आज ग्राम टोडा स्थित घटवासन माता मंदिर प्रांगण में सर्वसमाज के पंच-पटेलों, गणमान्य नागरिकों और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। गंगाराम पटेल जी जाहिरा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कमाण्ड एरिया के किसानों के अधिकारों, पाँचना बाँध की नहरों में पानी की उपलब्धता तथा क्षेत्र के किसानों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि खण्डीप में कमाण्ड एरिया के किसानों के समर्थन में जारी किसान महापंचायत को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए 26 जून को बामनवास-बौंली विधानसभा क्षेत्र की चार तहसीलों—बामनवास, बरनाला, बौंली एवं मित्रपुरा—तथा भाँवरा उपतहसील के कुल 511 राजस्व गाँवों के नागरिक, किसान, युवा और सर्वसमाज के लोग बड़ी संख्या में खण्डीप महापंचायत में भाग लेंगे। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना करते हुए सरकार को पाँचना बाँध की नहरों में अविलंब पानी छोड़ना चाहिए। यदि सरकार द्वारा न्यायालय के आदेशों की पालना नहीं करवाई जाती है और कमाण्ड एरिया के किसानों की वर्षों पुरानी मांगों की अनदेखी की जाती है, तो क्षेत्र के लोग ईसरदा-बंध बरेठा नहर परियोजना तथा ब्यावर-भरतपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का लोकतांत्रिक एवं व्यापक स्तर पर विरोध करने के लिए बाध्य होंगे। महापंचायत की तैयारियों के तहत आगामी तीन दिनों तक पूरे बामनवास-बौंली क्षेत्र के गाँव-गाँव में जनसंपर्क एवं प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान पंच-पटेल, समाज के प्रबुद्धजन एवं युवा ग्रामीणों से संपर्क कर उन्हें महापंचायत के उद्देश्य से अवगत कराएंगे तथा अधिक से अधिक संख्या में खण्डीप पहुँचने का आह्वान करेंगे। आयोजकों का लक्ष्य है कि हजारों की संख्या में किसान और आमजन इस महापंचायत में शामिल होकर किसानों की एकजुटता और संघर्ष को मजबूत करें। महापंचायत में शामिल होने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले नागरिकों के एकत्रित होने का समय भी निर्धारित किया गया है; जस्टाना मोड़ और मोरासागर बाँध पर प्रातः 9:00 बजे, बामनवास में प्रातः 9:30 बजे, पिपलाई मोड़ पर प्रातः 10:00 बजे, गंगापुर बाईपास पर प्रातः 11:00 बजे और डीबस्या मोड़ पर प्रातः 11:15 बजे इकट्ठा होकर किसानों का यह काफिला डीबस्या, छोटी उदेई, पीलोदा, मोहचा होते हुए खण्डीप पहुंचेगा। सर्वसमाज के पंच-पटेलों ने क्षेत्र के समस्त किसानों, युवाओं, महिलाओं और नागरिकों से एकजुट होकर अपने अधिकारों और कमाण्ड एरिया की नहरों में पानी की मांग को लेकर 26 जून को अधिक से अधिक संख्या में खण्डीप महापंचायत में पहुँचने और किसानों के संघर्ष को अपना समर्थन देने की अपील की है।
आज ग्राम टोडा स्थित घटवासन माता मंदिर प्रांगण में सर्वसमाज के पंच-पटेलों, गणमान्य नागरिकों और क्षेत्रीय प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। गंगाराम पटेल जी जाहिरा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कमाण्ड एरिया के किसानों के अधिकारों, पाँचना बाँध की नहरों में पानी की उपलब्धता तथा क्षेत्र के किसानों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि खण्डीप में कमाण्ड एरिया के किसानों के समर्थन में जारी किसान महापंचायत को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए 26 जून को बामनवास-बौंली विधानसभा क्षेत्र की चार तहसीलों—बामनवास, बरनाला, बौंली एवं मित्रपुरा—तथा भाँवरा उपतहसील के कुल 511 राजस्व गाँवों के नागरिक, किसान, युवा और सर्वसमाज के लोग बड़ी संख्या में खण्डीप महापंचायत में भाग लेंगे। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि राजस्थान उच्च
न्यायालय के आदेशों की अनुपालना करते हुए सरकार को पाँचना बाँध की नहरों में अविलंब पानी छोड़ना चाहिए। यदि सरकार द्वारा न्यायालय के आदेशों की पालना नहीं करवाई जाती है और कमाण्ड एरिया के किसानों की वर्षों पुरानी मांगों की अनदेखी की जाती है, तो क्षेत्र के लोग ईसरदा-बंध बरेठा नहर परियोजना तथा ब्यावर-भरतपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का लोकतांत्रिक एवं व्यापक स्तर पर विरोध करने के लिए बाध्य होंगे। महापंचायत की तैयारियों के तहत आगामी तीन दिनों तक पूरे बामनवास-बौंली क्षेत्र के गाँव-गाँव में जनसंपर्क एवं प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान पंच-पटेल, समाज के प्रबुद्धजन एवं युवा ग्रामीणों से संपर्क कर उन्हें महापंचायत के उद्देश्य से अवगत कराएंगे तथा अधिक से अधिक संख्या में खण्डीप पहुँचने का आह्वान करेंगे। आयोजकों का लक्ष्य है कि हजारों की संख्या में किसान और आमजन इस महापंचायत
में शामिल होकर किसानों की एकजुटता और संघर्ष को मजबूत करें। महापंचायत में शामिल होने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले नागरिकों के एकत्रित होने का समय भी निर्धारित किया गया है; जस्टाना मोड़ और मोरासागर बाँध पर प्रातः 9:00 बजे, बामनवास में प्रातः 9:30 बजे, पिपलाई मोड़ पर प्रातः 10:00 बजे, गंगापुर बाईपास पर प्रातः 11:00 बजे और डीबस्या मोड़ पर प्रातः 11:15 बजे इकट्ठा होकर किसानों का यह काफिला डीबस्या, छोटी उदेई, पीलोदा, मोहचा होते हुए खण्डीप पहुंचेगा। सर्वसमाज के पंच-पटेलों ने क्षेत्र के समस्त किसानों, युवाओं, महिलाओं और नागरिकों से एकजुट होकर अपने अधिकारों और कमाण्ड एरिया की नहरों में पानी की मांग को लेकर 26 जून को अधिक से अधिक संख्या में खण्डीप महापंचायत में पहुँचने और किसानों के संघर्ष को अपना समर्थन देने की अपील की है।
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- गंगापुर सिटी में खंडेलवाल युवा परिषद द्वारा 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।1
- बामनवास में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और विभिन्न जनहित सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित शहरी सेवा शिविर में अपेक्षित जनभागीदारी देखने को नहीं मिली। शिविर स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागों के काउंटरों पर अधिकांश समय कुर्सियां खाली नजर आईं और लोगों की आवाजाही भी काफी कम रही, जिससे शिविर स्थल तस्वीरों और वीडियो में भी लगभग सूना दिखाई दिया। नगर पालिका और सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। कई काउंटरों पर कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहे, लेकिन फरियादियों की संख्या बेहद कम थी। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस कम उपस्थिति का प्रमुख कारण शिविर के प्रचार-प्रसार में कमी तथा पूर्व में समस्याओं के समाधान को लेकर लोगों के नकारात्मक अनुभव रहे हैं। कुछ लोगों ने शिविर के समय निर्धारण और सूचना व्यवस्था को भी कम भागीदारी का एक मुख्य कारण बताया। यह भी गौरतलब है कि प्रशासन द्वारा शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, पट्टा वितरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण स्वीकृति सहित विभिन्न जनहित सेवाओं के लिए नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद बामनवास में हुए इस शहरी सेवा शिविर में आमजन की कम भागीदारी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।2
- टोडाभीम के रंग लाल का पुरा के पास सड़क किनारे मिले अज्ञात व्यक्ति के शव की पहचान हो गई है। सोमवार सुबह रंग लाल का पुरा के पास एक अज्ञात शव पड़ा हुआ मिला था, जिसकी पहचान सोमवार शाम 5:00 बजे करीरी निवासी गोलू मीणा के रूप में हुई है। मृतक के परिजनों ने युवक की हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को प्राथमिक की पेश की है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया है और उन्होंने शव लेने से भी इनकार कर दिया है। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।1
- करौली जिले में पांचना पानी के मुद्दे पर 28 स्या मीणा समाज के प्रवक्ता देवीसिंह पटेल ने गुर्जरों और राज्य सरकार को एक बड़ा और अंतिम अल्टीमेटम दिया है। देवीसिंह पटेल ने स्पष्ट किया है कि अब अपनी ताकत दिखाने का समय आ गया है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि मीणा समाज के लोग अपना हक लेकर रहेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें मरना या मिटना क्यों न पड़े।1
- उपखंड की पट्टी किशोरपुरा में अंबेडकर नगर युवा विकास सेवा संस्था के अध्यक्ष अशोक कुमार धवन के नेतृत्व में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पट्टी किशोरपुरा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय स्टाफ, स्थानीय ग्रामीणों और संस्था के सदस्यों ने योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। इस अवसर पर, अशोक कुमार धवन ने योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए सभी उपस्थित लोगों से नियमित रूप से योग करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक जुगल किशोर सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।3
- श्री महावीर जी रेलवे स्टेशन सर्किल पर स्थापित प्रतिमा का भव्य परिमार्जन कार्य पूरा हो गया है। इस भव्य परिमार्जन के बाद, अब इस स्थान पर नियमित रूप से सफाई अभियान चलाया जाएगा।1
- मेघराज मीणा नारौली डांग की कलम से लिखे अनुसार, खण्डीप और उसके आसपास के करीब 25 गांवों में एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिल रहा है। यहाँ माता-बहनें, बड़े-बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे आने-जाने वाले लोगों को हाथ जोड़कर ठंडा नींबू पानी, कोल्ड ड्रिंक और नाश्ते का वितरण कर रहे हैं। इस आयोजन को अश्वमेघ यज्ञ की आहुति के समान बताया जा रहा है, जो खण्डीप की धरा पर हो रहा है। इस विराट आयोजन में, कमेटी, कार्यकर्ता और हजारों सेवकों के पैरों में रोज़ धूप में घूमने से छाले पड़ चुके हैं, फिर भी उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं दिखती। लगभग 400-500 महिला-पुरुष बिना रुके, कई घंटों तक हाथों में बीजना लेकर आगंतुकों को हवा कर रहे हैं। यहाँ तक कि 70-80 साल के बुजुर्ग भी हाथ जोड़कर व्यवस्था संभाल रहे हैं, जिनमें कहीं कोई थकान या शिकन का भाव नहीं है। इस महापड़ाव में ना कोई राजनीति, ना कोई पार्टी, ना कोई क्षेत्र और ना ही कोई जाति की भावना है; बल्कि सभी किसान एक अविश्वसनीय एकता का प्रदर्शन कर रहे हैं। वक्ताओं द्वारा सहज और संविधान के दायरे में भाषण दिए जा रहे हैं। यहाँ हर व्यक्ति गांव के मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही खुद को जिम्मेदार मानता है, जिसके हाथ अभिवादन के लिए और सिर सम्मान के लिए झुके रहते हैं। इसे सर्व समाज का समुद्र मंथन बताया गया है, जो मात्र एक आंदोलन नहीं बल्कि संविधान पर चलने वालों के लिए एक चुनौतीपूर्ण परीक्षा है, जिसकी तैयारी अब तक जोरों पर चल रही है। जनसमूह की भावना अपने चरम पर है, और लेखक का मानना है कि यदि किसी ने इस 'अश्वमेघ यज्ञ की आहुति ज्वाला' के दर्शन नहीं किए हैं, तो वे जीवन के सबसे बेहतरीन और भावुक क्षणों से वंचित हो रहे हैं। लेखक इस बात पर गर्व महसूस करने का आह्वान करते हैं कि उन्होंने एक सभ्य, संविधान को मानने वाली और समझदार कौम में जन्म लिया है।1