logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

हरियाणा के भिवानी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के फेरे लेने के लिए मंडप में बैठे दूल्हे के मोबाइल पर आए एक फोन कॉल ने पूरी कहानी बदल दी। वायरल दावों के अनुसार, शादी की रस्में शुरू होने ही वाली थीं कि तभी दूल्हे के पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दुल्हन का बॉयफ्रेंड बताया और दावा किया कि जिस लड़की से वह शादी करने जा रहा है, वह उसकी प्रेमिका है। कॉल करने वाले शख्स ने सबूत के तौर पर दूल्हे के व्हाट्सएप पर दुल्हन के साथ अपनी तस्वीरें और वीडियो भी भेज दिए। इन्हें देखने के बाद दूल्हा कथित तौर पर हैरान रह गया और बिना फेरे पूरे किए ही मंडप छोड़कर वहां से भाग निकला। दूल्हे के अचानक इस तरह भागने से शादी समारोह में पूरी तरह अफरा-तफरी मच गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दुल्हन और उसके परिजन भागते हुए दूल्हे को पकड़ने के लिए उसके पीछे दौड़ते दिखाई दे रहे हैं।

4 hrs ago
user_Riddhima Yadav
Riddhima Yadav
Advocate Faridabad, Haryana•
4 hrs ago

हरियाणा के भिवानी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के फेरे लेने के लिए मंडप में बैठे दूल्हे के मोबाइल पर आए एक फोन कॉल ने पूरी कहानी बदल दी। वायरल दावों के अनुसार, शादी की रस्में शुरू होने ही वाली थीं कि तभी दूल्हे के पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दुल्हन का बॉयफ्रेंड बताया और दावा किया कि जिस लड़की से वह शादी करने जा रहा है, वह उसकी प्रेमिका है। कॉल करने वाले शख्स ने सबूत के तौर पर दूल्हे के व्हाट्सएप पर दुल्हन के साथ अपनी तस्वीरें और वीडियो भी भेज दिए। इन्हें देखने के बाद दूल्हा कथित तौर पर हैरान रह गया और बिना फेरे पूरे किए ही मंडप छोड़कर वहां से भाग निकला। दूल्हे के अचानक इस तरह भागने से शादी समारोह में पूरी तरह अफरा-तफरी मच गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दुल्हन और उसके परिजन भागते हुए दूल्हे को पकड़ने के लिए उसके पीछे दौड़ते दिखाई दे रहे हैं।

More news from दिल्ली and nearby areas
  • दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक जी पिछले 16 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अगर सोनम वांगचुक चाहें तो हर महीने करोड़ों रुपये कमा सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद वे अपनी जान दांव पर लगाए हुए हैं। आखिरकार वे किसके लिए अपनी जान इस तरह दांव पर लगा रहे हैं, यह सवाल बना हुआ है।
    1
    दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक जी पिछले 16 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अगर सोनम वांगचुक चाहें तो हर महीने करोड़ों रुपये कमा सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद वे अपनी जान दांव पर लगाए हुए हैं। आखिरकार वे किसके लिए अपनी जान इस तरह दांव पर लगा रहे हैं, यह सवाल बना हुआ है।
    user_Kishanveer Rajput
    Kishanveer Rajput
    Auto parts store महरौली, दक्षिण दिल्ली, दिल्ली•
    8 hrs ago
  • दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 16 जून को धरना स्थल पर पहुंचेंगे। अरविंद केजरीवाल ने जनता कॉकरोच पार्टी को अपना समर्थन दिया है। इससे पहले कल दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी जंतर मंतर पहुंचकर जनता कॉकरोच पार्टी को अपना समर्थन दिया था। वहीं दूसरी ओर, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र के इस्तीफे की मांग को लेकर सोनम वांगचुक पिछले 16 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और उनकी यह भूख हड़ताल लगातार जारी है।
    1
    दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 16 जून को धरना स्थल पर पहुंचेंगे। अरविंद केजरीवाल ने जनता कॉकरोच पार्टी को अपना समर्थन दिया है।

इससे पहले कल दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी जंतर मंतर पहुंचकर जनता कॉकरोच पार्टी को अपना समर्थन दिया था। वहीं दूसरी ओर, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र के इस्तीफे की मांग को लेकर सोनम वांगचुक पिछले 16 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और उनकी यह भूख हड़ताल लगातार जारी है।
    user_SURENDRA KUMAR
    SURENDRA KUMAR
    चाणक्यपुरी, नई दिल्ली, दिल्ली•
    3 hrs ago
  • दिल्ली में राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन के बीच एक मीटिंग हुई है। नई ब्यूरो रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच इस बैठक का आयोजन दिल्ली में किया गया।
    1
    दिल्ली में राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन के बीच एक मीटिंग हुई है। नई ब्यूरो रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच इस बैठक का आयोजन दिल्ली में किया गया।
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Delhi Cantonment, New Delhi•
    4 hrs ago
  • आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में चार साल के लंबे अंतराल के बाद कोविड-19 के नए मामले सामने आए हैं, जिसके चलते संक्रमण से दो लोगों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। सामने आए चार नए मामलों में से तीन लोग घर पर ही आइसोलेट होकर इलाज ले रहे हैं, जबकि एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर बात यह है कि इन मरीजों ने कोरोना की वैक्सीन भी लगवाई थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी मौत हो गई। मृतकों में पहला मामला 28 जून का है, जहां तबियत बिगड़ने के बाद 60 वर्षीय एक मरीज को तिरुपति के SVIMS से वेल्लोर के CMC में शिफ्ट किया गया था, जहां वे कोरोना वायरस के लिए पॉजिटिव पाए गए। वहीं, दूसरी मौत 43 वर्षीय मरीज की हुई है, जिनके स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता के तौर पर विभिन्न क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन और संपर्कों की पहचान का काम शुरू कर दिया है। एक मरीज ने बताया कि उनकी छाती के सीटी स्कैन से कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों का मानना है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के चलते ये मामले बढ़ सकते हैं, जिसके कारण मृतकों के सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजा गया है। आंध्र प्रदेश में कोविड-19 से होने वाली यह पहली मौत 2022 में हुई थी, और पिछले कुछ महीनों से मामले अपेक्षाकृत कम रहने के बाद अब एक बार फिर इसे लेकर चिंता बढ़ गई है।
    1
    आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में चार साल के लंबे अंतराल के बाद कोविड-19 के नए मामले सामने आए हैं, जिसके चलते संक्रमण से दो लोगों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। सामने आए चार नए मामलों में से तीन लोग घर पर ही आइसोलेट होकर इलाज ले रहे हैं, जबकि एक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर बात यह है कि इन मरीजों ने कोरोना की वैक्सीन भी लगवाई थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी मौत हो गई।

मृतकों में पहला मामला 28 जून का है, जहां तबियत बिगड़ने के बाद 60 वर्षीय एक मरीज को तिरुपति के SVIMS से वेल्लोर के CMC में शिफ्ट किया गया था, जहां वे कोरोना वायरस के लिए पॉजिटिव पाए गए। वहीं, दूसरी मौत 43 वर्षीय मरीज की हुई है, जिनके स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता के तौर पर विभिन्न क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन और संपर्कों की पहचान का काम शुरू कर दिया है। एक मरीज ने बताया कि उनकी छाती के सीटी स्कैन से कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों का मानना है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के चलते ये मामले बढ़ सकते हैं, जिसके कारण मृतकों के सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजा गया है। आंध्र प्रदेश में कोविड-19 से होने वाली यह पहली मौत 2022 में हुई थी, और पिछले कुछ महीनों से मामले अपेक्षाकृत कम रहने के बाद अब एक बार फिर इसे लेकर चिंता बढ़ गई है।
    user_Vipin Singh
    Vipin Singh
    Delhi Cantonment, New Delhi•
    5 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्लोवाकिया दौरे के दौरान स्लोवाक नेशनल काउंसिल के चेयरमैन रिचर्ड राशि को बिहार का पारंपरिक ठेकुआ तोहफे में दिया है. इसके बाद स्लोवाक नेता ने इस खास उपहार का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया, जो अब काफी तेजी से वायरल हो रहा है. रिचर्ड राशि ने वीडियो में खूबसूरती से सजे लकड़ी के डिब्बे को खोलते हुए इस उपहार को सामान्य कूटनीतिक तोहफों से बिल्कुल अलग और बेहद खास बताया है. वीडियो में रिचर्ड राशि डिब्बा खोलने के बाद ठेकुआ की बनावट की तारीफ करते नजर आ रहे हैं. उन्होंने इसे चखने के बाद इसकी जमकर सराहना की और कहा कि इसे देखकर ही इसके स्वाद का अंदाजा लगाया जा सकता है. रिचर्ड राशि ने बताया कि यह मिठाई गहरा सांस्कृतिक महत्व रखती है और यह उन्हें स्लोवाकिया की पारंपरिक मिठाइयों की याद दिलाती है. उनके अनुसार, भोजन सिर्फ स्वाद का माध्यम नहीं बल्कि संस्कृतियों को जोड़ने का एक बेहद प्रभावी जरिया है, और कूटनीति सिर्फ औपचारिक बैठकों या राजनीतिक चर्चाओं तक ही सीमित नहीं होती. दरअसल, ठेकुआ बिहार का एक पारंपरिक व्यंजन है जो मुख्य रूप से छठ पूजा जैसे धार्मिक पर्व से जुड़ा हुआ है. गेहूं के आटे, गुड़ या चीनी और घी से डीप-फ्राय करके तैयार किया जाने वाला यह पकवान अपने खास स्वाद, कुरकुरे टेक्सचर और सुंदर डिजाइन के लिए जाना जाता है. जून में हुए इस दौरे के दौरान जहां पीएम मोदी ने स्लोवाक नेता को यह पारंपरिक ठेकुआ भेंट किया, वहीं बदले में रिचर्ड राशि ने भी भारतीय प्रधानमंत्री को हिंदी में लिखे स्लोवाक स्पा वेफर्स उपहार स्वरूप दिए.
    1
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्लोवाकिया दौरे के दौरान स्लोवाक नेशनल काउंसिल के चेयरमैन रिचर्ड राशि को बिहार का पारंपरिक ठेकुआ तोहफे में दिया है. इसके बाद स्लोवाक नेता ने इस खास उपहार का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया, जो अब काफी तेजी से वायरल हो रहा है. रिचर्ड राशि ने वीडियो में खूबसूरती से सजे लकड़ी के डिब्बे को खोलते हुए इस उपहार को सामान्य कूटनीतिक तोहफों से बिल्कुल अलग और बेहद खास बताया है.

वीडियो में रिचर्ड राशि डिब्बा खोलने के बाद ठेकुआ की बनावट की तारीफ करते नजर आ रहे हैं. उन्होंने इसे चखने के बाद इसकी जमकर सराहना की और कहा कि इसे देखकर ही इसके स्वाद का अंदाजा लगाया जा सकता है. रिचर्ड राशि ने बताया कि यह मिठाई गहरा सांस्कृतिक महत्व रखती है और यह उन्हें स्लोवाकिया की पारंपरिक मिठाइयों की याद दिलाती है. उनके अनुसार, भोजन सिर्फ स्वाद का माध्यम नहीं बल्कि संस्कृतियों को जोड़ने का एक बेहद प्रभावी जरिया है, और कूटनीति सिर्फ औपचारिक बैठकों या राजनीतिक चर्चाओं तक ही सीमित नहीं होती.

दरअसल, ठेकुआ बिहार का एक पारंपरिक व्यंजन है जो मुख्य रूप से छठ पूजा जैसे धार्मिक पर्व से जुड़ा हुआ है. गेहूं के आटे, गुड़ या चीनी और घी से डीप-फ्राय करके तैयार किया जाने वाला यह पकवान अपने खास स्वाद, कुरकुरे टेक्सचर और सुंदर डिजाइन के लिए जाना जाता है. जून में हुए इस दौरे के दौरान जहां पीएम मोदी ने स्लोवाक नेता को यह पारंपरिक ठेकुआ भेंट किया, वहीं बदले में रिचर्ड राशि ने भी भारतीय प्रधानमंत्री को हिंदी में लिखे स्लोवाक स्पा वेफर्स उपहार स्वरूप दिए.
    user_Rekha Panchal
    Rekha Panchal
    Delhi Cantonment, New Delhi•
    5 hrs ago
  • मथुरा के प्रसिद्ध राधा रानी मंदिर में मर्यादा को ताक पर रखकर जमकर मारपीट का मामला सामने आया है। मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति की जगह लात-घूंसे और झाड़ू चले, जिससे वहाँ का माहौल बेहद खराब हो गया। दूर-दराज से बड़ी श्रद्धा के साथ दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने इस पवित्र सार्वजनिक स्थल पर सरेआम अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। इस तरह के स्थान पर मारपीट की यह घटना बेहद गलत है, जिसकी वजह से आम जनता खामख्वाह बदनाम होती है। अगर मंदिर परिसर में ऐसे ही झगड़े लगातार होते रहे, तो शरीफ लोग मंदिर आना ही बंद कर देंगे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि लोग मंदिर में भगवान के दर्शन करने जाते हैं या फिर सिर्फ झगड़ा करने?
    1
    मथुरा के प्रसिद्ध राधा रानी मंदिर में मर्यादा को ताक पर रखकर जमकर मारपीट का मामला सामने आया है। मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति की जगह लात-घूंसे और झाड़ू चले, जिससे वहाँ का माहौल बेहद खराब हो गया। दूर-दराज से बड़ी श्रद्धा के साथ दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने इस पवित्र सार्वजनिक स्थल पर सरेआम अपनी ताकत का प्रदर्शन किया।

इस तरह के स्थान पर मारपीट की यह घटना बेहद गलत है, जिसकी वजह से आम जनता खामख्वाह बदनाम होती है। अगर मंदिर परिसर में ऐसे ही झगड़े लगातार होते रहे, तो शरीफ लोग मंदिर आना ही बंद कर देंगे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि लोग मंदिर में भगवान के दर्शन करने जाते हैं या फिर सिर्फ झगड़ा करने?
    user_AMAR NAUHWAR
    AMAR NAUHWAR
    Pharmacist पलवल, पलवल, हरियाणा•
    2 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.