सरायकेला स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय के प्रांगण में 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के शुभ अवसर पर एक भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित करना था। यह कोई प्रतियोगिता न होकर, योग दिवस के उपलक्ष्य में सभी को एक साथ आकर सामूहिक रूप से योग करने का एक प्रेरणादायी प्रयास था। इस आयोजन में विद्यालय के समस्त आचार्यगण, दीदीजीगण, समिति सदस्य, अभिभावकगण, पूर्व छात्र, सेवक-सेविकाएँ और भैया-बहनें सभी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। योगाभ्यास के दौरान विभिन्न योगासनों और प्राणायामों का अभ्यास कराया गया, जिनमें प्रमुख रूप से ताड़ासन, वीरभद्रासन, अर्धचक्रासन, प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम और कपालभाति शामिल थे। इसके अतिरिक्त, हँसी योग का भी अभ्यास कराया गया, जिससे सभी प्रतिभागियों में उत्साह और आनंद का वातावरण निर्मित हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री पार्थ सारथी जी ने योग के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी और प्रत्येक योगासन के लाभ बताए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक है, और सभी को इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। यह पूरा कार्यक्रम विद्यालय के कोषाध्यक्ष श्री प्रसाद महतो जी, दीदीजी सुश्री श्रेया सिन्हा एवं सुश्री रोज सत्पथी के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित सभी भैया-बहनों, आचार्यगण, दीदीजीगण और अन्य अतिथियों के बीच गुड़ एवं चना का वितरण किया गया। इस प्रकार, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने एकजुट होकर योग, स्वास्थ्य और भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को एक बार फिर से सुदृढ़ किया।
सरायकेला स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय के प्रांगण में 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के शुभ अवसर पर एक भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित करना था। यह कोई प्रतियोगिता न होकर, योग दिवस के उपलक्ष्य में सभी को एक साथ आकर सामूहिक रूप से योग
करने का एक प्रेरणादायी प्रयास था। इस आयोजन में विद्यालय के समस्त आचार्यगण, दीदीजीगण, समिति सदस्य, अभिभावकगण, पूर्व छात्र, सेवक-सेविकाएँ और भैया-बहनें सभी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। योगाभ्यास के दौरान विभिन्न योगासनों और प्राणायामों का अभ्यास कराया गया, जिनमें प्रमुख रूप से ताड़ासन, वीरभद्रासन, अर्धचक्रासन, प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम और कपालभाति शामिल थे। इसके अतिरिक्त, हँसी योग का भी अभ्यास कराया गया, जिससे सभी प्रतिभागियों में उत्साह और आनंद का वातावरण निर्मित
हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री पार्थ सारथी जी ने योग के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी और प्रत्येक योगासन के लाभ बताए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक है, और सभी को इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। यह पूरा कार्यक्रम विद्यालय के कोषाध्यक्ष श्री प्रसाद महतो
जी, दीदीजी सुश्री श्रेया सिन्हा एवं सुश्री रोज सत्पथी के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित सभी भैया-बहनों, आचार्यगण, दीदीजीगण और अन्य अतिथियों के बीच गुड़ एवं चना का वितरण किया गया। इस प्रकार, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने एकजुट होकर योग, स्वास्थ्य और भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को एक बार फिर से सुदृढ़ किया।
- टाटा कॉलेज सभागार में जन वितरण प्रणाली समूहों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहाँ मंत्री दीपक बिरूवा ने कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर मंत्री, सांसद और विधायकों ने जनवितरण प्रणाली, मलेरिया उन्मूलन और नशा मुक्ति अभियान के चार जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसी के साथ, टीबी मरीजों के बीच फूड बास्केट का वितरण भी किया गया। अपने संबोधन में मंत्री दीपक बिरूवा ने इस बात पर जोर दिया कि देश की आजादी के बाद से लेकर आज तक सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुँचाने में जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य दिनों से लेकर आपात स्थितियों तक, राशन डीलरों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है, क्योंकि उनके पास अपने क्षेत्र के सभी लोगों का विस्तृत आंकड़ा डेटा उपलब्ध होता है। मंत्री ने झारखंड में चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि चाईबासा विधानसभा क्षेत्र में करीब 52,000 लोगों के नाम मतदाता सूची से कटने की स्थिति में हैं, और मझगाँव विधानसभा क्षेत्र में भी ऐसी ही स्थिति है। इसके परिणामस्वरूप, पूरे जिले में बड़ी संख्या में लोगों के नाम काटे जा सकते हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए, मंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि इस कार्य में राशन डीलरों की भी मदद ली जाए, ताकि किसी भी सही व्यक्ति का नाम गलती से कटने न पाए।2
- गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ क्वार्टर में दवाइयों को छिपाकर रखे जाने की खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामले के सार्वजनिक होने के बाद, सोमवार को स्टाफ क्वार्टर में रखी इन दवाइयों को हटाने और ठिकाने लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र की दवाइयों को निर्धारित भंडारण व्यवस्था के बजाय स्टाफ क्वार्टर में रखा गया था। यह खबर प्रसारित होने के बाद विभागीय अधिकारियों की सक्रियता बढ़ी और उन्होंने दवाइयों को वहां से हटाने का काम शुरू किया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दवाइयों को क्वार्टर में क्यों रखा गया था और उनमें से कितनी दवाइयां उपयोग योग्य थीं। मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि यह पता चल सके कि दवाइयों के भंडारण में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। इस बीच, क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- विश्व योग दिवस के अवसर पर, सरायकेला खरसावाँ जिले के चौका स्थित हाईस्कूल मैदान में एक महत्वपूर्ण आयोजन हुआ, जिसे 'मानवता का महायज्ञ' बताया गया। श्री शनिदेव भक्त मंडली ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस रक्तदान शिविर में कुल 92 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया। इस पुनीत कार्य में युवाओं, महिलाओं और समाजसेवियों ने अत्यंत उत्साह के साथ भाग लिया, जिसके माध्यम से उन्होंने मानव सेवा और जनकल्याण का एक प्रेरणादायी संदेश दिया, जो जीवन रक्षा के महत्व पर ज़ोर देता है।1
- सिल्ली के सिल्ली स्टेडियम परिसर में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पतंजलि योग परिवार एवं मेडिटेशन एंड योगा ग्रुप सिल्ली के तत्वावधान में रविवार को एक भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह 6 बजे से 8 बजे तक चले इस कार्यक्रम में बुजुर्गों, युवाओं और स्कूली बच्चों सहित सभी आयु वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और ॐ के सामूहिक उच्चारण के साथ हुआ, जिसके बाद ग्रीवा चालन, ताड़ासन, वृक्षासन और पद्मासन जैसे विभिन्न आसनों का अभ्यास किया गया। कार्यक्रम का समापन कपालभाति, भ्रामरी प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, शीतली प्राणायाम और ध्यान के साथ शांति पाठ से हुआ। इस आयोजन में भारत स्वाभिमान एवं पतंजलि योग समिति झारखंड के सह राज्य प्रभारी अमित कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ पतंजलि रांची जिला युवा समिति संरक्षक सुशोभन लाहा, जिप उपाध्यक्ष वीणा चौधरी, सिल्ली प्रमुख जितेन्द्र बड़ाइक, भाजपा रांची जिलाध्यक्ष विनय महतो धीरज, डीएवी स्कूल की प्राचार्या बी शरण, अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी कोच प्रकाश राम, शिशिर महतो, एशियन गेम्स सिल्वर मेडलिस्ट तीरंदाज मधुमिता कुमारी, रांची जिला पतंजलि किसान सेवा समिति के कृष्ण कुमार महतो, डॉ विवेक कुमार और डॉ प्रकाश महतो समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में बुजुर्गों ने ढलती उम्र में भी योग के प्रति अपनी गहरी रुचि प्रदर्शित की, वहीं स्कूल के बच्चों और आर्चरी के प्रशिक्षुओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। पतंजलि योग समिति झारखंड के सह राज्य प्रभारी अमित कुमार ने इस अवसर पर कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक कला है, जिससे नियमित अभ्यास द्वारा तन और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। उन्होंने युवाओं से नशामुक्ति और एक सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में हिण्डाल्को सीएसआर विभाग की ओर से सभी प्रतिभागियों के बीच नाश्ते के पैकेट वितरित किए गए।1
- सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र के थाना चौक पर लावारिस पशुओं के जमावड़े के कारण मुख्य सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन गई। शुरू ऐप न्यूज़ चैनल से रवि गुप्ता की रिपोर्ट के अनुसार, 20 से 25 की संख्या में पशु इस क्षेत्र में देखे गए, जिससे आने-जाने वाले लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, नगर पंचायत प्रशासन और जिला प्रशासन से निवेदन किया गया है कि ऐसे पशु मालिकों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। यह मांग इसलिए की गई है क्योंकि कई लोग पशुओं को पालते हैं, उनसे दूध निकालते हैं, और फिर जानवरों को सड़कों पर घूमने के लिए छोड़ देते हैं। ऐसे पशु मालिकों पर सख्त कार्रवाई होने से पशुओं की जान-माल के नुकसान को बचाया जा सकेगा।1