकारे गूंज रहे हैं। पूरा मोतिया गांव इन दिनों शिवमय वातावरण में डूब चुका है। मुख्य समाचार : मोतिया स्थित जड़ेश्वर नाथ महादेव मंदिर की स्थापना वर्ष 1943 में हुई थी, यानी यह मंदिर आज़ादी से पहले का ऐतिहासिक धरोहर है। लगभग 100 वर्षों से यहां निरंतर पूजा-अर्चना होती आ रही है। इस बार मंदिर में विशेष रूप से ठाकुर बाड़ी की स्थापना भी की गई है, जिससे आयोजन की भव्यता और अधिक बढ़ गई है। महाशिवरात्रि को लेकर गांव में व्यापक स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। मंदिर का रंग-रोगन लगभग पूरा कर लिया गया है, भव्य पंडाल और टेंट लगाने का कार्य भी तेज़ी से जारी है। पूरे गांव को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा, जिससे रात में मोतिया किसी धार्मिक नगरी की तरह जगमगाएगा। 12 फरवरी से अखंड संकीर्तन एवं कीर्तन का शुभारंभ होगा, जो लगातार चलता रहेगा। 8 और 9 फरवरी की रात विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान कोलकाता से भव्य झांकियां मंगाई जा रही हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। वहीं भावपूर्ण शिव बारात निकाली जाएगी, जिसमें पूरा मोतिया गांव शिवभक्ति में झूमता नजर आएगा। आयोजकों द्वारा 5 से 7 हजार श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे की व्यवस्था की जा रही है। वहीं मंदिर के समीप स्थित ऐतिहासिक शिवगंगा तालाब की भी विशेष सजावट की जा रही है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता से श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। विशेष बात यह है कि इस पूरे आयोजन में कहीं भी डीजे नहीं बजेगा और न ही किसी प्रकार के फूहड़ या अश्लील गाने बजाए जाएंगे। यहां केवल भक्ति संगीत, कीर्तन, संकीर्तन और शिव आराधना की गूंज सुनाई देगी, ताकि पूरे वातावरण में भगवान शिव की साक्षात उपस्थिति और दिव्यता बनी रहे। यही वजह है कि मोतिया का यह आयोजन धार्मिक मर्यादा, संस्कार और परंपरा की अनूठी मिसाल बन चुका है। आज आयोजित बैठक में पूरे गांव के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। गांव में उत्साह चरम पर है और हर कोई इस महोत्सव को यादगार बनाने में जुटा हुआ है। कुल मिलाकर इस बार मोतिया गांव की धरती पर महाशिवरात्रि का यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति, संस्कृति और उत्सव का ऐसा संगम बनने जा रहा है, जो वर्षों तक याद रखा जाएगा।1
- (बांका बिहार )अपहरण, मारपीट और एटीएम लूट कांड का खुलासा, 72 घंटे में नामजद अभियुक्त गिरफ्तार जंगली रास्ते से युवक का अपहरण, पुलिस की तत्परता से 6 घंटे में सकुशल बरामदगी1
- Post by पुरुष पुरुष1
- भागलपुर के पीरपैंती अडानी पावर प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचे जिला अधिकारी नवल किशोर चौधरी/ ग्रामीणों ने कहा हम लोगों के घरों को छोड़ कर दूसरा नक्शा तैयार कीजिए यही आश में 13 साल से इंतजार कर रहे हैं/ हमारे पेज को फॉलो लाइक शेयर करें, हर न्यू अपडेट आप तक1
- रास्ते से अपहरण कर जंगल में मारपीट करते हुए अर्ध निर्मित आईटीआई कॉलेज के एक कमरे में बंद कर मारपीट कर एटीएम से पैसे जबरदस्ती निकालने एवं आंख में पट्टी बांधकर हाथ पर बांधने के मामले में पुलिस ने 72 घंटे के अंदर एक नामजद अभियुक्त को फूलीडूमर बाजार से गिरफ्तार कर भेजा गया जेल1
- भागलपुर में सरे आम बमबाजी चल रहा है यह वीडियो काफी वायरल चल रहा है जो भागलपुर पुलिस प्रशासन को खुलेआम चुनौती दे रही है1
- झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने लगाया दीपक कुमार को फोन और ₹200000 इनाम देने की कही बात मंत्री ने बोला कि आप लिए झारखंड आपको इनाम की राशि झारखंड के मंत्री के तरफ से दिया जाएगा नहीं तो मंत्री जी खुद उत्तर प्रदेश जाकर उसे इनाम की राशि देंगे1
- हज यात्रियों के लिए मजीदिया मुसाफ़िरखाना में स्वास्थ्य परीक्षण व प्रशिक्षण शिविर, अधिकारियों ने दिए अहम सुझाव गोड्डा जिले के हज यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मजीदिया मुसाफ़िरखाना, न्यू मार्केट गोड्डा में स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर हज पर जाने वाले यात्रियों के लिए अत्यंत उपयोगी और मार्गदर्शक साबित हुआ, जिसमें स्वास्थ्य, अनुशासन और हज यात्रा से जुड़ी आवश्यक जानकारियां साझा की गईं। कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी गोड्डा श्री बैद्यनाथ उरांव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने हज यात्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि हज एक पवित्र और अनुशासनपूर्ण यात्रा है, जिसमें स्वास्थ्य और नियमों का पालन सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य हाजी इकरारूल हसन आलम एवं जिला योजना पदाधिकारी जनाब फैजान सरवर उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने हज यात्रियों को यात्रा के दौरान धैर्य, अनुशासन, आपसी सहयोग और स्वास्थ्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सही जानकारी और प्रशिक्षण से यात्रा को सहज और सुरक्षित बनाया जा सकता है। सिविल सर्जन के निर्देशन में डॉ. पूनम रानी और डॉ. महमूद आलम के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने हज यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान ब्लड प्रेशर, शुगर सहित अन्य आवश्यक जांच की गई और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परामर्श भी दिया गया। प्रशिक्षण सत्र में हाजी यूसुफ आलम, हाजी अबु लखैर एवं मौलाना आजाद मिस्बाही ने हज की रस्मों, एहतियातों और व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं, हज कॉर्डिनेटर मो. इब्राहिम अंसारी ने पूरे कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिविर में बड़ी संख्या में हज यात्री उपस्थित रहे और उन्होंने इसे अत्यंत लाभकारी बताया।1
- (बांका बिहार )महाशिवरात्रि को लेकर चपरेश्वर नाथ महादेव मंदिर में तैयारियां तेज, युवाओं ने किया श्रमदान धर्मरक्षक सेना के नौजवानों ने पक्की ढलाई कर मंदिर परिसर को किया सुदृढ़1