कटनी जिले के बहोरीबंद क्षेत्र में किसानों और ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, कटनी कलेक्टर और बहोरीबंद के अनुविभागीय अधिकारी को 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में भीषण गर्मी, बिजली संकट, पेयजल समस्या, किसानों की फसलों के नुकसान और अधूरे विकास कार्यों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि बहोरीबंद विकासखंड और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भीषण गर्मी से आमजन, किसान और मजदूर बेहद परेशान हैं, वहीं लगातार बिजली कटौती और कम वोल्टेज से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने निर्बाध और पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। किसानों ने समर्थन मूल्य पर खरीदी के बावजूद कई किसानों को भुगतान न मिलने पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र भुगतान की मांग की है। इसके अतिरिक्त, डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए मांग की गई है कि यदि कीमतें कम नहीं होतीं तो कृषि उपज का समर्थन मूल्य बढ़ाया जाए ताकि किसानों को लागत के अनुरूप लाभ मिल सके। बहोरीबंद विकासखंड के पटीराजा, मसंधा और छपरी सहित अन्य गांवों में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे और फसल बीमा योजना के लाभ की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने रूपनाथ-बम्होरी-हथियागढ़ मार्ग पर बीएसएनएल लाइन बिछाने के लिए खोदी गई नालियों को महीनों से खुला छोड़ने पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने सड़क मरम्मत और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। नल-जल योजना के अधूरे कार्यों को लेकर भी गुस्सा जाहिर किया गया है, आरोप है कि ठेकेदार पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदकर काम अधूरा छोड़ गए हैं, जिससे परेशानी हो रही है। ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। किसानों ने मूंग और उड़द की फसलों को अत्यधिक गर्मी से नुकसान की आशंका जताते हुए सिंचाई के लिए कम से कम 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है। आगामी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त खाद और कृषि सामग्री समय पर उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है। भीषण गर्मी और जल संकट के कारण पशु-पक्षियों और ग्रामीणों के सामने उत्पन्न पेयजल संकट का जिक्र करते हुए, ज्ञापन में तालाबों और भूता टैंक का पानी सोहार नदी में छोड़ने और जरूरतमंद गांवों में टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। क्षेत्र में मंडी, कोर्ट, रजिस्ट्रार कार्यालय और नगर परिषद कार्यालय शुरू करने की भी प्रमुख मांग है ताकि लोगों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिल सकें। ज्ञापन के अंत में चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो किसान, मजदूर और आमजन आंदोलन और सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
कटनी जिले के बहोरीबंद क्षेत्र में किसानों और ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, कटनी कलेक्टर और बहोरीबंद के अनुविभागीय अधिकारी को 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में भीषण गर्मी, बिजली संकट, पेयजल समस्या, किसानों की फसलों के नुकसान और अधूरे विकास कार्यों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि बहोरीबंद विकासखंड और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भीषण गर्मी से आमजन, किसान और मजदूर बेहद परेशान हैं, वहीं लगातार बिजली कटौती और कम वोल्टेज से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने निर्बाध और पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। किसानों ने समर्थन मूल्य पर खरीदी
के बावजूद कई किसानों को भुगतान न मिलने पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र भुगतान की मांग की है। इसके अतिरिक्त, डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए मांग की गई है कि यदि कीमतें कम नहीं होतीं तो कृषि उपज का समर्थन मूल्य बढ़ाया जाए ताकि किसानों को लागत के अनुरूप लाभ मिल सके। बहोरीबंद विकासखंड के पटीराजा, मसंधा और छपरी सहित अन्य गांवों में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे और फसल बीमा योजना के लाभ की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने रूपनाथ-बम्होरी-हथियागढ़ मार्ग पर बीएसएनएल लाइन बिछाने के लिए खोदी गई नालियों को महीनों से खुला छोड़ने पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिससे
आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने सड़क मरम्मत और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। नल-जल योजना के अधूरे कार्यों को लेकर भी गुस्सा जाहिर किया गया है, आरोप है कि ठेकेदार पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदकर काम अधूरा छोड़ गए हैं, जिससे परेशानी हो रही है। ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। किसानों ने मूंग और उड़द की फसलों को अत्यधिक गर्मी से नुकसान की आशंका जताते हुए सिंचाई के लिए कम से कम 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है। आगामी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त खाद और कृषि सामग्री समय पर उपलब्ध कराने की भी मांग
की गई है। भीषण गर्मी और जल संकट के कारण पशु-पक्षियों और ग्रामीणों के सामने उत्पन्न पेयजल संकट का जिक्र करते हुए, ज्ञापन में तालाबों और भूता टैंक का पानी सोहार नदी में छोड़ने और जरूरतमंद गांवों में टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। क्षेत्र में मंडी, कोर्ट, रजिस्ट्रार कार्यालय और नगर परिषद कार्यालय शुरू करने की भी प्रमुख मांग है ताकि लोगों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिल सकें। ज्ञापन के अंत में चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो किसान, मजदूर और आमजन आंदोलन और सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
- वन्देभारत न्यूज़ चैनल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जबलपुर के पनागर में शादी समारोह से लौट रहे युवकों पर हमला हुआ है। इस घटना में हमलावरों द्वारा युवकों को गंभीर चोटें आई हैं।1
- पश्चिम बंगाल में 'कानून का राज' स्थापित होने के बाद, हजारों बांग्लादेशी नागरिक अपने देश वापस लौटने का प्रयास कर रहे हैं। सामने आए एक वीडियो में इन लोगों ने स्पष्ट रूप से खुद को बांग्लादेशी नागरिक बताया और बांग्लादेश लौटने की इच्छा व्यक्त की। उनका कहना है कि जब से 'यह (भाजपा) सरकार' सत्ता में आई है, उनके जैसे गरीब लोगों के साथ बुरा बर्ताव किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास वोटर कार्ड थे, लेकिन चुनाव आयोग (EC) ने 'SIR' के दौरान उन्हें रद्द कर दिया। इस घटनाक्रम को लेकर, पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेसी और फर्जी सेकुलर लोग पिछले महीनों से 'SIR' के विरोध में हजारों कुतर्क दे रहे थे। विशेष रूप से, एक 'अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिया', राहुल गांधी और ममता बनर्जी पर इन्हीं बांग्लादेशी नागरिकों के लिए 'SIR' का विरोध करने का सीधा आरोप लगाया गया है।1
- बंगाल के मुख्य मंत्री सेबेन्दु अधिकारी कथित तौर पर जनता को यह कहते हुए पाए गए हैं कि 14 वर्ष से अधिक आयु के लोग 'अय्यु कि गये माता को खा सकते हैं', जिसके लिए उन्हें एक प्रमाण पत्र लेना होगा। यह बयान सोशल मीडिया पर सामने आया है, जहाँ इस बात पर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह जानकारी सही है। इस संदर्भ में, सभी देशवासियों से अनुरोध किया गया है कि वे संबंधित वीडियो को देखें और सुनें, और उसके बाद इस पर अपनी राय तेजी से टिप्पणी अनुभाग में दें।2
- जबलपुर के सिहोरा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ शराब के नशे में धुत एक बेटे ने अपनी पत्नी से विवाद के दौरान बीच-बचाव करने आई अपनी माँ पर टेबल फैन से हमला कर दिया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल माँ ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, यह घटना गढ़िया मोहल्ले की है। आरोपी करण कोल देर रात घर लौटा था और अपनी पत्नी से झगड़ रहा था। इसी दौरान, जब उसकी 65 वर्षीय माँ गिरानी बाई कोल बीच-बचाव करने पहुँचीं, तो बेटे ने उन पर हमला कर दिया। उसने कथित तौर पर टेबल फैन का इस्तेमाल कर माँ को गंभीर रूप से घायल किया। घायल महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल, पुलिस फरार आरोपी करण कोल की तलाश में जुटी हुई है।1
- कटनी नगर में आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदिर में जवारे विसर्जन कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिनके माता रानी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। भक्तजन ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों पर झूमते हुए नगर में आस्था का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करते नजर आए। जवारे विसर्जन यात्रा मंदिर प्रांगण से पूरे विधि-विधान के साथ शुरू हुई। इस यात्रा में महिलाएं सिर पर जवारे लेकर चल रही थीं, वहीं श्रद्धालु माता के भजन गाते हुए भक्ति में लीन दिखाई दिए। यात्रा का जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान भक्तों ने माँ विंध्यवासिनी से कटनी नगर की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम के आयोजन के दौरान मंदिर समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा, जिसमें विसर्जन स्थल पर सुरक्षा और साफ-सफाई की उचित व्यवस्था भी शामिल थी। श्रद्धालुओं का मानना था कि माँ की कृपा से यह धार्मिक आयोजन हर वर्ष और भी भव्य रूप में संपन्न होता है। जवारे विसर्जन के दौरान बच्चों, महिलाओं और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिससे पूरे आयोजन में भक्ति और आस्था का अनोखा संगम बना रहा। कार्यक्रम के समापन पर महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया।1
- दमोह जिले की हटा पुलिस ने विभिन्न प्रकरणों में लंबे समय से फरार चल रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। बुधवार को हटा टीआई सुधीर कुमार बेगी ने एक पत्रकार वार्ता में इन गिरफ्तारियों और संबंधित मामलों का खुलासा किया, जिनमें बैंक में कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लोन लेने, ट्रक चोरी और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पहला मामला 10 अक्टूबर 2023 को फरियादी गणेश पिता मान सिंह यादव (52) निवासी ग्राम रसुईया, थाना कुम्हारी, द्वारा दिए गए आवेदन से संबंधित है। आवेदन में उल्लेख था कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी करीब 5.30 हेक्टेयर कृषि भूमि पर 9 सितंबर 2019 को यूनियन बैंक हटा से ₹5.30 लाख का लोन लिया और 16 दिसंबर 2020 को उसे चुकता भी कर दिया। फरियादी को यह तब पता चला जब उसने लोक सेवा केंद्र पटेरा से भूमि के खसरा बीमा की सत्यापित प्रति निकलवाई। मामले की विवेचना में आरोपी अमर सिंह लोधी, अरविंद सिंह लोधी, भानू सिंह और कमलेश सिंह के विरुद्ध धोखाधड़ी, बेईमानी और कपटपूर्वक फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोन प्राप्त करने का अपराध सिद्ध पाया गया। पुलिस ने आरोपी अमर सिंह को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया और रिमांड पर लिया है; मामले की विवेचना अभी जारी है। दूसरा प्रकरण 11 मार्च 2025 को फरियादी संतोष पटेरिया निवासी गड़ोली, थाना रहली, जिला सागर, द्वारा प्रस्तुत आवेदन से जुड़ा है। फरियादी ने बताया कि मोनी उर्फ मोंटी (निवासी भोपाल), गुड्डू खान (निवासी जबलपुर) और बाबू खान (निवासी हटा) ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसके नाम पर दर्ज 14 चक्का ट्रक को बेईमानी पूर्वक अपने नाम करवा लिया और ₹14 लाख की धोखाधड़ी की। साथ ही, फरियादी का ट्रक भी गायब कर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने मोनू उर्फ शहबाज खान (निवासी भोपाल) को गिरफ्तार किया है। तीसरा प्रकरण हत्या के प्रयास से संबंधित है, जिसकी रिपोर्ट 20 जनवरी 2026 को मड़ियादो निवासी सजल अग्रवाल (21) ने दर्ज कराई थी। सजल ने आरोप लगाया था कि आरोपी राम ड्राइवर, रामस्वरूप कंडेक्टर, छोटू गोस्वामी, अवधेश गोस्वामी और शिवम ने यात्री बस मालिक को जान से मारने की नियत से मारपीट कर गंभीर चोटें पहुंचाई थीं। इस मामले में एक आरोपी अवधेश गोस्वामी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया जा चुका है। हटा पुलिस इन सभी पंजीकृत अपराधों में शेष फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। इस पूरी कार्रवाई में थाने से एएसआई अरविंद राय, प्रधान आरक्षक महेंद्र बाबू, अनिल गौतम और आरक्षक पवन पटेल की अहम भूमिका रही।1
- जबलपुर के चंडाल भाटा क्षेत्र में स्थित एक नाले की पिछले 8 से 10 महीनों से कोई सफाई नहीं की गई है। यह विशेष नाला एक ढाबे के सामने और एक गौशाला के पास पड़ता है।1
- कटनी जिले की स्लीमनाबाद तहसील अंतर्गत ग्राम पहरुआ में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 65 लाख रुपए बाजार मूल्य की शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर तहसीलदार आकाशदीप नामदेव के नेतृत्व में राजस्व अमले ने जेसीबी मशीनों का उपयोग कर अवैध कब्जों को जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई से रसूखदारों की दबंगई भी नहीं चल पाई। प्रशासनिक जांच में सामने आया कि अतिक्रमणकारियों ने करीब 25 एकड़ शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर खेती और व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी थीं। कार्रवाई के दौरान, प्रशासन ने अवैध रूप से बनी तीन दुकानों को भी ध्वस्त कर दिया, जिनमें से दो दुकानें 8×10 फीट की और एक दुकान 25×10 फीट की थी। जेसीबी की गर्जना के बीच कुछ ही घंटों में पूरा अतिक्रमण नेस्तनाबूद कर दिया गया। प्रशासन के अनुसार, शासकीय भूमि के विभिन्न खसरों पर शंकरपुरी, जगत पटेल, बाबूलाल, यदुनंदन, दामोदर, लक्ष्मण, अरविंद पटेल, प्रदीप, सुरेंद्र, निर्भय सिंह, प्रमोद सिंह, रामकुमार, ब्रजकिशोर, राममिलन बर्मन, मर्रो बाई, प्रकाशपुरी, प्रतापपुरी, मैकू, संदीप, विजय बर्मन और गोविंद जैसे लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा था। तहसीलदार आकाशदीप नामदेव ने स्पष्ट किया कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिलेभर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इस बुलडोजर कार्रवाई के कारण सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों में हड़कंप मच गया है, और यह पहरुआ में चर्चा का विषय बनी हुई है।1