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बंगाल में एक घटना सामने आई है जिसे 'अंडा कांड' के नाम से जाना जा रहा है, जहाँ अभिषेक पर हमला किया गया। इस पूरे मामले में ममता की प्रतिक्रिया ने खूब सुर्खियाँ बटोरी हैं।
BHARAT TODAY NEWS
बंगाल में एक घटना सामने आई है जिसे 'अंडा कांड' के नाम से जाना जा रहा है, जहाँ अभिषेक पर हमला किया गया। इस पूरे मामले में ममता की प्रतिक्रिया ने खूब सुर्खियाँ बटोरी हैं।
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- Post by Bharatiya Jan KRANTI SENA1
- दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में बुलडोजर की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। स्थिति को देखते हुए इलाके में पुलिस बल भारी संख्या में तैनात है और सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।1
- अखिल भारत हिन्दू महासभा ने पूरे देश में एक समान वैदिक शिक्षा नीति लागू करने के साथ ही इस्लामिक और ईसाई मिशनरियों द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों को तत्काल बंद करने की मांग की है। राष्ट्रीय प्रवक्ता बी. एन. तिवारी द्वारा जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने भारतीय शिक्षा नीति में व्यापक बदलाव की ये मांगें उठाई हैं। संगठन ने 15 अगस्त, 1947 के बाद की तत्कालीन शिक्षा नीति के निर्धारकों पर भारत की मूल वैदिक शिक्षा नीति को नष्ट करने के षड्यंत्र का गंभीर आरोप लगाया है। हिन्दू महासभा के अनुसार, यह शिक्षा नीति अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के नाम पर मुगल और ब्रिटिश आक्रांताओं को महिमामंडित करती है, जिससे हिन्दुओं में पराजय का बोध होता है और भारत की भावी पीढ़ी अपने सनातनी संस्कारों से दूर होकर छद्म धर्म निरपेक्षता के विष का शिकार होती है। उनका तर्क है कि इस सनातन और वैदिक शिक्षा विरोधी नीति ने भारतवासियों की मानसिकता को परिवर्तित किया है, जिससे वे विधर्मियों के धर्म परिवर्तन, लव जिहाद, भू जिहाद और अन्य षड्यंत्रों में उलझ रहे हैं। हिन्दू महासभा ने भारतीय शिक्षा नीति को वैदिक शिक्षा नीति में बदलना वर्तमान समय की सबसे बड़ी राष्ट्रीय आवश्यकता बताया है। राष्ट्रीय प्रवक्ता बी. एन. तिवारी ने बताया कि हिन्दू महासभा ने वैदिक शिक्षा और संस्कृत भाषा को पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय बनाने तथा पूरे राष्ट्र में एक समान शिक्षा नीति और एक समान पाठ्यक्रम लागू करने की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्लामिक और ईसाई मिशनरियों द्वारा संचालित शिक्षा संस्थानों को बंद करने के तत्काल निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। इसके अतिरिक्त, हिन्दू महासभा ने एक विशेष समिति गठित करने, पूरे भारत में बंद पड़े गुरुकुलों का सर्वेक्षण कर सूची संकलित करने और उन्हें राजकीय कोष से पुनः संचालित करने की भी मांग की है। गुरुकुलों के सफल संचालन के लिए भारत सरकार और राज्य सरकारों के शिक्षा बजट का 50 प्रतिशत गुरुकुलों को आवंटित करने का अनुरोध प्रधानमंत्री से किया गया है। महासभा का मानना है कि वैदिक शिक्षा और संस्कृत भाषा ही भारतवासियों को अपनी मूल जड़ों से जोड़कर स्वधर्म, स्वराष्ट्र, स्वभाषा, स्वसंस्कृति और स्वराज्य की रक्षा में समर्थ बना सकती है। ज्ञापन में प्रधानमंत्री से संपूर्ण भारत का सैनिकीकरण करने के लिए स्कूली शिक्षा में शस्त्र प्रशिक्षण को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल करने की मांग भी की गई है। हिन्दू महासभा का तर्क है कि शस्त्र प्रशिक्षण से भारतवासी आत्मरक्षा में सक्षम होंगे और संकटकाल में भारतीय सेना के साथ मिलकर शत्रु देशों का दमन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। राष्ट्रीय प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारतीय शिक्षा नीति को वैदिक शिक्षा नीति में परिवर्तित करवाना केवल एक मांग नहीं, बल्कि हिन्दू महासभा की जिद है, जिसे पूरा करने के लिए संगठन पूरे देश में एक सकारात्मक जन अभियान छेड़ेगा। इस अभियान की शुरुआत हिन्दू महासभा के पदाधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय को ज्ञापन सौंपकर की जाएगी।1
- प्रयागराज में छात्रों का प्रदर्शन केवल विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह उनके अधिकारों और भविष्य के लिए एक मुखर आवाज़ है। यह स्थिति, जब युवा वर्ग को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ता है, व्यवस्था के लिए गहन चिंतन का विषय है। छात्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान होना चाहिए, और इस मामले में सबसे पहली कार्रवाई के तौर पर शिक्षा मंत्री को अपना पद छोड़ देना चाहिए।1
- उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के शालीमार बाग क्षेत्र में रविवार तड़के अतिक्रमण हटाने की एक बड़ी कार्रवाई शुरू की गई। सुबह करीब 4 बजे से मैक्स हॉस्पिटल रोड पर चल रहे इस डिमोलिशन अभियान के तहत लगभग 150 मकानों को हटाया जाना है। इस कार्रवाई को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए इलाके में दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री बलों की भारी संख्या में तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र जवान रात से ही मौके पर मौजूद रहे, और डिमोलिशन के दौरान प्रशासन की टीम लगातार निगरानी बनाए हुए है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अतिक्रमण हटाने और क्षेत्र में नियोजित विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है। वहीं, इस डिमोलिशन अभियान को लेकर प्रभावित परिवारों में चिंता और बेचैनी का माहौल देखा गया।1