पाली नगर पालिका में बढ़ी खेमेबाज़ी, भाजपा पार्षद दो गुटों में बंटे पाली नगर पालिका में बढ़ी खेमेबाज़ी, भाजपा पार्षद दो गुटों में बंटे उमरिया तपस गुप्ता पाली नगर पालिका की राजनीति इन दिनों अंदरूनी खींचतान के कारण चर्चा में है। परिषद में भले ही भाजपा का बहुमत है, लेकिन हालात ऐसे बन गए हैं कि भाजपा के ही पार्षद दो अलग-अलग गुटों में बंटे दिखाई दे रहे हैं। इस खेमेबाज़ी का असर अब नगर पालिका के कार्यक्रमों और बैठकों में भी साफ दिखाई देने लगा है। बीते कुछ समय से नगर पालिका के कई कार्यक्रमों और बैठकों में यह देखा गया है कि कई पार्षदों के साथ-साथ उपाध्यक्ष भी कई बार अनुपस्थित रहे। इससे परिषद के भीतर चल रही नाराजगी और गुटबाजी की चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठने लगा है कि जब परिषद में भाजपा का स्पष्ट बहुमत है तो फिर आपसी मतभेद आखिर क्यों बढ़ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक नगर पालिका के भीतर दो स्पष्ट गुट बन गए हैं। एक गुट नगर पालिका अध्यक्ष शकुंतला प्रधान के समर्थन में नजर आता है, जबकि दूसरा गुट उपाध्यक्ष राजेश पटेल के साथ खड़ा दिखाई देता है। इसी वजह से परिषद के भीतर कई मुद्दों पर सहमति बनना मुश्किल हो रहा है। कुछ भाजपा पार्षदों ने अनौपचारिक बातचीत में अपनी नाराजगी भी जाहिर की है। उनका कहना है कि परिषद में उनकी बातों को गंभीरता से नहीं सुना जाता और निर्णय कुछ चुनिंदा लोगों तक ही सीमित रह जाते हैं। पार्षदों का यह भी आरोप है कि विकास कार्यों और योजनाओं को लेकर भी सभी को बराबर महत्व नहीं दिया जा रहा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जब किसी परिषद में एक ही दल का बहुमत होता है, तो उम्मीद की जाती है कि विकास कार्यों में तेजी आएगी और फैसले आसानी से लिए जाएंगे। लेकिन पाली नगर पालिका में स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है। अंदरूनी मतभेदों के कारण कई बार परिषद की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं। नगर पालिका के कार्यक्रमों में भी इस खेमेबाजी की झलक देखने को मिल रही है। कई अवसरों पर यह देखा गया कि कुछ पार्षद कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखते हैं, जिससे राजनीतिक संदेश भी अलग-अलग निकलते हैं। फिलहाल पाली नगर पालिका की राजनीति में चल रही इस खींचतान को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि भाजपा नेतृत्व इस अंदरूनी विवाद को कैसे सुलझाता है और परिषद में फिर से एकजुटता कैसे स्थापित होती है। क्योंकि अगर यही स्थिति बनी रही तो इसका असर नगर के विकास कार्यों पर भी पड़ सकता है।
पाली नगर पालिका में बढ़ी खेमेबाज़ी, भाजपा पार्षद दो गुटों में बंटे पाली नगर पालिका में बढ़ी खेमेबाज़ी, भाजपा पार्षद दो गुटों में बंटे उमरिया तपस गुप्ता पाली नगर पालिका की राजनीति इन दिनों अंदरूनी खींचतान के कारण चर्चा में है। परिषद में भले ही भाजपा का बहुमत है, लेकिन हालात ऐसे बन गए हैं कि भाजपा के ही पार्षद दो अलग-अलग गुटों में बंटे दिखाई दे रहे हैं। इस खेमेबाज़ी का असर अब नगर पालिका के कार्यक्रमों और बैठकों में भी साफ दिखाई देने लगा है। बीते कुछ समय से नगर पालिका के कई कार्यक्रमों और बैठकों में यह देखा गया है कि कई पार्षदों के साथ-साथ उपाध्यक्ष भी कई बार अनुपस्थित रहे। इससे परिषद के भीतर चल रही नाराजगी और गुटबाजी की चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठने लगा है कि जब परिषद में भाजपा का स्पष्ट बहुमत है तो फिर आपसी मतभेद आखिर क्यों बढ़ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक नगर पालिका के भीतर दो स्पष्ट गुट बन गए हैं। एक गुट नगर पालिका अध्यक्ष शकुंतला प्रधान के समर्थन में नजर आता है, जबकि दूसरा गुट उपाध्यक्ष राजेश पटेल के साथ खड़ा दिखाई देता है। इसी वजह से परिषद के भीतर कई मुद्दों पर सहमति बनना मुश्किल हो रहा है। कुछ भाजपा पार्षदों ने अनौपचारिक बातचीत में अपनी नाराजगी भी जाहिर की है। उनका कहना है कि परिषद में उनकी बातों को गंभीरता से नहीं सुना जाता और निर्णय कुछ चुनिंदा लोगों तक ही सीमित रह जाते हैं। पार्षदों का यह भी आरोप है कि विकास कार्यों और योजनाओं को लेकर भी सभी को बराबर महत्व नहीं दिया जा रहा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जब किसी परिषद में एक ही दल का बहुमत होता है, तो उम्मीद की जाती है कि विकास कार्यों में तेजी आएगी और फैसले आसानी से लिए जाएंगे। लेकिन पाली नगर पालिका में स्थिति इसके उलट दिखाई दे रही है। अंदरूनी मतभेदों के कारण कई बार परिषद की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं। नगर पालिका के कार्यक्रमों में भी इस खेमेबाजी की झलक देखने को मिल रही है। कई अवसरों पर यह देखा गया कि कुछ पार्षद कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखते हैं, जिससे राजनीतिक संदेश भी अलग-अलग निकलते हैं। फिलहाल पाली नगर पालिका की राजनीति में चल रही इस खींचतान को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि भाजपा नेतृत्व इस अंदरूनी विवाद को कैसे सुलझाता है और परिषद में फिर से एकजुटता कैसे स्थापित होती है। क्योंकि अगर यही स्थिति बनी रही तो इसका असर नगर के विकास कार्यों पर भी पड़ सकता है।
- Jara Sira Tola mein बड़ी-बड़ी gadi Nikalti Hai niche Khai Hai To jald se jald Mein uska Nirnay karvayen1
- जिला चिकित्सालय के चिकित्सको की तत्परता से टप्पू बाई को मिली नई जिंदगी शहडोल । केंद्र एवं राज्य सरकार जरूरतमंद मरीजो को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्व है। जिला चिकित्सालय शहडोल निरंतर अपनी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से जरूरतमंदों के लिए उम्मीद, समर्पण और सफलता का प्रतीक बनता जा रहा है। सिविल सर्जन डाॅ. शिल्फी सराफ ने बताया कि उमरिया जिले के ग्राम अमलिहा पाली की रहने वाली टप्पू बाई यादव को जिला चिकित्सालय शहडोल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सको द्वारा विभिन्न जांचे कराई गई जिसमें पाया गया कि वह हार्ट रोग से ग्रसित है और स्वास्थ्य काफी खराब है। स्वास्थ्य के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय के आईसीसीयू में भर्ती कराया गया, जिन्हें डाॅक्टरो की उपस्थिति में 120 जूल का इलेक्ट्रिक शाॅक दिया गया एवं सभी आपातकालीन दवाईयाे के साथ चिकित्सको द्वारा निगरानी रखी गई और टप्पू बाई यादव का दिल अब पुनः धड़कने लगा। टप्पू बाई को अब चिकित्सालय के आईसीयू में भर्ती कर निरंतर उपचार किया जा रहा है।1
- अनूपपुर रोड सिद्ध बाबा मंदिर के पास पहाड़ में लगी आग,,,वन विभाग को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता,,,,1
- Post by जुनैद खान jk न्यूज1
- प्रेमिका को शादी का भरोसा देकर सालों तक बनाया संबंध, अचानक दूसरी लड़की से शादी कर लिया दारोगा — अब मामला बना चर्चा का बड़ा विषय। खबर बैरगनिया थाना क्षेत्र में तैनात थानाध्यक्ष पर एक युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि आरोपी पुलिस अधिकारी ने करीब 7 वर्षों तक उससे शादी का वादा किया, भरोसा दिलाया और संबंध बनाए रखे। लेकिन जब शादी की बात आई तो अचानक उसने दूसरी लड़की से शादी कर ली। पीड़िता का आरोप है कि इतने वर्षों तक भरोसा दिलाकर उसे धोखा दिया गया। मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग की वर्दी पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि पीड़िता न्याय के लिए उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी में है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला पुलिस विभाग की छवि पर बड़ा दाग साबित हो सकता है। ⚡ सवाल: क्या वर्दी की आड़ में भरोसे से खेलना सही है? अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।1
- -- शहडोल 11 मार्च 2026- केंद्र एवं राज्य सरकार जरूरतमंद मरीजो को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्व है। जिला चिकित्सालय शहडोल निरंतर अपनी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से जरूरतमंदों के लिए उम्मीद, समर्पण और सफलता का प्रतीक बनता जा रहा है। सिविल सर्जन डाॅ. शिल्फी सराफ ने बताया कि उमरिया जिले के ग्राम अमलिहा पाली की रहने वाली टप्पू बाई यादव को जिला चिकित्सालय शहडोल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सको द्वारा विभिन्न जांचे कराई गई जिसमें पाया गया कि वह हार्ट रोग से ग्रसित है और स्वास्थ्य काफी खराब है। स्वास्थ्य के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय के आईसीसीयू में भर्ती कराया गया, जिन्हें डाॅक्टरो की उपस्थिति में 120 जूल का इलेक्ट्रिक शाॅक दिया गया एवं सभी आपातकालीन दवाईयांे के साथ चिकित्सको द्वारा निगरानी रखी गई और टप्पू बाई यादव का दिल अब पुनः धड़कने लगा। टप्पू बाई को अब चिकित्सालय के आईसीयू में भर्ती कर निरंतर उपचार किया जा रहा है।1
- -मानपुर नगर में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए श्री स्वामी संत शरण गुरुकुलम विद्यालय का आज शुभ मुहूर्त पर वैदिक रीति रिवाज से पूजा पाठ कर विधिवत शुभारंभ किया गया।इस अवसर पर जगद्गुरु जी महाराज के द्वारा अंग्रेजी एवं हिंदी माध्यम के विद्यालय का शुभारंभ हुआ,जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च कोटि की शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे। विदित हो कि स्वामी संत शरण गुरुकुलम विद्यालय एक लंबे समय से हनुमंत कुंज आश्रम शिवपुरी छपडौर में सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।विद्यार्थियों की सुविधा के दृष्टिगत जिसकी नई शाखा का मानपुर नगर में शुभ आरंभ हुआ है, ताकि दूर दराज ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को सुगमता से बेहतर शैक्षणिक वातावरण और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। इस विद्यालय में प्रारंभिक रूप से केजी-1 से लेकर आठवीं कक्षा तक की कक्षाओ का संचालन किया जाएगा।संस्थान द्वारा विद्यालय के संचालन की संपूर्ण जिम्मेदारी ख्यातिलब्ध जाने माने शिक्षाविद प्रधानाध्यापक श्री महेंद्र तिवारी को सौंपी गई है,जो विद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों का संचालन किया करेंगे। विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य है कि मानपुर क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और संस्कारों से परिपूर्ण शिक्षा मिले।इसी लक्ष्य के दृष्टिगत गुरुकुलम विद्यालय की इस नई शाखा की शुरुआत मानपुर में की गई है,जिससे अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम की उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त कर सकें। विद्यालय के शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित गणमान्य ने संस्थान की इस पहल की सराहना करते हुए कहा है कि मानपुर क्षेत्र में इस प्रकार की शैक्षणिक संस्थाओं की नीतांत आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिससे स्थानीय बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए दूर-दराज तक जाने की आवश्यकता न पड़े और उन्हें सरलता पूर्वक उच्च कोटि की शिक्षा प्राप्त हो सके। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक,अभिभावक एवं शिक्षा प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे जिनके द्वारा इस शैक्षणिक संस्थान की उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की गई।2
- ismein railing lagwaya Jaaye 50 lakh ki gadi Nikalti Hai risk wala kam hai please madad Karen1