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कई दिनों की खामोशी के बाद मंगलवार को बिहारशरीफ नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू हुआ
Sanjay Kumar
कई दिनों की खामोशी के बाद मंगलवार को बिहारशरीफ नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू हुआ
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- आप सभी को बुधवार श्री शीतला अष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं 🥀♥️2
- चेचक रोग से मुक्ति की आस्था! मां शीतला मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, ग्राउंड रिपोर्ट देखें, एंकर, नालंदा जिले के ऐतिहासिक मघड़ा गांव में स्थित प्रसिद्ध मां शीतला मंदिर में तीन दिवसीय मघड़ा मेले की शुरुआत हो चुकी है। हर साल की तरह इस बार भी आस्था का यह मेला हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। परंपरा और आस्था का संगम मां शीतला मंदिर के पुजारी बताते हैं कि प्राचीन काल से ही चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमी के दिन मघड़ा और आसपास के गांवों में बसिऔड़ा मनाने की परंपरा चली आ रही है। इस परंपरा के तहत मंगलवार की शाम गांव के लोग भोजन बनाकर अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं और अगले दिन यानी अष्टमी के दिन किसी भी घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता। लोग रात में बनाए गए भोजन को ही प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। मिट्ठी कुआं की खास मान्यता मघड़ा गांव के लोगों का कहना है कि यहां स्थित ‘मिट्ठी कुआं’ का पानी कभी नहीं सूखता और इसका स्वाद काफी मीठा होता है। मंदिर के पुजारी बताते हैं कि जिस दिन इस कुएं से मां शीतला की प्रतिमा निकाली गई थी वह दिन चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमी थी और अष्टमी के दिन मां की प्रतिमा की स्थापना की गई थी। उसी समय से यहां मेले की परंपरा शुरू हुई जो आज भी जारी है। रोगमुक्ति की आस्था ऐसी मान्यता है कि मंदिर की विभूति और तालाब के जल का सेवन करने से चेचक के रोगी पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं। रोगमुक्त होने के बाद श्रद्धालु पुनः मंदिर प्रांगण में स्थित तालाब में स्नान कर मां शीतला की पूजा-अर्चना करते हैं। दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु मघड़ा मेले में हर साल बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और झारखंड सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं और मां शीतला के दरबार में अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। आस्था, परंपरा और विश्वास से जुड़ा मघड़ा का यह ऐतिहासिक मेला आज भी लोगों की श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु मां शीतला के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।1
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- नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में भाकपा माले के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने युद्ध विरोधी शांति मार्च निकाला। यह मार्च 10 मार्च को आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका-इजराइल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ईरान के खिलाफ जारी युद्ध पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि युद्ध से मानवता को नुकसान होता है और विश्व में शांति बनाए रखना आवश्यक है।1
- Post by Anil Paswan1
- Post by VN News Bihar1
- जय माता दी 🌺🙏1