उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्वरोजगार और स्थानीय आत्मनिर्भरता के विजन को धरातल पर उतारते हुए चंपावत विकास खंड की ग्राम पंचायत जौल की महिलाओं ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत वर्ष 2019 में गठित 'सरस्वती स्वयं सहायता समूह' की छह कर्मठ महिलाओं ने पारंपरिक आजीविका से आगे बढ़कर चप्पल और क्रॉक्स बनाने की आधुनिक यूनिट स्थापित की है। इससे पहले यह समूह गौ पालन, सब्जी उत्पादन, पहाड़ी केले की खेती और शहद उत्पादन जैसे पारंपरिक आजीविका के साधनों में संलिप्त था, लेकिन आत्मनिर्भर बनने के जज्बे के साथ उन्होंने इस नए व्यवसाय की शुरुआत की। इस नई यूनिट को शुरू करने के लिए समूह की महिलाओं ने ग्राम संगठन के सीआईएफ (CIF) से ₹1 लाख और सीसीएल (CCL) के माध्यम से ₹1 लाख का ऋण प्राप्त किया। इस वित्तीय सहयोग के बल पर उन्होंने बेहद पेशेवर तरीके से उत्पादन कार्य प्रारंभ किया, जिसे बाजार में हाथों-हाथ लिया गया। शुरुआती दौर में ही चप्पलों की इतनी शानदार मांग आई कि समूह ने देखते ही देखते खटीमा से मिली 400 चप्पलों, बनबसा की 400 चप्पलों, अमोड़ी की 25 चप्पलों और सितारगंज की 600 चप्पलों की बड़ी डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा कर दिया है। प्रारंभिक चरण में मिली यह बड़ी सफलता न केवल इन छह महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि क्षेत्र की अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का बड़ा स्रोत बन चुकी है। मुख्यमंत्री के 'लोकल फॉर वोकल' और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के संकल्प को साकार करता यह सरस्वती स्वयं सहायता समूह आज स्वावलंबन, साहस और सामूहिक प्रयास की एक जीती-जागती मिसाल बन गया है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्वरोजगार और स्थानीय आत्मनिर्भरता के विजन को धरातल पर उतारते हुए चंपावत विकास खंड की ग्राम पंचायत जौल की महिलाओं ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत वर्ष 2019 में गठित 'सरस्वती स्वयं सहायता समूह' की छह कर्मठ महिलाओं ने पारंपरिक आजीविका से आगे बढ़कर चप्पल और क्रॉक्स बनाने की आधुनिक यूनिट स्थापित की है। इससे पहले यह समूह गौ पालन, सब्जी उत्पादन, पहाड़ी केले की खेती और शहद उत्पादन जैसे पारंपरिक आजीविका के साधनों में संलिप्त था, लेकिन आत्मनिर्भर बनने के जज्बे के साथ उन्होंने इस नए व्यवसाय की शुरुआत की। इस नई यूनिट को शुरू करने के लिए समूह की महिलाओं ने ग्राम संगठन के सीआईएफ (CIF) से ₹1 लाख और सीसीएल (CCL) के माध्यम से ₹1 लाख का ऋण
प्राप्त किया। इस वित्तीय सहयोग के बल पर उन्होंने बेहद पेशेवर तरीके से उत्पादन कार्य प्रारंभ किया, जिसे बाजार में हाथों-हाथ लिया गया। शुरुआती दौर में ही चप्पलों की इतनी शानदार मांग आई कि समूह ने देखते ही देखते खटीमा से मिली 400 चप्पलों, बनबसा की 400 चप्पलों, अमोड़ी की 25 चप्पलों और सितारगंज की 600 चप्पलों की बड़ी डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा कर दिया है। प्रारंभिक चरण में मिली यह बड़ी सफलता न केवल इन छह महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि क्षेत्र की अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का बड़ा स्रोत बन चुकी है। मुख्यमंत्री के 'लोकल फॉर वोकल' और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के संकल्प को साकार करता यह सरस्वती स्वयं सहायता समूह आज स्वावलंबन, साहस और सामूहिक प्रयास की एक जीती-जागती मिसाल बन गया है।
- उत्तर प्रदेश को विकास की एक और बड़ी सौगात देते हुए लखनऊ में 4,850 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली तीन नई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर, अर्थव्यवस्था, कानून-व्यवस्था और विकास मॉडल को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। इन तीन नए नेशनल हाईवे से किन जिलों को फायदा मिलेगा और इस भारी-भरकम बजट वाली परियोजनाओं का पूरा विवरण क्या है, इसकी पूरी जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बड़े दावे, राज्य की अर्थव्यवस्था व इंफ्रास्ट्रक्चर पर इसके असर और विपक्ष पर उनके द्वारा दिए गए तीखे बयान की भी चर्चा की गई है। इस बड़े विकास कार्य के बाद अब लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि क्या उत्तर प्रदेश तेजी से देश का ग्रोथ इंजन बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।1
- नैनीताल जनपद के हल्द्वानी में आर्मी कैंट क्षेत्र राजपुरा की प्रतिबंधित दीवार फांदकर अंदर घुसे एक संदिग्ध व्यक्ति को सेना के जवानों ने पकड़ा, जो बाद में चार महीने से लापता उत्तर प्रदेश का निवासी निकला। 13 जुलाई 2026 को सेना के नायब सूबेदार पी.सी. प्रधान (यूनिट-301) अन्य जवानों के साथ इस संदिग्ध को लेकर हल्द्वानी कोतवाली पहुंचे थे। पूछताछ के दौरान यह व्यक्ति केवल अपना नाम 'इरफान' बता पा रहा था और पूरी तरह से मानसिक रूप से अस्वस्थ लग रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गोपनीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर जांच शुरू की थी। अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी श्री अमित कुमार के निर्देशानुसार पुलिस ने नेटग्रिड के माध्यम से फोटो के जरिए संदिग्ध की पहचान करने का प्रयास किया। तकनीकी दक्षता के सफल उपयोग से उसकी पहचान 36 वर्षीय इरफान, निवासी ग्राम सिगोही, थाना तुलसीपुर, जनपद बलरामपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। इसके बाद हल्द्वानी पुलिस ने बलरामपुर डीसीआर के माध्यम से परिजनों और ग्राम प्रधान से संपर्क किया। परिजनों ने बताया कि वे करीब साढ़े तीन से चार महीने पहले इरफान को इलाज के लिए गोरखपुर ले गए थे, जहां से वह अचानक लापता हो गया था। बेटे के सकुशल मिलने की खबर से परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने नैनीताल पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया है। इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में व0उ0नि0 रोहताश सिंह सागर और साइबर सेल के कांस्टेबल नरेन्द्र धामी शामिल रहे, जिनकी उच्चाधिकारियों ने भी जमकर प्रशंसा की है।2
- अल्मोड़ा के बेस क्षेत्र में बुधवार देर शाम एक नेपाली युवक बेस अस्पताल के पास स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गया, जिससे इलाके में भारी हंगामा खड़ा हो गया। इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत की और युवक को सुरक्षित नीचे उतारा। युवक को सुरक्षित निकालने के लिए रस्सी की मदद से उसके हाथ-पैर बांधकर नीचे लाया गया। घटना की शुरुआत तब हुई जब युवक अचानक पानी की टंकी पर चढ़ गया। स्थानीय लोगों ने उसे काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। करीब ढाई घंटे तक युवक को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन जब वह नहीं माना तो पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत कर उसे सुरक्षित नीचे उतारा।1
- पीलीभीत के बीसलपुर में नगर पालिका परिषद के एक बर्खास्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने प्रताड़ना से तंग आकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 51 वर्षीय उपेंद्र कुमार शर्मा के रूप में हुई है, जो गबन के आरोपों में बर्खास्त चल रहे थे। इस मामले में मृतक के भाई अनुराग शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने नगर पालिका के ईओ शमशेर सिंह और चेयरमैन प्रतिनिधि अमन जायसवाल समेत पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने मृतक से लाखों रुपये की अवैध वसूली की, उनके साथ मारपीट की और अमानवीय व्यवहार किया। उपेंद्र का शव जब घर पहुंचा, तो परिजनों ने न्याय और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भारी हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद मौके पर पहुंचे एडीएम प्रसून द्विवेदी और एएसपी विक्रम दहिया ने निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर हंगामा शांत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने सीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। इसके अलावा, स्थानीय विधायक विवेक वर्मा और पूर्व मंत्री रामसरन वर्मा ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें हर हाल में न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।3
- पीलीभीत के अमरिया में चाकू हमले के बाद गंभीर रूप से घायल हुई छात्रा कशिश ने बरेली में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस मामले में पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।1
- बागेश्वर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने बिजली बिलों में लगातार हो रही भारी बढ़ोतरी को लेकर प्रदेश सरकार और ऊर्जा निगम पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को ₹50,000 से लेकर ₹1 लाख और ₹1.5 लाख तक के भारी-भरकम बिजली बिल भेजे जा रहे हैं, जबकि इनमें से कई उपभोक्ता नियमित रूप से अपने बिलों का भुगतान करते आ रहे हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ऊर्जा निगम पुराने मीटरों में खराबी का बहाना बनाकर उपभोक्ताओं पर मनमाने बिल थोप रहा है। इसके साथ ही अब विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने की भी तैयारी की जा रही है। उन्होंने बिजली बिलों में लगातार हो रही इस भारी बढ़ोतरी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।1
- नैनीताल के मल्लीताल में बिड़ला रोड पर ओल्ड ग्रोव पार्किंग के समीप मंगलवार को एक बड़ा हादसा टल गया। यहाँ सड़क के ऊपरी हिस्से में स्थित घास और पेड़ों वाले एक मैदान में चर रहा बैल अचानक संतुलन बिगड़ने से अनियंत्रित होकर सीधे मुख्य सड़क पर आ गिरा। इस भीषण हादसे में बैल के सींग टूट गए और पैर में गंभीर फ्रैक्चर होने के कारण वह दोपहर ढाई बजे से वहीं तड़पता रहा। स्थानीय निवासियों की सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ता तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। सदस्य मनोज कुमार ने बताया कि बेजुबान की गंभीर हालत को देखते हुए स्थानीय लोगों की मदद से क्रेन या अन्य माध्यमों से उसका रेस्क्यू किया गया। प्राथमिक उपचार देने के बाद टीम उसे उन्नत इलाज के लिए तत्काल पंतनगर लेकर रवाना हुई। क्षेत्र के लोगों ने बेजुबान की जान बचाने के लिए बजरंग दल के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया है।1