Shuru
Apke Nagar Ki App…
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बामनवास में जांच रिपोर्ट मिलने में हो रही देरी से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीज शिकायत कर रहे हैं कि सुबह 8 बजे से जांच के लिए आने के बावजूद, उन्हें दोपहर तक भी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो पाती। इस देरी का मुख्य कारण सॉफ्टवेयर और इंटरनेट संबंधी तकनीकी बाधाएँ बताई जा रही हैं, साथ ही अप्रूवल प्रक्रिया भी इसमें योगदान दे रही है। रिपोर्ट की जानकारी मांगने पर ऑपरेटरों द्वारा यह बताया जाता है कि इसका अप्रूवल सवाई माधोपुर से लंबित है। डिजिटल लैब व्यवस्था होने के बावजूद भी मरीजों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं और इस व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। वर्तमान में, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की लैब का संचालन सवाई माधोपुर के कृष्णा डायग्नोस्टिक सेंटर के अनुबंध के तहत किया जा रहा है।
Sudeep Kumar Gaur
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बामनवास में जांच रिपोर्ट मिलने में हो रही देरी से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीज शिकायत कर रहे हैं कि सुबह 8 बजे से जांच के लिए आने के बावजूद, उन्हें दोपहर तक भी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो पाती। इस देरी का मुख्य कारण सॉफ्टवेयर और इंटरनेट संबंधी तकनीकी बाधाएँ बताई जा रही हैं, साथ ही अप्रूवल प्रक्रिया भी इसमें योगदान दे रही है। रिपोर्ट की जानकारी मांगने पर ऑपरेटरों द्वारा यह बताया जाता है कि इसका अप्रूवल सवाई माधोपुर से लंबित है। डिजिटल लैब व्यवस्था होने के बावजूद भी मरीजों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं और इस व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। वर्तमान में, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की लैब का संचालन सवाई माधोपुर के कृष्णा डायग्नोस्टिक सेंटर के अनुबंध के तहत किया जा रहा है।
More news from Sawai Madhopur and nearby areas
- गंगापुर सिटी में दिगंबर जैन सोशल ग्रुप ने एक अनूठी पहल करते हुए अपना जन्मदिन मनाया है। इस अवसर पर, ग्रुप के सदस्यों ने रेल यात्रियों को जल सेवा प्रदान की, जिसके ज़रिए उन्होंने एक विशेष तरीके से अपने जन्मदिन का जश्न मनाया।1
- रामगढ़ पचवारा थाना क्षेत्र के रामनगर रेवड़ी गांव में एक कुएं में गिरने से गेन्दी देवी (32) की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतका के भाई श्योनाथ मीणा ने गेन्दी देवी के पति, सास-ससुर और अन्य परिजनों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और हत्या का मामला दर्ज कराया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि घरेलू विवाद के बाद महिला को कुएं में धक्का दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, और मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।2
- लालसोट के लांबा पाड़ा स्थित प्राचीन गरीबों के गिरधारी महाराज मंदिर में पुरुषोत्तम मास की पंचमी तिथि और गुरुवार के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही भक्तों ने मंदिर पहुंचकर ठाकुरजी के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। यह मंदिर लगभग 1100 वर्ष प्राचीन बताया जाता है और ऐसी मान्यता है कि यहां विराजमान गरीबों के गिरधारी महाराज अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। श्रद्धालुओं का गहरा विश्वास है कि जो भी भक्त सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ महाराज के श्रीचरणों में अपनी हाजिरी लगाता है, वह कभी निराश होकर वापस नहीं लौटता। गुरुवार को मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का विशेष वातावरण रहा। दर्शन-पूजन के लिए दिनभर भक्तों का लगातार आवागमन बना रहा, जहां श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारों के साथ धर्मलाभ प्राप्त किया।1
- राजस्थान पुलिस का गौरवशाली ध्येय वाक्य 'आम जन में विश्वास, अपराधियों में भय' गंगापुर सिटी के वजीरपुर उपखंड में उस समय तार-तार हो गया, जब कानून के रखवाले ही अपराधियों की तर्ज पर बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर सरेराह घूमते हुए आम जनता पर खाकी का धौंस जमाते कैमरे में कैद हुए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसने पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, वजीरपुर थाने में तैनात एएसआई प्रहलाद जी और उनके साथी पुलिसकर्मी बिना हेलमेट और बिना नंबर प्लेट की 'हीरो स्प्लेंडर' बाइक पर सवार होकर निकले थे। उन्होंने सड़क पर नियमों का पालन कर रहे स्कूटी चालक आसिफ खान को जबरन रोका और अपनी बाइक उसके आगे अड़ा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिसकर्मियों का रवैया बेहद आक्रामक और तानाशाही पूर्ण था। जब आसिफ ने बिना नंबर की गाड़ी और बिना हेलमेट चलने का कारण पूछा, तो वर्दीधारी भड़क गए और वर्दी का रौब दिखाते हुए बदतमीजी पर उतारू हो गए, यहाँ तक कि पीड़ित द्वारा वीडियो बनाने पर उन्होंने उसका मोबाइल भी छीनने का प्रयास किया। इस पूरी घटना के दौरान आसिफ की स्कूटी पर दो मासूम बच्चे भी सवार थे, जो पुलिसकर्मियों की दबंगई और चिल्लाहट देखकर बुरी तरह सहम गए। इस शर्मनाक पहलू ने सवाल खड़े किए हैं कि बच्चों के बाल-मन पर इस घटना का क्या असर हुआ होगा। समाचार प्रशासन ने सीधे तौर पर पुलिस विभाग से सवाल किया है कि बिना नंबर प्लेट के वाहनों का इस्तेमाल अक्सर शातिर अपराधी करते हैं, तो वजीरपुर के इन पुलिसकर्मियों को किस श्रेणी में रखा जाए? यह भी पूछा गया है कि जब कोई आम नागरिक बिना नंबर की गाड़ी या हेलमेट के पकड़ा जाता है तो उस पर भारी चालान और कार्रवाई होती है, तो इन वर्दीधारियों पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या देश के नियम-कायदे सिर्फ आम जनता के लिए हैं और खाकी वर्दी पहनते ही व्यक्ति कानून से ऊपर हो जाता है? यह सनसनीखेज मामला अब पुलिस के उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया है और लिखित रूप से पुलिस अधीक्षक (SP) के संज्ञान में भी ला दिया गया है। वजीरपुर से लेकर गंगापुर सिटी और सवाई माधोपुर तक की जनता में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और वे सोशल मीडिया पर पुलिस प्रशासन को घेर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि आला अधिकारी अपनी साख बचाने के लिए इन 'नियम-भंजक' पुलिसकर्मियों पर कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई करते हैं या इस शर्मनाक मामले को दबाने का प्रयास किया जाएगा। वरिष्ठ संवाददाता राम सिंह इस मामले की पल-पल की अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं।1
- दौसा गौ सेवा संस्थान के अध्यक्ष विजय प्रजापत और उनकी टीम ने भांडारेज के पास महाराजपुर गांव में एक नंदी को कुएं से सुरक्षित बाहर निकालकर गौ सेवा का एक बड़ा उदाहरण पेश किया है। संस्था के इस कार्य की व्यापक सराहना की जा रही है। गौ सेवा सदन के लोग दौसा जिले में लगातार सक्रिय रहते हैं और जहां कहीं भी कोई गाय बीमार या वाहन से टकराकर घायल हो जाती है, वे तुरंत मौके पर पहुंचकर उसका इलाज करते हैं। यदि चोट ज्यादा गंभीर हो तो उसे गौशाला लाकर उसकी नियमित देखभाल की जाती है। संस्था के उपाध्यक्ष जगदीश महावर और कोषाध्यक्ष नरसी सैनी ने भी गांव वालों की मदद से कई गायों और नंदियों का उपचार करने के बाद उन्हें गौशाला में शामिल किया है। दौसा जिले में गौ सेवा संस्थान के लोग हर जगह पहुंचकर अपनी निस्वार्थ सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।1
- दौसा जिले की पंचायत समिति मंडावर के ग्राम पंचायत बावड़ीखेड़ा में बुधवार को एक रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल में जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने ग्रामीणों की जनसमस्याएं सुनीं। बताया गया कि यह चौपाल ग्रामीणों के लिए संवाद और समस्या समाधान का एक प्रभावी मंच साबित हुई।1
- गंगापुर सिटी की संजय कॉलोनी के वार्ड नंबर 24 में बुधवार सुबह एक मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। इस घटना में कमरे में रखा हजारों रुपये का घरेलू सामान और लगभग ₹6,000 की नकदी जलकर पूरी तरह राख हो गई। हालांकि, समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे परिवार ने राहत की साँस ली। जानकारी के अनुसार, संजय कॉलोनी निवासी 68 वर्षीय किशोरी लाल बेरवा पुत्र रेबड़ा के मकान की दूसरी मंजिल के कमरे में सुबह करीब 9:30 बजे अचानक आग लग गई। आग लगने के समय परिवार के सभी सदस्य मकान के निचले हिस्से में मौजूद थे। इसी दौरान पड़ोसियों ने कमरे से धुआं निकलते देखा और तुरंत परिवार को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और आसपास के लोग मौके पर पहुँचे। जब कमरे का दरवाजा खोला गया, तो आग की तेज लपटें उठती दिखाई दीं। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने तक कमरे में रखा कूलर, पंखा, खाट, बक्सा, कपड़े सहित घरेलू उपयोग का अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो चुका था। पीड़ित परिवार के अनुसार, इस घटना में उन्हें हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। किशोरी लाल बेरवा ने बताया कि आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को ही इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि धुएं पर समय रहते नज़र नहीं पड़ती, तो आग पूरे मकान में फैल सकती थी और स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय तक दहशत का माहौल बना रहा।1
- जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने बुधवार को पंचायत समिति मंडावर की ग्राम पंचायत बावड़ीखेड़ा में आयोजित रात्रि चौपाल में ग्रामीणों की जनसमस्याएं सुनीं। यह चौपाल ग्रामीणों के लिए संवाद और समस्या समाधान का एक प्रभावी मंच बन गई है।1
- हिंडौन-नादौती थाना क्षेत्र के एक गाँव में 5 वर्षीय मासूम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद परिजनों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। घटना को लगभग 36 घंटे बीत जाने के बाद भी मासूम का शव हिंडौन के राजकीय जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखा हुआ है। परिजन सदमे में हैं और रो-रोकर उनका बुरा हाल है, वे प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि बच्चे की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे उपचार के लिए ले जाया गया था, लेकिन इलाज में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके परिणामस्वरूप उसकी मौत हो गई। इस मामले को लेकर परिजनों ने नादौती थाने में शिकायत दर्ज कराई है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पुलिस द्वारा फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित परिवार ने बुधवार दोपहर 2:00 बजे स्पष्ट कर दिया कि जब तक मामले में नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिजनों की मुख्य मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। इस दौरान समाज के प्रवक्ता रिंकू खेड़ी हैवत, तहसील अध्यक्ष बबलू चौरसिया, सतवीर सुमन, कमल मेहमदपुरिया सहित सैकड़ों ग्रामीण अस्पताल परिसर में मौजूद रहे, परिजनों के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित कर रहे हैं।1