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जलालाबाद में आधुनिक सौंदर्य सेवाओं का विश्वसनीय केंद्र बना ‘राधे ब्राइडल एवं कॉस्मेटिक स्टूडियो’
पंकज यादव
जलालाबाद में आधुनिक सौंदर्य सेवाओं का विश्वसनीय केंद्र बना ‘राधे ब्राइडल एवं कॉस्मेटिक स्टूडियो’
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- उत्तर प्रदेश के जनपद शाहजहांपुर की सदर तहसील क्षेत्र अंतर्गत खाई खेड़ा चौराहा इन दिनों बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है, जिसे देखकर यही सवाल उठता है कि क्या विकास सिर्फ कागजों और फाइलों तक ही सीमित रह गया है? करोड़ों रुपये की लागत से चमकाने का दावा करने वाले विभाग आज इस चौराहे की दुर्दशा पर आंखें मूंदे बैठे हैं। शाम ढलते ही यहां ऐसा अंधेरा छा जाता है मानो बिजली व्यवस्था ने भी इस इलाके से किनारा कर लिया हो।1
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- ब्राह्मणवाद पर खुलकर बोले मिथिलेश तिवारी विधायक आप भी सुने1
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- जनपद शाहजहांपुर न्यायाधीश गन्ना शोध परिषद में कार्यक्रम में फीता काटकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया1
- शाहजहांपुर।आज शाहजहाँपुर में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के आगमन पर युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष राम जी अवस्थी ने उनका पुष्प गुच्छ और भगवान परशुराम जी का प्रतीकात्मक फरसा देकर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर अजय राय ने युवा कांग्रेस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवा कांग्रेस द्वारा भगवान परशुराम जी का फरसा देकर स्वागत करना न केवल सांस्कृतिक सम्मान है, बल्कि पार्टी को जिले में नई धार और ऊर्जा प्रदान करने का प्रतीकात्मक संदेश भी है।1
- डिक्की पब्लिक जूनियर हाई स्कूल में धूमधाम से मनाया गया 40वां स्थापना दिवस ‘माणिक जयंती’ खुदागंज क्षेत्र स्थित डिक्की पब्लिक जूनियर हाई स्कूल में 40वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में ‘माणिक जयंती’ के रूप में मनाया गया। विद्यालय परिसर को आकर्षक सजावट से सजाया गया था और कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने रंगारंग प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।1
- जलालाबाद कस्बे की सड़कों पर हर दिन की तरह स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों की चहल-पहल दिखाई दे रही थी। मासूम चेहरे, कंधों पर टंगे भारी बस्ते और घर पहुंचने की जल्दी—सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन इसी सामान्य दृश्य के पीछे एक ऐसी लापरवाही छिपी थी, जो किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। छुट्टी के बाद बच्चों को घर छोड़ने जा रही एक इको गाड़ी में क्षमता से कहीं अधिक छात्र-छात्राओं को ठूंस-ठूंसकर बैठाया गया था। देखने वालों को यह दृश्य किसी स्कूल वाहन से अधिक भूसे से भरी गाड़ी जैसा प्रतीत हो रहा था।1