सीकर-पाटन क्षेत्र की ग्राम पंचायत दलपतपुरा में किसानों के कृषि कुओं पर लगातार हो रही कॉपर केबल चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों और किसानों में गहरा रोष व्याप्त है। इन वारदातों के संबंध में ग्राम पंचायत दलपतपुरा के सरपंच/प्रशासक बलराम गुर्जर ने पुलिस अधीक्षक सीकर को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने चोरी की वारदातों का खुलासा करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि बीती रात अज्ञात चोरों ने ग्राम पंचायत क्षेत्र के कई कृषि कुओं पर हमला कर ट्यूबवेलों से कॉपर केबल चुरा ली। इस घटना से किसानों को न केवल आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है, बल्कि उनके खेती-किसानी के कार्य भी प्रभावित हुए हैं। सरपंच ने यह भी उल्लेख किया कि इससे पहले भी क्षेत्र में कई बार किसानों की ट्यूबवेलों से केबल चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं हो पाया है, जिसके कारण किसानों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने जानकारी दी है कि दलपतपुरा, सीकर जिले का एक सीमावर्ती गांव है जिसकी सीमा हरियाणा से लगती है। उनका कहना है कि इन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस चौकी स्थापित करने की तत्काल आवश्यकता है। ज्ञापन में मांग की गई है कि वर्तमान चोरी की वारदातों की गंभीरता से जांच कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, चोरी हुआ माल बरामद किया जाए और पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं का भी पर्दाफाश कर किसानों को राहत प्रदान की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।
सीकर-पाटन क्षेत्र की ग्राम पंचायत दलपतपुरा में किसानों के कृषि कुओं पर लगातार हो रही कॉपर केबल चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों और किसानों में गहरा रोष व्याप्त है। इन वारदातों के संबंध में ग्राम पंचायत दलपतपुरा के सरपंच/प्रशासक बलराम गुर्जर ने पुलिस अधीक्षक सीकर को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने चोरी की वारदातों का खुलासा करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि बीती रात अज्ञात चोरों ने ग्राम पंचायत क्षेत्र के कई कृषि कुओं पर हमला कर ट्यूबवेलों से कॉपर केबल चुरा ली। इस घटना से किसानों को न केवल आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है, बल्कि उनके खेती-किसानी के कार्य भी प्रभावित हुए हैं। सरपंच ने यह भी उल्लेख किया कि इससे पहले भी क्षेत्र में कई बार किसानों की ट्यूबवेलों से केबल चोरी की घटनाएं हो चुकी
हैं, लेकिन अब तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं हो पाया है, जिसके कारण किसानों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने जानकारी दी है कि दलपतपुरा, सीकर जिले का एक सीमावर्ती गांव है जिसकी सीमा हरियाणा से लगती है। उनका कहना है कि इन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस चौकी स्थापित करने की तत्काल आवश्यकता है। ज्ञापन में मांग की गई है कि वर्तमान चोरी की वारदातों की गंभीरता से जांच कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, चोरी हुआ माल बरामद किया जाए और पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं का भी पर्दाफाश कर किसानों को राहत प्रदान की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर होंगे।
- राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के आसींद में एक 110 फीट गहरा कुआं ढह गया है। इस घटना से किसानों को लाखों रुपये का भारी नुकसान हुआ है, जिसके बाद उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।1
- भीलवाड़ा शहर के सुभाष नगर स्थित छोटी पुलिया के पास बनी पीएचईडी की पानी की टंकी की सीढ़ियां शनिवार देर रात तेज तूफान और बारिश के दौरान अचानक भरभराकर ढह गईं। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, इस हादसे ने विभागीय रखरखाव और पुरानी संरचनाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 25 वर्ष पुरानी इस पानी की टंकी की सीढ़ियां शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि लगभग 1 बजे एक तेज आवाज के साथ गिरीं। जानकारी के अनुसार, टंकी के समीप एक ट्रांसफार्मर भी लगा हुआ है, जिससे स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण हो सकती थी। इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में लोगों में दहशत का माहौल है। चम्बल पम्पिंग स्टेशन पर रात्रि ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी किशन धोबी ने रविवार दोपहर करीब 12 बजे बताया कि रात 1 बजे उन्हें जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी थी, जिसके बाद बाहर निकलकर देखने पर उन्होंने पानी की टंकी की सीढ़ियां पूरी तरह ज़मीन पर ढही हुई पाईं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह टंकी काफी पुरानी हो चुकी थी और इसकी जर्जर हालत को लेकर पहले भी चिंता जताई गई थी, लेकिन समय रहते मरम्मत और मजबूतीकरण का कार्य नहीं किया गया। लोगों ने प्रशासन और पीएचईडी विभाग से इस मामले की जांच करने, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और शहर में मौजूद अन्य जर्जर जल संरचनाओं का भी तत्काल सर्वे कराने की मांग की है।1
- भीलवाड़ा शहर में दिनभर की तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बाद शाम को मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज आंधी के साथ हुई जोरदार बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से तुरंत राहत मिली और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहाना हो गया। शाम के समय आसमान में अचानक काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। कई इलाकों में हुई तेज बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं, वहीं तेज हवा के कारण लोगों को कुछ परेशानी का सामना भी करना पड़ा। लगातार पड़ रही गर्मी से परेशान शहरवासियों ने बारिश के बाद राहत महसूस की और मौसम ठंडा होने से उनके चेहरों पर खुशी दिखाई दी। मौसम विभाग ने अगले तीन घंटे में तेज बारिश की चेतावनी भी जारी की है।2
- खंबा बदलने के लिए यह कार्य किया गया है।1
- एनएच 758 पर स्थित त्रिवेणी चौराहे से अतिक्रमण हटा दिया गया है। इस कार्रवाई के तहत अब बीगोद से लेकर लाडपुरा तक के क्षेत्र से भी अतिक्रमण हटाया जाएगा।1
- राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्राध्यापक, प्राध्यापक (कृषि) एवं कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 भीलवाड़ा जिले में रविवार से प्रारंभ हो गई है। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। जिले में कुल 20 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 14 सरकारी और 6 निजी विद्यालय शामिल हैं। रविवार को दोनों पारियों की परीक्षा में कुल 9264 अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिसमें प्रथम पारी में 6308 और द्वितीय पारी में 2956 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ देखी गई और सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजेंद्र मार्ग के प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह गहलोत ने बताया कि उनके केंद्र पर 528 अभ्यर्थी आवंटित किए गए थे। प्रथम पारी के लिए सुबह 7:30 बजे से प्रवेश शुरू हुआ और आयोग के निर्देशानुसार परीक्षा प्रारंभ होने से एक घंटा पूर्व, सुबह 9 बजे प्रवेश बंद कर दिया गया। परीक्षा केंद्र पर प्रशासन, पुलिस प्रशासन और विद्यालय स्टाफ द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। अभ्यर्थियों को वीडियोग्राफी, सघन तलाशी और सुपरवाइजर व फ्लाइंग स्क्वॉड की निगरानी के बाद ही केंद्र में प्रवेश दिया गया। RPSC की गाइडलाइन के अनुसार, अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश पत्र, एक मूल पहचान पत्र और नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य किया गया है, तथा निर्धारित दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिला। प्रथम पारी में सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान विषय की परीक्षा सुबह 10 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित की गई। वहीं, द्वितीय पारी में हिंदी विषय की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष संचालन के लिए सभी केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं और आयोग द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।1
- साड़ास क्षेत्र में आई तेज़ आंधी और तूफान ने स्थानीय लोगों में भय और दहशत का माहौल बना दिया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई मकानों के चदर (छत) उड़ने की खबरें मिली हैं, जिससे लोगों को काफी नुकसान हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी निवासियों से अपील की गई है कि वे अपने घरों में रहें और सुरक्षित स्थान पर रहकर सावधानी बरतें।1